<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/category-1621" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>संस्कृति एवं समाज - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/category/1621/rss</link>
                <description>संस्कृति एवं समाज RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>समाज में उत्थान के लिए पंच परिवर्तन जरूरी: वीरेंद्र पाल</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुल सचिव वीरेंद्र सिंह पाल ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए पत्रकारों को अपनी कलम का प्रयोग करना चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/virendra-pal-panch-parivartan-is-necessary-for-upliftment-in-the/article-85336"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/karnal-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>करनाल (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Karnal News: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुल सचिव वीरेंद्र सिंह पाल ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए पत्रकारों को अपनी कलम का प्रयोग करना चाहिए। समाज के उत्थान के लिए पंच परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज समाज जिस दिशा में जा रहा है वह चिंतनीय है। हमे पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन,स्व का भाव, नागरिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक समरसता और पर्यावरण की रक्षा का भाव जगाना चाहिए। वह आज करनाल के सेवाश्री आश्रम में विश्व समाज केंद्र द्वारा आयोजित नारद जयंती समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाहक धनेश डिमरी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक सुधीर कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अतिथियों ने नारद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आए हुए अतिथियों का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए वीरेंद्र पाल ने कहा कि आज पत्रकारों को समाज और राष्ट्र के हित में सकारात्मक मुद्दों को अपनी लेखन का विषय बनाना चाहिए। आज जिस प्रकार देश और समाज बदलाव के दौर से गुजर रहा है उसके चलते परिवार और समाज खतरे में है। आज देश वैश्विक चुनौतियों से भी जूझ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें नागरिक कर्तव्य और स्वदेशी के साथ-साथ स्व का बोध जैसे विषय उठाने होंगे और इन्हें समाज के सामने लाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ऐसी होनी चाहिए जो समाज को दिशा दे, न कि दिशाहीन करे। उन्होंने देवर्षि नारद को धरातल से जुड़े निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार बताया, जो घटनाओं को बिना संशोधन के समाज के समक्ष रखते थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में समाज हित व राष्ट्रहित का ध्यान रखना चाहिए और पत्रकारिता में तथ्यों की पूर्ण जानकारी रख उजागर करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को भी भविष्य में  आने वाली चुनोतियो के बारे में बताया और शुभकामनाएं दी। </p>
<p style="text-align:justify;">कुलसचिव ने कहा कि देवर्षि नारद ने कभी यश-अपयश की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारों को भी निडर होकर समाजहित में तथ्यपरक पत्रकारिता करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से अध्ययनशील और विवेकी पत्रकार बनने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने उद्बोधन में वीरेंद्र पाल ने कहा कि एक पत्रकार को निडर और निष्पक्ष होना चाहिए, लेकिन जब राष्ट्रहित का प्रश्न हो, तो राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए पत्रकारिता करनी चाहिए।  संगोष्ठी में जिले भर से पत्रकार,छायाकार व पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/karnal-news1.jpg" alt="Karnal News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/virendra-pal-panch-parivartan-is-necessary-for-upliftment-in-the/article-85336</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/virendra-pal-panch-parivartan-is-necessary-for-upliftment-in-the/article-85336</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:43:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/karnal-news1.jpg"                         length="151239"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाज सेवा शिविरों में विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश, पक्षियों के लिए बांधे परिंडे</title>
                                    <description><![CDATA[ब्लॉक के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे पंद्रह दिवसीय समाज सेवा शिविरों के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/in-social-service-camps-students-gave-the-message-of-environment/article-85038"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/tibbi-news5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिब्बी (सच कहूँ/अंकित वधवा )। </strong>Tibbi News: ब्लॉक के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे पंद्रह दिवसीय समाज सेवा शिविरों के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने समाज को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता के आदर्शों को जीवन में उतारने का कड़ा और सकारात्मक संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">विभिन्न