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                <title>स्वास्थ्य - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Sugar Control Tips: डायबिटीज के मरीज आज ही बदल लें ये 5 आदतें, नहीं तो बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[Sugar Control Tips: डायबिटीज के मरीजों को खानपान, व्यायाम, दवा और नियमित जांच का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जानिए शुगर कंट्रोल रखने के लिए विशेषज्ञों की 5 जरूरी सलाह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/diabetic-patients-should-change-these-5-habits-today-otherwise-the/article-86145"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/sugar-control-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Sugar Control Tips: डायबिटीज यानी शुगर आज के समय की सबसे आम लेकिन गंभीर बीमारियों में से एक बन चुकी है। यह ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो धीरे-धीरे शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय तक ब्लड शुगर अनियंत्रित रहने पर आंखों, किडनी, हृदय और नसों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है, लेकिन सही जीवनशैली और नियमित देखभाल से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">खानपान में लापरवाही पड़ सकती है भारी | Sugar Control Tips</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे जरूरी चीज उनका खानपान होता है। कई लोग समय पर दवा तो ले लेते हैं, लेकिन खाने-पीने में सावधानी नहीं बरतते। विशेषज्ञों के अनुसार मैदा, अधिक चीनी, कोल्ड ड्रिंक, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसके बजाय साबुत अनाज, दालें, ओट्स, ब्राउन राइस, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रोजाना करें शारीरिक गतिविधि</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्वस्थ रहने और शुगर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या हल्का व्यायाम इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। वहीं लंबे समय तक बैठे रहने की आदत वजन बढ़ाने के साथ-साथ ब्लड शुगर को भी असंतुलित कर सकती है। इसलिए दिनभर सक्रिय रहने का प्रयास करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नियमित जांच से मिलती है सही जानकारी</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कई मरीज तब तक जांच नहीं करवाते जब तक उन्हें कोई परेशानी महसूस न हो। हालांकि यह आदत भविष्य में जोखिम बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लड शुगर की नियमित जांच और समय-समय पर HbA1c टेस्ट करवाना जरूरी है। यह टेस्ट पिछले दो से तीन महीनों के औसत शुगर स्तर की जानकारी देता है और बीमारी की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दवाओं में लापरवाही न करें</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डायबिटीज की दवाएं तभी प्रभावी होती हैं जब उन्हें नियमित रूप से लिया जाए। कई मरीज शुगर नियंत्रित होते ही दवाएं बंद कर देते हैं या अपनी मर्जी से डोज बदल लेते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और इंसुलिन का नियमित सेवन करना जरूरी है। लापरवाही से शुगर अचानक बढ़ सकती है और हृदय, किडनी तथा आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तनाव और नींद पर भी दें ध्यान</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तनाव और खराब नींद भी डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ी समस्या बन सकते हैं। तनाव बढ़ने पर शरीर में ऐसे हार्मोन बनते हैं जो ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकते हैं। वहीं पर्याप्त नींद न लेने से भी शुगर नियंत्रण प्रभावित होता है। विशेषज्ञ रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने और तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान तथा गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय पर जांच, दवाओं का सही सेवन और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर ब्लड शुगर को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है और गंभीर जटिलताओं के खतरे को कम किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:24:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विश्व नेत्रदान दिवस विशेष: पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से लौटी हजारों जिंदगियों की रोशनी</title>
                                    <description><![CDATA[करीब आठ महीने पहले तक फतेहाबाद निवासी 28 वर्षीय भारती पत्नी सोनू की जिंदगी अंधेरे में डूबी हुई थी। दोनों आंखों की रोशनी चली जाने के कारण उनके लिए जीवन की राह मुश्किल हो गई थी। उम्मीद की किरण के साथ भारती सरसा स्थित शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचीं। यहां पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक के माध्यम से उनकी दोनों आंखों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/world-eye-donation-day-special-the-light-of-thousands-of/article-86140"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/eye-donation-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">World Eye Donation Day 2026: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा/विनोद शर्मा )। करीब आठ महीने पहले तक फतेहाबाद निवासी 28 वर्षीय भारती पत्नी सोनू की जिंदगी अंधेरे में डूबी हुई थी। दोनों आंखों की रोशनी चली जाने के कारण उनके लिए जीवन की राह मुश्किल हो गई थी। घर का कामकाज हो, खाना खाना हो या कहीं आना-जाना, हर छोटे-बड़े काम के लिए उन्हें दूसरों का सहारा लेना पड़ता था। कई अस्पतालों और चिकित्सकों से उपचार कराने के बावजूद कोई लाभ नहीं हुआ। Fatehabad News</p><p style="text-align:justify;">ऐसे में चिकित्सकों ने उन्हें कॉर्निया प्रत्यारोपण (पेनिट्रेटिंग केराटोप्लास्टी) की सलाह दी। उम्मीद की इसी किरण के साथ भारती सरसा स्थित शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचीं। यहां पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक (Pujya Mata Kartar Kaur Ji International Eye Bank) के माध्यम से उनकी दोनों आंखों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया। ऑपरेशन के बाद जब भारती ने दोबारा इस खूबसूरत दुनिया को देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जो जिंदगी कभी अंधेरे में खो चुकी थी, वह फिर से रोशनी, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों से भर उठी।</p><p style="text-align:justify;">भारती की यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की दास्तान है, जिनके जीवन में नेत्रदान के माध्यम से उजाला लौटा है। यह संभव हुआ है डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों के कारण।</p><p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने हमेशा मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए समाज को प्रेरित किया है। ज्योतिदान यानी मरणोपरांत नेत्रदान भी उन्हीं 175 मानवता भलाई कार्यों में से एक है, जिसने हजारों लोगों के जीवन में नई रोशनी पहुंचाई है। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा का ही परिणाम है कि डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायियों ने नेत्रदान को एक जनआंदोलन का रूप दिया है। अब तक 18,643 डेरा अनुयायियों की ओर से मरणोपरांत नेत्रदान किया जा चुका है। इनमें से 18,125 से अधिक नेत्रदान सरसा स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक में दर्ज किए गए हैं, जबकि डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु अपनी मृत्यु के बाद नेत्रदान करने का लिखित संकल्प ले चुके हैं।