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                <title>उत्तराखण्ड - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>मसूरी में दर्दनाक हादसा, ढलान पर अनियंत्रित कार खाई में गिरी, चार की जान गई</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक कार के लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से चार लोगों की मौत हो गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/tragic-accident-in-mussoorie-car-went-out-of-control-on/article-86170"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/dehradun-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून (एजेंसी)। </strong>Dehradun News: उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक कार के लगभग 500 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और चिकित्सा विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हादसा सुबह करीब 9 बजे झड़ीपानी-कोलूखेत शॉर्टकट मार्ग पर हुआ। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सुबह 9:16 बजे सूचना मिली कि झड़ीपानी रोड पर एक वाहन गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से पहले कार एक सड़क किनारे दुकान पर रुकी थी। कार में सवार लोगों ने दुकानदार को बताया था कि वे उत्तरकाशी से आ रहे हैं। कुछ सामान खरीदने के बाद जैसे ही सभी लोग वापस कार में बैठे, वाहन अचानक तेज गति से ढलान की ओर लुढ़कने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके बाद कार सड़क से बाहर निकलकर खाली जमीन पार करते हुए करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने मृतकों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी सत्यप्रकाश, 19 वर्षीय मनीत, गाजियाबाद के नेहरू नगर निवासी 48 वर्षीय सविता (धर्मवीर की पत्नी) और दिल्ली के करोल बाग निवासी 46 वर्षीय संगीता (टिटू की पत्नी) के रूप में की है।</p>
<p style="text-align:justify;">खाई की अत्यधिक गहराई, घने पेड़-पौधों और झाड़ियों के कारण बचाव दलों को रेस्क्यू अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीमों ने सभी चार शवों को बाहर निकाला।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ढलान पर उतरते समय कार के ब्रेक फेल होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना की गंभीरता को देखते हुए मसूरी के क्षेत्राधिकारी और देहरादून के पुलिस अधीक्षक (सिटी) सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/dehradun-news.jpg" alt="Dehradun News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 16:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाप रे बाप... पानी की टंकी से निकले 27 सांप, घरवालों के उड़े होश, कहीं आपकी टंकी में तो नहीं...</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के हरिद्वार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक घर की पानी की टंकी से एक-दो नहीं बल्कि 27 सांप निकलने से इलाके में हड़कंप मच गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/oh-my-god-27-snakes-came-out-of-the-water/article-86118"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/snake-news.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हरिद्वार (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> उत्तराखंड के हरिद्वार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक घर की पानी की टंकी से एक-दो नहीं बल्कि 27 सांप निकलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद घर के लोगों में दहशत फैल गई और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।</p>
<p>बताया जा रहा है कि घर में पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई और टोंटियों में समस्या आ रही थी। जब परिवार के लोगों ने इसकी वजह जानने के लिए पानी की टंकी की जांच की, तो अंदर बड़ी संख्या में सांप मौजूद देखकर उनके होश उड़ गए।</p>
<h4>पानी की टंकी में छिपे थे दर्जनों सांप</h4>
<p>टंकी खोलते ही उसमें कई सांप दिखाई दिए। मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने टंकी से कुल 27 सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सभी सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।</p>
<h4>वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू</h4>
<p>वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समय रहते सूचना मिलने से सांपों को बिना किसी नुकसान के रेस्क्यू कर लिया गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि यदि घर या आसपास कहीं सांप दिखाई दे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।</p>
<h4>सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो</h4>
<p>इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पानी की टंकी से लगातार सांप निकलते दिखाई दे रहे हैं, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। कई यूजर्स इस घटना को देखकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे बेहद चौंकाने वाला बता रहे हैं।</p>
<h4>लोगों में दहशत का माहौल</h4>
<p>एक साथ 27 सांपों के मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और गर्मी के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और ठंडी जगहों की तलाश में घरों, गोदामों और पानी की टंकियों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में समय-समय पर पानी की टंकियों और आसपास के क्षेत्रों की जांच करते रहना जरूरी है।</p>
<p><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/snake-news.jpeg" alt="Snake News" width="771" height="440"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:01:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttarakhand News: उत्तराखंड के इन जिलों की हो गई मौज, रेलवे बदल देगा इनकी किस्मत</title>
