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                <title>Sach Kahoon - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने तक जारी रहेगा किसानों का धरना</title>
                                    <description><![CDATA[ इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी में 28वें दिन भी आंदोलन जारी, आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने दिया समर्थन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/farmers-protest-will-continue-until-names-are-registered-in-revenue/article-90959"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/ghaziabad5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)। </strong>देश की राजधानी दिल्ली से सटे इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी गांव में किसानों का अपनी जमीन और राजस्व अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर चल रहा धरना सोमवार को 28 वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक राजस्व अभिलेखों और खतौनियों में उनके नाम दोबारा दर्ज नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा राजस्व अभिलेखों और खतौनियों में किसानों की जमीन पर अपना नाम दर्ज कराया गया है। किसानों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा में अवॉर्ड नहीं बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार प्राधिकरण के अधिकार समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में किसानों की मांग है कि राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम पुनः बहाल किए जाएं। किसानों ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से चलाया जा रहा है। चार सप्ताह से अधिक समय से किसान धरना स्थल पर डटे हैं और मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।धरना स्थल पर आसपास के गांवों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। बागपत से प्रताप सिंह और दौसा से सतवीर सिंह समेत कई लोगों ने धरने में पहुंचकर किसानों की मांगों के प्रति एकजुटता जताई। इस दौरान मथन सिंह नागर, श्रीचंद नागर, राजेंद्र सिंह नागर, रणवीर बैसला, धनेश्वर शर्मा, करण सिंह नागर, गजेंद्र सिंह नागर, दीपचंद नागर, विनोद नागर, सतीश नागर, परवीन नागर और अशोक कसाना समेत बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:18:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी दिल्ली में बैठकर 'एक्स' पर राजनीतिक बयान देने के बजाय गांव में आकर ज़मीनी हकीकत देखें: बरिंदर कुमार गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस 2017 में चार हफ़्ते में नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी, फिर उन्होंने 5 साल तक कुछ नहीं किया: बरिंदर कुमार गोयल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/rahul-gandhi-instead-of-sitting-in-delhi-and-giving-political/article-90960"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/chandigarh13.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> आम आदमी पार्टी (आप ) पंजाब के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को दिड़बा में हुई हालिया घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की भावनाओं को समझने के बजाय एक दुखद घटना पर राजनीति कर रही हैं। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब देते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "राहुल गांधी जी, आपने नशे और नशे के खिलाफ कार्रवाई की बात की है, लेकिन मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि अगर पंजाब में किसी सरकार ने नशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, तो वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आप सरकार है। आपकी पार्टी 2017 में चार हफ्तों के अंदर नशे को खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी। आपकी सरकार पांच साल थी, आपने उन पांच सालों में क्या किया?"</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाया है और अब इसके ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष एक दुखद घटना पर राजनीति क्यों कर रहा है, जबकि उसके पास सरकार के खिलाफ उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा, "पहले आप धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करते थे। अब जब वे मुद्दे फेल हो गए, तो आप लाशों पर राजनीति करने लगे हैं। यह पंजाब की संस्कृति नहीं है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पीड़ित परिवार ने अपनी मर्ज़ी से गुलज़ार सिंह का अंतिम संस्कार करने का फ़ैसला किया था, फिर भी विपक्ष के नेता मौके पर पहुँचे और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने खुद राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी का विरोध किया और उन्हें जाने के लिए कहा। लोगों ने साफ़ कर दिया कि उन्होंने अपनी कमेटी बना ली है और वे खुद ही मामले को संभाल लेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब में नशे की समस्या पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों की गलती है, जबकि मौजूदा आप सरकार नशा तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी, पंजाब आइए। उस गाँव में आइए और खुद हालात देखिए। लोगों से बात कीजिए और समझिए कि वे क्या चाहते हैं और क्या कह रहे हैं। दिल्ली में बैठकर बयान देने से ज़मीनी हकीकत सामने नहीं आती।"</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आगे कहा, "जब भी पंजाब में कोई छोटी सी घटना होती है, तो सभी विपक्षी पार्टियों के नेता वहां दौड़े चले आते हैं। उनके पास कोई और मुद्दा नहीं बचता। लेकिन पंजाब के लोगों को इस तरह की राजनीति पसंद नहीं है। पंजाब मिलजुलकर रहने, भाईचारा बनाए रखने और सबकी भलाई में विश्वास रखता है।"</p>
<p style="text-align:justify;">बरिंदर कुमार गोयल ने दोहराया कि न तो आप के किसी मंत्री और न ही किसी विधायक का इस घटना से कोई लेना-देना है। उन्होंने विपक्ष से इस "गंदी राजनीति" से दूर रहने की अपील की।</p>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:14:09 +0530</pubDate>