विद्यालयों में आयोजित इन शिविरों में विद्यार्थियों ने श्रमदान किया और समाज सेवा की विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सीबीईओ ने किया निरीक्षण, दिए महत्वपूर्ण निर्देश</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) राजेश अरोड़ा ने ग्राम पंचायत पन्नीवाली और टिब्बी के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सहित विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। पन्नीवाली में प्रधानाचार्य हरलाल ढाका और शिविर प्रभारी अंजू जैन की उपस्थिति में राजेश अरोड़ा ने विद्यार्थियों को आगामी दिनों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आपदा प्रबंधन के तहत अग्निशमन यंत्रों का उपयोग, फर्स्ट एड, सीपीआर (CPR) की जानकारी, गांवों में विभिन्न प्रकार के सर्वे, कंप्यूटर कार्य और उपयोगी वस्तुओं के निर्माण जैसे कौशल सीखने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विभिन्न विद्यालयों में आयोजित प्रमुख गतिविधियां</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>ग्राम पंचायत पन्नीवाली:</strong> विद्यार्थियों ने किचन गार्डन, स्कूल पार्क और कक्षा-कक्षों में स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (टिब्बी):</strong> शिविर प्रभारी कमल कुमार के मार्गदर्शन में दिन की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। यहाँ सार्वजनिक स्थलों की सफाई, पौधारोपण, पौध संरक्षण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने के लिए सामूहिक श्रमदान किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सलेमगढ़ मसानी:</strong> प्रधानाचार्य शिवकुमार बिश्नोई के नेतृत्व में पर्यावरण और जल संरक्षण के महत्व पर निबंध व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बेजुबान पक्षियों के लिए पानी के परिंडे बांधे गए और विद्यार्थियों को योगाभ्यास करवाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तंदूर वाली:</strong> प्रधानाचार्य मंजू सहारण के मार्गदर्शन में पेड़ों की ट्रिमिंग (कटाई-छंटाई), पौधों की देखभाल, कचरा निस्तारण और जल संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डबली खुर्द:</strong> प्रधानाचार्य सतीश अरोड़ा के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आमजन को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ग्राम पंचायत 2 KSP:</strong> शिविर प्रभारी बलवीर तनान के मार्गदर्शन में द्वितीय दिवस पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इनके अलावा, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुलचंद्र गुड़िया, बशीर, बालिका बशीर, रामपुरा उर्फ रामसरा आदि में भी शिविर प्रभारियों के निर्देशन में विद्यार्थियों ने समाज सेवा की विभिन्न गतिविधियों में पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। यह 15 दिवसीय शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/tibbi-news5.jpg" alt="Tibbi News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/in-social-service-camps-students-gave-the-message-of-environment/article-85038</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/in-social-service-camps-students-gave-the-message-of-environment/article-85038</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 16:27:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/tibbi-news5.jpg"                         length="154015"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालयों में 15 दिवसीय समाज सेवा शिविरों का शानदार आगाज़, विद्यार्थियों ने श्रमदान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों में 15 दिवसीय समाज सेवा शिविरों का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। इन शिविरों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने सामूहिक श्रमदान में बढ़-चढ़कर भाग लिया ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/great-start-of-15-day-social-service-camps-in-schools/article-84982"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/tibbi-news4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>​टिब्बी (सच कहूँ/अंकित वधवा)।</strong> Tibbi News: ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों में 15 दिवसीय समाज सेवा शिविरों का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। इन शिविरों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने सामूहिक श्रमदान में बढ़-चढ़कर भाग लिया और आमजन को पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। ​शिविर के प्रथम दिन ब्लॉक के अलग-अलग विद्यालयों में विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनका विवरण इस प्रकार है:</p>