                                    <description><![CDATA[Uttarakhand News: ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना: विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल बनेंगे 12 ग्रीन स्टेशन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/these-districts-of-uttarakhand-are-happy-that-railways-will-change/article-85972"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/uttarakhand-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Uttarakhand News: ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए तैयार की जा रही ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनने वाले सभी 12 रेलवे स्टेशन प्रकृति के रक्षक के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहां आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण के संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।<br />करीब 125 किलोमीटर लंबी इस ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना को देश की सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में गिना जा रहा है। यह परियोजना न केवल पहाड़ों में यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करेगी। खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसका पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर आधारित होंगे स्टेशन | Uttarakhand News</h4>
<p style="text-align:justify;">रेल विकास निगम लिमिटेड  ने इस परियोजना के तहत बनने वाले स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मानकों के अनुसार विकसित करने की योजना बनाई है। इसका मतलब है कि स्टेशन निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।<br />स्टेशनों के डिजाइन में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे दिन के समय बिजली की खपत कम हो सके। इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्टेशनों की ऊर्जा जरूरतों को काफी हद तक स्वच्छ स्रोतों से पूरा किया जा सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;">संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में संतुलित विकास</h5>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक का क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां भूस्खलन की घटनाएं आम हैं और प्राकृतिक जल स्रोतों की भी भरमार है। ऐसे में इस परियोजना के निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है ताकि प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। स्टेशन निर्माण के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि आसपास के प्राकृतिक संसाधनों जैसे जल स्रोत, वनस्पति और पहाड़ी ढांचे पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यही कारण है कि इस परियोजना को टिकाऊ विकास का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वर्षा जल संचयन से होगा जल संरक्षण</h4>
<p style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन और अनियमित बारिश के चलते जल संरक्षण आज एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी 12 स्टेशनों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस प्रणाली के माध्यम से बारिश के पानी की हर बूंद को संचित कर उसका उपयोग लंबे समय तक किया जाएगा। इससे न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि जल संकट की स्थिति में भी स्टेशनों की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ऊर्जा दक्षता और स्वच्छता पर विशेष जोर</h4>
<p style="text-align:justify;">स्टेशनों को ऊर्जा दक्ष बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। बिजली की खपत को कम करने के लिए एलईडी लाइटिंग, सोलर पैनल और ऊर्जा बचाने वाले सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में साफ-सफाई के लिए भी ऐसी तकनीक अपनाई जाएगी, जिसमें पानी का न्यूनतम उपयोग हो। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता भी बनी रहेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था</h4>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए स्टेशनों पर कचरा प्रबंधन की वैज्ञानिक व्यवस्था लागू की जाएगी। कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका निपटान किया जाएगा, जिससे प्रदूषण को कम किया जा सके। यह पहल न केवल यात्रियों को स्वच्छ वातावरण देगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कार्बन उत्सर्जन में होगी कमी</h4>
<p style="text-align:justify;">आईजीबीसी के मानकों को अपनाने से इन स्टेशनों के निर्माण और संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव कम होगा और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भी मदद मिलेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव</h4>
<p style="text-align:justify;">इन ग्रीन स्टेशनों पर यात्रियों को न सिर्फ साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा, बल्कि प्राकृतिक रोशनी, ताजी हवा और आधुनिक सुविधाओं का भी अनुभव होगा। इससे यात्रा अधिक आरामदायक और सुखद बनेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विकास और प्रकृति का संतुलन</h4>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना इस बात का उदाहरण है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। जहां एक ओर यह परियोजना पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देगी, वहीं दूसरी ओर प्रकृति के संरक्षण का भी ध्यान रखेगी।<br />कुल मिलाकर, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी पहल है जो भविष्य के लिए टिकाऊ विकास की दिशा तय करती है। ग्रीन स्टेशन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी जैसी विशेषताएं इसे देश की अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रेरणा बना सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 11:46:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttarakhand News: विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश, अनुशासन और नेतृत्व विकास पर विशेष ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड की धामी सरकार ने सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड इकाइयों के गठन के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार ने कहा कि विद्यार्थियों की ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/uttarakhand-news-instructions-to-further-strengthen-the-education-system-in/article-85916"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/uttarakhand-education-meet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Uttarakhand School Education Reform: देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस तथा स्काउट-गाइड जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो सके। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या पूरी तरह समाप्त की जा सके और प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की आवश्यकताओं को देखते हुए विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा के संसाधनों को और मजबूत किया जाना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना की जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाकर पात्र छात्रों को इसका लाभ दिलाने पर भी बल दिया गया। उनका कहना था कि किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रभावित नहीं होनी चाहिए। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, विद्यालयी वर्दी, जूते तथा साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचे। बैठक के दौरान विद्यालयों के उन्नयन, आधारभूत ढांचे के विकास और निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने छात्र संख्या के अनुरूप विद्यालयों के उच्चीकरण, विभिन्न विकासखंडों में शैक्षिक संसाधनों के संतुलित वितरण तथा शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त विद्यालयों में फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और कंप्यूटर प्रयोगशालाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं, प्रभावी योजनाओं और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी तथा शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सकेगी। Uttarakhand News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/uttarakhand-news-instructions-to-further-strengthen-the-education-system-in/article-85916</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:15:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Kedarnath Yatra News: भारी बारिश के बाद केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू, प्रशासन अलर्ट पर</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कुछ समय के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा रविवार को फिर से शुरू हो गई।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/kedarnath-yatra-resumes-after-heavy-rains/article-85722"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/kedarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग (एजेंसी)। </strong>Kedarnath Yatra News: उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण कुछ समय के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा रविवार को फिर से शुरू हो गई।  </p>
<p style="text-align:justify;">जैसे ही मौसम साफ हुआ और बारिश रुकने के बाद केदारनाथ ट्रैकिंग मार्ग पर कामकाज फिर से शुरू हुआ, तीर्थयात्रियों की आवाजाही भी शुरू हो गई। हालांकि, अगर दिन में बाद में मौसम फिर से खराब होता है, तो तीर्थयात्रियों को हालात सुधरने तक पास की सुरक्षित जगहों पर ठहराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले दिन में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश के बीच 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) विशाल मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इस इलाके में रातभर बारिश हुई। हमें मौसम विभाग से जानकारी मिली है कि आज 'ऑरेंज अलर्ट' जारी रहेगा और मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए सोमवार के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/kedarnath-yatra.jpg" alt="Kedarnath Yatra" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उन्‍होंने कहा कि हमने उन लोगों से अनुरोध किया है जो अभी तीर्थस्थलों की ओर जा रहे हैं, वे पास के 'होल्डिंग एरिया' (ठहरने की जगह) और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। हमारी टीमें कंट्रोल रूम से और मौके पर जाकर भी हालात पर नजर रख रही हैं। हमारी पूरी कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तीर्थयात्री को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">सोनप्रयाग, गौरीकुंड और भूस्खलन की आशंका वाले अन्य इलाकों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि जब तक मौसम के हालात न सुधरें, तब तक किसी भी तीर्थयात्री को आगे न जाने दें। हालांकि, जैसे ही मौसम के हालात सुधरे सुरक्षित जगहों पर रुके हुए तीर्थयात्रियों को आगे जाने दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, भारी बारिश और कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं भी कुछ समय के लिए रोक दी गई हैं। डीएम ने पिछले दो दिनों से राज्य में हो रही भारी बारिश को देखते हुए बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में 'होल्डिंग एरिया' बनाए गए हैं, जहां तीर्थयात्रियों को सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्‍होंने बताया कि यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीर्थयात्रियों से सुझाव भी लिए गए हैं। डीएम ने कहा कि कुछ दिक्कतें सामने आई हैं। हम तीर्थयात्रियों की मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि वे जल्द से जल्द 'दर्शन' कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएम ने कहा कि प्रशासन मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने पर भी ध्यान दे रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मंदिर में 'टोकन सिस्टम' का पालन किया जाए। हमें पता चला है कि कुछ असामाजिक तत्व परेशानी खड़ी कर रहे हैं, जिसमें तीर्थयात्रियों को लूटना भी शामिल है। पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है और वे कार्रवाई कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि निरीक्षण किए जा रहे हैं और कई 'पोनीवालों' (टट्टू वालों) को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हम तीर्थयात्रियों के बैठने की व्यवस्था कर रहे हैं और जो लोग हेलीकॉप्टर से आ रहे हैं, उनके लिए होल्डिंग एरिया भी बना रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:23:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chamoli  Road Accident: खाई में गिरने से पहले पत्थर पर अटकी कार, चार लोगों की बची जान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब घिंघराण रोड पर ब्रह्मसैंण के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई की ओर गिर गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/car-stuck-on-a-stone-before-falling-into-a-ditch/article-85720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/chamoli-road-accident.