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                <title>पूरे देश में नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ने वाला पंजाब इकलौत राज्य- केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ सरकार के किसी मंत्री-विधायक का गुलजार सिंह की मौत से कोई लेना देना नहीं - केजरीवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/punjab-is-the-only-state-fighting-a-decisive-war-against/article-90958"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/new-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आम आदमी पार्टी ने पंजाब में मजदूर गुलजार सिंह के दुखद निधन पर झूठ फैला रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया है। "आप" के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और "आप" पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने लाश के ऊपर राजनीति कर रहे राहुल गांधी पर तीखे हमले बोले। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में पंजाब इकलौता राज्य है जो नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रहा है। भगवंत मान की सरकार कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के पंजाब में फैलाए नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। सरकार के किसी मंत्री या विधायक का गुलजार सिंह की मौत से कोई लेना देना नहीं है। इसलिए राहुल गांधी को ऐसी गन्दी राजनीति नहीं करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर गुलजार सिंह के गाँव मे जाकर गन्दी राजनीति कर रहे कांग्रेस नेताओं का एक वीडियो भी साझा किया है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि पंजाब सरकार नशे के विरुद्ध निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लाई। अकाली दल और भाजपा की सरकार लाई। उन्होंने कहा कि पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के फैलाए नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी से कहा कि मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है। इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए मंगलवार को आपके विधायक भी जब उस गांव में गए तो गाँव वालों ने उन्हें निकाल दिया। वो इसलिए क्योंकि जो आपने लिखा है वो सरासर झूठ है। मेरा आपसे निवेदन है कि आप भी एक चक्कर इस गाँव का लगाकर आ जाइए। हमारी सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और आप इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर राहुल गांधी से कहा कि लाशों ऊपर राजनीति ना करो, पंजाबी इस तरह की राजनीति को पसंद नहीं करते। सीएम ने एक वीडियो साझा कर राहुल गांधी से कहा कि ये देखिए काँग्रेस के नेता जब पीड़ित के गांव जाकर भी यही गंदी राजनीति करने का प्रयास कर रहे थे, तो लोगों ने उन्हें वहां से भगा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपियों को परिवार की निशानदेही पर पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया है। पंजाब में नशा फैलाने की ज़िम्मेदार अकाली, बीजेपी और कांग्रेसी सरकारें रही हैं। मेरी सरकार में किसी भी नशा तस्कर को बख़्शा नहीं जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि, आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी सोशल मीडिया एक्स पर राहुल गांधी की ओर से फैलाए जा रहे झूठ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार को रोल मॉडल मानने वाले राहुल गांधी जी आपको एक गरीब दलित मजदूर की लाश पर झूठ बोलते हुए शर्म नहीं आई? मनीष सिसोदिया ने कहा कि गुलज़ार सिंह जी का बेटा कैमरे के सामने कह रहा है - मेरे पिता पर मंत्री ने कोई दबाव नहीं बनाया। आपने बेटे की बात नहीं सुनी, एफआईआर नहीं पढ़ी। बस एक मरते हुए आदमी का वीडियो उठाया और पंजाब पर हमला बोल दिया। नशा रोकने के नाम पर राजनीति करते हो, एक मजदूर की मौत को भी वोट की दुकान बना दिया। शर्म करो। मृतक की आत्मा से तो बाद की बात है, आपको उनके बेटे से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 15:09:17 +0530</pubDate>
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                <title>मुठभेड़ में दो नकबजन घायल, गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[नकबजनी और दिल्ली में लूट .हत्या का प्रयास और एनडीपीएस एक्ट तथा मेरठ में पॉक्सो एक्ट के मामले में थे वांछित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/two-nakbajan-injured-in-encounter-arrested/article-90957"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/ghaziabad4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ /रविंद्र सिंह)।</strong> राजधानी दिल्ली से सटे पुलिस कमिशनरेट गाजियाबाद  के थाना अंकुर विहार  पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घरों में ताला तोड़कर नकदी और जेवर चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। उनके कब्जे से चोरी के 4,700 रुपये, ज्वैलरी, दो अवैध तमंचे,315 बोर, दो जिंदा और दो खोखा कारतूस तथा चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 7 सितंबर को सुंदर विहार, सहदुल्लाबाद में हुई चोरी की वारदात में शामिल आरोपी किसी अन्य घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के बाद पुलिस ने रामलीला मैदान-गढ़ी कटैया मार्ग पर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान पैशन प्रो बाइक से आ रहे दो संदिग्धों को पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिब पुत्र यामीन (29) निवासी मडौरा गांव, सोनीपत, हरियाणा, मूल निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ और ध्यान सिंह पुत्र जुगराज (30) निवासी मधूपुर, भरतना, मैनपुरी के रूप में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार दोनों ने 7 सितंबर की चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। आरोपियों के पास से कटर समेत नकबजनी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी मिले हैं। पुलिस पूछताछ में दो अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जो फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। घायल आरोपियों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।अंकुर विहार थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह पंवार  के मुताबिक आकिब के खिलाफ अंकुर विहार थाने में नकबजनी और दिल्ली में लूट का मुकदमा दर्ज है। वहीं ध्यान सिंह के खिलाफ अंकुर विहार में नकबजनी, दिल्ली में हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट तथा मेरठ में पॉक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज है। पुलिस दोनों का अन्य आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                            </item>
