<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/category-16308" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>बच्चों का कोना - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/category/16308/rss</link>
                <description>बच्चों का कोना RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डूबने से 3 लाख मौतें!  WHO ने जारी किए जान बचाने के 7 प्रभावी उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डूबने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सात अहम सुरक्षा उपाय जारी किए हैं। जानें बच्चों और परिवारों के लिए जरूरी सुझाव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/3-lakh-deaths-due-to-drowning-who-issued-7-effective/article-88609"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/who-drowning-death.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">World Drowning Prevention Day: नई दिल्ली। जल दुर्घटनाएं आज भी वैश्विक स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई हैं। प्रत्येक वर्ष विश्वभर में लगभग तीन लाख लोगों की जान डूबने की घटनाओं में चली जाती है। इन मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों की होती है, जिससे यह समस्या और भी चिंताजनक बन जाती है। इसी खतरे को कम करने के उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 25 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व डूबने से बचाव दिवस से पहले एक नया तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किया है। WHO News</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के अनुसार, डूबने की अधिकांश घटनाएं नदियों, तालाबों, झीलों, कुओं, जलाशयों और स्विमिंग पूलों में होती हैं। निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में इस प्रकार की दुर्घटनाएं सबसे अधिक दर्ज की जाती हैं, जहां वैश्विक स्तर पर होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक घटनाएं सामने आती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुरक्षा के लिए सात प्रमुख उपाय सुझाए | WHO News</h3>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ ने 'प्रोटेक्ट' (PROTECT) नामक पहल के अंतर्गत सात ऐसे प्रभावी उपाय सुझाए हैं, जिनसे डूबने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">जल स्रोतों के आसपास सुरक्षित अवसंरचना विकसित की जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">दुर्घटना की स्थिति में त्वरित बचाव, सीपीआर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत हो।</li>
<li style="text-align:justify;">जल क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">नाव, फेरी और अन्य जल परिवहन सेवाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">विद्यालय स्तर पर बच्चों को तैराकी तथा जल सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">छोटे बच्चों की निगरानी और देखभाल की प्रभावी व्यवस्था हो।</li>
<li style="text-align:justify;">बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से पहले व्यापक तैयारी और बचाव योजनाएं लागू की जाएं।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा है जोखिम</h3>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़, तूफान और अत्यधिक गर्मी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। गर्म मौसम में लोग अधिक संख्या में जलाशयों और स्विमिंग पूलों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार तापमान में वृद्धि के साथ डूबने की घटनाओं में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">घाना से हुई अभियान की शुरुआत</h3>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष डब्ल्यूएचओ ने अपना नया तकनीकी पैकेज अफ्रीकी देश घाना में जारी किया है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 1,100 लोगों की डूबने से मृत्यु होती है। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। संगठन का मानना है कि यदि सुझाए गए उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए तो हजारों लोगों का जीवन सुरक्षित किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सामूहिक प्रयास से घटेंगी दुर्घटनाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्व डूबने से बचाव दिवस की थीम "हालात बदलने के लिए एकजुट हों" रखी गई है। इसका उद्देश्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों और समाज को एक साथ जोड़कर जल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक प्रयासों और समय पर अपनाए गए सुरक्षा उपायों से हर वर्ष होने वाली हजारों जानलेवा जल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। WHO News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/3-lakh-deaths-due-to-drowning-who-issued-7-effective/article-88609</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/3-lakh-deaths-due-to-drowning-who-issued-7-effective/article-88609</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 10:48:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/who-drowning-death.jpg"                         length="76396"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monsoon Child Care Tips: बारिश के मौसम में बच्चों की सेहत का कैसे रखें ख्याल? जानिए मानसून में बच्चों को संक्रमण, डेंगू, सर्दी-खांसी और पेट की बीमारियों से बचाने के आसान और जरूरी टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चे स्वभाव से बेहद चंचल होते हैं और खेलकूद के मामले में किसी की बात आसानी से नहीं मानते। बारिश शुरू होते ही वे भीगने और बाहर खेलने के लिए उत्साहित हो जाते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/how-to-take-care-of-childrens-health-during-the-rainy/article-88187"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/monsoon-child-care-tips.