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली (एजेंसी)।</strong> Chamoli Road Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब घिंघराण रोड पर ब्रह्मसैंण के समीप एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई की ओर गिर गई। राहत की बात यह रही कि वाहन एक बड़े पत्थर पर अटक गया, जिससे उसमें सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान बच गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन गोपेश्वर की टीम मौके पर पहुंची और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह फायर स्टेशन गोपेश्वर को सूचना मिली कि ब्रह्मसैंण के पास एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर पहुंचने पर राहत एवं बचाव दल ने देखा कि कार सड़क से नीचे गिरने के बाद एक बड़े पत्थर पर अटक गई थी। यदि वाहन और नीचे खाई में गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फायर सर्विस के जवानों ने बिना समय गंवाए वाहन में फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, गोपेश्वर के रौली ग्वाड़ निवासी मृदुल शाह अपने परिवार के साथ बागेश्वर जा रहे थे। ब्रह्मसैंण के निकट चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते कार सड़क से नीचे जा गिरी। वाहन में मृदुल शाह (48 वर्ष), उनकी पत्नी जिया शाह (42 वर्ष), पांच वर्षीय पुत्री हिताची शाह और तीन वर्षीय पुत्र लावण्य शाह सवार थे।</p>
<p style="text-align:justify;">गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रेस्क्यू अभियान में लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा के नेतृत्व में फायरमैन पवन सिंह, यशवंत सिंह और अंकित सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और पेशेवर कार्यशैली के कारण संभावित बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/chamoli-road-accident.jpg" alt="Chamoli Road Accident" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 15:47:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chamoli Accident: 400 मीटर गहरी खाई में गिरी ईको वैन, एक ही परिवार के 3 लोगों की गई जान</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र चमोली में शनिवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद पार्थिव शरीर को गांव लाने के लिए निकले परिजन स्वयं हादसे का शिकार हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/chamoli-accident-eeco-van-fell-into-400-meter-deep-ditch/article-85680"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/chamoli-accident-echo.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chamoli Accident: चमोली। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र चमोली में शनिवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद पार्थिव शरीर को गांव लाने के लिए निकले परिजन स्वयं हादसे का शिकार हो गए। पहाड़ी मार्ग पर चल रही एक ईको वैन अनियंत्रित होकर सैकड़ों मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। Chamoli News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य देहरादून से अपने दिवंगत रिश्तेदार का पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव लौट रहे थे। सुबह के समय वाहन जब चमोली जिले के दुर्गम वन क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और वाहन गहरी खाई में समा गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव दल ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल भेजा।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं मृतकों के शवों को भी खाई से निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लंबी यात्रा और सुबह के समय चालक को झपकी आने के कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रह पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त मार्ग को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेतक और नियमित निगरानी व्यवस्था बढ़ाने से ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। Chamoli News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:58:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने की प्रियंका से भेंट, राज्य की राजनीति पर की चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से गुरुवार को मुलाकात की और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, महिला कांग्रेस के संगठन की मजबूती, महिला शक्ति की भूमिका तथा आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/uttarakhand-mahila-congress-president-met-priyanka-and-discussed-the-politics/article-85579"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/dehradun-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/देहरादून (एजेंसी)।</strong> Dehradun News: उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव, लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से गुरुवार को मुलाकात की और राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, महिला कांग्रेस के संगठन की मजबूती, महिला शक्ति की भूमिका तथा आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज हो रही हैं। श्रीमती रौतेला ने श्रीमती वाड्रा को देवभूमि आने का भी निमंत्रण दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर उन्होंने सहमति व्यक्त की है। उन्होंने चुनावी वर्ष को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। मुलाकात के बाद श्री रौतले ने बताया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व लगातार उत्तराखंड में चुनावी तैयारी और संगठन विस्तार पर नजरें बनाये हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी पूरी तरह एकजुटता से तैयार है और भारतीय जनता पार्टी के कुशासन और कांग्रेस पार्टी के विजन को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/dehradun-news.jpeg" alt="Dehradun News" width="725" height="408"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttarakhand Tourist Places: गर्मियों में घूमने का बना रहे हैं प्लान? उत्तराखंड की ये 4 ठंडी और खूबसूरत जगहें बना देंगी छुट्टियां यादगार</title>