</p><p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञा डॉ. मोनिका गर्ग इन्सां के अनुसार किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी आंखों का कॉर्निया दो जरूरतमंद व्यक्तियों को रोशनी दे सकता है। यही कारण है कि नेत्रदान को महादान कहा जाता है। यह केवल आंखों का दान नहीं, बल्कि किसी की खो चुकी उम्मीदों, सपनों और आत्मविश्वास को वापस लौटाने का माध्यम है। जब कोई व्यक्ति इस दुनिया से विदा होने के बाद भी अपनी आंखें दान करता है, तो वह किसी दूसरे के जीवन में उजाला बनकर हमेशा जीवित रहता है।</p><h3 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी का संदेश: आंखें साथ नहीं जाती, किसी की जिंदगी रोशन कर जाती हैं</h3><p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि कुछ लोग कहते हैं कि यदि आंखें किसी को दान कर दी जाएं तो अगले जन्म में आंखें नहीं मिलेंगी। इस पर पूज्य गुरु जी समझाते हैं कि क्या कोई अपनी आंखें अपने साथ लेकर जा सकता है? जब शरीर का अंतिम संस्कार किया जाता है तो आंखें भी उसी में नष्ट हो जाती हैं और यदि दफनाया जाता है तो वे मिट्टी में गल जाती हैं। ऐसे में बेहतर यही है कि इंसान जाते-जाते अपनी आंखें दान कर जाए, ताकि उसकी आंखों से कोई दृष्टिबाधित व्यक्ति इस संसार को देख सके। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जिन जरूरतमंदों को रोशनी मिलेगी, उनकी दुआएं दानदाता और उसकी आने वाली पीढ़ियों के लिए आशीर्वाद बनेंगी। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे नेक और मानवता भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/bharti-ftb.jpg" alt="Bharti-FTB" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:14:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Heart Disease India: कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल फिर भी आ सकता है हार्ट अटैक! डॉक्टरों ने बताया दिल का छिपा हुआ दुश्मन</title>
                                    <description><![CDATA[Heart Disease India: कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल फिर भी आ सकता है हार्ट अटैक! डॉक्टरों ने बताया दिल का छिपा हुआ दुश्मन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cholesterol-report-is-normal-still-heart-attack-can-occur-doctors/article-86110"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/heart-disease-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Heart Disease India: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल के कारण दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आमतौर पर लोग अपनी हार्ट हेल्थ का आकलन LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल), HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स के आधार पर करते हैं। यदि ये सभी आंकड़े सामान्य आते हैं तो अधिकांश लोगों को लगता है कि उनका दिल पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट होने के बावजूद लोगों को कम उम्र में हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल की बीमारी का खतरा केवल सामान्य लिपिड प्रोफाइल से नहीं आंका जा सकता। कुछ ऐसे छिपे हुए फैक्टर भी हैं जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, लेकिन सामान्य जांच में सामने नहीं आते।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है Lp(a), जिसे माना जा रहा है बड़ा खतरा?</h4>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टरों के अनुसार Lipoprotein(a) या Lp(a) एक विशेष प्रकार का कोलेस्ट्रॉल कण है। इसकी संरचना LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल जैसी होती है, लेकिन इसमें एक अतिरिक्त प्रोटीन मौजूद होता है। यही अतिरिक्त प्रोटीन इसे अधिक खतरनाक बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">Lp(a) रक्त वाहिकाओं में चर्बी जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सामान्य लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में इसकी जांच नहीं की जाती। ऐसे में किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य दिख सकती है, लेकिन उसके दिल को गंभीर खतरा बना रह सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कम उम्र में बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत में डॉक्टरों को एक चिंताजनक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। 30 से 40 वर्ष की उम्र के लोग भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं, जबकि उनकी सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट में कोई बड़ी समस्या नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बढ़ा हुआ Lp(a) स्तर एक प्रमुख कारण हो सकता है। चूंकि यह फैक्टर मुख्य रूप से जेनेटिक्स से प्रभावित होता है, इसलिए खानपान और व्यायाम का इस पर सीमित असर पड़ता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारत में क्यों बढ़ रहा है खतरा?</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत में समय से पहले दिल की बीमारी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें शामिल हैं:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>जेनेटिक प्रवृत्ति</li>
<li>डायबिटीज</li>
<li>हाई ब्लड प्रेशर</li>
<li>मोटापा</li>
<li>शारीरिक गतिविधियों की कमी</li>
<li>धूम्रपान और खराब जीवनशैली</li>
<li>Lp(a) जैसे छिपे हुए लिपिड मार्कर</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यही वजह है कि भारतीयों में हार्ट अटैक का खतरा पश्चिमी देशों की तुलना में 10 से 15 साल पहले तक देखने को मिल रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किन लोगों को करवाना चाहिए Lp(a) टेस्ट?</h4>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर सलाह देते हैं कि जिन लोगों के परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल की बीमारी का इतिहास रहा हो, उन्हें कम से कम एक बार Lp(a) टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा निम्न लोगों को भी यह जांच कराने पर विचार करना चाहिए:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>हाई ब्लड प्रेशर के मरीज</li>
<li>डायबिटीज से पीड़ित लोग</li>
<li>मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति</li>
<li>बार-बार बढ़ते कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज</li>
<li>हार्ट डिजीज के हाई रिस्क वाले लोग</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">कैसे कम किया जा सकता है जोखिम?</h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि Lp(a) को सीधे कम करना फिलहाल आसान नहीं माना जाता, लेकिन इसकी जानकारी होने पर अन्य जोखिम कारकों को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर LDL कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और जीवनशैली में सुधार पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">समय पर जांच और सही जागरूकता ही दिल की गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Meta Title:</strong> कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी आ सकता है हार्ट अटैक! जानिए Lp(a) का छिपा खतरा</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Meta Description:</strong> क्या आपकी कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल है? फिर भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। जानिए Lp(a) क्या है, क्यों बढ़ रहा है इसका खतरा और किन लोगों को यह टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:30:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Health Alert: फेफड़ों में जमा कफ को तुरंत बाहर निकाल देंगी ये चीजें, चंद मिनटों में मिलेगा आराम</title>