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Monsoon Child Care Tips: बच्चे स्वभाव से बेहद चंचल होते हैं और खेलकूद के मामले में किसी की बात आसानी से नहीं मानते। बारिश शुरू होते ही वे भीगने और बाहर खेलने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। लेकिन मानसून का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के दौरान गंदा पानी, नमी और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी, डेंगू, वायरल इंफेक्शन और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों के खान-पान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर बच्चा बारिश में भीग जाए तो उसे ज्यादा देर तक गीले कपड़ों में न रहने दें। तुरंत सूखे तौलिए से शरीर पोंछकर साफ और सूखे कपड़े पहनाएं। लंबे समय तक नमी रहने से फंगल इंफेक्शन और सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून में बच्चों को हमेशा साफ, उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिलाएं। बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ और कटे हुए फल खाने से बचाएं, क्योंकि इससे पेट में संक्रमण होने की आशंका रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं और जरूरत पड़ने पर मच्छर रोधी उपाय अपनाएं ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव हो सके। साथ ही बच्चों की डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल और विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। संतुलित और पौष्टिक आहार उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे वे मौसम बदलने पर भी स्वस्थ रह सकते हैं।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/monsoon-child-care-tips.jpeg" alt="Monsoon Child Care Tips" width="629" height="357"></img>
Monsoon Child Care Tips: बारिश के मौसम में बच्चों की सेहत का कैसे रखें ख्याल? जानिए मानसून में बच्चों को संक्रमण, डेंगू, सर्दी-खांसी और पेट की बीमारियों से बचाने के आसान और जरूरी टिप्स
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/how-to-take-care-of-childrens-health-during-the-rainy/article-88187</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/how-to-take-care-of-childrens-health-during-the-rainy/article-88187</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:06:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/monsoon-child-care-tips.jpeg"                         length="67867"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parenting Tips: बदलती परवरिश और बिगड़ते रिश्ते! बच्चों को परिवार से जोड़ें रखने के लिए कैसे बिठाएं सामंजस्य</title>
                                    <description><![CDATA[आज की व्यस्त जीवनशैली और डिजिटल युग ने बच्चों के सामाजिक व्यवहार में बड़ा बदलाव ला दिया है। पहले जहां बच्चे छुट्टियों का इंतजार रिश्तेदारों से मिलने और उनके साथ समय बिताने के लिए करते थे, वहीं अब कई बच्चे और किशोर ऐसे अवसरों से बचने लगे हैं। माता-पिता अक्सर इसे बच्चों की जिद या असभ्यता मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे कई भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-changing-parenting-and-deteriorating-relationships-how-to-create/article-87830"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/parenting-tips-to-child.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज की व्यस्त जीवनशैली और डिजिटल युग ने बच्चों के सामाजिक व्यवहार में बड़ा बदलाव ला दिया है। पहले जहां बच्चे छुट्टियों का इंतजार रिश्तेदारों से मिलने और उनके साथ समय बिताने के लिए करते थे, वहीं अब कई बच्चे और किशोर ऐसे अवसरों से बचने लगे हैं। माता-पिता अक्सर इसे बच्चों की जिद या असभ्यता मान लेते हैं, जबकि इसके पीछे कई भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। Parenting Tips</p>
<p style="text-align:justify;">किशोरावस्था वह समय होता है जब बच्चे अपनी पहचान और आत्मसम्मान को लेकर अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। यदि किसी रिश्तेदार से मिलने पर हर बार पढ़ाई, परीक्षा के अंक, करियर, मोबाइल फोन या भविष्य को लेकर लगातार सवाल पूछे जाएं, तो बच्चों को यह मुलाकात एक परीक्षा जैसी लगने लगती है। धीरे-धीरे वे ऐसे माहौल से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार बच्चों के मन में किसी पुराने अनुभव की छाप भी गहरी होती है। यदि किसी रिश्तेदार ने कभी उन्हें डांटा हो, उनकी तुलना दूसरे बच्चों से की हो, मजाक उड़ाया हो या ऐसा व्यवहार किया हो जिससे उन्हें अपमान या असुरक्षा का अनुभव हुआ हो, तो वे दोबारा वहां जाने से बचते हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की बातों को ध्यान से सुनें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ बच्चे स्वभाव से अंतर्मुखी होते हैं। नए लोगों से बातचीत करना या अनजान माहौल में सहज होना उनके लिए आसान नहीं होता। ऐसे बच्चे रिश्तेदारों के घर जाकर असहज महसूस कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें यह चिंता रहती है कि वहां वे किससे बात करेंगे या समय कैसे बिताएंगे। यह झिझक धीरे-धीरे सामाजिक दूरी का रूप ले सकती है। Parenting Tips</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, यदि किसी घर का वातावरण अत्यधिक अनुशासित हो, हर छोटी बात पर टोका-टाकी की जाए या बच्चों की पसंद-नापसंद को महत्व न दिया जाए, तो वे वहां जाना पसंद नहीं करते। किशोर अपनी स्वतंत्रता और व्यक्तिगत विचारों को महत्व देते हैं। इसलिए उन्हें सम्मान और अपनापन मिलने वाला वातावरण अधिक आकर्षित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">माता-पिता की भूमिका इस स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण होती है। बच्चों पर दबाव डालने या डांटने के बजाय उनसे खुलकर बातचीत करनी चाहिए। यह जानना जरूरी है कि वे रिश्तेदारों से मिलने में क्यों झिझक रहे हैं। यदि उनकी समस्या वास्तविक है, तो उसका समाधान खोजने का प्रयास करें। साथ ही बच्चों को यह भी समझाएं कि परिवार केवल माता-पिता तक सीमित नहीं होता, बल्कि रिश्तेदार भी जीवन के सुख-दुख में महत्वपूर्ण सहयोगी बनते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बचपन से ही बच्चों को पारिवारिक कार्यक्रमों, त्योहारों और सामाजिक मेल-मिलाप में शामिल करने की आदत विकसित करनी