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                <title>बच्चों का कोना - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>बच्चों का कोना RSS Feed</description>
                
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                <title>Haryana Summer Vacation 2026: खुशखबरी! हरियाणा में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल, जानिए कब से कब तक रहेंगी छुट्टियां</title>
                                    <description><![CDATA[Haryana Summer Vacation 2026: 👉 खुशखबरी! हरियाणा में 37 दिन बंद रहेंगे स्कूल, जानिए किस तारीख को फिर खुलेंगे शिक्षण संस्थान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-summer-vacation-2026-good-news-schools-will-remain-closed/article-85375"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/haryana-summer-vacation-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Haryana Summer Vacation 2026: हरियाणा के स्कूली बच्चों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी को देखते हुए <strong>गर्मी की छुट्टियों (Summer Vacation)</strong> का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री <strong><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Nayab Singh Saini</span></span></strong> की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">25 मई से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां | Haryana Summer Vacation 2026</h4>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग के निर्णय के अनुसार, हरियाणा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में <strong>25 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश</strong> शुरू हो जाएगा। यह छुट्टियां <strong>30 जून 2026</strong> तक जारी रहेंगी। इसके बाद सभी स्कूल निर्धारित समय पर दोबारा खुलेंगे और शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नौतपा और हीटवेव को देखते हुए लिया गया फैसला</h4>
<p style="text-align:justify;">देशभर में 25 मई से <strong>नौतपा</strong> की शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना रहती है। मौसम विभाग ने हरियाणा के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय रहते स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग की बैठक में बनी सहमति</h4>
<p style="text-align:justify;">स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों को लेकर शिक्षा विभाग की विशेष बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में बढ़ते तापमान, मौसम विभाग की चेतावनियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चों और अभिभावकों को मिलेगी राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">लगातार बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों की छुट्टियों का ऐलान विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। इससे बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव मिलेगा तथा वे सुरक्षित वातावरण में अपनी छुट्टियां बिता सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 11:53:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Summer Vacation: गर्मी की छुट्टियों में बच्चे को बनाएं Math का चैंपियन, Abacus सीखते ही सुपरफास्ट होगी कैलकुलेशन</title>
                                    <description><![CDATA[Summer Vacation: गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को Abacus सिखाना उनके दिमागी विकास और गणितीय क्षमता को बढ़ाने का बेहतरीन तरीका है। जानिए Abacus के फायदे, सही उम्र और इसे सीखने का आसान तरीका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/make-your-child-a-math-champion-during-summer-vacations-calculations/article-85329"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/summer-vacation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Vacation:  गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सिर्फ मौज-मस्ती का समय नहीं होतीं, बल्कि नई चीजें सीखने और खुद को बेहतर बनाने का भी सुनहरा अवसर होती हैं। अगर आपका बच्चा गणित से डरता है या कैलकुलेशन में कमजोर है, तो इस बार की छुट्टियों में उसे <strong>Abacus</strong> सिखाना एक बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है। यह तकनीक न केवल बच्चों की गणितीय क्षमता बढ़ाती है, बल्कि उनके मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है Abacus? Summer Vacation</h4>
<p style="text-align:justify;">Abacus एक प्राचीन गणना पद्धति है, जिसमें मोतियों (Beads) वाले फ्रेम की मदद से जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी गणनाएं की जाती हैं। शुरुआत में बच्चे इस उपकरण का उपयोग करके सवाल हल करते हैं, लेकिन अभ्यास के बाद वे बिना Abacus के भी अपने दिमाग में तेजी से कैलकुलेशन करने लगते हैं। इसे <strong>मेंटल मैथ (Mental Math)</strong> कहा जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दिमाग को बनाता है तेज</h4>