                                    <description><![CDATA[Health Alert:  मौसम में लगातार हो रहे बदलाव लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। दिन में तेज धूप, शाम को अचानक बारिश, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और बढ़ती नमी के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/health-alert-these-things-will-immediately-remove-the-phlegm-accumulated/article-85973"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/health-alert.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health Alert: मौसम में लगातार हो रहे बदलाव लोगों की सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। दिन में तेज धूप, शाम को अचानक बारिश, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और बढ़ती नमी के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन दिनों बड़ी संख्या में लोग खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन सभी परेशानियों की एक प्रमुख वजह फेफड़ों में कफ या बलगम का जमा होना है।</p>
<p style="text-align:justify;">अक्सर लोग इसे सामान्य मौसमी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यदि फेफड़ों में जमा कफ लंबे समय तक बना रहे तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, देश की लगभग 2.5 प्रतिशत आबादी क्रॉनिक कफ यानी लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी और बलगम की समस्या से प्रभावित है। यदि समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाए तो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आखिर क्या होता है कफ? Health Alert</h3>
<p style="text-align:justify;">कफ या बलगम शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है। यह एक चिपचिपा पदार्थ होता है जो सांस की नलियों और फेफड़ों की सतह पर मौजूद रहता है। इसका मुख्य काम धूल, धुआं, बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक कणों को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकना होता है। सामान्य मात्रा में कफ शरीर के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो यह सांस की नलियों में जमा होकर परेशानी पैदा करने लगता है। इससे सांस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी और सीने में भारीपन महसूस होने लगता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बदलते मौसम में क्यों बढ़ जाती है कफ की समस्या?</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम परिवर्तन के दौरान तापमान और नमी में अचानक बदलाव आता है। इसका सीधा असर हमारी श्वसन प्रणाली पर पड़ता है। इसके अलावा प्रदूषण, धूल-मिट्टी और एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी इस समस्या को बढ़ाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार कफ बढ़ने के प्रमुख कारण हैं—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>प्रदूषित हवा में लगातार रहना</li>
<li>धूल और मिट्टी के संपर्क में आना</li>
<li>वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण</li>
<li>एलर्जी</li>
<li>धूम्रपान</li>
<li>कमजोर इम्यूनिटी</li>
<li>अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां</li>
<li>अत्यधिक ठंडी या नम जलवायु</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इन कारणों से शरीर ज्यादा बलगम बनाने लगता है, जो धीरे-धीरे फेफड़ों और सांस की नलियों में जमा होने लगता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फेफड़ों में कफ जमा होने के प्रमुख लक्षण</h4>
<p style="text-align:justify;">जब फेफड़ों में अधिक मात्रा में बलगम जमा होने लगता है तो शरीर कई संकेत देने लगता है। इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लगातार खांसी</h4>
<p style="text-align:justify;">यदि कई दिनों तक लगातार खांसी बनी रहती है और खांसने पर बलगम निकलता है, तो यह फेफड़ों में कफ जमा होने का संकेत हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सीने में जकड़न</h4>
<p style="text-align:justify;">छाती में भारीपन या दबाव महसूस होना भी कफ जमा होने का सामान्य लक्षण है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सांस लेने में कठिनाई</h4>
<p style="text-align:justify;">बलगम सांस की नलियों को संकरा कर देता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गले में खराश</h4>
<p style="text-align:justify;">लगातार बलगम बनने के कारण गले में जलन और खराश बनी रह सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">घरघराहट</h4>
<p style="text-align:justify;">सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना भी फेफड़ों में जमा कफ का संकेत हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बार-बार संक्रमण</h4>
<p style="text-align:justify;">कफ में बैक्टीरिया और वायरस पनप सकते हैं, जिससे बार-बार सर्दी-जुकाम और संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किन लोगों को ज्यादा खतरा?</h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले सकती है। इनमें शामिल हैं—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>अस्थमा के मरीज</li>
<li>COPD के मरीज</li>
<li>बुजुर्ग</li>
<li>छोटे बच्चे</li>
<li>धूम्रपान करने वाले लोग</li>
<li>एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति</li>
<li>कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इन लोगों को मौसम बदलने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भाप लेना क्यों है सबसे कारगर उपाय?</h4>
<p style="text-align:justify;">फेफड़ों में जमा कफ को ढीला करने के लिए भाप लेना सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब गर्म पानी की भाप शरीर में जाती है तो यह सांस की नलियों में नमी पहुंचाती है। इससे गाढ़ा बलगम पतला होने लगता है और आसानी से बाहर निकल जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भाप लेने का सही तरीका</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक बर्तन में पानी उबाल लें।</li>
<li>सिर पर तौलिया रखकर भाप लें।</li>
<li>5 से 10 मिनट तक गहरी सांस लें।</li>
<li>दिन में 2 से 3 बार ऐसा करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यदि पानी में नीलगिरी के तेल की 2-3 बूंदें डाल दी जाएं तो इसका असर और भी बढ़ सकता है। इससे सांस की नलियां खुलती हैं और सीने की जकड़न कम होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पर्याप्त पानी पीना क्यों जरूरी है?</h4>
<p style="text-align:justify;">कफ की समस्या से राहत पाने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो बलगम और ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इससे उसे बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>दिनभर पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिएं।</li>