चाहिए। जब रिश्तों में अपनापन, सम्मान और सहज संवाद होगा, तब बच्चे स्वयं रिश्तेदारों के साथ समय बिताने में रुचि लेने लगेंगे। मजबूत पारिवारिक रिश्ते बच्चों को भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक आत्मविश्वास और जीवनभर का सहयोग प्रदान करते हैं। Parenting Tips</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-changing-parenting-and-deteriorating-relationships-how-to-create/article-87830</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-changing-parenting-and-deteriorating-relationships-how-to-create/article-87830</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:10:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/parenting-tips-to-child.jpg"                         length="99031"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Home Decoration Ideas: हाथ से बनाई चीजों से सजाएं अपना घर, ऐसे दें प्राकृतिक व आकर्षक लुक</title>
                                    <description><![CDATA[ आज के समय में अधिकांश लोग चाहते हैं कि उनका घर केवल सुंदर ही नहीं, बल्कि शांत, सुकूनभरा और प्रकृति के करीब भी महसूस हो। इसके लिए महंगे सजावटी सामान खरीदना जरूरी नहीं है। थोड़ी रचनात्मक सोच, पुराने सामान का सही उपयोग और हस्तनिर्मित सजावट की मदद से कम बजट में भी घर को नया और आकर्षक रूप दिया जा सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-decoration-ideas-decorate-your-house-with-hand-made-things/article-87505"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/handmade-decor.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Natural Home Decoration: नई दिल्ली। आज के समय में अधिकांश लोग चाहते हैं कि उनका घर केवल सुंदर ही नहीं, बल्कि शांत, सुकूनभरा और प्रकृति के करीब भी महसूस हो। इसके लिए महंगे सजावटी सामान खरीदना जरूरी नहीं है। थोड़ी रचनात्मक सोच, पुराने सामान का सही उपयोग और हस्तनिर्मित सजावट की मदद से कम बजट में भी घर को नया और आकर्षक रूप दिया जा सकता है। Home Decoration Ideas<br /></p><p style="text-align:justify;">घर में हरियाली बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के इनडोर पौधे सबसे बेहतर विकल्प माने जाते हैं। तुलसी, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट और एलोवेरा जैसे पौधे वातावरण को ताजगी देने के साथ घर की शोभा भी बढ़ाते हैं। यदि पुराने कांच के जार, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के बक्से या धातु के डिब्बे उपलब्ध हों, तो उन्हें रंगों, जूट की रस्सी या प्राकृतिक कपड़े से सजाकर आकर्षक गमलों का रूप दिया जा सकता है।<br /></p><p style="text-align:justify;">दीवारों को सुंदर बनाने के लिए हाथों से तैयार की गई कलाकृतियां विशेष आकर्षण पैदा करती हैं। प्राकृतिक दृश्यों की पेंटिंग, लोक कला, सूखे फूलों की सजावट, लकड़ी की नक्काशी या हस्तनिर्मित वॉल हैंगिंग घर को अलग पहचान देती हैं। इसके अलावा सूखी टहनियों, शंख, सीप और प्राकृतिक पत्थरों से भी आकर्षक सजावटी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। Home Decoration Ideas<br /></p><p style="text-align:justify;">बैठक कक्ष और भोजन कक्ष की सजावट में प्राकृतिक सामग्री का उपयोग घर को सादगी के साथ आधुनिक स्वरूप प्रदान करता है। बांस, बेंत और लकड़ी से बनी टोकरियां, सूती या खादी के टेबल रनर, जूट के मैट और हस्तनिर्मित कुशन कवर घर के वातावरण को गर्मजोशी और अपनापन देते हैं। पुराने कपड़ों से तैयार किए गए पैचवर्क, क्रोशिया या हस्तकढ़ाई वाले सजावटी सामान भी कम लागत में शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं।<br /></p><p style="text-align:justify;">रात्रि के समय घर में मनमोहक वातावरण बनाने के लिए मिट्टी के दीपक, हाथों से सजाई गई मोमबत्तियां अथवा कांच की बोतलों से बने आकर्षक लैंप उपयोगी रहते हैं। इनकी हल्की रोशनी घर में सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराती है। यदि लकड़ी के छोटे टुकड़े उपलब्ध हों, तो उनसे फोटो फ्रेम, नाम-पट्टिका, दीवार शेल्फ या चाबी रखने का स्टैंड भी तैयार किया जा सकता है। </p><p style="text-align:justify;">घर की सजावट में प्राकृतिक रंगों और हल्के रंगों वाले सूती, खादी तथा लिनन के कपड़ों का प्रयोग वातावरण को अधिक सहज और आकर्षक बनाता है। साथ ही अनावश्यक वस्तुओं को हटाकर घर में खुलापन बनाए रखने से स्थान व्यवस्थित और स्वच्छ दिखाई देता है। हस्तनिर्मित सजावट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक वस्तु अपनी अलग पहचान रखती है। इससे न केवल घर की सुंदरता बढ़ती है, बल्कि पुराने सामान का पुनः उपयोग होने से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है। </p><p style="text-align:justify;">यदि परिवार के सदस्य मिलकर ऐसी सजावटी वस्तुएं तैयार करें, तो यह रचनात्मकता के साथ पारिवारिक जुड़ाव को भी मजबूत बनाता है। थोड़ी कल्पनाशीलता, सीमित खर्च और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग से कोई भी व्यक्ति अपने घर को आकर्षक, पर्यावरण-अनुकूल और सुकूनभरा बना सकता है। Home Decoration Ideas</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-decoration-ideas-decorate-your-house-with-hand-made-things/article-87505</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-decoration-ideas-decorate-your-house-with-hand-made-things/article-87505</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:19:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/handmade-decor.jpg"                         length="80119"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Child Screen Time: छोटे बच्चों को रोते ही मोबाइल देना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताए स्क्रीन टाइम के गंभीर नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[छोटे बच्चों को बार-बार मोबाइल देने से भाषा विकास, नींद, भावनात्मक जुड़ाव और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। जानिए विशेषज्ञों की सलाह और स्क्रीन टाइम के संभावित नुकसान।