<h4 style="text-align:justify;">​महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (टिब्बी नगरपालिका):</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य जगदीश कुमार के मार्गदर्शन में शिविर की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। यहां विद्यार्थियों ने सार्वजनिक स्थलों की सफाई, पौधारोपण, पौधों का संरक्षण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक श्रमदान कर जागरूकता फैलाई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">​राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (ग्राम पंचायत 4 KSP):</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य कृष्णा चौधरी के नेतृत्व में शिविर का विधिवत शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">​राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (सिलवाला कलां):</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विविध प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया और श्रमदान के जरिए ग्रामीणों को पर्यावरण बचाने का प्रभावी संदेश दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">​राजकीय विद्यालय (तंदूरवाली):</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य सुनील कुमार के मार्गदर्शन में विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पेड़ों की ट्रिमिंग (छंटाई), पौधों की देखभाल, कचरा निस्तारण और जल संरक्षण से जुड़ी विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">​राजकीय विद्यालय (सलेमगढ़ मसानी):</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य शिवकुमार बिश्नोई के नेतृत्व में स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने पर्यावरण और जल को सहेजने के कार्यों में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">​इन 15 दिवसीय शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों में न केवल सेवा भाव का विकास हो रहा है, बल्कि वे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन शिविरों के तहत जन-जागरूकता के कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/tibbi-news4.jpg" alt="Tibbi News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/great-start-of-15-day-social-service-camps-in-schools/article-84982</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/great-start-of-15-day-social-service-camps-in-schools/article-84982</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 16:43:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/tibbi-news4.jpg"                         length="211317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असमाई मंदिर में भजन जैमिंग कार्यक्रम बना एकता और संस्कृति का प्रतीक</title>
                                    <description><![CDATA[यूनाइटेड किंगडम के जॉनसन स्ट्रीट स्थित असमाई मंदिर में आयोजित भजन जैमिंग एवं यूथ सम्मान समारोह ने भाईचारे, संस्कृति और युवा शक्ति की मिसाल पेश की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bhajan-jamming-program-in-asmai-temple-became-a-symbol-of/article-84933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/pehowa-news1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Pehowa News: यूनाइटेड किंगडम के जॉनसन स्ट्रीट स्थित असमाई मंदिर में आयोजित भजन जैमिंग एवं यूथ सम्मान समारोह ने भाईचारे, संस्कृति और युवा शक्ति की मिसाल पेश की। कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक पंडित अभिषेक शर्मा और बैंड सदस्य धैर्य नायक की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अफगान हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय सहित विभिन्न प्रोफेशनल्स, युवाओं और बुजुर्गों ने भाग लेकर एकता का संदेश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सांसद सिमा मल्होत्रा एवं विशेष अतिथि करिश्मा, विजय भी मौजूद रहीं। बीबीसी अपरेंटिस   2026 जीतने पर करिश्मा विजय और उनके परिवार को विशेष सम्मान दिया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पूरे आयोजन का संचालन मंदिर की युवा टीम ने मात्र दो सप्ताह में सफलतापूर्वक किया, जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान अफगान हिन्दू प्रोफेशनल नेटवर्क की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य प्रोफेशनल्स को एक मंच पर जोड़कर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। आयोजकों ने कहा कि युवाओं के नेतृत्व में भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/pehowa-news1.jpg" alt="Pehowa News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bhajan-jamming-program-in-asmai-temple-became-a-symbol-of/article-84933</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bhajan-jamming-program-in-asmai-temple-became-a-symbol-of/article-84933</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:17:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/pehowa-news1.jpg"                         length="162483"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों का किया सम्मान </title>
                                    <description><![CDATA[शिकोहाबाद में नेशनल हाईवे स्थित रितु रेस्टोरेंट में संस्कृति विश्वविद्यालय मथुरा द्वारा शिक्षक सम्मान व अभिवादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sanskriti-university-honored-teachers-by-organizing-a-program/article-84637"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/firozabad-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजाबाद (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Firozabad News: शिकोहाबाद में नेशनल हाईवे स्थित रितु रेस्टोरेंट में संस्कृति विश्वविद्यालय मथुरा द्वारा शिक्षक सम्मान व अभिवादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में ज्ञानदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ रजनी यादव रही। कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले शिक्षक प्रहलादराय