
डेरा सच्चा सौदा के 2,660 से ज्यादा अनुयायियों के मरणोपरांत हो चुके शरीरदान
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Body Donation: डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी जहां जीते जी समाज सेवा कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं, वहीं इस दुनिया से जाने के बाद भी अमर सेवा मुहिम के तहत इन्सानियत के काम आते हैं। इसी क्रम में माता जगदेव कौर इन्सां (69) धर्मपत्नी एडवोकेट तेगबंस सिंह इन्सां निवासी बठिंडा के मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी, उमरी रोड़ कुरुक्षेत्र को दान की गई। बता दें कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के जागरूकता अभियानों की बदौलत शरीरदान के क्षेत्र में एक क्रांति आ गई है। एक वक्त मेडिकल कॉलेजों में ट्रेनी और शोधकर्ता डॉक्टर्स को मृत देहों की कमी से भारी परेशानी होती थी, लेकिन अब उन्हें आसानी से डेड बॉडी उपलब्ध हो रही है।
जानकारी के अनुसार माता जगदेव कौर इन्सां अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजी। वे कुछ समय से अस्वथ चल रहीं थी। माता जगदेव कौर इन्सां ने पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए जीते जी ही मरणोपरांत शरीरदान का संकल्प पत्र भरा हुआ था। माता जगदेव कौर इन्सां की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए उनके परिजनों ने पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु दान कर दी।
डेरा सच्चा सौदा प्रबंधकीय कमेटी सदस्यों, शाह सतनाम जी पुरा, एमएसजी कॉम्पलेक्स की साध-संगत, शाह सतनाम जी स्पेशेलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और स्टाफ सदस्यों ने माता जगदेव कौर इन्सां को श्रद्धांजलि अर्पित की। डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत माता जगदेव कौर इन्सां की अर्थी को उनकी बेटी संदीप कौर, बहु डॉ. गुरदीप कौर, एडवोकेट गुरप्रीत कौर, पोती आलम व अंबर ने कंधा दिया। इसके पश्चात ‘जब तक सूरज चांद रहेगा जगदेव कौर इन्सां तेरा नाम रहेगा’ जैसे गगनभेदी नारों के साथ पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी, उमरी रोड़, कुरुक्षेत्र के लिए रवाना किया गया। Body Donation
माता जगदेव कौर इन्सां अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनका पूरा परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है और मानवता की सेवा में हमेशा अग्रणी रहता है। उनके दामाद डॉ. गौरव इन्सां शाह सतनाम जी स्पेशेलिटी हॉस्पिटल में सीएमओ हैं और बेटी संदीप कौर भी डेरे में सेवा निभा रही है। एडवोकेट स. तेगबंस सिंह इन्सां, उनका बेटा एडवोकेट गुरभगत सिंह इन्सां भी सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं। बता दें कि अब तक डेरा सच्चा सौदा के 2660 से अधिक अनुयायियों के मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु दान की जा चुकी है।
यह भी पढ़ें:– धूरी को मिली सौगात, 4.78 करोड़ रु. के विकास प्रोजेक्ट शुरू