<li>हर्बल चाय का सेवन करें।</li>
<li>नींबू और शहद वाला पानी लें।</li>
<li>नारियल पानी का सेवन करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">पर्याप्त पानी पीने से बलगम पतला रहता है और खांसी के माध्यम से आसानी से बाहर निकल जाता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अदरक: प्राकृतिक कफ नाशक</h2>
<p style="text-align:justify;">अदरक सदियों से श्वसन संबंधी समस्याओं के उपचार में उपयोग की जाती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें मौजूद जिंजरोल नामक तत्व सूजन को कम करने में मदद करता है। यह फेफड़ों की नलियों को आराम देता है और जमा बलगम को बाहर निकालने में सहायता करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सेवन का तरीका</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>अदरक की चाय पिएं।</li>
<li>अदरक का रस और शहद मिलाकर लें।</li>
<li>गर्म पानी में अदरक डालकर सेवन करें।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">हल्दी का कमाल</h4>
<p style="text-align:justify;">हल्दी को आयुर्वेद में प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और संक्रमण से लड़ता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैसे करें सेवन?</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं।</li>
<li>गर्म पानी में हल्दी मिलाकर सेवन करें।</li>
<li>शहद के साथ हल्दी का सेवन करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">नियमित सेवन से छाती की जकड़न कम हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शहद देता है गले को राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह गले की सूजन को कम करता है और बलगम को पतला बनाने में मदद करता है। बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए यह एक सुरक्षित घरेलू उपाय माना जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सेवन का तरीका</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक चम्मच शुद्ध शहद लें।</li>
<li>शहद में अदरक का रस मिलाकर लें।</li>
<li>नींबू और शहद वाला गुनगुना पानी पिएं।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">काली मिर्च और लहसुन भी हैं फायदेमंद</h4>
<p style="text-align:justify;">काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन बलगम को तोड़ने का काम करता है। वहीं लहसुन प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह कार्य करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लाभ</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>संक्रमण से बचाव</li>
<li>कफ को पतला करना</li>
<li>इम्यूनिटी बढ़ाना</li>
<li>सांस की नलियों की सूजन कम करना</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">हर्बल चाय से मिल सकती है राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">कई प्रकार की हर्बल चाय फेफड़ों की सफाई में मदद कर सकती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पुदीना चाय</h4>
<p style="text-align:justify;">पुदीना में मौजूद मेंथॉल सांस की नलियों को खोलने में मदद करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अजवाइन चाय</h4>
<p style="text-align:justify;">अजवाइन में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुलेठी की चाय</h4>
<p style="text-align:justify;">यह गले की सूजन कम करती है और कफ निकालने में सहायता करती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">नमक के पानी से गरारे करें</h5>
<p style="text-align:justify;">यदि कफ के साथ गले में दर्द, जलन या खराश भी है तो गुनगुने नमक के पानी से गरारे करना लाभदायक हो सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">फायदे</h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गले के बैक्टीरिया कम होते हैं।</li>
<li>सूजन घटती है।</li>
<li>जमा बलगम ढीला पड़ता है।</li>
<li>गले को आराम मिलता है।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">दिन में 2 से 3 बार गरारे करने से अच्छा लाभ मिल सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज का महत्व</h2>
<p style="text-align:justify;">फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना कुछ मिनट तक डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैसे करें?</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आराम से बैठ जाएं।</li>
<li>नाक से गहरी सांस लें।</li>
<li>5 सेकंड रोकें।</li>
<li>धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">रोज 10-15 मिनट यह अभ्यास करने से फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है और कफ ढीला होने लगता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?</h4>
<p style="text-align:justify;">यदि निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना</li>
<li>खून के साथ बलगम आना</li>
<li>तेज बुखार</li>
<li>सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई</li>
<li>सीने में तेज दर्द</li>
<li>अचानक वजन कम होना</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">ये किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>धूम्रपान से दूर रहें।</li>
<li>प्रदूषण वाले क्षेत्रों में मास्क पहनें।</li>
<li>नियमित व्यायाम करें।</li>
<li>पौष्टिक भोजन लें।</li>
<li>पर्याप्त नींद लें।</li>
<li>रोजाना पर्याप्त पानी पिएं।</li>
<li>घर की साफ-सफाई का ध्यान रखें।</li>
<li>धूल और एलर्जी पैदा करने वाली चीजों से बचें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">बदलते मौसम में फेफड़ों में कफ जमा होना एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। शुरुआत में इसे मामूली खांसी या गले की खराश समझकर नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। समय रहते लक्षणों को पहचानना, पर्याप्त पानी पीना, भाप लेना, घरेलू उपाय अपनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। स्वस्थ जीवनशैली और मजबूत इम्यूनिटी के जरिए इस समस्या से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। फेफड़े हमारे शरीर की सबसे महत्वपूर्ण प्रणालियों में से एक हैं, इसलिए उनकी देखभाल करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/health-alert-these-things-will-immediately-remove-the-phlegm-accumulated/article-85973</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 12:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्री जलालआणा साहिब में एक दिवसीय नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का सफल आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स, सरसा की ओर से ओढ़ां खंड के गांव श्री जलालआणा साहिब में एक दिवसीय नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हॉस्पिटल्स से पहुंचे सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप भादू ने 27 मरीजों की जांच की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/successful-organization-of-one-day-free-medical-checkup-camp-at/article-85959"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/sjs-free-medical-camp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Free Medical Camp: ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स, सरसा की ओर से ओढ़ां खंड के गांव श्री जलालआणा साहिब में एक दिवसीय नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हॉस्पिटल्स से पहुंचे सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप भादू ने 27 मरीजों की जांच की। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ. संदीप भादू ने कहा कि इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है। इसलिए कड़ी धूप में बेवजह बाहर निकलने से बचें। पानी अधिक पीएं और घर में बने तरल पदार्र्थों का इस्तेमाल करें। वहीं डिब्बा बंद व ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थ खाने से परहेज करें, दिनचर्या में योगाभ्यास जरूर करें व डाइट में हरी सब्जियों, छाछ व दही आदि का इस्तेमाल अधिक करें।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं नेत्र विभाग से हर्ष इन्सां ने कहा कि आंखें ईश्वर का अनमोल उपहार है। इनकी समय-समय पर जांच करवाते रहें। घरों से बाहर निकलते समय आंखों पर ध्यान देते हुए ठंडे पानी से छींटे मारें। इस अवसर पर पीआरओ राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश कालांवाली, सतीश इन्सां, जगदीश जैन, सुक्खा सिंह नंबरदार, कुलदीप सिंह व चरणजीत चन्नी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 09:31:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Free Medical Camp: श्रीगुरूसर मोडिया के शाह सतनाम जी जनरल अस्पताल में अनेक मरीजों ने मुफ्त चिकित्सा कैंप का उठाया लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[ डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई कार्यो के तहत शाह सतनाम जी जनरल हस्पताल श्रीगुरूसर मोडिया द्वारा नि:शुल्क मेडिकल चेक-अप कैम्प का आयोजन सोमवार को गाँव उम्मेवाला में किया गया। इस चेक-अप कैम्प में विभिन्न रोगों से सम्बन्धित 69 मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिया गया। नेत्र रोग विभाग से दीप सिंह द्वारा 45 मरीजों को नेत्र रोगों से सम्बन्धित परामर्श नि:शुल्क दिया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/many-patients-took-advantage-of-the-free-medical-camp-at/article-85763"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/free-medical-camp-1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Free Medical Camp: गोलूवाला (सच कहूँ/सुरेन्द्र गुम्बर)। डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई कार्यो के तहत शाह सतनाम जी जनरल हस्पताल श्रीगुरूसर मोडिया द्वारा नि:शुल्क मेडिकल चेक-अप कैम्प का आयोजन सोमवार को गाँव उम्मेवाला में किया गया। इस चेक-अप कैम्प में विभिन्न रोगों से सम्बन्धित 69 मरीजों को नि:शुल्क परामर्श दिया गया। नेत्र रोग विभाग से दीप सिंह द्वारा 45 मरीजों को नेत्र रोगों से सम्बन्धित परामर्श नि:शुल्क दिया गया। वही 13 चयनित मरीजों के सफेद मोतिया के ऑपरेशनन श्रीगुरुसर मोडिया अस्पताल में नि:शुल्क किए जाएँगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम बिश्नोई के द्वारा 21 मरीजों को हार्ट, शुगर, बीपी, लीवर, पेट के समस्त रोगों से,वहीं दंत रोग विभाग से रामपरवेश ने 3 मरीजों को दंत रोगों से सम्बन्धित परामर्श नि:शुल्क दिया। इस दौरान कुल 36 प्रकार की पेशाब व खून जांचों के विशेष पैकेज 4 मरीजों द्वारा बुक करवाये गये यह पैकैज 4500 की बजाय मात्र 1500 रुपए में उपलब्ध होगा। इस शिविर की ग्राम पंचायत उम्मेवाला के प्रशासक मोहनलाल ने भूरि-भूरि प्रंशसा की। इस शिविर में सच्चे नम्र सेवादार पाल सिंह इन्सां, कुनणराम इन्सां आदि उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 09:46:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>White Beard: सिर्फ ये छोटी सी कमी... दाढ़ी कर रही सफेद! जानें कारण व इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[White Beard: सिर्फ ये छोटी सी कमी... दाढ़ी कर रही सफेद! जानिए कारण व इलाज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/white-beard-only-this-small-defect-is-turning-the-beard/article-85748"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/white-beard.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">White Beard:  आज के समय में कम उम्र में बालों और दाढ़ी का सफेद होना एक आम समस्या बनती जा रही है। पहले सफेद बालों को बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था, लेकिन अब 25 से 30 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी यह समस्या तेजी से देखने को मिल रही है। कई लोग इसे छिपाने के लिए हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ लोग क्लीन शेव रखना पसंद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल, तनाव और पोषण की कमी हो सकते हैं।</p>
<p><a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-toll-plaza-news-haryana-people-are-going-to-get/article-85740">Haryana Toll Plaza News: हरियाणा वालों के मिलने जा रही बड़ी खुशखबरी, बंद होने जा रहा ये टोल प्लाजा, जानें सारी डिटेल</a></p>
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<h3 style="text-align:justify;">तनाव बन रहा है बड़ी वजह | White Beard</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आज की प्रतिस्पर्धी जीवनशैली में लोग अपनी क्षमता से अधिक काम कर रहे हैं। लगातार काम का दबाव, करियर की चिंता और निजी जीवन की परेशानियां तनाव और एंग्जायटी को बढ़ावा देती हैं। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर के कई कार्य प्रभावित होते हैं, जिसका असर बालों और दाढ़ी के रंग पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि कम उम्र में दाढ़ी के बाल सफेद होने लगते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मेलेनिन की कमी</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मेलेनिन एक प्राकृतिक पिगमेंट है जो त्वचा, आंखों और बालों को रंग प्रदान करता है। जब शरीर में मेलेनिन का उत्पादन कम होने लगता है, तो बाल और दाढ़ी सफेद होने लगते हैं। मेलेनिन की कमी को दूर करने के लिए हरी सब्जियां, ताजे फल, बेरीज और पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्मोकिंग और ड्रिंकिंग भी हैं जिम्मेदार</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धूम्रपान और शराब का सेवन शरीर के रक्त संचार को प्रभावित करता है। इससे बालों की जड़ों तक पर्याप्त पोषण नहीं पहुंच पाता, जिसके कारण दाढ़ी और बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं। इसलिए इन आदतों से दूरी बनाना जरूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पोषक तत्वों की कमी</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शरीर में विटामिन B12, आयरन, जिंक और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी भी सफेद दाढ़ी का कारण बन सकती है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ बालों की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे करें बचाव?</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।</li>
<li>हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करें।</li>
<li>धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।</li>
<li>नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।</li>