टीकमानी इंटर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य अजय शर्मा, राधा मोहन फ़रसैय्या स्कूल के गिरिराज सिंह जादौन, रोहित यादव, सिरसागंज पब्लिक स्कूल के सुखेंद्र यादव समेत कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"> इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों का स्थान सर्वोपरि होता है। एक शिक्षक ही होता है जो छात्र छात्राओं को अच्छा मुकाम हासिल करने की प्रेरणा देता है तथा अपनी शिक्षा के बल पर वो बच्चों को काफी ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करता है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान होना गर्व की बात है । इस मौके पर अरुण यादव, कौशलेंद्र यादव, संस्कृति विश्वविद्यालय से एडमिशन मैनेजर जावेद अली, विजय सक्सेना, एडमिशन मैनेजर शिवांगी आदि मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/firozabad-news.jpg" alt="Firozabad News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sanskriti-university-honored-teachers-by-organizing-a-program/article-84637</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sanskriti-university-honored-teachers-by-organizing-a-program/article-84637</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:57:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/firozabad-news.jpg"                         length="92333"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोड़ी की साध-संगत ने पक्षियों के चोगे पानी के लिए किया समाज को प्रेरित</title>
                                    <description><![CDATA[ डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई पक्षियों उद्धार मुहिम के तहत रोड़ी ब्लॉक की साध-संगत ने बप्पां में आयोजित नामचर्चा दौरान सैकड़ों पानी के सकोरे बांटते हुए पक्षियों के लिए चोगे पानी का प्रबंध करने का प्रण लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rodis-companionship-inspired-the-society-to-provide-water-for-the/article-84485"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/buppan-bird-welfare.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ/राजू)। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई पक्षियों उद्धार मुहिम के तहत रोड़ी ब्लॉक की साध-संगत ने बप्पां में आयोजित नामचर्चा दौरान सैकड़ों पानी के सकोरे बांटते हुए पक्षियों के लिए चोगे पानी का प्रबंध करने का प्रण लिया। नामचर्चा की शुरूआत विनती भजन के साथ हुई। तदोपरांत कविराज ने मुर्शिद के प्रेम प्रथाए भजनों द्वारा साध-संगत को लाभांवित किया। नामचर्चा का लाभ उठाने के लिए भीषण गर्मी की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में साध-संगत मौजूद रही। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक पवन इन्सां ने साध-संगत का इलाही नारा लगाकर नामचर्चा में पहुंचने पर स्वागत करते हुए कहा कि पूज्य गुरु जी ने हमें जो मानवता भलाई कार्य का रास्ता दिखाया है हमें उस पर चलते हुए अधिक से अधिक परहित के कार्य करने हैं। वहीं उन्होंने गर्मी के मौसम के मद्देनजर साध-संगत से आह्वान किया कि बेजुबान पशु पक्षियों के लिए अपने घरों के आसपास चोगे पानी का प्रबंध करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि शाम को खेतों से लौटते समय कुछ पल के लिए बोरवेल जरूर चलाकर आएं ताकि रात के समय खेतों में रहने वाले जीव जंतु अपनी प्यास बुझा सकें। वहीं नामचर्चा में पहुंचे सच्चे नम्र सेवादार यादविंद्र इन्सां ने भी साध-संगत को मानवता भलाई कार्य करने के लिए प्रेरित किया। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rodis-companionship-inspired-the-society-to-provide-water-for-the/article-84485</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rodis-companionship-inspired-the-society-to-provide-water-for-the/article-84485</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 11:25:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/buppan-bird-welfare.jpg"                         length="86550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'समाज को जोड़ने के लिए सेतु का रोल अदा करें मुसलमान'</title>
                                    <description><![CDATA[अल कुरआन अकादमी कैराना के निदेशक मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा है कि वर्तमान समय में जब समाज अविश्वास, अफवाहों और तनाव के कारण विभाजित हो रहा है, ऐसे में मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है कि वह शांति, संयम और सच्चाई के वाहक बनें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/muslims-should-play-the-role-of-bridge-to-connect-the/article-83934"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/kairana-news-(6).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana News: अल कुरआन अकादमी कैराना के निदेशक मुफ़्ती अतहर शम्सी ने कहा है कि वर्तमान समय में जब समाज अविश्वास, अफवाहों और तनाव के कारण विभाजित हो रहा है, ऐसे में मुसलमानों की ज़िम्मेदारी है कि वह शांति, संयम और सच्चाई के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि इस्लाम की बुनियादी शिक्षाएं 'कुरआन और सुन्नत' स्पष्ट रूप से यह निर्देश देती हैं कि उकसावे के जवाब में धैर्य, अफवाहों के स्थान पर सत्यापन और टकराव के बजाय सुलह को अपनाया जाए।  