<p style="text-align:justify;">Abacus सिर्फ गणित सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों की एकाग्रता, याददाश्त और तार्किक सोच को भी मजबूत बनाता है। नियमित अभ्यास से बच्चों की गणना करने की गति और सटीकता बढ़ती है, जिससे परीक्षा में कम समय में सही उत्तर देने में मदद मिलती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मैथ्स का डर होता है दूर</h4>
<p style="text-align:justify;">कई बच्चों को गणित कठिन और उबाऊ विषय लगता है। Abacus सीखने के दौरान बच्चे खेल-खेल में संख्याओं को समझते हैं, जिससे उनका मैथ्स के प्रति डर कम होता है। यह तकनीक रटने की बजाय कॉन्सेप्ट को समझने पर जोर देती है, जिससे गणित की बुनियाद मजबूत होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किस उम्र में शुरू कराएं?</h4>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार <strong>5 से 14 वर्ष</strong> की उम्र Abacus सीखने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस उम्र में बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है और नई जानकारी को आसानी से ग्रहण करता है। समय रहते Abacus सीखने से बच्चों की गणितीय समझ और मानसिक क्षमता दोनों में सुधार आता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियों में कैसे शुरू करें?</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियां Abacus सीखने के लिए आदर्श समय हैं। माता-पिता बच्चों को किसी अच्छे Abacus प्रशिक्षण केंद्र में दाखिला दिला सकते हैं या ऑनलाइन कोर्स का विकल्प चुन सकते हैं। ध्यान रखें कि बच्चे पर अतिरिक्त दबाव न डालें और उसे रोजाना थोड़ी देर अभ्यास करने दें। इससे वह सीखने का आनंद भी लेगा और धीरे-धीरे इस कला में निपुण हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए Abacus के प्रमुख फायदे</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>कैलकुलेशन की स्पीड बढ़ती है</li>
<li>याददाश्त मजबूत होती है</li>
<li>फोकस और एकाग्रता में सुधार होता है</li>
<li>आत्मविश्वास बढ़ता है</li>
<li>गणित के प्रति रुचि विकसित होती है</li>
<li>मानसिक गणना (Mental Math) की क्षमता बढ़ती है</li>
<li>परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">गर्मी की छुट्टियों का सही उपयोग बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। ऐसे में Abacus जैसी उपयोगी स्किल सीखना उनके शैक्षणिक और मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:53:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Picnic: पिकनिक बच्चों को प्यारी: पिकनिक बच्चों को प्यारी</title>
                                    <description><![CDATA[पिकनिक बच्चों को प्यारी पापा मानों बात हमारी, पिकनिक की कर लो तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/children-love-picnic/article-16475"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/picnic.jpg" alt=""></a><br /><p>पिकनिक बच्चों को प्यारी<br />पापा मानों बात हमारी,<br />पिकनिक की कर लो तैयारी।<br />बोर हो गये पढ़ते-पढ़ते,<br />ढ़ोते बस्ता भारी-भारी।।<br />आफिस का मत करो बहाना,<br />कल संडे छुट्टी सरकारी।<br />मम्मी तुम भी अभी बना लो,<br />खाने-पीने की चीजें सारी।<br />लेटेंगे हम नरम घास पर,<br />छुपम-छुपाई भी खेलेंगे।<br />तितली-फूलों को मीत बना,<br />खुशियां सारी मन भर लेंगे।।<br />पार्क में झूला हम झूलेंगे,<br />नहीं करेंगे मारामारी।<br />शाम ढले वापस आएंगे,<br />ले पिकनिक की यादें सारी।।<br />कुछ नया सीखने का अवसर,<br />पिकनिक सब बच्चों को प्यारी।<br />मिलजुल कर रहना सिखलाती,<br />यह खुली पाठशाला प्यारी।।<br /><strong>-आसिया फारूकी, </strong><strong>शिक्षिका, फतेहपुर </strong><strong>( उ. प्र.)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/children-love-picnic/article-16475</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:23:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>12th Pass Career: 12वीं के बाद बच्चे क्यों हो रहे हैं कन्फ्यूज और स्ट्रेस्ड?</title>
                                    <description><![CDATA[जैसे ही 12वीं का रिजल्ट आता है, वैसे ही लाखों बच्चों और उनके पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-are-children-becoming-confused-and-stressed-after-12th/article-85216"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/12th-pass-career.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत (सच कहूँ/सन्नी कथूरिया)।</strong> जैसे ही 12वीं का रिजल्ट आता है, वैसे ही लाखों बच्चों और उनके पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है — ‘अब आगे क्या करें?’</p>