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/small-children-may-have-to-be-given-mobile-phones-as/article-87394"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/child-screen-time.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Child Screen Time:  आजकल छोटे बच्चे के रोते ही कई माता-पिता उसे चुप कराने के लिए मोबाइल फोन या टैबलेट थमा देते हैं। कुछ ही सेकंड में बच्चा स्क्रीन देखने में व्यस्त हो जाता है और रोना बंद कर देता है। यह तरीका भले ही आसान लगता हो, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी आदत बच्चे के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास पर लंबे समय तक असर डाल सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शुरुआती दो साल में स्क्रीन से दूरी जरूरी | Child Screen Time</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ब्रिटेन की चार विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा की गई कई स्टडी की समीक्षा में पाया गया कि शिशुओं और दो साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल, टैबलेट और अन्य डिजिटल स्क्रीन से यथासंभव दूर रखना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन के शुरुआती दो वर्षों में स्क्रीन देखने का कोई स्पष्ट विकासात्मक लाभ नहीं मिला है, जबकि इसके संभावित नुकसान लंबे समय तक बने रह सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भाषा सीखने की क्षमता हो सकती है प्रभावित</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, कम उम्र में नियमित रूप से स्क्रीन देखने वाले बच्चों में भाषा सीखने की गति धीमी हो सकती है। ऐसे बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के लोगों से बातचीत करने की बजाय स्क्रीन में अधिक रुचि लेने लगते हैं। इसके कारण कई बच्चों को बोलना शुरू करने में देरी हो सकती है और वे "मम्मी" या "पापा" जैसे शुरुआती शब्द भी अपेक्षाकृत देर से बोल सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिमाग के विकास पर पड़ सकता है असर</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के शुरुआती साल उसके मस्तिष्क के सबसे तेज विकास का समय होते हैं। इस दौरान वह अपने आसपास के लोगों से बातचीत करके, चेहरे के हाव-भाव देखकर, खेलते हुए और नई चीजों को छूकर सीखता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यदि इस महत्वपूर्ण समय का बड़ा हिस्सा मोबाइल स्क्रीन के सामने बीतता है, तो उसकी सीखने की स्वाभाविक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">माता-पिता से भावनात्मक जुड़ाव हो सकता है कमजोर</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अध्ययन में यह भी सामने आया कि अधिक स्क्रीन देखने वाले बच्चों में माता-पिता के साथ भावनात्मक जुड़ाव कमजोर पड़ सकता है। धीरे-धीरे वे रोने या बेचैन होने पर मां-बाप की गोद में आने की बजाय मोबाइल देखकर शांत होने की आदत विकसित कर सकते हैं। लंबे समय में यह उनके भावनात्मक विकास और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नींद, आंखों और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शोधकर्ताओं का कहना है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों की नींद प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आंखों पर तनाव बढ़ सकता है।</li>
<li>शारीरिक गतिविधियां कम हो सकती हैं।</li>
<li>मोटापे का खतरा बढ़ सकता है।</li>
<li>बाहर खेलना और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना कम हो सकता है।</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कम उम्र में मोबाइल की आदत बच्चों को आसपास की दुनिया को समझने और अनुभवों से सीखने के अवसरों से भी दूर कर सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">माता-पिता क्या करें?</h4>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटे बच्चों को शांत कराने के लिए मोबाइल देने की बजाय उनसे बात करें, गोद में लें, खिलौनों से खेलाएं, कहानी सुनाएं या उनके साथ समय बिताएं। इससे बच्चे का मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास बेहतर होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/small-children-may-have-to-be-given-mobile-phones-as/article-87394</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/small-children-may-have-to-be-given-mobile-phones-as/article-87394</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:25:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/child-screen-time.jpg"                         length="31946"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>School Holidays news: पड़ रही है भीषण गर्मी, हरियाणा-पंजाब, दिल्ली के स्कूली बच्चों के लिए आई बड़ी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[खत्म होने जा रही हैं गर्मी की छुट्टियां, जानिए दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में कब खुलेंगे स्कूल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/it-is-scorching-heat-big-information-for-school-children-of/article-86918"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/school-holidays-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>School Holidays news:  नई दिल्ली:</strong> देशभर में भीषण गर्मी के चलते छात्रों को राहत देने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया था। अब जून का महीना समाप्त होने वाला है और कई राज्यों में स्कूल दोबारा खुलने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि कुछ राज्यों में मौसम और मानसून की स्थिति को देखते हुए छुट्टियों की अवधि में बदलाव भी किया गया है। आइए जानते हैं कि <strong>दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब</strong> में स्कूल कब से खुलेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में शुरू हो चुकी हैं कक्षाएं | School Holidays news</h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में गर्मी की छुट्टियां समाप्त हो चुकी हैं। राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में <strong>25 जून 2026</strong> से नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इसी शेड्यूल का पालन नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश स्कूल भी कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली में 1 जुलाई से खुलेंगे स्कूल</h4>