उन्होंने कुरआन की आयतों का हवाला देते हुए कहा कि एक मोमिन की पहचान यह है कि उसके शब्दों और कर्मों से दूसरों को सुरक्षा मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">मुफ़्ती अतहर शम्सी ने विशेष रूप से सोशल मीडिया के दौर में बिना जांच-पड़ताल के खबरें फैलाने को गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह न केवल समाज में दरारें बढ़ाता है बल्कि हिंसा को भी जन्म दे सकता है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की है कि वह हर सूचना को परखें और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद(सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की ज़िन्दगी हमें सिखाती है कि वास्तविक शक्ति बदले में नहीं, बल्कि क्षमा, संयम और करुणा में है। ऐसे समय में मुसलमानों को चाहिए कि वह समाज में सेतु(पुल) का कार्य करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/muslims-should-play-the-role-of-bridge-to-connect-the/article-83934</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/muslims-should-play-the-role-of-bridge-to-connect-the/article-83934</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 19:47:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/kairana-news-%286%29.jpg"                         length="36431"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साझा चूल्हा: हमारी संयुक्त संस्कृति की पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत की संस्कृति विविधताओं से भरी होने के बावजूद एक गहरे आपसी जुड़ाव की भावना से ओत-प्रोत रही है। यह संस्कृति केवल रीति-रिवाजों या त्योहारों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में भी बसती है। पुराने समय में संयुक्त परिवार और साझा चूल्हा इस संस्कृति के सबसे जीवंत उदाहरण हुआ करते थे। पहले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-shared-hearth-an-emblem-of-our-collective-culture/article-82437"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/the-shared-hearth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत की संस्कृति विविधताओं से भरी होने के बावजूद एक गहरे आपसी जुड़ाव की भावना से ओत-प्रोत रही है। यह संस्कृति केवल रीति-रिवाजों या त्योहारों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में भी बसती है। पुराने समय में संयुक्त परिवार और साझा चूल्हा इस संस्कृति के सबसे जीवंत उदाहरण हुआ करते थे। पहले घर का चूल्हा पूरे परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखता था। परिवार की महिलाएं मिलकर चूल्हा तैयार करतीं और उसी पर पूरे परिवार के लिए भोजन बनता था। मिट्टी, ईंट और भूसे से बने इस चूल्हे में केवल रोटियां ही नहीं, बल्कि रिश्ते भी मजबूत होते थे। सर्दियों के मौसम में पूरा परिवार चूल्हे के आसपास बैठकर खाना खा रहा होता और आग भी सेक रहा होता। खेतों में काम करने वाले लोग भी घर लौटकर इसी चूल्हे का बना खाना खाते।</p>
<p style="text-align:justify;">चूल्हे के आसपास का स्थान किसी खुले रसोईघर जैसा होता था, जहाँ हँसी-मजाक, बातचीत और मिलजुलकर काम करने का माहौल रहता था। महिलाएँ इसे सजाती-संवारती थीं और अपनी कला का प्रदर्शन करती थीं। दीवारों पर बनाए गए चित्र, साफ-सुथरा आँगन और चमकते बर्तन उस समय की सादगी में छिपी सुंदरता को दर्शाते थे। मेहमान सत्कार भी उस समय की खास पहचान थी। घर में आए मेहमान को सबसे पहले भोजन कराया जाता था और बुजुर्गों का विशेष सम्मान किया जाता था। त्योहारों पर घर में ही पकवान बनते थे, जिनकी खुशबू पूरे घर को आनंद से भर देती थी। संयुक्त परिवार और साझा चूल्हा बच्चों के लिए संस्कारों की पहली पाठशाला भी थे। यहाँ बच्चे बिना किसी किताब के ही सीख जाते थे कि मिलजुलकर रहना, बाँटकर खाना और एक-दूसरे की मदद करना क्या होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आधुनिक जीवनशैली में संयुक्त परिवार टूटकर छोटे परिवारों में बदल गए हैं और साझा चूल्हे की जगह गैस स्टोव और माइक्रोवेव ने ले ली है। इससे सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन आपसी मेलजोल और भावनात्मक जुड़ाव कम होता जा रहा है। जरूरत इस बात की है कि हम अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को समझें और उसे अपने जीवन में फिर से स्थान दें। भले ही समय बदल गया हो, लेकिन मिलकर बैठकर खाना, परिवार के साथ समय बिताना और रिश्तों को महत्व देना आज भी उतना ही जरूरी है। यदि हम इन छोटे-छोटे प्रयासों को अपनाएँ, तो साझा चूल्हे की वह पुरानी भावना फिर से जीवित हो सकती है। यही हमारी संयुक्त संस्कृति की असली ताकत है- जहाँ रिश्ते केवल निभाए नहीं जाते, बल्कि दिल से जिए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एडवोकेट रविन्द्र सिंह धालीवाल </strong><strong>पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-shared-hearth-an-emblem-of-our-collective-culture/article-82437</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/the-shared-hearth-an-emblem-of-our-collective-culture/article-82437</guid>
                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 11:54:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/the-shared-hearth.jpg"                         length="56548"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Banda Kalinjar Mahotsav 2026: संस्कृति की आत्मा’ के संगम में सजेगा बुंदेलखंड, बांदा बनेगा सांस्कृतिक राजधानी!</title>