<p style="text-align:justify;">साइंस लें या कॉमर्स? आर्ट्स में स्कोप है या नहीं? सरकारी नौकरी की तैयारी करें या प्रोफेशनल कोर्स? यही सवाल आज के युवाओं को सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन और स्ट्रेस दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले समय में कैरियर आॅप्शन्स बहुत लिमिटेड हुआ करते थे। डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक या सरकारी नौकरी को ही सबसे बेहतर माना जाता था। लेकिन आज समय बदल चुका है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, फैशन डिजाइनिंग, एनीमेशन, डाटा साइंस, होटल मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई नए क्षेत्र बच्चों के सामने मौजूद हैं। समस्या यह नहीं है कि अवसर कम हैं, बल्कि समस्या यह है कि आॅप्शन्स इतने ज्यादा हो गए हैं कि बच्चे सही दिशा चुनने में उलझ जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हर क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ चुका है। अच्छे कॉलेजों में एडमिशन और अच्छी जॉब पाने की दौड़ बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रही है। कई बच्चों को सही गाइडेंस नहीं मिल पाती, वहीं कई बार पैरेंट्स की एक्सपेक्टेशन्स भी बच्चों को तनाव में डाल देती हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों की सक्सेस देखकर बच्चे स्वयं को कमजोर समझने लगते हैं। जरूरी यह नहीं कि हर बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर ही बने। जरूरी यह है कि बच्चा अपनी रुचि, क्षमता और पैशन के अनुसार क्षेत्र चुने।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हर फील्ड में मेहनती और स्किल्ड युवाओं के लिए अच्छे अवसर मौजूद हैं। एक अच्छा डिजाइनर, डिजिटल क्रिएटर, एंटरप्रेन्योर या आर्टिस्ट भी उतना ही सफल हो सकता है जितना कोई अन्य प्रोफेशनल। पैरेंट्स और स्कूल्स को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक प्रेशर डालने की बजाय उन्हें सही गाइडेंस, मोटिवेशन और आत्मविश्वास दें। रेगुलर कैरियर काउंसलिंग, स्किल एजुकेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिय विद्यार्थियों, 12वीं जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरूआत है। यदि आज आप कन्फ्यूज हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। अपनी रुचि पहचानिए, सही सलाह लीजिए और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>याद रखिए —</strong><br />‘सफलता उसी को मिलती है जो स्वयं पर विश्वास रखता है।’<br />-डॉ अनु कालड़ा, शिक्षाविद एवं समाजसेवी.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/12th-pass-career.jpeg" alt="12th Pass Career" width="724" height="412"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/why-are-children-becoming-confused-and-stressed-after-12th/article-85216</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 16:11:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Summer Vacations In Schools: बच्चों के लिए छुट्टियों का ऐलान, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश!</title>
                                    <description><![CDATA[Summer Vacations In Schools: देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। जानिए आपके राज्य में कब तक बंद रहेंगे स्कूल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/summer-vacations-in-schools/article-85083"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/summer-vacations-in-schools.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Vacations In Schools: देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए कई राज्यों ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Delhi</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Uttar Pradesh</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Haryana</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Telangana</span></span> समेत कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकारी, निजी, CBSE और ICSE स्कूलों के लिए छुट्टियों की तारीखें घोषित कर दी गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किस राज्य में कब तक रहेंगी छुट्टियां? Summer Vacations In Schools</h3>
<h4 style="text-align:justify;">दिल्ली</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Delhi</span></span> में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 11 मई से 1 जुलाई 2026 तक रहेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Uttar Pradesh</span></span> में 20 मई से 15 जून 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">राजस्थान</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Rajasthan</span></span> में 17 मई से 20 जून 2026 तक समर वेकेशन घोषित की गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बिहार</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Bihar</span></span> में 1 जून से 20 जून 2026 तक छुट्टियां रहेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हरियाणा</h4>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Haryana</span></span> में 1 जून से 30 जून 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Health and Family Welfare Department </span></span>ने बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से खासतौर पर दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ पीने की अपील की है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ज्यादा पानी और प्राकृतिक पेय पीने की सलाह</h2>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लोग खुद को हाइड्रेट रखने के लिए बार-बार पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। यात्रा के दौरान अपने साथ पानी रखने की भी सलाह दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन पेय पदार्थों को बताया फायदेमंद</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">नींबू पानी</li>