<li>पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यदि कम उम्र में तेजी से दाढ़ी सफेद हो रही है, तो किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना भी उचित रहेगा। सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/white-beard-only-this-small-defect-is-turning-the-beard/article-85748</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 17:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good Sleep Benefits: ''नींद से समझौता यानी अपनी जिंदगी से खिलवाड़''! हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं</title>
                                    <description><![CDATA[आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम और तनाव के बीच अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई लोग कम नींद को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, मोटापा और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/good-sleep-benefits-compromising-sleep-means-playing-with-your-life/article-85593"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/good-sleep-benifits.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम और तनाव के बीच अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई लोग कम नींद को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, मोटापा और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। Good Sleep Benefits</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी और पूरी नींद स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा है। इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना उतना ही जरूरी है, जितना सही खानपान और व्यायाम। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, लगातार कम नींद लेना कम तन मन दोनों की सेहत पर बुरा असर डालता है। सवाल है कि पर्याप्त नींद क्यों जरूरी है? तो हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं, नींद सिर्फ आराम नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन का आधार है।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी नींद से शरीर की कोशिकाएं रिपेयर होती हैं, इम्युनिटी मजबूत होती है, दिमाग तरोताजा रहता है और पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है। रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। नींद की कमी सेहत पर सीधा असर डालती है। सबसे पहले तो दिनभर थकान और सुस्ती बनी रहती है। इससे काम करने की क्षमता घटती है और तनाव बढ़ता है। लंबे समय तक कम नींद लेने से वजन अनियंत्रित रूप से बढ़ सकता है क्योंकि इससे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। Good Sleep Benefits</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएम के अनुसार, कम नींद हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है और दिल की धड़कन प्रभावित होती है। डायबिटीज का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। कम नींद से त्वचा पर भी असर पड़ता है, चेहरे पर झुर्रियां, कालापन और सुस्ती नजर आने लगती है। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, चिंता और याददाश्त कमजोर होना जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अच्छी नींद के लिए रोजाना तय समय पर सोएं और उठें, रात को स्क्रीन (मोबाइल, टीवी) से दूर रहें। हल्का व्यायाम करें, लेकिन सोने से ठीक पहले नहीं, रात का भोजन हल्का रखें, शांत और अंधेरे वाले कमरे में सोएं। अगर आपको लगातार नींद न आने या थकान महसूस हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Good Sleep Benefits</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:40:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Benefits of Stair Climbing: बेहतर फिटनेस चाहिए तो बनाएं रोज सीढ़ियां चढ़ने की आदत</title>
                                    <description><![CDATA[आज के दौर को देखते हुए नेशनल हेल्थ मिशन ने लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल की सलाह दी है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने से हृदय स्वस्थ रहता है, वजन नियंत्रित होता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/benefits-of-stair-climbing-if-you-want-better-fitness-then/article-85416"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/stair-climbing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Benefits of Stair Climbing: नई दिल्ली। आज के दौर में इंसानों की निर्भरता मशीनों पर बढ़ती जा रही है। ये सुविधा भले देते हों मगर शारीरिक गतिविधियों को धीरे-धीरे खत्म भी करते जा रहे हैं। लिफ्ट या एस्केलेटर को ही ले लें तो इनकी वजह से लोग सीढ़ियां चढ़ने से कतराने लगे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट इसे सेहत के लिए सही नहीं मानते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने सीढ़ियों को बेहतर फिटनेस और एनर्जी का जरिया बताते हुए बताया कि छोटी-छोटी आदतें ही बड़े बदलाव लाती हैं। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए रोजमर्रा की छोटी गतिविधियों को सकारात्मक तरीके से बदलना बेहद जरूरी है। इसी क्रम में एनएचएम ने सलाह दी है कि दिन की शुरुआत स्वस्थ तरीके से करने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चुनें। हर कदम आपको बेहतर फिटनेस, नई ऊर्जा और स्वस्थ जीवन की ओर ले जाता है। एनएचएम के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। अगर हम थोड़ा प्रयास करें और सीढ़ियां चढ़ने की आदत डालें तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह छोटी आदत न सिर्फ शरीर को सक्रिय बनाती है बल्कि लंबे समय में गंभीर बीमारियों से भी बचाव करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीढ़ियां चढ़ने के एक नहीं कई फायदे हैं। सीढ़ियां चढ़ना एक बेहतरीन व्यायाम है, जो बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है। इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, वजन नियंत्रण में रहता है और शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने से हृदय स्वस्थ रहता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी संतुलित रहता है। इसके अलावा यह आदत पूरे दिन ऊर्जा से भर देती है। सुबह ऑफिस या घर में सीढ़ियां चढ़कर शुरू किया गया दिन ज्यादा सक्रिय और तरोताजा रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि “एक्टिव बॉडी” बनाए रखने के लिए ऐसी छोटी आदतें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस छोटी सी आदत से बेहतर हार्ट हेल्थ होती है, ज्यादा एनर्जी और स्फूर्ति मिलती है, पैर और हड्डियां मजबूत होती हैं। वजन नियंत्रण में रहता है, सांस संंबंधित समस्याएं दूर होती हैं और तनाव कम व मूड बेहतर होता है। एनएचएम ने लोगों से अपील की है कि जहां भी संभव हो, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। अगर ऑफिस की मंजिल ज्यादा ऊंची है तो कम से कम कुछ मंजिलें सीढ़ियों से चढ़कर शुरू करें। धीरे-धीरे इस आदत को बढ़ाया जा सकता है। Health News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/benefits-of-stair-climbing-if-you-want-better-fitness-then/article-85416</link>
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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 12:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Skin Care Tips: बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम से बढ़ रहे त्वचा रोग, बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी : डॉ. आर पी मान</title>