<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में ग्रीष्मकालीन अवकाश <strong>30 जून 2026</strong> तक रखा गया है। इसके बाद <strong>1 जुलाई 2026</strong> से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई फिर से शुरू होगी। इस बार दिल्ली के छात्रों को अपेक्षाकृत लंबी गर्मी की छुट्टियां मिली हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा में भी 1 जुलाई से खुलने की संभावना</h4>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार ने गर्मी की छुट्टियां <strong>25 मई से 30 जून</strong> तक घोषित की थीं। वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार स्कूल <strong>1 जुलाई 2026</strong> से खुलने की संभावना है। हालांकि जिला प्रशासन स्थानीय मौसम और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्कूल खोलने की तारीख में बदलाव कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">राजस्थान में 29 जून से शुरू होंगी कक्षाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">भीषण गर्मी और शिक्षक संगठनों की मांग को देखते हुए राजस्थान सरकार ने ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ा दिया था। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल <strong>29 जून 2026</strong> से नियमित रूप से खुलेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पंजाब में भी जल्द शुरू होगा नया सत्र</h4>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में भी स्कूलों के <strong>1 जुलाई 2026</strong> से खुलने की उम्मीद है। अंतिम निर्णय राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के आदेश के अनुसार लागू होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह</h4>
<p style="text-align:justify;">स्कूल खुलने से पहले अभिभावकों को अपने बच्चों के स्कूल से जारी आधिकारिक सूचना जरूर देख लेनी चाहिए। यदि किसी जिले में गर्मी या मौसम की प्रतिकूल स्थिति बनी रहती है, तो स्थानीय प्रशासन स्कूल खुलने की तारीख में बदलाव कर सकता है। छात्रों को भी स्कूल लौटते समय गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी, हल्के कपड़े और अन्य आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/it-is-scorching-heat-big-information-for-school-children-of/article-86918</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/it-is-scorching-heat-big-information-for-school-children-of/article-86918</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 11:36:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/school-holidays-news.jpg"                         length="62961"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parenting Tips: बच्चे को आता है बार-बार गुस्सा? इन आसान तरीकों से करें उसकी नाराजगी को शांत</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता है, जिद करता है या चिड़चिड़ा रहता है, तो जानिए उसे शांत करने के आसान और असरदार तरीके। पढ़ें एक्सपर्ट्स और माता-पिता की सलाह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-the-child-gets-angry-again-and-again-calm/article-86637"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/parenting-tips.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Parenting Tips: बच्चों का गुस्सा अक्सर माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन जाता है। छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन, रोना, जिद करना या गुस्से में प्रतिक्रिया देना कई बच्चों में सामान्य व्यवहार है। ऐसे में अभिभावकों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि बच्चे को डांटें, समझाएं या कुछ समय के लिए शांत छोड़ दें। विशेषज्ञों और कई माता-पिता के अनुभव बताते हैं कि सही तरीके अपनाकर बच्चों के गुस्से को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सबसे पहले खुद को शांत रखें | Parenting Tips</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कई माता-पिता का अनुभव है कि जब वे बच्चे के गुस्से के जवाब में खुद भी नाराज हो जाते थे, तो स्थिति और खराब हो जाती थी। वहीं, जब उन्होंने शांत रहकर बात करना शुरू किया, तो बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। बच्चे अपने आसपास के माहौल और बड़ों के व्यवहार से बहुत कुछ सीखते हैं। इसलिए जरूरी है कि घर का वातावरण शांत और सकारात्मक रखा जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चे की बात ध्यान से सुनें</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अक्सर माता-पिता बच्चे के गुस्सा होने पर तुरंत उसे समझाने या डांटने लगते हैं। लेकिन कई बार बच्चे को सिर्फ इतना चाहिए होता है कि कोई उसकी बात सुने और उसकी भावनाओं को समझे। जब बच्चे को महसूस होता है कि उसकी बात को महत्व दिया जा रहा है, तो उसका गुस्सा धीरे-धीरे कम होने लगता है और वह अपनी समस्या खुलकर बताने लगता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गुस्से को नियंत्रित करने की तकनीक सिखाएं</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्चों को शुरू से ही भावनाओं को संभालने के तरीके सिखाना फायदेमंद हो सकता है। उन्हें बताएं कि गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय कुछ सेकंड रुकें, गहरी सांस लें और धीरे-धीरे 1 से 10 तक गिनती करें। नियमित अभ्यास के बाद बच्चे इन तरीकों को अपनाने लगते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी खुद को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाएं</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक गतिविधियां बच्चों की अतिरिक्त ऊर्जा और तनाव को बाहर निकालने में मदद करती हैं। दौड़ना, साइकिल चलाना, तैराकी, फुटबॉल, क्रिकेट या अन्य खेल बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। नियमित फिजिकल एक्टिविटी से बच्चों का मूड बेहतर रहता है और गुस्से की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">प्यार और धैर्य है सबसे बड़ा उपाय</h4>