                                    <description><![CDATA[Banda Kalinjar Mahotsav 2026: बांदा। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में अवस्थित ऐतिहासिक नगरी बांदा 15 से 17 फरवरी तक सांस्कृतिक आभा से आलोकित होगी। ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ विषयवस्तु पर आधारित कालिंजर महोत्सव–2026 तीन दिवसीय आयोजन के रूप में विरासत, पर्यटन और लोक सहभागिता का सजीव उत्सव बनेगा। कटरा कालिंजर मेला मैदान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bundelkhand-will-be-celebrated-at-the-confluence-of-the-soul-of-culture-banda-will-become-the-cultural-capital/article-81265"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/banda-bundelkhand.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Banda Kalinjar Mahotsav 2026: बांदा। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में अवस्थित ऐतिहासिक नगरी बांदा 15 से 17 फरवरी तक सांस्कृतिक आभा से आलोकित होगी। ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ विषयवस्तु पर आधारित कालिंजर महोत्सव–2026 तीन दिवसीय आयोजन के रूप में विरासत, पर्यटन और लोक सहभागिता का सजीव उत्सव बनेगा। कटरा कालिंजर मेला मैदान में आयोजित इस समारोह का संचालन जिला प्रशासन और पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। ऐतिहासिक Kalinjar Fort की भव्य पृष्ठभूमि इस महोत्सव को विशिष्ट गरिमा प्रदान करेगी। Kalinjar Mahotsav</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने कहा कि यह आयोजन बुंदेलखंड की सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि बुंदेली लोकनृत्य, आल्हा गायन, भक्ति संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां क्षेत्रीय परंपराओं को व्यापक मंच प्रदान करेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खेल और प्रतिभा प्रदर्शन का संगम | Kalinjar Mahotsav</h3>
<p style="text-align:justify;">महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 15 फरवरी को खो-खो, 16 फरवरी को कबड्डी तथा 17 फरवरी को पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता होगी। इससे युवाओं में उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा मिलेगा। ‘बांदा गॉट टैलेंट’ कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देगा। 15 फरवरी को विद्यालय स्तर, 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तर और 17 फरवरी को जनपद स्तरीय प्रतिभाओं की विशेष प्रस्तुतियां होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिदिन अपराह्न 4 से 6 बजे तक ‘स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर’ कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेली लोकनृत्य और वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात सायं 6 से रात्रि 10 बजे तक भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। समापन दिवस पर चर्चित गायिका Mamta Sharma अपनी प्रस्तुति देंगी, जिससे आयोजन का समापन स्मरणीय बनने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वरोजगार और ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहन | Kalinjar Mahotsav</h3>
<p style="text-align:justify;">मंडलीय सरस मेले में National Rural Livelihood Mission से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इससे स्थानीय उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात ने कहा कि यह आयोजन बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कालिंजर महोत्सव–2026 पर्यटन संवर्धन, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bundelkhand-will-be-celebrated-at-the-confluence-of-the-soul-of-culture-banda-will-become-the-cultural-capital/article-81265</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bundelkhand-will-be-celebrated-at-the-confluence-of-the-soul-of-culture-banda-will-become-the-cultural-capital/article-81265</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 14:17:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-02/banda-bundelkhand.jpg"                         length="77900"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Changing Weather Disease: ये बदलता मौसम और बिगड़ती सेहत! करें ये छोटे से उपाय और बीमारियों को कहें बाय!</title>
                                    <description><![CDATA[Changing Weather Disease: नई दिल्ली, (एजेंसी)। मौसम बदल रहा है, जिसमें सुबह और शाम ठंड तो दोपहर को पसीना छूट रहा है और ये बदलता मौसम बहुत सी बीमारियों का न्यौता लेकर आता है जिसका हमारे शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है लेकिन ऐसे मौसम से घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे समय में खास सावधानी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/climate-change-and-infectious-diseases/article-67607"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/new-generation-suffering-from-climate-change1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Changing Weather Disease: नई दिल्ली, (एजेंसी)। मौसम बदल रहा है, जिसमें सुबह और शाम ठंड तो दोपहर को पसीना छूट रहा है और ये बदलता मौसम बहुत सी बीमारियों का न्यौता लेकर आता है जिसका हमारे शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है लेकिन ऐसे मौसम से घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे समय में खास सावधानी बरतने से बीमारियों से बचा जा सकता है और आसान से घरेलू उपाय करके शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। Changing Weather</p>