<li style="text-align:justify;">लस्सी</li>
<li style="text-align:justify;">छाछ</li>
<li style="text-align:justify;">जलजीरा</li>
<li style="text-align:justify;">आम पन्ना</li>
<li style="text-align:justify;">नारियल पानी</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/summer-vacations-in-schools/article-85083</link>
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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:04:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Punjab Summer Vacation 2026: बच्चों की बल्ले-बल्ले! पंजाब में इस दिन से शुरू होगी गर्मियों की छुट्टियां?</title>
                                    <description><![CDATA[Punjab Summer Vacation 2026 पंजाब में गर्मियों की छुट्टियां 1 या 2 जून 2026 से शुरू होकर 30 जून तक चल सकती हैं। भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए शिक्षा विभाग जल्द आधिकारिक घोषणा कर सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-summer-vacation-2026/article-84904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/punjab-summer-vacation-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Punjab Summer Vacation 2026 चंडीगढ़। </strong>पंजाब में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां 1 जून या 2 जून से शुरू होकर 30 जून तक चल सकती हैं। हालांकि अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन शिक्षा विभाग के मॉडल कैलेंडर और पिछले वर्षों के पैटर्न के अनुसार यही संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सरकारी और निजी स्कूलों में करीब एक महीने की छुट्टियां रहेंगी और स्कूल जुलाई के पहले सप्ताह में दोबारा खुल सकते हैं। गर्मी और हीटवेव को देखते हुए सरकार जल्द अंतिम फैसला ले सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ेगी गर्मी, 17 मई से हीट वेव का अलर्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">पंजाब और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Chandigarh</span></span> में शुक्रवार 16 मई को मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के आसार हैं। <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">India Meteorological Department</span></span> (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार आज किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि 17 मई से राज्य और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.8 डिग्री नीचे दर्ज हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Surender Pal</span></span> के मुताबिक पंजाब, मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम अधिकतर साफ बना रहेगा। दिन के तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 17 से 21 मई के बीच कई जिलों में लू चल सकती है। अप्रैल के आखिर में ही हीट वेव को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई थी ताकि लोग पहले से सतर्क रहें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय जरूर है, लेकिन उसका असर सीमित बना हुआ है। एक सिस्टम पाकिस्तान की तरफ और दूसरा जम्मू-उत्तर पाकिस्तान क्षेत्र के आसपास सक्रिय है। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ गया है। इसी वजह से पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना फिलहाल नहीं बन रही है। हालांकि उत्तर भारत के मौसम में हल्के बदलाव की स्थिति बनी रह सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-summer-vacation-2026/article-84904</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 11:19:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>School Holiday News: 3 दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित, स्कूल-दफ्तर रहेंगे बंद</title>
                                    <description><![CDATA[School Holiday News: 3 दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित, स्कूल-दफ्तर रहेंगे बंद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/school-holiday-news/article-84380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/school-holiday-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/school-holiday-news.jpg" alt="School-Holiday-News" width="779" height="442"></img></p>