<p style="text-align:justify;">हर बच्चा अलग होता है और उसके गुस्से के पीछे कारण भी अलग हो सकते हैं। इसलिए बच्चों को डांटने या सजा देने की बजाय प्यार, धैर्य और समझदारी के साथ उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। इससे न केवल उनका गुस्सा कम होगा बल्कि माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्ता भी मजबूत बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-the-child-gets-angry-again-and-again-calm/article-86637</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/parenting-tips-the-child-gets-angry-again-and-again-calm/article-86637</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:30:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/parenting-tips.jpg"                         length="38764"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana Summer Vacation 2026: खुशखबरी! हरियाणा में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल, जानिए कब से कब तक रहेंगी छुट्टियां</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana Summer Vacation 2026: ? खुशखबरी! हरियाणा में 37 दिन बंद रहेंगे स्कूल, जानिए किस तारीख को फिर खुलेंगे शिक्षण संस्थान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-summer-vacation-2026-good-news-schools-will-remain-closed/article-85375"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/haryana-summer-vacation-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana Summer Vacation 2026: हरियाणा के स्कूली बच्चों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी को देखते हुए <strong>गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacation)</strong> का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Nayab Singh Saini</span></span></strong> की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">25 मई से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां | Haryana Summer Vacation 2026</h4>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग के निर्णय के अनुसार, हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में <strong>25 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश</strong> शुरू हो जाएगा। यह छुट्टियां <strong>30 जून 2026</strong> तक जारी रहेंगी। इसके बाद सभी स्कूल निर्धारित समय पर दोबारा खुलेंगे और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नौतपा और हीटवेव को देखते हुए लिया गया फैसला</h4>
<p style="text-align:justify;">देशभर में 25 मई से <strong>नौतपा</strong> की शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना रहती है। मौसम विभाग ने हरियाणा के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय रहते स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग की बैठक में बनी सहमति</h4>
<p style="text-align:justify;">स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों को लेकर शिक्षा विभाग की विशेष बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बढ़ते तापमान, मौसम विभाग की चेतावनियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चों और अभिभावकों को मिलेगी राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">लगातार बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों की छुट्टियों का ऐलान विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। इससे बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव मिलेगा तथा वे सुरक्षित वातावरण में अपनी छुट्टियां बिता सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-summer-vacation-2026-good-news-schools-will-remain-closed/article-85375</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-summer-vacation-2026-good-news-schools-will-remain-closed/article-85375</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 11:53:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/haryana-summer-vacation-2026.jpg"                         length="39359"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Summer Vacation: गर्मी की छुट्टियों में बच्चे को बनाएं Math का चैंपियन, Abacus सीखते ही सुपरफास्ट होगी कैलकुलेशन</title>
                                    <description><![CDATA[Summer Vacation: गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को Abacus सिखाना उनके दिमागी विकास और गणितीय क्षमता को बढ़ाने का बेहतरीन तरीका है। जानिए Abacus के फायदे, सही उम्र और इसे सीखने का आसान तरीका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/make-your-child-a-math-champion-during-summer-vacations-calculations/article-85329"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/summer-vacation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Vacation:  गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ मौज-मस्ती का समय नहीं होतीं, बल्कि नई चीजें सीखने और खुद को बेहतर बनाने का भी सुनहरा अवसर होती हैं। अगर आपका बच्चा गणित से डरता है या कैलकुलेशन में कमजोर है, तो इस बार की छुट्टियों में उसे <strong>Abacus</strong> सिखाना एक बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है। यह तकनीक न केवल बच्चों की गणितीय क्षमता बढ़ाती है, बल्कि उनके मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है Abacus? Summer Vacation</h4>
<p style="text-align:justify;">Abacus एक प्राचीन गणना पद्धति है, जिसमें मोतियों (Beads) वाले फ्रेम की मदद से जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी गणनाएं की जाती हैं। शुरुआत में बच्चे इस उपकरण का उपयोग करके सवाल हल करते हैं, लेकिन अभ्यास के बाद वे बिना Abacus के भी अपने दिमाग में तेजी से कैलकुलेशन करने लगते हैं। इसे <strong>मेंटल मैथ (Mental Math)</strong> कहा जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिमाग को बनाता है तेज</h4>
