Income Tax Return: 28 ऐसे बैंक जहां आप 31 जुलाई से पहले भर सकते हैं आईटीआर और इतने समय में रिफंड!

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Income Tax Return: 28 ऐसे बैंक जहां आप 31 जुलाई से पहले भर सकते हैं आईटीआर और इतने समय में रिफंड!

Income Tax Return: नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि आप भी इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो इसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई सिर पर है। यह इनकम टैक्स रिटर्न ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि फॉर्म भरने के बाद, आपके टैक्स की देनदारी वर्ष के दौरान भुगतान किए गए टीडीएस से अधिक हो सकती है। ऐसे मामले में, आपको बकाया टैक्स का भुगतान करना पड़ सकता है। इस टैक्स का भुगतान आपके बैंक खाते के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। Income Tax Return

इसके लिए यहाँ उन 28 बैंकों की जानकारी दी जा रही जिनमें से एक में आप यह टैक्स भर सकते हैं जोकि आयकर (आई-टी) विभाग द्वारा स्वीकृत है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन बैंकों में एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सिटी यूनियन बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।

28 बैंकों की सूची में अन्य बैंक हैं इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडसइंड बैंक, जम्मू और कश्मीर बैंक, करूर वैश्य बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब और सिंध बैंक, आरबीएल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक और धनलक्ष्मी बैंक।

कितने समय में होगा रिफंड ? Income Tax Return

आयकरदाताओं के लिए यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर आपने साल के दौरान टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) और टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) का भुगतान किया है और कुल भुगतान किया गया टैक्स आपकी टैक्स की देयता से ज़्यादा है, तो कर विभाग कई कारकों के आधार पर कुछ दिनों या हफ़्तों के भीतर आपका रिफंड जारी कर देगा। यह रिफंड भी ई-पोर्टल से जुड़े बैंक खाते में भेजा जाता है।

नई कर व्यवस्था | Income Tax Return

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि वित्त अधिनियम 2023 ने धारा 115BAC के प्रावधानों को बदल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप नई कर व्यवस्था करदाताओं के लिए डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बन गई है। इस व्यवस्था में करदाताओं को अधिकांश कटौतियों और छूटों को छोड़ने के बदले में कम दर पर टैक्स का भुगतान करना होता है। नई कर व्यवस्था में करदाताओं को 3 से 6 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत और 6 से 9 लाख रुपये की आय पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होता है। वहीं, जिन व्यक्तियों की कुल आय 7 लाख रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें धारा 87ए के तहत 25,000 रुपये तक की टैक्स में छूट लागू होती है।

इनकम बढ़ने पर यह दर 15 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत हो जाती है जबकि उपकर (4%) और अधिभार (10% से 37%) की दर वही रहती है। नई कर व्यवस्था के तहत 5 करोड़ रुपये से अधिक की आय पर अधिभार की दर 37 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी गई है। इसलिए, नई कर व्यवस्था के तहत उच्चतम प्रभावी कर दर 42.74 प्रतिशत से घटाकर 39 प्रतिशत कर दी गई है। Income Tax Return

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