<p style="text-align:justify;">School Holiday News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में इस महीने होने वाले पंचायत चुनावों के मद्देनजर सरकार ने तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टियों का ऐलान किया है। यह फैसला मतदान प्रक्रिया को सुचारु और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन तारीखों पर रहेगी छुट्टी | School Holiday News</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 26 मई, 28 मई और 30 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। राज्य में पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे और प्रत्येक चरण के मतदान दिवस पर संबंधित क्षेत्रों में छुट्टी रहेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकारी दफ्तर और स्कूल रहेंगे बंद</h4>
<p style="text-align:justify;">सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मतदान वाले क्षेत्रों में सभी सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान, बोर्ड, निगम और औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक लोग मतदान प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें और चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।</p>
<h4 style="text-align:justify;">चुनाव को लेकर प्रशासन अलर्ट</h4>
<p style="text-align:justify;">पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय की जा रही है। राज्य सरकार ने लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 13:23:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Parenting Tips: बच्चों का भविष्य खराब कर सकती हैं माता-पिता की ये 5 आदतें, समय रहते संभलना है जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[Parenting Tips:बच्चों का भविष्य खराब कर सकती हैं माता-पिता की ये 5 आदतें, समय रहते संभलना है जरूरी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/these-5-habits-of-parents-can-spoil-the-future-of/article-84372"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/parenting-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/parenting-tips.jpg" alt="Parenting-Tips" width="629" height="359"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Parenting Tips: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा जिंदगी में सफल बने, खुश रहे और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़े। इसके लिए वे हर संभव कोशिश भी करते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में की गई कुछ छोटी गलतियां बच्चों के मन और व्यवहार पर गहरा असर छोड़ देती हैं। बचपन में मिले अनुभव ही आगे चलकर बच्चे की सोच, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व की नींव बनते हैं। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता सिर्फ बच्चों को सुधारने की बजाय खुद की आदतों पर भी ध्यान दें। क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं, जो वे अपने घर और माता-पिता के व्यवहार में देखते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जरूरत से ज्यादा दबाव बन सकता है नुकसान की वजह | Parenting Tips</h4>
<p style="text-align:justify;">आजकल ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को हर क्षेत्र में परफेक्ट देखना चाहते हैं। पढ़ाई, खेल, डांस या दूसरी एक्टिविटीज में लगातार बेहतर करने का दबाव बच्चों के मन पर भारी पड़ने लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हर समय टॉप करने या दूसरों से बेहतर बनने की उम्मीद बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर कर सकती है। इससे वे तनाव, डर और मानसिक दबाव महसूस करने लगते हैं। बच्चों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार आगे बढ़ने का मौका देना बेहद जरूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के सामने गुस्सा और झगड़ा करना गलत</h3>
<p style="text-align:justify;">घर का माहौल बच्चों के मानसिक विकास पर सीधा असर डालता है। कई बार माता-पिता आपसी तनाव या गुस्से में बच्चों के सामने ही लड़ने-झगड़ने लगते हैं। ऐसा माहौल बच्चों को अंदर से डरा सकता है। कुछ बच्चे चुप और डरपोक हो जाते हैं, जबकि कुछ आक्रामक व्यवहार अपनाने लगते हैं। इसलिए बच्चों के सामने हमेशा शांत और सकारात्मक माहौल बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तुलना करना पहुंचाता है आत्मसम्मान को चोट</h3>