                                    <description><![CDATA[Skin Care Tips: गर्मी और बदलते मौसम में त्वचा पर दाने, खुजली, रैशेज और जलन की समस्या बढ़ सकती है। जानिए स्किन को स्वस्थ, साफ और चमकदार बनाए रखने के आसान घरेलू उपाय, बचाव के तरीके और एक्सपर्ट टिप्स।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/dr-rp-mann-it-is-necessary-to-be-alert-to/article-85286"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/skin-care-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Skin Care Tips:  पिहोवा, जसविंद्र सिंह।</strong>  लगातार बढ़ रही गर्मी, तेज धूप और तापमान में हो रही बढ़ोतरी के चलते लोगों को त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। फंगस, एलर्जी, घमौरियां और त्वचा संक्रमण के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। इसी विषय को लेकर आज मान अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर पी मान से खास बातचीत की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. मान ने बताया कि बदलते मौसम और अत्यधिक गर्मी का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में अत्यधिक पसीना आने, नमी बढ़ने और तेज धूप के संपर्क में आने से त्वचा कई प्रकार की समस्याओं की चपेट में आ जाती है। उन्होंने कहा कि इन दिनों सबसे ज्यादा मरीज फंगल इंफेक्शन, एलर्जी और त्वचा में जलन जैसी समस्याओं को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में घमौरियां होना एक आम समस्या है। अधिक पसीना आने और रोमछिद्र बंद होने के कारण पीठ, गर्दन और छाती पर लाल दाने निकल आते हैं, जिनमें खुजली और जलन महसूस होती है। वहीं तेज धूप में मौजूद हानिकारक किरणों के कारण सनबर्न की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे त्वचा लाल पड़ जाती है और बाद में पपड़ी बनकर उतरने लगती है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. मान ने कहा कि नमी और पसीने के कारण जांघों के बीच, बगल और पैरों की उंगलियों में फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे दाद, खाज और खुजली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा गर्मी और उमस के कारण त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने से एक्जिमा जैसी पुरानी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। वहीं बढ़ते तापमान से त्वचा में तेल (सीबम) अधिक बनने लगता है, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और चेहरे पर मुहांसे व पिंपल निकलने लगते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। हमेशा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि त्वचा को हवा मिलती रहे। घर से बाहर निकलने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाला सनस्क्रीन और लोशन लगाना चाहिए। दिन में कम से कम दो बार स्नान करें और त्वचा को साफ व सूखा रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. आर पी मान ने कहा कि तला हुआ और अत्यधिक मसालेदार भोजन खाने से भी त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं, इसलिए खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि त्वचा पर किसी भी प्रकार का संक्रमण, लाल चकत्ते, खुजली या जलन लंबे समय तक बनी रहे तो तुरंत किसी अच्छे त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें, ताकि समय रहते बीमारी का इलाज किया जा सके। किसी तरह की भी त्वचा संबंधी एलर्जी या रोग होने पर संपर्क करें :- डॉक्टर मान हॉस्पिटल नजदीक  जिला न्यायालय, ऋषि नगर हुड्डा सेक्टर -19 कैथल और नजदीक पुरानी बिल्डिंग एलआईसी कैथल रोड पिहोवा 9996926626</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 17:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>Summer Skin Care: तेज धूप में भी दमकेगा चेहरा, बस अपनाएं ये खास स्किन केयर टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[Summer Skin Care:गर्मियों में सनबर्न और टैनिंग से बचने के लिए अपनाएं ये आसान स्किन केयर टिप्स। जानिए कैसे रखें अपनी त्वचा को हेल्दी, फ्रेश और नेचुरली ग्लोइंग।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/your-face-will-glow-even-in-bright-sunlight-just-adopt/article-85206"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/summer-skin-care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Skin Care: गर्मियों के मौसम में तेज धूप, गर्म हवाएं और पसीना त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से सनबर्न, टैनिंग, रुखापन और चेहरे की चमक कम होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में अगर सही तरीके से स्किन की देखभाल की जाए तो त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग रखा जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धूप में निकलने से पहले जरूर लगाएं सनस्क्रीन Summer Skin Care:</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में घर से बाहर निकलने से लगभग 20 मिनट पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं। इससे त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद मिलती है। कोशिश करें कि SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शरीर को रखें हाइड्रेट</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी में शरीर में पानी की कमी का असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन भी त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चेहरे को बार-बार साफ करें</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी में पसीना और धूल चेहरे पर जमा होकर पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ा सकते हैं। ऐसे में दिन में 2-3 बार हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">घरेलू फेस पैक से मिलेगा नेचुरल ग्लो</h3>
<p style="text-align:justify;">दही, बेसन, एलोवेरा और खीरे जैसे घरेलू उपाय त्वचा को ठंडक देने और टैनिंग कम करने में मदद कर सकते हैं। हफ्ते में 1-2 बार फेस पैक लगाने से चेहरे पर नेचुरल ग्लो बना रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धूप से बचाव भी है जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">तेज धूप में बाहर निकलते समय चेहरे को स्कार्फ, टोपी या छाते से कवर करें। इससे सनबर्न और टैनिंग की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खानपान का रखें ध्यान</h3>
<p style="text-align:justify;">हरी सब्जियां, मौसमी फल और विटामिन-C युक्त चीजों का सेवन त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। ज्यादा तला-भुना और जंक फूड खाने से बचें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अच्छी नींद भी है जरूरी</h4>
<p style="text-align:justify;">पर्याप्त नींद लेने से त्वचा रिपेयर होती है और चेहरे की चमक बनी रहती है। रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:07:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Healthy Lifestyle Tips: 50 की उम्र में भी दिखना है जवान, डेली रूटीन में शामिल करें ये आदतें, एक्सपर्ट से जानें</title>