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                <title>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए सी.आई.आई. के साथ मिलकर काम करने की वकालत की</title>
                                    <description><![CDATA[हमने पंजाब में औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने पर व्यापक चर्चा की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/chief-minister-bhagwant-singh-mann-advocates-working-with-cii-to/article-90956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/chandigarh12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फसली अवशेषों के स्थायी प्रबंधन को बढ़ावा देने, ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के माध्यम से बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए युवाओं को कुशल बनाने हेतु कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सी.आई.आई.) के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सी.आई.आई. के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने मालवा क्षेत्र, विशेषकर संगरूर और बरनाला में शुरू की गई पहलों के साथ-साथ लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तथा जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला से युक्त सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल्स स्थापित करने सहित नई कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी आधारित पहलों पर भी विचार-विमर्श किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, "आज चंडीगढ़ में मेरी सी.आई.आई. उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के दौरान हमने पंजाब में औद्योगिक विकास, नए निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के संबंध में व्यापक चर्चा की। हमारी सरकार पंजाब को देश का अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने और कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। हम पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">सी.आई.आई. के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पंजाब सरकार और सी.आई.आई. का मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। हमारा ध्यान स्थिरता, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर होना चाहिए। इससे एक ओर किसानों को लाभ मिलेगा और दूसरी ओर पंजाब को स्वच्छ, हराभरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सी.आई.आई. को मालवा क्षेत्र, विशेष रूप से संगरूर और बरनाला, जहां धान की परमल किस्म की खेती होती है, के साथ-साथ पंजाब के अन्य हिस्सों में भी फसली अवशेषों के निपटारे के प्रयासों को तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "पंजाब फसली अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ और प्रौद्योगिकी आधारित समाधान अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों को मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि किसानों को व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान उपलब्ध करवाए जा सकें तथा प्रदेश स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सके।" मुख्यमंत्री ने सी.आई.आई. एग्रो टेक इंडिया 2026 के दौरान 'वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर' के भारत दौरे को सुचारू बनाने के लिए सी.आई.आई. को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा, "कृषि और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से पंजाब को ऐसे दौरों से बहुत लाभ मिलेगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने और प्रदेश के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान तथा प्रौद्योगिकी सहयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कारोबार करने में सुगमता और जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रमुख केंद्रों पर औद्योगिक एवं शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने, लागत कम करने और प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए आधुनिक एवं सुनियोजित बुनियादी ढांचा बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार औद्योगिक क्षेत्रों को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है।" भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एम.एस.टी.आई.) स्थापित करने के लिए सी.आई.आई. को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि ऐसी पहल समय की प्रमुख जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रस्तावित मल्टी-स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थानीय उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पंजाब में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद करेगा और साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देना पंजाब के आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।"मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सी.आई.आई. को जालंधर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के साथ पंजाब में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टेक्निकल टेक्सटाइल' स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध करवाने और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को और गति देने के लिए रक्षा विनिर्माण उद्योगों हेतु विशेष कौशल केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान कृषि, फसली अवशेष प्रबंधन, बागवानी, बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार-उद्योग सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक का साझा उद्देश्य टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना और पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Sep 2026 14:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा के छात्रों के लिए बड़ी खबर! 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगे 5 लाख डेटा सिम, टैबलेट से होगी ऑनलाइन पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा के छात्रों के लिए बड़ी खबर! 