<p style="text-align:justify;">Abacus सिर्फ गणित सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों की एकाग्रता, याददाश्त और तार्किक सोच को भी मजबूत बनाता है। नियमित अभ्यास से बच्चों की गणना करने की गति और सटीकता बढ़ती है, जिससे परीक्षा में कम समय में सही उत्तर देने में मदद मिलती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मैथ्स का डर होता है दूर</h4>
<p style="text-align:justify;">कई बच्चों को गणित कठिन और उबाऊ विषय लगता है। Abacus सीखने के दौरान बच्चे खेल-खेल में संख्याओं को समझते हैं, जिससे उनका मैथ्स के प्रति डर कम होता है। यह तकनीक रटने की बजाय कॉन्सेप्ट को समझने पर जोर देती है, जिससे गणित की बुनियाद मजबूत होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किस उम्र में शुरू कराएं?</h4>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार <strong>5 से 14 वर्ष</strong> की उम्र Abacus सीखने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस उम्र में बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है और नई जानकारी को आसानी से ग्रहण करता है। समय रहते Abacus सीखने से बच्चों की गणितीय समझ और मानसिक क्षमता दोनों में सुधार आता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियों में कैसे शुरू करें?</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियां Abacus सीखने के लिए आदर्श समय हैं। माता-पिता बच्चों को किसी अच्छे Abacus प्रशिक्षण केंद्र में दाखिला दिला सकते हैं या ऑनलाइन कोर्स का विकल्प चुन सकते हैं। ध्यान रखें कि बच्चे पर अतिरिक्त दबाव न डालें और उसे रोजाना थोड़ी देर अभ्यास करने दें। इससे वह सीखने का आनंद भी लेगा और धीरे-धीरे इस कला में निपुण हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए Abacus के प्रमुख फायदे</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>कैलकुलेशन की स्पीड बढ़ती है</li>
<li>याददाश्त मजबूत होती है</li>
<li>फोकस और एकाग्रता में सुधार होता है</li>
<li>आत्मविश्वास बढ़ता है</li>
<li>गणित के प्रति रुचि विकसित होती है</li>
<li>मानसिक गणना (Mental Math) की क्षमता बढ़ती है</li>
<li>परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियों का सही उपयोग बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। ऐसे में Abacus जैसी उपयोगी स्किल सीखना उनके शैक्षणिक और मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/make-your-child-a-math-champion-during-summer-vacations-calculations/article-85329</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/make-your-child-a-math-champion-during-summer-vacations-calculations/article-85329</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:53:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/summer-vacation.jpg"                         length="38542"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Picnic: पिकनिक बच्चों को प्यारी: पिकनिक बच्चों को प्यारी</title>
                                    <description><![CDATA[पिकनिक बच्चों को प्यारी पापा मानों बात हमारी, पिकनिक की कर लो तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/children-love-picnic/article-16475"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/picnic.jpg" alt=""></a><br /><p>पिकनिक बच्चों को प्यारी<br />पापा मानों बात हमारी,<br />पिकनिक की कर लो तैयारी।<br />बोर हो गये पढ़ते-पढ़ते,<br />ढ़ोते बस्ता भारी-भारी।।<br />आफिस का मत करो बहाना,<br />कल संडे छुट्टी सरकारी।<br />मम्मी तुम भी अभी बना लो,<br />खाने-पीने की चीजें सारी।<br />लेटेंगे हम नरम घास पर,<br />छुपम-छुपाई भी खेलेंगे।<br />तितली-फूलों को मीत बना,<br />खुशियां सारी मन भर लेंगे।।<br />पार्क में झूला हम झूलेंगे,<br />नहीं करेंगे मारामारी।<br />शाम ढले वापस आएंगे,<br />ले पिकनिक की यादें सारी।।<br />कुछ नया सीखने का अवसर,<br />पिकनिक सब बच्चों को प्यारी।<br />मिलजुल कर रहना सिखलाती,<br />यह खुली पाठशाला प्यारी।।<br /><strong>-आसिया फारूकी, </strong><strong>शिक्षिका, फतेहपुर </strong><strong>( उ. प्र.)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/children-love-picnic/article-16475</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/children-corner/children-love-picnic/article-16475</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:23:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-07/picnic.jpg"                         length="32073"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12th Pass Career: 12वीं के बाद बच्चे क्यों हो रहे हैं कन्फ्यूज और स्ट्रेस्ड?</title>
                                    <description><![CDATA[जैसे ही 12वीं का रिजल्ट आता है, वैसे ही लाखों बच्चों और उनके पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-are-children-becoming-confused-and-stressed-after-12th/article-85216"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/12th-pass-career.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)।</strong> जैसे ही 12वीं का रिजल्ट आता है, वैसे ही लाखों बच्चों और उनके पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है — ‘अब आगे क्या करें?’</p>