                                    <description><![CDATA[Healthy Lifestyle Tips: 50 की उम्र में भी दिखना है जवान, डेली रूटीन में शामिल करें ये आदतें, एक्सपर्ट से जानें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/to-look-young-even-at-the-age-of-50-include/article-85204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/healthy-lifestyle-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Healthy Lifestyle Tips:  अनु सैनी। </strong>अगर आप 40 या 50 की उम्र के पड़ाव पर हैं और सोचते हैं कि अब सेहत सुधारने का समय निकल चुका है, तो यह रिसर्च आपकी सोच बदल सकती है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक बड़ी स्टडी ने यह साबित किया है कि इस उम्र में भी अगर आप कुछ जरूरी चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर लें, तो आप ना सिर्फ लंबी उम्र जी सकते हैं बल्कि बुज़ुर्गावस्था में भी स्वस्थ, सक्रिय और मानसिक रूप से संतुलित रह सकते हैं। यह रिसर्च Nature Medicine में प्रकाशित हुई है, जिसमें 1 लाख 5 हजार से अधिक लोगों की डाइट और स्वास्थ्य स्थिति को करीब 30 साल तक ट्रैक किया गया। शोध में 39 से 69 साल के लोगों को शामिल किया गया और उनकी डाइट व जीवनशैली में आए बदलावों का असर देखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब भी देर नहीं – अगर आप शाकाहारी हैं या बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है इस स्टडी की खास बात यह है कि यह बताती है – अगर आपने पहले असंतुलित भोजन किया है, तब भी अब बदलाव करने से फायदा हो सकता है। यानी 40 या 50 की उम्र में भी अगर आप एक संतुलित, शाकाहारी और पौधों पर आधारित भोजन शुरू करते हैं, तो यह आपके जीवन को सकारात्मक रूप से बदल सकता है। यह न केवल लंबी उम्र की संभावना बढ़ाता है, बल्कि आपको गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है, जैसे – हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और मानसिक समस्याएं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">70 की उम्र में भी रहे मजबूत और बीमारियों से दूर – जानिए 'हेल्दी एजर्स' का रहस्य</h5>
<p style="text-align:justify;">शोधकर्ताओं ने उन लोगों को "हेल्दी एजर्स" कहा, जो 70 की उम्र तक भी किसी गंभीर बीमारी से बचे रहे और शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बने रहे। उन्होंने पाया कि जिन लोगों की डाइट पौष्टिक, संतुलित और मुख्यतः शाकाहारी थी, वे इस हेल्दी एजर्स ग्रुप में शामिल होने की संभावना में कहीं आगे थे। जो लोग हार्वर्ड द्वारा सुझाए गए AHEI यानी Alternative Healthy Eating Index का पालन करते थे, उनमें 70 की उम्र तक स्वस्थ रहने की संभावना 86% तक ज्यादा थी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">AHEI क्या है और इसे क्यों अपनाना चाहिए? Healthy Lifestyle Tips</h4>
<p style="text-align:justify;">AHEI कोई सख्त डाइट चार्ट नहीं है, बल्कि यह एक संतुलित और लंबे समय तक अपनाई जा सकने वाली भोजन शैली है। इसमें बताया गया है कि कौन-कौन सी चीजें आपकी डाइट में होनी चाहिए, जो शरीर को भरपूर पोषण दें और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें।<br />AHEI में शामिल करने योग्य शुद्ध शाकाहारी चीजें:-</p>
<h5 style="text-align:justify;">हरी सब्जियां और मौसमी फल</h5>
<ul>
<li style="text-align:justify;">साबुत अनाज जैसे – ब्राउन राइस, ओट्स, ज्वार, बाजरा</li>
<li style="text-align:justify;">दालें और फलियां – जैसे चना, मूंग, मसूर, राजमा</li>
<li style="text-align:justify;">नट्स और बीज – जैसे बादाम, अखरोट, फ्लैक्ससीड, चिया सीड</li>
<li style="text-align:justify;">हेल्दी तेल – जैसे ऑलिव ऑयल, सरसों तेल, नारियल तेल</li>
<li style="text-align:justify;">कम फैट वाला दूध या उससे बने उत्पाद – जैसे लो-फैट दही, पनीर</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इन चीजों को अपनी रोजमर्रा की थाली में शामिल करने से शरीर को जरूरी फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स मिलते हैं, जो आयु बढ़ाने और बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन चीजों से बनाएं दूरी – नहीं तो सेहत पर पड़ेगा असर</h4>
<p style="text-align:justify;">स्वस्थ जीवन जीने के लिए सिर्फ अच्छी चीजें खाना ही जरूरी नहीं है, कुछ नुकसानदायक चीजों से बचना भी उतना ही जरूरी है। वैज्ञानिकों ने कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को ऐसे बताया है, जो उम्र के साथ स्वास्थ्य को कमजोर कर सकते हैं।<br />इनसे दूरी बनाना फायदेमंद रहेगा:-</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">मीठे पेय पदार्थ – जैसे कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस</li>
<li style="text-align:justify;">बहुत ज्यादा नमक – हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्या का कारण बन सकता है</li>
<li style="text-align:justify;">ट्रांस फैट – जैसे बाजार में मिलने वाले चिप्स, नमकीन, पेस्ट्री</li>
<li style="text-align:justify;">प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड – जैसे इंस्टेंट नूडल्स, कुकीज़, फ्रोजन फूड</li>
<li style="text-align:justify;">बहुत ज्यादा चीनी – डायबिटीज और मोटापे का कारण बन सकती है</li>
<li style="text-align:justify;">इन सभी चीजों से जितना दूर रहेंगे, आपकी सेहत उतनी बेहतर बनी रहेगी।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">75 की उम्र में भी एक्टिव और दवाओं से दूर रहना है तो आज से शुरू करें</h4>
<p style="text-align:justify;">स्टडी में यह भी साफ हुआ कि जो लोग 50 की उम्र के बाद भी अपनी डाइट को सही दिशा में लेकर गए, यानी ज्यादा हरी सब्जियां, फल, अनाज और हेल्दी फैट लेने लगे – उनकी 75 की उम्र में भी सेहत खराब नहीं थी, जबकि जो लोग अनहेल्दी खाना खाते रहे, उनमें बीमारियों का खतरा काफी अधिक था। यह साबित करता है कि अभी भी समय है, और आप आज से ही बदलाव कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिमाग भी रहेगा तेज और मन भी खुश रहेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">AHEI डाइट फॉलो करने वालों में सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग भी फिट रहा। ऐसे लोगों में डिप्रेशन, भूलने की बीमारी, तनाव और थकावट जैसे मानसिक लक्षणों की संभावना बहुत कम पाई गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि संतुलित शाकाहारी आहार मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।<br />इन 6 आदतों को अपनाएं और खुद को नई जिंदगी दें:-<br />1. हर दिन अपनी थाली में हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल जरूर रखें<br />2. साबुत अनाज जैसे ओट्स, बाजरा, ज्वार को भोजन में शामिल करें<br />3. बाजार के पैक्ड या प्रोसेस्ड फूड से बचें, घर का ताजा खाना खाएं<br />4. मीठे पेय और ज्यादा नमक-तेल से दूरी बनाए<br />5. रोज़ाना 5-10 बादाम, अखरोट या बीज जैसे फ्लैक्ससीड जरूर लें<br />6. नियमित योग, हल्का व्यायाम और भरपूर पानी पिएं</p>
<h4 style="text-align:justify;">सेहत के लिए कभी देर नहीं होती – आज से ही शुरुआत करें</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापा भी जवानों जैसा लगे, तो आज से ही अपनी डाइट और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव शुरू करें। यह कोई कठिन काम नहीं है – सिर्फ प्राकृतिक, शुद्ध और शाकाहारी भोजन अपनाइए, और खुद में आने वाले बदलाव को महसूस कीजिए। एक पौष्टिक थाली ही आपकी लंबी, तंदुरुस्त और खुशहाल जिंदगी की चाबी है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:38:52 +0530</pubDate>
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