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगे 5 लाख डेटा सिम, टैबलेट से होगी ऑनलाइन पढ़ाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/big-news-for-students-in-haryana--students-from-classes-10-to-12-will-receive-5-lakh-data-sim-cards--and-online-studies-will-be-conducted-via-tablets/article-90923"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/haryana1.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>Haryana: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। </strong>हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने कक्षा <strong>10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए 5 लाख डेटा सिम कार्ड खरीदने को मंजूरी</strong> दे दी है। इससे छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह फैसला मुख्यमंत्री <strong>नायब सिंह सैनी</strong> की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना और बदलते समय की जरूरतों के मुताबिक उनके कौशल को विकसित करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">5 लाख छात्रों के टैबलेट में मिलेगी इंटरनेट सुविधा | Haryana</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार की ओर से कक्षा 10वीं से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए पहले ही करीब <strong>5 लाख मुफ्त टैबलेट</strong> उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब इन टैबलेट के लिए डेटा सिम की व्यवस्था की जा रही है। इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने के बाद विद्यार्थी अपने टैबलेट का इस्तेमाल ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और अन्य एजुकेशनल रिसोर्स तक पहुंचने के लिए कर सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यम से भी सीखने का अवसर मिलेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ई-अधिगम योजना को मिलेगा और बढ़ावा</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डेटा सिम उपलब्ध कराने की यह पूरी पहल हरियाणा सरकार के <strong>ई-अधिगम कार्यक्रम</strong> का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को टैबलेट आधारित पढ़ाई से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार का फोकस <strong>पर्सनलाइज्ड और एडाप्टिव लर्निंग</strong> को बढ़ावा देने पर भी है। यानी छात्रों की जरूरत और सीखने की क्षमता के अनुसार डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर उनकी पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तकनीकी शिक्षा पर सरकार का फोकस</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है। आज के दौर में डिजिटल तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में टैबलेट के साथ इंटरनेट की सुविधा मिलने से सरकारी स्कूलों के छात्रों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में डिजिटल कौशल विकसित होंगे और वे भविष्य की शिक्षा एवं रोजगार की जरूरतों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा में जल्द शुरू होंगे सीएम श्री स्कूल</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी पहल करने की तैयारी में है। राज्य के शिक्षा मंत्री <strong>महिपाल धांडा</strong> ने बताया कि पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर हरियाणा में जल्द ही <strong>सीएम श्री स्कूल</strong> शुरू किए जाएंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि सीएम श्री स्कूलों में <strong>सीबीएसई पैटर्न</strong> का पालन किया जाएगा। इन स्कूलों के जरिए विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">छात्रों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का बेहतर प्लेटफॉर्म</h4>
<p style="text-align:justify;">5 लाख डेटा सिम की मंजूरी से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलने की उम्मीद है। टैबलेट और इंटरनेट कनेक्टिविटी के संयोजन से विद्यार्थी घर और स्कूल दोनों जगह डिजिटल शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार की यह पहल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 17:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sugar Price Hike: त्योहारी सीजन में चीनी के दाम पर बड़ी राहत की उम्मीद, रिफाइनरियां बेचेंगी 2.5 लाख टन चीनी</title>
                                    <description><![CDATA[त्योहारी सीजन में चीनी के दाम पर बड़ी राहत की उम्मीद, रिफाइनरियां बेचेंगी 2.5 लाख टन चीनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/expectation-of-big-relief-on-sugar-prices-in-the-festive/article-90920"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/sugar-price-hike.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Sugar Price Hike: त्योहारी सीजन शुरू होते ही चीनी की कीमतों में तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगर चीनी के दाम में बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, अब सरकार और चीनी रिफाइनरियों की ओर से कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। श्री रेणुका शुगर्स के एमडी एवं सीईओ सुशील कुमार के अनुसार, भारतीय चीनी रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब <strong>2.5 लाख टन चीनी</strong> बेचने की योजना बना रही हैं। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखना है। इससे त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खुदरा बाजार में भी कम हुए चीनी के दाम | Sugar Price Hike</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उपभोक्ता मामले मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, चीनी की औसत खुदरा कीमत में हाल के दिनों में कमी दर्ज की गई है। औसत खुदरा भाव <strong>65.08 रुपये प्रति किलो से घटकर 62.57 रुपये प्रति किलो</strong> रह गया है। वहीं, थोक बाजार में चीनी के दाम में करीब <strong>17 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट</strong> देखने को मिली है। एक्स-मिल स्तर पर भी कीमतों में लगभग <strong>17 से 20 रुपये प्रति किलो</strong> की कमी आई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दुकानों तक नहीं पहुंच रही पूरी गिरावट का फायदा</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, एक्स-मिल और थोक बाजार में चीनी के दाम में बड़ी गिरावट के बावजूद इसका पूरा फायदा आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच रहा है। स्थानीय दुकानों पर खुदरा कीमत में अभी करीब <strong>2 से 3 रुपये प्रति किलो</strong> की ही कमी दिखाई दे रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ऐसे में सरकार और रिफाइनरियों की ओर से घरेलू बाजार में अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर बाजार में आपूर्ति बढ़ती है तो आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में और कमी देखने को मिल सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मिठाई कारोबारियों और आम लोगों को राहत की उम्मीद</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">त्योहारी सीजन में चीनी की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य उत्पादों में चीनी की बड़ी खपत होती है। ऐसे में कीमतों में कमी से मिठाई कारोबारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिल सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 2.5 लाख टन चीनी की घरेलू बाजार में बिक्री के बाद खुदरा कीमतों में कितनी कमी आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Sep 2026 16:56:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Government Employees News: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 21 हजार तक सैलरी वालों को मिल सकता है 20% तक बोनस</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 21 हजार तक सैलरी वालों को मिल सकता है 20% तक बोनस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/good-news-for-government-employees--those-earning-up-to-%E2%82%B921-000-could-receive-a-bonus-of-up-to-20/article-90876"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/government-employees-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>Government Employees News: सरकारी और पात्र कर्मचारियों के लिए बोनस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है।</strong> नए लेबर कोड और वैधानिक प्रावधानों के तहत कुछ पात्र कर्मचारियों को सालाना <strong>20 प्रतिशत तक बोनस</strong> मिल सकता है। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिल सकता है, जिनकी मासिक सैलरी निर्धारित सीमा के भीतर है और जो बोनस के लिए जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के बाद कर्मचारियों के बीच इस बोनस को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, बोनस की वास्तविक पात्रता कर्मचारी की नौकरी, संस्थान और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">21 हजार रुपये तक मासिक वेतन वालों को लाभ |  Government Employees News</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नियमों के मुताबिक <strong>21 हजार रुपये तक मासिक वेतन</strong> पाने वाले पात्र कर्मचारी वैधानिक बोनस के दायरे में आ सकते हैं। इसके लिए कर्मचारी को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। बताया गया है कि बोनस के लिए पात्र कर्मचारी को संबंधित प्रतिष्ठान में वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम <strong>30 दिन काम</strong> करना जरूरी होता है। पात्रता पूरी होने पर न्यूनतम <strong>8.33 प्रतिशत</strong> और अधिकतम <strong>20 प्रतिशत</strong> तक बोनस का प्रावधान हो सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कैसे होती है बोनस की गणना?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बोनस की गणना के लिए एक निर्धारित वेतन सीमा को आधार बनाया जाता है। अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस की गणना के लिए <strong>7,000 रुपये प्रति माह</strong> के आधार का उदाहरण लिया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मान लीजिए किसी पात्र कर्मचारी का मासिक वेतन 7,000 रुपये है। ऐसे में उसका सालाना वेतन 84,000 रुपये होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर उसे अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलता है, तो गणना इस तरह होगी:</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>84,000 × 20% = 16,800 रुपये</strong></p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को अधिकतम <strong>16,800 रुपये सालाना बोनस</strong> मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, न्यूनतम 8.33 प्रतिशत की दर से बोनस की गणना करने पर यह राशि करीब <strong>6,997 रुपये</strong> बैठती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या होता है स्टैट्यूटरी बोनस?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्टैट्यूटरी बोनस यानी वैधानिक बोनस</strong> वह बोनस है, जिसका भुगतान संबंधित कानून में निर्धारित पात्रता और शर्तों के तहत किया जाता है। भारत में बोनस से जुड़े प्रावधानों का संबंध <strong>Payment of Bonus Act, 1965</strong> से रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसका उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को उनके रोजगार और संस्थान से जुड़े वैधानिक प्रावधानों के तहत बोनस का लाभ देना है। हालांकि, हर कर्मचारी को स्वतः 20 प्रतिशत बोनस मिलना जरूरी नहीं है। बोनस की दर और पात्रता लागू कानून, कर्मचारी की सैलरी, काम किए गए दिनों और संबंधित संस्थान की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कर्मचारियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बोनस का लाभ लेने के लिए केवल वेतन सीमा पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी को संबंधित नियमों के तहत निर्धारित पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा। साथ ही, बोनस की वास्तविक राशि नियोक्ता, लागू कानून और संबंधित वित्तीय वर्ष के नियमों के आधार पर तय होगी। इसलिए कर्मचारियों को अपनी पात्रता और बोनस की गणना को लेकर कंपनी या संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी जरूर लेनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/good-news-for-government-employees--those-earning-up-to-%E2%82%B921-000-could-receive-a-bonus-of-up-to-20/article-90876</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:33:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Paddy Farming: धान की फसल में कितनी यूरिया डालें? एक एकड़ के लिए सही मात्रा और खाद डालने का तरीका जानें</title>