<h3 style="text-align:justify;">नियमित योग और मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करना</h3>
<p style="text-align:justify;">मार्च का महीना शुरू होने वाला है, इसमें प्रवेश करते हुए कुछ विशेष सावधानी बरतना लाजमी है। योग, गुनगुना पानी और हर्बल टी इम्युनिटी को बेहतर करने कुछ वाले सहज उपाय हैं। योग दर्शन के मूल ग्रंथ पतंजलि योगसूत्र के अनुसार, हमारा शरीर पर्यावरण में परिवर्तन को महसूस करने की क्षमता पर निर्भर करता है, इसलिए परिवर्तन काल में योग को आत्मसात करना चाहिए। नियमित योग और मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करना सही होता है। दरअसल, मौसम के बदलने के साथ खासी एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे निपटने के लिए योगासन की सलाह दी जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ज्यादा पानी पीएं | Changing Weather Disease</h3>
<p style="text-align:justify;">दूसरा सबसे अहम उपाय है जल! डॉक्टर्स की सलाह अनुसार दिन भर में 7 से 8 गिलास पानी पीना चाहिए। इससे डिहाइड्रेशन नहीं होता। पाचन में मदद करता है और शरीर से टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकाल फेंकता है। एक और खास बात शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तीसरा बहुत आम सा और खास उपाय है। क्योंकि मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां साथ लाता है, इसलिए हर्बल चाय को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी जाती है। वैसे भी ये हमारी दादी मां के नुस्खों में शामिल रहते हैं । हर्बल टी अगर ताजा तुलसी के पत्तों, अदरक से बनी हो तो फायदा जबरदस्त होता है। एक तरफ शरीर में गर्मी बढ़ रही होती है तो दूसरी तरफ वातावरण में नमी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबके लिए सजग होने का समय है। खास तौर से बुजुर्गों और बच्चों में बदलते मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलता है। जरा-सी लापरवाही आपको बीमारियों के जाल में फंसा सकती है।ये तो है सीजन ट्रांजिशन की तैयारी। फिर भी बुखार हो जाए, गले में खराश हो या फिर शारीरिक दिक्कत हो तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। Changing Weather Disease</p>
<p><a title="DA Hike: होली से पहले इन कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार देने जा रही है बड़ी खुशखबरी!" href="http://10.0.0.122:1245/the-government-can-give-good-news-to-these-employees-and-pensioners-before-holi/">DA Hike: होली से पहले इन कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार देने जा रही है बड़ी खुशखबरी!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/climate-change-and-infectious-diseases/article-67607</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/climate-change-and-infectious-diseases/article-67607</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 15:40:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-02/new-generation-suffering-from-climate-change1.jpg"                         length="34852"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: इस शादी की हरियाणा में हो रही चर्चा, अनोखें अंदाज में पहुंची&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Bhiwani News: म्हारी छोरी-छोरों से कम हैं। फिल्म दंगल का यह डायलोग हल्का भिवानी जिला के गांव पुर में एक पिता ने अपनी बेटियों की शादी में घुड़चढ़ी निकालकर सार्थक किया है। परिवार ने समाज को लड़का लड़की का भेद मिटाकर समानता का संदेश दिया है। प्रदेश में पूर्वकालीन सभ्यता से जहां […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/before-the-marriage-of-daughters-the-ritual-of-ghudchadi-was-organized-in-village-pur/article-64647"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/bhiwani-news-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> Bhiwani News: म्हारी छोरी-छोरों से कम हैं। फिल्म दंगल का यह डायलोग हल्का भिवानी जिला के गांव पुर में एक पिता ने अपनी बेटियों की शादी में घुड़चढ़ी निकालकर सार्थक किया है। परिवार ने समाज को लड़का लड़की का भेद मिटाकर समानता का संदेश दिया है। प्रदेश में पूर्वकालीन सभ्यता से जहां शादी-विवाह की अलग-अलग तरीके से रस्मे निभाई जाती थी, ऐसे में पुर गांव में बेटियों के विवाह से पूर्व गाँव में घुड़चढ़ी निकाल, लड़कियों के पिता पवन कुमार ने क्षेत्र में अनोखी पहल की शुरूआत की है और परिजनों ने नाच-गान पर कर खुशी मनाई। Haryana</p>
