Carrot Farming: 70 दिनों से कम में लाखों का मुनाफा, बस किसान यूं करें गाजर की खेती

Carrot Farming
Carrot Farming: 70 दिनों से कम में लाखों का मुनाफा, बस किसान यूं करें गाजर की खेती

भूना( सचकहूँ/विकास) । Carrot Farming: नाढोड़ी गांव के छोटूराम थापन को दो एकड़ भूमि में गाजर की खेती का उत्पादन और बाजार भाव पर्याप्त मिलने के कारण कम खर्चे में लाखों रुपये की आमदनी हुई है। किसान ने मात्र 70 दिनों की मेहनत और देखभाल से गाजर की फसल से मुनाफा मिल रहा है। किसान छोटूराम ने बताया कि गन्ने की खेती के बाद गाजर की बिजाई कर दी और अब खुदाई शुरू हो चुकी है, जिससे उन्हें प्रति एकड़ तीन लाख रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। जबकि इससे दर्जनों बेरोजगार लोगों को रोजगार भी मिला है। गाजर की खुदाई से लेकर ढुलाई और लदान तक करीब 20 लोग प्रतिदिन काम कर रहे हैं। किसान ने बताया कि फसल के उत्पादन में कोई अधिक खर्च नहीं आता। परंतु इसकी खुदाई व सब्जी मंडी तक पहुंचने में थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

Blood Sugar: ब्लड शुगर चेक करना हुआ आसान, सुई से नहीं अब इससे की जाएगी डायबिटीज की जांच, ये ऐप करेंगा मदद

Carrot Farming
Carrot Farming: 70 दिनों से कम में लाखों का मुनाफा, बस किसान यूं करें गाजर की खेती

किसान ने पहली बार गाजर की खेती को आजमाया | Carrot Farming

किसान छोटूराम ने बताया कि एक एकड़ में चार से पांच किलो बीज डाला जाता है। इस सीजन में 400 से 600 रुपये किलो गाजर का बीज बिक रहा है। गाजर की बिजाई अगस्त से अक्टूबर माह में होती है और जनवरी से मार्च तक गाजर की खुदाई होती है। अगर अगेती फसल का अच्छा भाव मिल जाए तो प्रति एकड़ दो लाख से तीन लाख रुपये की आमदनी होती है और 40 से 50 हजार रुपये की लागत आती है।

परंपरागत खेती में समय ज्यादा, बचत कम | Carrot Farming

किसान छोटूराम ने बताया कि परंपरागत खेती करते हैं, तो साल में दो ही फसल ले पाते हैं। जिसमें आमदनी भी सीमित है। जबकि गाजर की फसल तीन महीने की है और इसमें बचत भी काफी अच्छी है। इसकी विशेषता ये है कि ये हर तरह की मिट्टी में पैसा हो जाती है। इसलिए किसानों को परंपरागत खेती के अतिरिक्त नई आधुनिक खेती की तरफ भी रुचि बढ़नी चाहिए।

White Hair Problem Solution: सफेद बालों को जड़ से हमेशा के लिए काला करने का सबसे जबरदस्त नुस्खा?

सब्जी किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का विकल्प | Carrot Farming

सरकार लगातार किसानों को बागवानी व औषधीय पौधे तथा सब्जी की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रही है। किसानों को प्रति एकड़ विभिन्न सब्जी की फसलों एवं बागवानी में सब्सिडी का भी प्रावधान है। किसान परंपरागत खेती का अधिक उत्पादन लेने के लिए रासायनिक खाद एवं कीटनाशक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, इसके कारण किसान की लागत ज्यादा बढ़ रही है और अनाज खाने लायक नहीं रहता। किसान की आर्थिक मजबूती के लिए सब्जी की खेती और बागवानी की दिशा में अच्छा विकल्प है।
– डॉ सुभाष चंद्र, उपनिदेशक बागवानी विभाग एवं अमरूद उत्कृष्ट केंद्र भूना।