                                    <description><![CDATA[धान की फसल में कितनी यूरिया डालें? एक एकड़ के लिए सही मात्रा और खाद डालने का तरीका जानें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/how-much-urea-should-be-applied-to-the-paddy-crop--learn-the-correct-quantity-for-one-acre-and-the-method-of-application/article-90874"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/paddy-farming.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>Paddy Farming:  धान की खेती में अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ पानी और मेहनत ही नहीं, बल्कि फसल को सही मात्रा में पोषक तत्व देना भी बेहद जरूरी है।</strong> धान की बढ़वार में नाइट्रोजन की अहम भूमिका होती है और इसकी कमी पूरी करने के लिए किसान आमतौर पर यूरिया का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा यूरिया डालना भी फसल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कई बार अधिक पैदावार की उम्मीद में किसान खेत में जरूरत से ज्यादा यूरिया डाल देते हैं। इससे खाद का खर्च बढ़ने के साथ फसल में असंतुलित बढ़वार जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। वहीं, यूरिया की मात्रा बहुत कम होने पर पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि <strong>एक एकड़ धान में यूरिया की कितनी मात्रा डालनी चाहिए और इसे किस समय देना बेहतर रहता है।</strong></p>
<h4 style="text-align:justify;">एक एकड़ धान में कितनी यूरिया डालें? Paddy Farming: </h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एक एकड़ धान के खेत में यूरिया की जरूरत हर जगह एक जैसी नहीं होती। इसकी मात्रा <strong>मिट्टी की उर्वरता, धान की किस्म, सिंचाई व्यवस्था और खेती की पद्धति</strong> के आधार पर बदल सकती है। सामान्य परिस्थितियों में करीब <strong>65 से 80 किलो यूरिया प्रति एकड़</strong> की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, इसे पूरी मात्रा में एक साथ डालने के बजाय फसल की अवस्था और खेत की जरूरत के अनुसार अलग-अलग समय पर देना बेहतर माना जाता है। सबसे सही मात्रा तय करने के लिए <strong>मिट्टी की जांच और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह</strong> को प्राथमिकता देनी चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पूरी यूरिया एक साथ डालने से बचें</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धान की फसल में यूरिया की पूरी मात्रा एक ही बार डालना हमेशा उचित नहीं होता। नाइट्रोजन की जरूरत फसल की अलग-अलग अवस्थाओं में बदलती रहती है। इसलिए यूरिया को जरूरत के अनुसार <strong>कई हिस्सों में बांटकर</strong> देना अधिक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। इससे पौधों को उनकी बढ़वार के अलग-अलग चरणों में नाइट्रोजन मिलती रहती है और खाद के अनावश्यक नुकसान की संभावना भी कम हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धान में यूरिया कब डालें?</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यूरिया डालने का सही समय खेती के तरीके और फसल की अवस्था पर निर्भर करता है। रोपाई वाले धान में शुरुआती खाद देने के बाद <strong>कल्ले निकलने और फसल की आगे की बढ़वार</strong> के दौरान बची हुई यूरिया जरूरत के अनुसार दी जा सकती है। खाद डालते समय खेत में पानी की स्थिति का भी ध्यान रखना जरूरी है। बहुत अधिक पानी होने पर यूरिया का नुकसान हो सकता है। इसलिए खेत की परिस्थितियों और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ज्यादा यूरिया डालने से हो सकता है नुकसान</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह मान लेना कि ज्यादा यूरिया डालने से धान की पैदावार भी उतनी ही ज्यादा होगी, सही नहीं है। जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन देने पर पौधों में अत्यधिक हरी और नरम बढ़वार हो सकती है। इससे फसल में <strong>गिरने (लॉजिंग), कीट-रोगों और अन्य पोषक तत्वों के असंतुलन</strong> जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए किसान को सिर्फ पौधों का रंग देखकर यूरिया की मात्रा बढ़ाने के बजाय खेत और फसल की वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मिट्टी की जांच से तय करें खाद की सही मात्रा</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर किसान यूरिया और दूसरी खादों का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं तो <strong>मिट्टी की जांच</strong> सबसे उपयोगी तरीका है। इससे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति का पता चलता है और फसल की जरूरत के अनुसार खाद प्रबंधन किया जा सकता है। मिट्टी की जांच के आधार पर खाद देने से किसान अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं और फसल को जरूरत के मुताबिक पोषण भी मिल सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किसानों के लिए जरूरी बात</h4>
<p style="text-align:justify;">धान में यूरिया की कोई एक मात्रा हर खेत के लिए सही नहीं हो सकती। <strong>65-80 किलो प्रति एकड़ का आंकड़ा केवल सामान्य मार्गदर्शन है</strong>, इसे हर खेत में निश्चित मात्रा न मानें। धान की किस्म, मिट्टी, मौसम और खेती की पद्धति के अनुसार जरूरत बदल सकती है। बेहतर परिणाम के लिए मिट्टी की जांच कराएं और अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग की अनुशंसा के अनुसार ही यूरिया की मात्रा तय करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:28:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले Air India की फ्लाइट का गो-अराउंड, राहुल गांधी भी थे सवार</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले Air India की फ्लाइट का गो-अराउंड, राहुल गांधी भी थे सवार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/go-around-of-air-india-flight-before-landing-at-lucknow-airport/article-90873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/lucknow.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर मंगलवार को उस समय विमान यात्रियों की चिंता बढ़ गई, जब दिल्ली से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट <strong>AI-1717</strong> को लैंडिंग से ठीक पहले गो-अराउंड करना पड़ा। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता <strong>राहुल गांधी</strong> भी इसी फ्लाइट में सवार थे। हालांकि, दूसरे प्रयास में विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्री व क्रू सुरक्षित रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनस्टेबल एप्रोच के चलते पायलट ने लिया गो-अराउंड का फैसला</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, पहली बार रनवे पर उतरने के दौरान विमान का एप्रोच <strong>अनस्टेबल</strong> हो गया था। ऐसे में पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लैंडिंग को रोकने और विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाने का फैसला किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विमानन क्षेत्र में <strong>गो-अराउंड एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया</strong> है। जब पायलट को लगता है कि मौजूदा परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतारना संभव नहीं है, तो वह लैंडिंग को रद्द कर विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाता है। इसके बाद विमान नए एप्रोच के जरिए फिर से लैंडिंग की कोशिश करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूसरी कोशिश में सुरक्षित उतरा AI-1717</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली कोशिश के बाद AI-1717 ने दोबारा लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे की ओर एप्रोच लिया। इस बार विमान की लैंडिंग सफल रही और वह सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतर गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विमान में सवार यात्रियों और क्रू के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी भी इसी फ्लाइट से दिल्ली से लखनऊ पहुंचे। पहली लैंडिंग की कोशिश के बाद गो-अराउंड किए जाने के बावजूद दूसरी कोशिश में विमान के सुरक्षित उतरने से स्थिति सामान्य हो गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोपहर 2:20 बजे दिल्ली से रवाना हुई थी फ्लाइट</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की AI-1717 फ्लाइट दिल्ली से दोपहर करीब <strong>2:20 बजे</strong> रवाना हुई थी। इसका लखनऊ पहुंचने का निर्धारित समय लगभग <strong>3:30 बजे</strong> बताया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लैंडिंग से पहले विमान का एप्रोच अनस्टेबल होने के कारण पायलट ने गो-अराउंड किया। इसके बाद विमान ने दोबारा एप्रोच लिया और सुरक्षित लैंडिंग की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या होता है गो-अराउंड?</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गो-अराउंड को विमानन क्षेत्र में किसी आपात स्थिति का संकेत मानना जरूरी नहीं है। यह पायलटों द्वारा अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण <strong>सेफ्टी प्रक्रिया</strong> है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर लैंडिंग के दौरान मौसम, हवा, रनवे की स्थिति, विमान की ऊंचाई या एप्रोच से जुड़ी किसी परिस्थिति के कारण पायलट को लगता है कि विमान को उतारना सुरक्षित नहीं होगा, तो लैंडिंग को रोककर विमान को दोबारा ऊंचाई पर ले जाया जाता है। इसके बाद परिस्थितियों का आकलन करके नए एप्रोच के साथ लैंडिंग की जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इससे पहले Air India Express की फ्लाइट में भी सामने आई थी घटना</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विमानन क्षेत्र में इसी दौरान एक अन्य घटना भी सामने आई। <strong>Air India Express</strong> की बोइंग 737 फ्लाइट <strong>IX415</strong> 7 सितंबर को कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बताया गया कि करीब <strong>36,000 फीट की ऊंचाई</strong> पर विमान के इंजन-1 में ऑयल की मात्रा तेजी से कम होने की जानकारी मिली। स्थिति को देखते हुए पायलटों ने संबंधित इंजन को बंद करने और विमान को वापस कोच्चि लाने का फैसला किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विमान सुरक्षित तरीके से कोच्चि एयरपोर्ट पर उतर गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए अबू धाबी भेजे जाने की जानकारी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता</h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ में AI-1717 का गो-अराउंड भी इसी सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा रहा। अनस्टेबल एप्रोच की स्थिति में पायलट द्वारा लैंडिंग रोककर दोबारा एप्रोच लेना विमान और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जाने वाला सामान्य कदम है। दूसरे प्रयास में विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:15:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BCCI News: भारतीय खिलाड़ी ने बीसीसीआई के साथ किया ये धोखा, दिखाया बाहर का रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[BCCI News: उम्र में धोखाधड़ी के चलते रोहित यादव पर गिरी गाज, BCCI ने अंडर-19 टीम से किया बाहर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/rohit-yadav-faces-the-axe-over-age-fraud--bcci-drops-him-from-the-under-19-team/article-90848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/bcci-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">BCCI News:  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उम्र से जुड़ी गड़बड़ी के मामले में बड़ा फैसला लेते हुए रोहित यादव को भारत की अंडर-19 टीम से बाहर कर दिया है। रोहित को ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ होने वाली वनडे और मल्टी-डे सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया था। जांच में उनकी उम्र से संबंधित विसंगतियां सामने आने के बाद बोर्ड ने उनका चयन रद्द कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">BCCI ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि जूनियर क्रिकेट कमेटी ने रोहित यादव की जगह वनडे टीम में सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के आर्यन सवासानी और मल्टी-डे टीम में हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन के तन्मय बलोदा को शामिल किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जांच में सामने आया उम्र का बड़ा अंतर |BCCI News</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">एज-ग्रुप क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व कर चुके रोहित यादव की उम्र को लेकर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने जांच की थी। जांच में उनके जन्म संबंधी रिकॉर्ड में करीब <strong>27 महीने का अंतर</strong> सामने आया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित के जन्म वर्ष में तीन बार बदलाव किए जाने की बात भी सामने आई है। खास बात यह है कि वह हाल ही में श्रीलंका दौरे पर गई इंडिया अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रहे थे। उम्र से जुड़ी इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद BCCI ने उन्हें आगामी ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 सीरीज से बाहर करने का फैसला किया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">BCCI ने जारी किया आधिकारिक बयान</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि रोहित यादव को राजकोट और अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ होने वाले मुकाबलों के लिए इंडिया अंडर-19 टीम में चुना गया था, लेकिन उम्र से संबंधित गड़बड़ी सामने आने के बाद उन्हें टीम से हटा दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद जूनियर क्रिकेट कमेटी ने दोनों फॉर्मेट की टीमों में नए खिलाड़ियों को शामिल किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वनडे टीम में आर्यन सवासानी की एंट्री</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रोहित यादव की जगह वनडे टीम में सौराष्ट्र के आर्यन सवासानी को शामिल किया गया है। अपडेटेड वनडे स्क्वॉड इस प्रकार है:</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लक्ष्य रायचंदानी (कप्तान), यशबर्धन चौहान (उपकप्तान), रजत बघेल (विकेटकीपर), आर्यवीर सहवाग, V.K. विनीत, कुशाग्र ओझा, अर्जुन राजपूत, मनाल चौहान, अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), वी. यशवीर, शाविन विनोद, मोहित उलवा, चिगुरुपति वेंकट, काव्या पटेल और आर्यन सवासानी।</strong></p>
<h2 style="text-align:justify;">मल्टी-डे टीम में तन्मय बलोदा को मौका</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, मल्टी-डे टीम में रोहित यादव की जगह हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन के तन्मय बलोदा को शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>यशबर्धन चौहान (कप्तान), लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), सागर विर्क, कुशाग्र ओझा, मनाल चौहान, कुश पटेल, मानव कृष्णा (विकेटकीपर), अभिप्राय विश्वास (विकेटकीपर), ईशान ओम, अयान अकरम, प्रणव राघवेंद्र, प्रियांशु सिंह, मोहित उलवा, आर्यन यादव और तन्मय बलोदा।</strong></p>
<h2 style="text-align:justify;">18 सितंबर से शुरू होगी वनडे सीरीज</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत अंडर-19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला मुकाबला <strong>18 सितंबर</strong> को राजकोट में होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके बाद दूसरा वनडे <strong>21 सितंबर</strong> और तीसरा मुकाबला <strong>23 सितंबर</strong> को खेला जाएगा। तीनों वनडे मुकाबलों की मेजबानी राजकोट का निरंजन शाह स्टेडियम करेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">27 सितंबर से मल्टी-डे सीरीज का आगाज</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वनडे सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच दो मैचों की मल्टी-डे सीरीज होगी। पहला मुकाबला <strong>27 सितंबर</strong> से राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं दूसरा मल्टी-डे मुकाबला <strong>5 अक्टूबर</strong> से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुरू होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उम्र में गड़बड़ी पर BCCI का सख्त संदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">रोहित यादव को टीम से बाहर करने का फैसला एज-ग्रुप क्रिकेट में खिलाड़ियों की उम्र की सही जानकारी और दस्तावेजों की अहमियत को भी सामने लाता है। जूनियर क्रिकेट में उम्र से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी खिलाड़ी के करियर और टीम चयन, दोनों पर गंभीर असर डाल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 12:30:24 +0530</pubDate>
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                <title>जीवन में आई चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करें: अभय राजेन्द्र डागा</title>
                                    <description><![CDATA[विद्यार्थियों से संवाद कर एसीपी कविनगर ने साझा किए जीवन के अनुभव, सफलता का दिया मंत्र]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/face-life-s-challenges-with-determination--abhay-rajendra-daga/article-90847"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/ghaziabad3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजियाबाद (सच कहूँ/रविंद्र सिंह )। </strong>युवाओं को शिक्षा, करियर और भविष्य के लिए उचित मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से आईपीएस /सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर अभय राजेन्द्र डागा ने थाना सिहानी गेट क्षेत्र स्थित सेठ मुकुन्दलाल इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव, कार्यशैली, चुनौतियों और संघर्षों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">एसीपी ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका दृढ़ता से सामना करना चाहिए और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, लोक सेवा और भविष्य से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। एसीपी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समाधान करते हुए उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह संवाद विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में प्रेरणादायी साबित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 12:11:59 +0530</pubDate>
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