<p style="text-align:justify;">साइंस लें या कॉमर्स? आर्ट्स में स्कोप है या नहीं? सरकारी नौकरी की तैयारी करें या प्रोफेशनल कोर्स? यही सवाल आज के युवाओं को सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन और स्ट्रेस दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले समय में कैरियर आॅप्शन्स बहुत लिमिटेड हुआ करते थे। डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक या सरकारी नौकरी को ही सबसे बेहतर माना जाता था। लेकिन आज समय बदल चुका है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, फैशन डिजाइनिंग, एनीमेशन, डाटा साइंस, होटल मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई नए क्षेत्र बच्चों के सामने मौजूद हैं। समस्या यह नहीं है कि अवसर कम हैं, बल्कि समस्या यह है कि आॅप्शन्स इतने ज्यादा हो गए हैं कि बच्चे सही दिशा चुनने में उलझ जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हर क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ चुका है। अच्छे कॉलेजों में एडमिशन और अच्छी जॉब पाने की दौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रही है। कई बच्चों को सही गाइडेंस नहीं मिल पाती, वहीं कई बार पैरेंट्स की एक्सपेक्टेशन्स भी बच्चों को तनाव में डाल देती हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों की सक्सेस देखकर बच्चे स्वयं को कमजोर समझने लगते हैं। जरूरी यह नहीं कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर ही बने। जरूरी यह है कि बच्चा अपनी रुचि, क्षमता और पैशन के अनुसार क्षेत्र चुने।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हर फील्ड में मेहनती और स्किल्ड युवाओं के लिए अच्छे अवसर मौजूद हैं। एक अच्छा डिजाइनर, डिजिटल क्रिएटर, एंटरप्रेन्योर या आर्टिस्ट भी उतना ही सफल हो सकता है जितना कोई अन्य प्रोफेशनल। पैरेंट्स और स्कूल्स को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक प्रेशर डालने की बजाय उन्हें सही गाइडेंस, मोटिवेशन और आत्मविश्वास दें। रेगुलर कैरियर काउंसलिंग, स्किल एजुकेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिय विद्यार्थियों, 12वीं जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरूआत है। यदि आज आप कन्फ्यूज हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपनी रुचि पहचानिए, सही सलाह लीजिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>याद रखिए —</strong><br />‘सफलता उसी को मिलती है जो स्वयं पर विश्वास रखता है।’<br />-डॉ अनु कालड़ा, शिक्षाविद एवं समाजसेवी.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/12th-pass-career.jpeg" alt="12th Pass Career" width="724" height="412"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-are-children-becoming-confused-and-stressed-after-12th/article-85216</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-are-children-becoming-confused-and-stressed-after-12th/article-85216</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 16:11:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/12th-pass-career.jpeg"                         length="59225"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Summer Vacations In Schools: बच्चों के लिए छुट्टियों का ऐलान, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश!</title>
                                    <description><![CDATA[Summer Vacations In Schools: देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। जानिए आपके राज्य में कब तक बंद रहेंगे स्कूल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/summer-vacations-in-schools/article-85083"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/summer-vacations-in-schools.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Vacations In Schools: देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए कई राज्यों ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Delhi</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Uttar Pradesh</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Haryana</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Telangana</span></span> समेत कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकारी, निजी, CBSE और ICSE स्कूलों के लिए छुट्टियों की तारीखें घोषित कर दी गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किस राज्य में कब तक रहेंगी छुट्टियां? Summer Vacations In Schools</h3>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Delhi</span></span> में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 11 मई से 1 जुलाई 2026 तक रहेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Uttar Pradesh</span></span> में 20 मई से 15 जून 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">राजस्थान</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan</span></span> में 17 मई से 20 जून 2026 तक समर वेकेशन घोषित की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बिहार</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Bihar</span></span> में 1 जून से 20 जून 2026 तक छुट्टियां रहेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Haryana</span></span> में 1 जून से 30 जून 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Health and Family Welfare Department </span></span>ने बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से खासतौर पर दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पीने की अपील की है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ज्यादा पानी और प्राकृतिक पेय पीने की सलाह</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लोग खुद को हाइड्रेट रखने के लिए बार-बार पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। यात्रा के दौरान अपने साथ पानी रखने की भी सलाह दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन पेय पदार्थों को बताया फायदेमंद</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">नींबू पानी</li>
<li style="text-align:justify;">लस्सी</li>
<li style="text-align:justify;">छाछ</li>
<li style="text-align:justify;">जलजीरा</li>
<li style="text-align:justify;">आम पन्ना</li>
<li style="text-align:justify;">नारियल पानी</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/summer-vacations-in-schools/article-85083</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/children-corner/summer-vacations-in-schools/article-85083</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:04:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/summer-vacations-in-schools.jpg"                         length="41250"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        