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                <title>कारोबार - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में 5% की बड़ी गिरावट, रुपया हुआ मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के बाद ब्रेंट और WTI कच्चे तेल की कीमतों में 5% तक गिरावट आई। जानें क्रूड ऑयल, रुपये की मजबूती और बाजार पर असर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/crude-oil-price-today-big-fall-in-crude-oil-prices/article-88737"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/crude-oil.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Crude Oil Price Today: नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख तेल बेंचमार्क में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:20 पर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.8 प्रतिशत से अधिक यानी करीब 4.64 डॉलर टूटकर लगभग 87.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल भी 5.09 प्रतिशत यानी लगभग 4.56 डॉलर गिरकर 85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। Crude Oil News</p>
<p style="text-align:justify;">तेल की कीमतों में यह तेज गिरावट ऐसे समय आई जब ईरान ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका भी सैन्य अभियान रोकता है तो वह आगे कोई हमला नहीं करेगा। इससे इस संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं। यह ताजा गिरावट पिछले तीन सप्ताह में तेल की कीमतों में आई तेज तेजी के बाद देखने को मिली है। इस दौरान ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। बाजार को आशंका थी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से हॉर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। ये दोनों दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग मार्गों में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा सऊदी अरब के रेड सी (लाल सागर) स्थित सऊदी अरामको की जिजान और यानबू बंदरगाहों पर हमले का दावा इस बात का संकेत है कि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार की तेज गिरावट के बावजूद इस महीने कच्चे तेल की कीमतें अब भी लगभग 40 प्रतिशत ऊंची हैं। इसका कारण यह है कि आपूर्ति संबंधी बाधाएं हॉर्मुज स्ट्रेट से बढ़कर लाल सागर तक फैल गई हैं, जो सऊदी अरब के तेल निर्यात का एक अहम मार्ग है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही अभी सामान्य स्थिति में नहीं लौटी है। इस अतिरिक्त, सोमवार को भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे की बढ़त के साथ 96.15 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.56 पर बंद हुआ था। Crude Oil News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 10:54:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>New Toll Tax Rules: हाईवे पर सफर से पहले जान लें नया टोल नियम, आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?</title>
                                    <description><![CDATA[ अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो टोल टैक्स से जुड़ा यह अपडेट आपके लिए बेहद अहम है। टोल वसूली की व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और दूरी के हिसाब से बनाने की दिशा में नए सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/before-traveling-on-the-highway-know-how-much-the-new/article-88719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/new-toll-tax-rules.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>New Toll Tax Rules: अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो टोल टैक्स से जुड़ा यह अपडेट आपके लिए बेहद अहम है। टोल वसूली की व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और दूरी के हिसाब से बनाने की दिशा में नए सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद वाहन चालकों को अनावश्यक टोल भुगतान और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत देना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फिक्स्ड टोल चार्ज से मिलेगी राहत?</h4>
<p style="text-align:justify;">पुरानी व्यवस्था में कई जगह कम दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भी पूरे निर्धारित टोल प्लाजा का शुल्क देना पड़ता था। नए दूरी-आधारित सिस्टम में जिस दूरी के लिए टोल लागू होगा, भुगतान को उसी वास्तविक यात्रा दूरी से जोड़ने का लक्ष्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">सैटेलाइट आधारित GNSS टोल कलेक्शन जैसी तकनीक के जरिए वाहन की यात्रा को ट्रैक करके दूरी के आधार पर टोल वसूलने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे खास तौर पर कम दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टोल प्लाजा पर नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन</h4>
<p style="text-align:justify;">नई तकनीक का एक बड़ा फायदा यह भी है कि टोल वसूली को ज्यादा ऑटोमेटेड बनाया जा सकता है। इससे वाहनों को टोल बैरियर पर रुकने की जरूरत कम होगी और लंबी कतारों से राहत मिल सकती है। वाहनों के लगातार चलते रहने से समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकती है। साथ ही हाईवे पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लोकल लोगों के लिए भी राहत</h4>
<p style="text-align:justify;">हाईवे के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को भी टोल व्यवस्था में राहत देने के लिए पास और डिजिटल सिस्टम को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे रोजाना हाईवे का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय वाहन चालकों को सुविधा मिल सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता</h4>
<p style="text-align:justify;">नई टोल व्यवस्था का उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इससे वाहन चालकों को टोल की गणना और भुगतान की बेहतर जानकारी मिल सकेगी तथा गलत या अतिरिक्त शुल्क की शिकायतों को कम करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, ध्यान रखें कि GNSS आधारित दूरी-आधारित टोलिंग को लेकर नियम और उसका लागू होना सभी हाईवे पर एक जैसा नहीं है। इसलिए इसे अभी हर नेशनल हाईवे पर लागू हो चुका नया नियम मानना सही नहीं होगा।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/new-toll-tax-rules.jpeg" alt="New Toll Tax Rules" width="722" height="406"></img>
New Toll Tax Rules: हाईवे पर सफर से पहले जान लें नया टोल नियम, आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?