<p style="text-align:justify;">“देखो शर्मा जी का बेटा कितना अच्छा है” जैसी बातें सुनना किसी भी बच्चे को अंदर से कमजोर कर सकता है। जब माता-पिता बार-बार अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करते हैं, तो उसका आत्मसम्मान प्रभावित होता है। हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी खासियत होती है। तुलना करने की बजाय उसकी मेहनत और छोटी उपलब्धियों की तारीफ करना ज्यादा जरूरी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हर छोटी बात पर कंट्रोल करना सही नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ माता-पिता बच्चों की जिंदगी के हर फैसले में दखल देने लगते हैं। क्या पहनना है, किससे दोस्ती करनी है या कौन-सा खेल खेलना है, हर चीज पर कंट्रोल रखने की आदत बच्चे के आत्मविश्वास को कमजोर कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चों को छोटे-छोटे फैसले खुद लेने की आजादी देनी चाहिए। इससे उनके अंदर जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मोबाइल और दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">आज के समय में बच्चों का सबसे ज्यादा समय मोबाइल और इंटरनेट पर गुजर रहा है। अगर माता-पिता बच्चों की दिनचर्या, दोस्तों और स्क्रीन टाइम पर ध्यान नहीं देते, तो इसका असर उनकी आदतों और व्यवहार पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जरूरत से ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल बच्चों को अकेलापन और इंटरनेट की लत की ओर ले जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के खेलने, पढ़ने और आराम करने का संतुलित रूटीन तय किया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अच्छी परवरिश की शुरुआत खुद से करें</h4>
<p style="text-align:justify;">बच्चों की सही परवरिश सिर्फ उन्हें सीख देने से नहीं होती, बल्कि माता-पिता के व्यवहार से भी होती है। अगर घर का माहौल अच्छा हो और माता-पिता खुद सकारात्मक आदतें अपनाएं, तो बच्चे भी वही सीखते हैं। समय रहते इन गलतियों को सुधारना बच्चों के बेहतर भविष्य और मजबूत व्यक्तित्व के लिए बेहद जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/these-5-habits-of-parents-can-spoil-the-future-of/article-84372</link>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:55:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डबवाली के इस परिवार ने ऐसे मनाया अपने बच्चे का जन्मदिन</title>
                                    <description><![CDATA[डबवाली शहर के जोन नंबर-2 में मंगलवार को सच कहूँ संवाददाता सुभाष सेठी इन्सां के निवास पर उनके पुत्र सौरभ सेठी इन्सां के जन्मदिन उपलक्ष्य में नामचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साध-संगत ने भाग लेकर नामचर्चा का लाभ उठाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/this-family-of-dabwali-celebrated-their-childs-birthday-like-this/article-84309"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/subhash-birthday-namcharcha.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डबवाली शहर के जोन नंबर-2 में मंगलवार को सच कहूँ संवाददाता सुभाष सेठी इन्सां के निवास पर उनके पुत्र सौरभ सेठी इन्सां के जन्मदिन उपलक्ष्य में नामचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साध-संगत ने भाग लेकर नामचर्चा का लाभ उठाया। नामचर्चा की शुरूआत प्रेमी सेवक हरीश इन्सां के इलाही नारे व विनती के शब्द से हुई, जिसके बाद कविराज भाइयों ने भक्ति भरे शब्द गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। Dabwali News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:08:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल-खेल में स्कूल का जादू</title>
                                    <description><![CDATA[कोमल सांखला।  एक छोटे से गांव में स्वीटी नाम की एक प्यारी-सी लड़की रहती थी। स्वीटी ने अभी-अभी स्कूल जाना शुरू किया था। पहले तो वह डरती थी। ‘स्कूल में तो बस किताबें पढ़नी पड़ेंगी, लिखना पड़ेगा। खेलना कौन सिखाएगा?’ वह अपनी मां से कहती। लेकिन स्वीटी का स्कूल जादुई था। वहां टीचर आंटी सब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-magic-of-school-through-play/article-83594"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/untitled-8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोमल सांखला। </strong> एक छोटे से गांव में स्वीटी नाम की एक प्यारी-सी लड़की रहती थी। स्वीटी ने अभी-अभी स्कूल जाना शुरू किया था। पहले तो वह डरती थी। ‘स्कूल में तो बस किताबें पढ़नी पड़ेंगी, लिखना पड़ेगा। खेलना कौन सिखाएगा?’ वह अपनी मां से कहती। लेकिन स्वीटी का स्कूल जादुई था। वहां टीचर आंटी सब कुछ खेल-खेल में सिखाती थीं। पहले दिन स्वीटी क्लास में घुसते ही चौंक गई। कक्षा में कोई बेंच-टेबल नहीं थे। बच्चे जमीन पर चटाई बिछाकर बैठे थे। टीचर आंटी ने कहा, ‘आज हम अक्षरों का खेल खेलेंगे!’</p>
<p style="text-align:justify;">सब बच्चों ने हंसते-हंसते एक सर्कल बनाया। आंटी ने एक गेंद दी। गेंद पकड़ने वाला बच्चा ‘अ’ कहता और अगले को गेंद फेंकता। अगला ‘आ’ बोलता। स्वीटी को गेंद मिली तो वह चिल्लाई, ‘इ!’ सब हंस पड़े। खेलते-खेलते ‘अ’ से ‘ज्ञ’ तक के अक्षर सीख गए। स्वीटी सोचने लगी, ‘अरे वाह! पढ़ाई तो खेल बन गई!’ अगले दिन गणित का समय आया। टीचर आंटी ने कहा, ‘चलो, बाजार का खेल खेलें!’ बच्चे दो ग्रुप में बंट गए। एक ग्रुप दुकानदार बना, दूसरा ग्राहक। स्वीटी दुकानदार बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">‘दो सेब दो रुपये के, चार सेब कितने?’ ग्राहक ने कहा, ‘आठ रुपये!’ गलत जवाब पर सब हंसते, और सही करने पर ताली बजाते। खेल खत्म होने पर सब जोड़-घटाव सीख चुके थे। स्वीटी घर लौटकर मां को बोली, ‘मां, स्कूल में गणित बाजार खोलकर सिखाया!’ धीरे-धीरे स्वीटी को स्कूल इतना पसंद आने लगा कि वह रोज उत्साहित हो जाती। कभी जानवरों के नाम सीखने के लिए ‘शेर-हाथी’ का नाटक होता। स्वीटी शेर बनी, दहाड़ती—‘मैं शेर हूं, जंगल का राजा!’ सबको जानवरों के नाम और उनकी आवाजें याद हो जातीं। कभी रंगों का खेल होता—लाल सेब ढूंढो, नीला आकाश दिखाओ। स्वीटी की सहेली रानी पहले स्कूल से डरती थी। स्वीटी ने उसे गली में बुलाया- ‘देख रानी, स्कूल में ऐसे खेल होते हैं! आ जा न!’ एक दिन गली के बच्चे इकट्ठा हुए। स्वीटी ने कहा, ‘चलो, घर पर भी खेल-खेल में पढ़ाई करें!’</p>
