Sirsa News: दोनों भाई कभी नशे में रहते थे मदमस्त, अब राम-नाम में रहते हैं मस्त

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Sirsa News: दोनों भाई कभी नशे में रहते थे मदमस्त, अब राम-नाम में रहते हैं मस्त

ओढां, राजू। Sirsa News: एक वो समय था जब दोनों भाई नशे में इस कदर मदमस्त रहते कि उन्हें स्वयं के सिवाय अन्य किसी का फिक्र ही नहीं होता था। फिर एक वो समय आया जब दोनों भाईयों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन वचनों पर चलते हुए हमेशा के लिए नशे की मदमस्ती छोड़कर राम-नाम की ऐसी मस्ती पकड़ी कि आज ये सैकड़ों लोगों का नशा व अन्य बुराइयां छोड़कर लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं। पूछे जाने पर इन्होंने नम आंखों से यही कहा कि पूज्य पिताजी ने हमारी जिंदगी बदल दी। हम सैकड़ों जन्म लेकर भी अपने मुर्शिद का ऋण नहीं उतार सकते।

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दरअसल ब्लॉक रोड़ी के गांव बीरूवालागुढ़ा निवासी सत्तू इन्सां व गिंदा सिंह इन्सां युवावस्था में गलत संगत में पड़कर नशे के इस कदर आदी हो गए कि उन्हें सिर्फ अपने नशे से ही मतलब था। गिंदा सिंह के मुताबिक वह नशे का इस कदर आदी हो गया था कि उसे ये भी पता था कि वह कर क्या रहा है। वह नशीली गोलियां, पोस्त, गांजा, पोस्त व जर्दा सहित अन्य नशे करने लग गया। उसे परिवार के लोगों ने काफी समझाया लेकिन वह किसी की सुनने की बजाय बस अपने नशे में ही मस्त रहता था। उसके परिजनों ने उसका उपचार भी करवाया, लेकिन वो भी काम नहीं आया। नशे की लत के चलते उसकी घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और उसकी 2 एकड़ जमीन भी बिक गई। गिंदा सिंह के खेत में जितनी भी फसल होती वो ज्यादातर नशे में ही बिक जाती थी। उसकी इस लत से परिवार व रिश्तेदार सभी परेशान थे। वहीं उसका भाई सत्तू भी उसकी तरह की नशे का आदी हो गया था। वह सत्तू सुल्फा, गांजे व शराब का इस कदर आदी था कि दिनभर में 60 से 70 बार सुल्फे-गांजे का सेवन करता था।

पूज्य गुरु जी के वचनों ने बदली ज़िंदगी | Sirsa News

सत्तू ने बताया कि एक दिन वह परिजनों के बार-बार कहने पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रूहानी सत्संग में गया। वहां पर पूज्य गुरु जी ने अपने पावन मुखारबिंद से वचन फरमाए कि ‘बेटा! नशा बुराई का घर है। ये हंसती-खेलती जिंदगी में जहर घोल देता है। अगर नशा करना है तो राम-नाम का करो। अगर नशा छोड़ना है तो एक सप्ताह की सेवा करो। पूज्य गुरु जी के इन वचनों ने सत्तू के दिल पर गहरा असर किया। जिसके बाद वह प्रसाद लेकर अपने भाई गिंदा सिंह को साथ लेकर शाह सतनाम-शाह मस्तान जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र डेरा सच्चा सौदा सरसा में सेवा करने के लिए चला गया। दोनों भाईयों ने वहां एक सप्ताह की सेवा की। सत्तू इन्सां ने बताया कि वे दोनों भाई सेवा में इस कदर लीन हो गए कि नशे को भूल गए। जब दोनों भाईयों ने नशा छोड़ा तो लोगों को एक बार के लिए यकीन ही नहीं हुआ।