<p style="text-align:justify;">बेटियों के सम्मान को लेकर गाँव पुर में दो लड़कियों की घुड़चढ़ी निकाली गई। जिसमें महिलाओें और पुरुषों ने नाच-गाकर अपनी खुशी मनाई। जिसके चलते समाज मेें लड़का लड़की का भेदभाव दूर होगा व समाज को एक अच्छा संदेश व बेटियों को बढ़ावा मिलेगा। परिजनों का कहना है कि पूर्व सभ्यता में केवल लड़को की शादी विवाह में ही घुड़चढ़ी निकाली जाती थी परन्तु आज के दौर में सामाजिक बदलाव होने से लड़कियां भी किसी दौर में लड़कों से कम नहीं है। उनके सम्मान में हर वर्ग से सामाजिक बढ़ावे के प्रयास किये जा रहे हैं। Haryana</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अधिकारी समय पर पूरी करें सभी विकास परियोजनाएं: विधायक पवन" href="http://10.0.0.122:1245/officials-should-complete-all-development-projects-on-time-mla-pawan/">अधिकारी समय पर पूरी करें सभी विकास परियोजनाएं: विधायक पवन</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/before-the-marriage-of-daughters-the-ritual-of-ghudchadi-was-organized-in-village-pur/article-64647</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/before-the-marriage-of-daughters-the-ritual-of-ghudchadi-was-organized-in-village-pur/article-64647</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Nov 2024 16:01:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-11/bhiwani-news-3.jpg"                         length="96290"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम ने खोला राज्य की जनता के लिए 8,837 करोड़ की योजनाओं का पिटारा!</title>
                                    <description><![CDATA[पटना, (आईएएनएस)। शुक्रवार को बिहार सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने ग्रामीण कार्य विभाग की 8,837.77 करोड़ रुपए की 6,199 योजनाओं का रिमोट कंट्रोल द्वारा कार्यारंभ एवं उद्घाटन करके बिहार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। इन योजनाओं के तहत 6,509.93 करोड़ रुपए की 4,390 योजनाओं का कार्यारंभ तथा 2,327.84 करोड़ रुपए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cm-opened-the-box-of-schemes-worth-rs-8837-crore-for-the-people-of-the-state/article-64570"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/nitish-kumar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटना, (आईएएनएस)। शुक्रवार को बिहार सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने ग्रामीण कार्य विभाग की 8,837.77 करोड़ रुपए की 6,199 योजनाओं का रिमोट कंट्रोल द्वारा कार्यारंभ एवं उद्घाटन करके बिहार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। इन योजनाओं के तहत 6,509.93 करोड़ रुपए की 4,390 योजनाओं का कार्यारंभ तथा 2,327.84 करोड़ रुपए की 1,809 योजनाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यंत खुशी की बात है कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कई पथों एवं पुलों के उद्घाटन के साथ ही शिलान्यास भी किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और भी आसान होगा। Bihar News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जनता को विश्वास में लेते हुए कहा कि जिन योजनाओं का कार्यारंभ किया गया है, उन सभी पथों एवं पुलों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। वैसे सभी पथों एवं पुलों, जिनका उद्घाटन किया जा रहा है, उन सभी पथों का नियमित निरीक्षण करते हुए उनका मेंटेनेंस भी किया जाएगा, जिससे उसकी गुणवत्ता ज्यादा लंबे समय तक बनी रहे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण कार्य विभाग के पदाधिकारियों को विभाग के अन्य सभी पथों एवं पुलों की सतत निगरानी करते हुए उनका नियमित मेंटेनेंस भी करने का निर्देश दिया।</p>
<h3>763 पथों एवं 4 पुलों का निर्माण किया गया</h3>
<p style="text-align:justify;">योजनाओं के तहत मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के अंतर्गत 983 करोड़ रुपए की लागत से 763 पथों एवं 4 पुलों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम अंतर्गत 1,113 करोड़ रुपए की लागत से 972 पथों की मरम्मत कराई गई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना अंतर्गत 92 करोड़ रुपए की लागत से 33 पथों का उन्नयन शामिल है। इसमें राज्य योजना अंतर्गत 139 करोड़ रुपए की लागत से 5 पथ भी शामिल हैं। जिन योजनाओं की शुरूआत हुई है, उसमें मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना अंतर्गत 1,824 करोड़ रुपए की लागत से 1,472 पथ एवं पांच पुलों का निर्माण किया जाना है। जबकि, मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम अंतर्गत 2,350 करोड़ रुपए की लागत से 2.306 पथों की मरम्मत होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना अंतर्गत 1,739 करोड़ रुपए की लागत से 442 पथों एवं एक पुल का उन्नयन का कार्य कराया जाना है तथा राज्य योजना अंतर्गत 597 करोड़ रुपए की लागत से 30 पथों एवं 139 पुलों का निर्माण होगा। इस कार्यक्रम में ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई नेता और अधिकारी उपस्थित रहे। Bihar News</p>
<p><a title="IPL 2025: क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! इस दिन से शुरू हो रहा है आईपीएल!" href="http://10.0.0.122:1245/bcci-released-the-dates-for-the-next-3-years-ipl-season/">IPL 2025: क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! इस दिन से शुरू हो रहा है आईपीएल!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/cm-opened-the-box-of-schemes-worth-rs-8837-crore-for-the-people-of-the-state/article-64570</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/cm-opened-the-box-of-schemes-worth-rs-8837-crore-for-the-people-of-the-state/article-64570</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 15:54:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-11/nitish-kumar.jpg"                         length="32088"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        