<p style="text-align:justify;">सबने सर्कल बनाया, गेंद घुमाई और अक्षर बोले। फिर पेड़-पौधों का खेल हुआ- ‘यह पेड़ कौन सा है? पत्ते गिनो!’ छोटू ने कहा, ‘नीम का पेड़, दस पत्ते!’ सब खुश हो गए। रानी बोली, ‘स्वीटी, तुम्हारा स्कूल कमाल का है। खेल-खेल में सब सीख जाते हैं।’ लेकिन एक समस्या आ गई। गांव के कुछ बड़े लोग कहने लगे, ‘स्कूल में खेल? यह कैसी पढ़ाई है? किताबें खोलो!’ स्वीटी उदास हो गई। उसने टीचर को बताया। आंटी मुस्कुराईं- ‘चिंता मत करो, हम सबको समझा देंगे।’ अगले दिन पेरेंट्स मीटिंग हुई। बच्चों ने आगे आकर अपने-अपने खेल दिखाए। स्वीटी ने गेंद वाला अक्षर खेल दिखाया। छोटू ने बाजार का खेल समझाया। सब माता-पिता दंग रह गए—‘वाह! बच्चे खुश भी हैं और सीख भी रहे हैं!’ टीचर आंटी ने समझाया, ‘बच्चों का दिमाग खेल में ज्यादा लगता है। खेल से चीजें जल्दी याद रहती हैं। आजकल दुनिया भर में ‘प्ले-वे मेथड’ अपनाया जा रहा है। भारत में भी एनसीईआरटी इसे बढ़ावा देता है। इससे बच्चे एक्टिव और क्रिएटिव बनते हैं।’ सब सहमत हो गए। स्वीटी ने ताली बजाई—‘हिप-हिप हुर्रे!’ अब स्वीटी गली के सभी बच्चों को स्कूल बुलाती है- ‘आओ, खेलो और सीखो!’ सब कहते, ‘हां स्वीटी दीदी, खेल-खेल में पढ़ाई सबसे मजेदार है!’ स्वीटी समझ गई—स्कूल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जिंदगी का एक खूबसूरत खेल है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:21:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवनी को लगा जैसे चूड़ियां गा रही हों&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[कोमल सांखला अवनी एक प्यारी-सी छह साल की बच्ची थी। उसके पापा ट्रक ड्राइवर थे। हर रोज सुबह-सुबह वे शहर से गांवों तक सामान ले जाते थे। अवनी को पापा की गाड़ी से बहुत प्यार था। कभी-कभी छुट्टी के दिन वह पापा के साथ बैठती और लंबी यात्रा पर निकल पड़ती। खासकर नाना-नानी के घर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/avni-felt-as-though-the-bangles-were-singing/article-83431"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/clinking-bangles.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कोमल सांखला<br />
अवनी एक प्यारी-सी छह साल की बच्ची थी। उसके पापा ट्रक ड्राइवर थे। हर रोज सुबह-सुबह वे शहर से गांवों तक सामान ले जाते थे। अवनी को पापा की गाड़ी से बहुत प्यार था। कभी-कभी छुट्टी के दिन वह पापा के साथ बैठती और लंबी यात्रा पर निकल पड़ती। खासकर नाना-नानी के घर जाने पर तो अवनी हमेशा साथ होती। रास्ते में हरी-भरी फसलें, बहते नाले और दूर पहाड़ियां देखकर उसकी आंखें चमक उठतीं। एक दिन नाना के घर जाते समय अवनी ने अपनी पसंदीदा चूड़ियां निकालीं। वे रंग-बिरंगी थीं- लाल, हरी, पीली। चमकदार काँच की बनी हुई, जो धूप में जगमगा उठती थीं।<br />
‘पापा, इन्हें स्टेयरिंग पर टांग दो न!’ अवनी ने कहा।<br />
पापा मुस्कुराए, ‘अच्छा, लेकिन सावधानी से।’<br />
अवनी ने चूड़ियों को स्टेयरिंग के ऊपर एक डोर से बांध दिया। गाड़ी स्टार्ट हुई तो चूड़ियां हिलने लगीं- खन-खन, टन-टन! उनकी मधुर आवाज पूरे केबिन में गूंजने लगी।<br />
‘वाह! कितनी अच्छी आवाज आ रही है!’ अवनी ने ताली बजाई।<br />
गाड़ी जैसे जादू की तरह चल पड़ी। रास्ते में हर मोड़ पर चूड़ियां झूलतीं, नाचतीं- कभी तेज खनक, कभी धीमी। अवनी को लगा जैसे चूड़ियां गा रही हों।<br />
‘पापा, ये तो मेरी दोस्त हैं! ये गाड़ी को और तेज चला रही हैं,’ वह हंसते हुए बोली।<br />
पापा ने कहा, ‘हां बेटी, तेरी खुशी ही तो हमारी ताकत है।’<br />
रास्ता लंबा था। बीच में एक बड़ा जंगल आया। अचानक गाड़ी से आवाज आना बंद हो गई। पापा ने देखा कि इंजन में कुछ खराबी आ गई है। गाड़ी रुक गई। आसपास घना जंगल था, कोई इंसान नजर नहीं आ रहा था। पापा परेशान हो गए, ‘अब क्या करें? अवनी के नाना का घर अभी दूर है।’ अवनी थोड़ी डर गई, लेकिन उसने चूड़ियों की ओर देखा। वे अभी भी हल्के-हल्के हिल रही थीं- खन-खन! अवनी ने सोचा, ‘मेरी चूड़ियां तो हमेशा खुश रहती हैं, मैं भी खुश रहूंगी।’<br />
उसने गाना गाना शुरू किया-<br />
‘खनकती चूड़ियां, नाचो-नाचो!<br />
गाड़ी को ले चलो, नाना के पास!’<br />
उसकी मासूम आवाज के साथ चूड़ियां जैसे और जोर से खनकने लगीं। तभी दूर से एक चाचा जी की मोटरसाइकिल की आवाज आई। वे पास आकर रुके।<br />
‘क्या हुआ, भाई?’ उन्होंने पूछा।<br />