                                    <description><![CDATA[Uttarakhand Tourist Places: गर्मियों के मौसम में मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रुख करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/uttarakhand-tourist-places/article-85431"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/uttarakhand-tourist-places.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Uttarakhand Tourist Places: गर्मियों के मौसम में मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रुख करते हैं। अगर आप भी इस सीजन में किसी शांत, ठंडी और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह की तलाश में हैं, तो उत्तराखंड के ये खूबसूरत हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">औली</h4>
<p style="text-align:justify;">औली को आमतौर पर सर्दियों में स्कीइंग के लिए जाना जाता है, लेकिन गर्मियों में इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। चारों ओर फैले देवदार के जंगल और हिमालय की बर्फीली चोटियां पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। यहां ट्रेकिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। रोपवे राइड के दौरान नंदा देवी और माना पर्वत के शानदार दृश्य देखने को मिलते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुक्तेश्वर</h4>
<p style="text-align:justify;">मुक्तेश्वर एक शांत और सुकूनभरा हिल स्टेशन है, जो भीड़-भाड़ से दूर प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिताने का मौका देता है। यहां हरे-भरे जंगल, सेब और अन्य फलों के बाग पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए भी यहां कई गतिविधियां उपलब्ध हैं। साथ ही प्रसिद्ध मुक्तेश्वर मंदिर के दर्शन यात्रा को और खास बना देते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुनस्यारी</h4>
<p style="text-align:justify;">कुमाऊं क्षेत्र में स्थित मुनस्यारी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यह कई लोकप्रिय ट्रेकिंग रूट्स का प्रवेश द्वार माना जाता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, हरे-भरे मैदान और साफ-सुथरा वातावरण यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव देता है। जो लोग भीड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह एक आदर्श जगह है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लैंसडाउन</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर आप शांति और सुकून के बीच अपनी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो लैंसडाउन बेहतरीन विकल्प हो सकता है। अन्य लोकप्रिय हिल स्टेशनों की तुलना में यहां भीड़ काफी कम रहती है। देवदार के जंगल, सुहावना मौसम और शांत माहौल इस जगह को खास बनाते हैं। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अन्य आकर्षक हेडिंग्स</h4>
<p style="text-align:justify;">गर्मी से चाहिए राहत? उत्तराखंड की इन 4 ठंडी जगहों पर जरूर जाएं<br />परिवार संग घूमने के लिए बेस्ट हैं उत्तराखंड के ये खूबसूरत हिल स्टेशन<br />जून की छुट्टियों में करें उत्तराखंड की सैर, प्रकृति के बीच मिलेगा सुकून<br />भीड़ से दूर बितानी हैं छुट्टियां? उत्तराखंड की ये जगहें हैं परफेक्ट<br />गर्मियों में स्वर्ग जैसा एहसास दिलाएंगी उत्तराखंड की ये शानदार डेस्टिनेशन।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/uttarakhand-tourist-places.jpeg" alt="Uttarakhand Tourist Places" width="639" height="364"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 14:52:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा, सोनप्रयाग में चट्टान गिरने से एक की मौत, एक गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[ केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग क्षेत्र में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। हनुमान मंदिर के समीप अचानक पहाड़ी से ढीली चट्टानें और पत्थर गिरने से दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई जबकि दूसरे व्यक्ति का इलाज चल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/kedarnath-yatra-2026-big-accident-on-kedarnath-yatra-route-one/article-85269"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/uk-collespe.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Kedarnath Yatra 2026: रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग क्षेत्र में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। हनुमान मंदिर के समीप अचानक पहाड़ी से ढीली चट्टानें और पत्थर गिरने से दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई जबकि दूसरे व्यक्ति का इलाज चल रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना शुक्रवार सुबह 8 बजे सोनप्रयाग मार्केट में बैरियर के पास हुई। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे में उम्मेद सिंह नेगी (48) निवासी बड़ेथ और बम बहादुर (42) निवासी नेपाल घायल गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत सोनप्रयाग स्थित एमआरपी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उम्मेद सिंह नेगी की मौत हो गई। बम बहादुर की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम ने तुरंत अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">नंदन सिंह रजवार ने कहा, "शुक्रवार सुबह 8 बजे अचानक स्लाइडिंग हुई, जिसमें दो व्यक्ति चपेट में आ गए। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौत हो गई। हम दो दिन पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि इस क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही न करें। मैं खुद मौके पर गया था और लोगों को सचेत किया था।" उन्होंने बताया कि संवेदनशील जगहों पर अतिक्रमण करने वालों को हटाने के लिए सेक्टर अधिकारी और पुलिस लगातार प्रयास कर रही है लेकिन कुछ लोग नहीं मान रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रजवार ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करने और सेक्टर अफसरों को सहयोग करने की अपील की। इस घटना के बाद प्रशासन ने सोनप्रयाग क्षेत्र में ढीली चट्टानों को हटाने का काम तेज कर दिया है। केदारनाथ यात्रा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने की घटनाएं आम हैं, जिसके चलते यात्रियों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी है। एसडीआरएफ और पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि मौसम और भू-संरचना को देखते हुए यात्रियों को निर्देशित मार्गों पर ही चलने की सलाह दी जा रही है। Uttarakhand News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:29:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में विकसित होगा विशाल यमुना घाट, हजारों श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद के हरिपुर कालसी में निर्माणाधीन राज्य के पहले भव्य यमुना घाट के कार्यों को जुलाई माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/huge-yamuna-ghat-will-be-developed-in-uttarakhand-thousands-of/article-85219"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/pushkar-singh-dhami.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून (एजेंसी)। </strong>Dehradun News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जनपद के हरिपुर कालसी में निर्माणाधीन राज्य के पहले भव्य यमुना घाट के कार्यों को जुलाई माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास सीएम धामी ने वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम धामी की घोषणा के अनुरूप हरिपुर कालसी को धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल के रूप में पुनः स्थापित करने की दिशा में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। घाट निर्माण कार्य के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना की देखरेख कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">देवभूमि उत्तराखंड यमुनोत्री धाम के रूप में मां यमुना के उद्गम स्थल की भूमि होने के बावजूद राज्य में अब तक ऐसा कोई विकसित घाट नहीं था, जहां श्रद्धालु स्नान एवं धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आवश्यकता को गंभीरता से लेते हुए इसे अपनी घोषणा सूची में शामिल किया और हरिपुर कालसी में भव्य यमुना घाट निर्माण का संकल्प लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब एक किलोमीटर लंबे इस घाट को उत्तराखंड में यमुना का पहला विशाल घाट होने का गौरव प्राप्त होगा, जहां हजारों श्रद्धालु स्नान एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">ऐतिहासिक उल्लेखों के अनुसार, हरिपुर यमुना घाट कभी एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल हुआ करता था, जो बाढ़ में बह गया था। मुख्यमंत्री धामी ने इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का संकल्प लेते हुए यहां भव्य घाट निर्माण की शुरुआत कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार हरिपुर यमुना घाट को एक प्रमुख धार्मिक धाम के रूप में विकसित करने के लिए पूर्ण रूप से वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जौनसार-बावर क्षेत्र सहित श्रीकृष्ण एवं मां यमुना में आस्था रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का केंद्र बनेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी बजट में भी इस परियोजना के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है तथा प्रशासन को जुलाई माह तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच हरिपुर जमुना घाट के समीप पुराने पुल के पिलर पर 25 फुट ऊंची मां यमुना की भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। घाट के समीप विशाल मंदिर निर्माण हेतु भूमि भी दान स्वरूप प्राप्त हुई है, जिस पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/pushkar-singh-dhami.jpg" alt="Pushkar Singh Dhami" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 16:47:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>B.C. Khanduri Passes Away: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने जताया बी. सी. खंडूरी के निधन पर शोक</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी के निधन पर मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए सैन्य सेवा और राजनीतिक जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/bc-khanduri-passes-away-various-political-leaders-including-president-and/article-85091"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/bc-khanduri-death.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">B.C. Khanduri Passes Away: नई दिल्ली। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी के निधन पर मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए सैन्य सेवा और राजनीतिक जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने शोक संदेश में कहा कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बी.सी. खंडूरी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के क्षेत्र में ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने कहा कि देश तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि बी.सी. खंडूरी के निधन से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और दुर्लभ ईमानदारी वाले राजनेता को खो दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में देहरादून यात्रा के दौरान उनकी खंडूरी से मुलाकात हुई थी, जहां दोनों ने लोकसभा में सहयोगी के रूप में पुराने संबंधों को याद किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत तक खंडूरी का योगदान बहुमूल्य रहा, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए खंडूरी हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल प्रेरणादायक रहा और देशभर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि ह्यगोल्डन क्वाड्रिलेटरलह्ण और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के जरिए भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को बदलने में खंडूरी का दूरदर्शी योगदान देश के विकास इतिहास में मील का पत्थर बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 15:37:13 +0530</pubDate>
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