पापा ने सारी बात बताई। चाचा जी ने टूल बॉक्स निकाला और गाड़ी ठीक कर दी। वे हंसते हुए बोले, ‘लगता है बेटी की चूड़ियों की आवाज ने हमें बुला लिया!’ गाड़ी फिर चल पड़ी। चूड़ियां अब और तेज खनक रही थीं। नाना-नानी के घर पहुंचते ही सबने अवनी की कहानी सुनी। नानी ने मुस्कुराकर कहा, ‘बेटी, खुशी की आवाज कभी व्यर्थ नहीं जाती। वह मुश्किलों को दूर भगा देती है।’ अवनी ने चूड़ियां सबको दिखाईं। उस दिन से वह हर यात्रा में चूड़ियां साथ ले जाती। वे सिर्फ सजावट नहीं थीं, बल्कि खुशी की घंटी थीं। और अवनी समझ गई- सच्ची खुशी छोटी-छोटी चीजों में बसती है, बस उसे पहचानना आना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पक्षियों की सभा और चतुर कौवा</title>
                                    <description><![CDATA[कोमल सांखला। Crow: एक घने जंगल में, जहाँ सूरज की किरणें पत्तियों के बीच से छन-छनकर आती थीं और हवा मधुर गीत गुनगुनाती थी, पक्षियों का एक खुशहाल परिवार रहता था। सफेद हंस अपनी गरिमा से तालाबों को सुंदर बनाता, रंगबिरंगा तोता चहक-चहककर सबको हँसाता, धैर्यवान बगुला शांत खड़ा विचार करता, कोयल अपनी मीठी कूक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/children-corner/the-assembly-of-birds-and-the-clever-crow/article-83274"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/crow.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोमल सांखला।</strong> Crow: एक घने जंगल में, जहाँ सूरज की किरणें पत्तियों के बीच से छन-छनकर आती थीं और हवा मधुर गीत गुनगुनाती थी, पक्षियों का एक खुशहाल परिवार रहता था। सफेद हंस अपनी गरिमा से तालाबों को सुंदर बनाता, रंगबिरंगा तोता चहक-चहककर सबको हँसाता, धैर्यवान बगुला शांत खड़ा विचार करता, कोयल अपनी मीठी कूक से वसंत बुलाती, चातक बादलों की राह देखता, कोमल कबूतर शांति का पैगाम देता, मुर्गा सुबह का स्वागत करता और गंभीर उल्लू रात में जागकर पहरेदारी करता।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके शक्तिशाली राजा गरुड़ भगवान विष्णु की सेवा में इतने व्यस्त रहते कि छोटे-छोटे पक्षियों की रोज की परेशानियाँ — जैसे शिकारी जानवरों का डर, भोजन की तलाश या आपसी झगड़े — उन्हें दिखाई ही नहीं देते। धीरे-धीरे पक्षी बेचैन हो गए। एक दिन उन्होंने फैसला किया, ाअब हमें एक नया राजा चुनना चाहिए जो हमारे बीच रहे, हमारी बात सुने और हमारी मुश्किलें दूर करे।’</p>
<p style="text-align:justify;">वे एक विशाल पीपल के नीचे इकट्ठे हुए। कई दिनों तक चर्चा चली। आखिरकार सबकी राय एक हो गई — उल्लू को राजा बनाया जाए! उसकी बड़ी-बड़ी आँखें, गंभीर चेहरा और रात की तीखी नजर उन्हें बहुत प्रभावित कर गई थी। Crow</p>
<p style="text-align:justify;">राज्याभिषेक की धूमधाम शुरू हो गई। दूर-दूर से पवित्र जल लाया गया। सिंहासन को चमकते रत्नों और फूलों से सजाया गया। स्वर्ण कलशों में सुगंधित पानी भरा गया। पक्षी मंत्र पढ़ने लगे और पूरा जंगल उत्सव में डूब गया। उल्लू गर्व से सिंहासन की ओर बढ़ रहा था, उसकी आँखों में राजा बनने का सपना चमक रहा था। ठीक उसी पल, जब अभिषेक होने वाला था, अचानक एक काला-चमकदार कौवा वहाँ आ पहुँचा। उसने भव्य तैयारी देखी तो हैरान रह गया। पक्षी भी उसे देखकर चौंक गए  इसे तो किसी ने बुलाया भी नहीं था!’ कौवा बहुत चतुर था। वह शांत लेकिन मजबूत आवाज में बोला, मित्रों! रुक जाओ! तुम उल्लू को राजा बना रहे हो? सोचो तो जरा… यह तो सिर्फ़ रात में अच्छे से देख पाता है। दिन के तेज उजाले में इसकी आँखें धुंधली हो जाती हैं। अगर कोई शत्रु दिन में हमला कर दे, तो यह क्या करेगा? अंधा होकर छिप जाएगा? क्या हमारी प्रजा का भला ऐसे राजा से होगा?’ पूरी सभा सन्न रह गई। पक्षी सोच में पड़ गए। उल्लू का गुस्सा फूट पड़ा। उसने लाल आँखें करके कौवे को घूरा और गरजकर कहा, ाकौवे! तूने मेरे राज्याभिषेक में बाधा डाली है। अगर आज यह समारोह रुक गया, तो मैं तुझे और तेरे पूरे परिवार को कभी नहीं भूलूंगा और कभी माफ नहीं करूंगा!’</p>
<p style="text-align:justify;">कौवा हँसा और बोला, मैंने तो सिर्फ़ सच कहा है, मित्र। क्रोध मत करो।’ कहकर वह अपनी कर्कश आवाज में हँसता हुआ आसमान में उड़ गया। अभिषेक अधूरा रह गया। पक्षी बिना नए राजा के अपने घोंसलों को लौट गए, मन में नई उलझन लिए। उसी दिन से उल्लू और कौवों के बीच गहरा दुश्मनी का बीज बो दिया गया। अब रात में उल्लू कौवों पर हमला करता है, और दिन में कौवे उल्लुओं के घोंसलों को तोड़-फोड़ देते हैं। यह बैर आज भी जंगल में जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सीख:</strong> जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला कभी न लें। दूसरों की सलाह सुनना और सोच-समझकर विचार करना हमेशा फायदेमंद होता है। कभी-कभी कड़वी सच्चाई हमें बड़ी गलती से बचा लेती है। Crow</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बच्चों का कोना</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/children-corner/the-assembly-of-birds-and-the-clever-crow/article-83274</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:24:22 +0530</pubDate>
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