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                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 17:06:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nirmala Sitharaman: आम लोगों को समय पर सेवाएं देना आयकर विभाग की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई में आयकर विभाग की नई इमारत 'आयकर सिंधु' के उद्घाटन के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि करदाताओं को समयबद्ध, पारदर्शी और सरल सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/nirmala-sitharaman-it-is-the-responsibility-of-the-income-tax/article-88717"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/taxpayers-and-nirmala-sitaraman.jpeg" alt=""></a><br /><div class="D5aOJc vJwDU">
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई,(सच कहूँ )</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि आयकर विभाग की भूमिका केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि करदाताओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि आम नागरिकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर न किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित आयकर विभाग की नई 13 मंजिला इमारत 'आयकर सिंधु' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने सरकारी कार्यप्रणाली में दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए, न कि उन्हें लंबे समय तक प्रतीक्षा करने के लिए विवश करना।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर दिया जोर निर्मला सीतारमण ने बताया कि जिस भूमि पर नई इमारत का निर्माण हुआ है, वह कई दशक पहले विभाग को आवंटित की गई थी, लेकिन लंबे समय तक उसका उपयोग नहीं होने के कारण वहां अवैध कब्जे की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा और उनका समय पर उपयोग सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस परियोजना के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मंजूरियों में आई कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि एक सरकारी विभाग को ही आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने में लंबा समय लग सकता है, तो आम नागरिकों को होने वाली कठिनाइयों का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">समयबद्ध और संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे नियमों का पालन करते हुए भी कार्यों में अनावश्यक विलंब से बचें और नागरिकों की वास्तविक समस्याओं को समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने वैध अधिकार प्राप्त करने के लिए अत्यधिक प्रयास नहीं करने पड़ने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो आयकर अधिकारियों के आवासीय मुद्दों पर भी ध्यान सीतारमण ने मुंबई और नवी मुंबई में कार्यरत आयकर अधिकारियों के आवास संबंधी विषय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अनेक अधिकारियों को सरकारी आवास उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबी दूरी तय कर कार्यालय पहुंचना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार आवश्यक सहयोग करेगी, जबकि निर्माण, प्रशासनिक स्वीकृतियां, निविदा प्रक्रिया और अन्य तकनीकी कार्य संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरे किए जाएंगे।</p>
</div>
<div class="hlJJmd">
<div class="Bmcqed" dir="ltr">
<div>
<div class="D5aOJc vJwDU" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="hlJJmd">
<div class="D5aOJc Hapztf" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="Bmcqed" dir="ltr">
<div style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 16:58:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Tehdil Arora]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nepal Indian Currency Rules 2026: नेपाल जाने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत, ₹200 और ₹500 के नए नोटों पर हटा बैन; जानें पूरी डिटेल</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल घूमने या कारोबार के सिलसिले में जाने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नेपाल सरकार ने करीब एक दशक पुराने प्रतिबंध को हटाते हुए ₹200 और ₹500 मूल्यवर्ग के नए भारतीय नोटों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/big-relief-for-indians-going-to-nepal-ban-on-new/article-88705"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/nepal-indian-currency-rules-2026.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Nepal Indian Currency Rules 2026: नेपाल घूमने या कारोबार के सिलसिले में जाने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नेपाल सरकार ने करीब एक दशक पुराने प्रतिबंध को हटाते हुए ₹200 और ₹500 मूल्यवर्ग के नए भारतीय नोटों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने 23 जुलाई 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले के बाद अब भारतीय और नेपाली नागरिक ₹200 और ₹500 के नए भारतीय नोट नेपाल ले जा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए नेपाल राष्ट्र बैंक ने कुछ नियम और सीमाएं भी तय की हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सिर्फ नए नोटों को मिली मंजूरी</h4>
<p style="text-align:justify;">नेपाल के नए नियमों के मुताबिक, यह छूट 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए नए ₹200 और ₹500 के भारतीय नोटों पर लागू होगी। यानी नोटबंदी से पहले जारी किए गए पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोट नेपाल में अब भी प्रतिबंधित रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका मतलब है कि नेपाल जाने वाले यात्रियों को पुराने भारतीय नोट साथ ले जाने से बचना होगा। केवल निर्धारित नियमों के तहत मान्य नए नोट ही नेपाल में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एक व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 ले जा सकेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारतीय मुद्रा ले जाने की सीमा भी तय की है। नए नियम के तहत एक व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 तक की भारतीय करेंसी नेपाल ले जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह नेपाल से भारत लौटते समय भी यात्री अधिकतम ₹25,000 तक भारतीय मुद्रा अपने साथ ला सकते हैं। इससे नेपाल की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों के लिए नकद लेन-देन पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तीसरे देश में ले जाना रहेगा गैरकानूनी</h4>
<p style="text-align:justify;">नए नियमों के बावजूद भारतीय मुद्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रतिबंध बरकरार रहेगा। नेपाल से किसी तीसरे देश में भारतीय करेंसी ले जाना गैरकानूनी रहेगा। यानी यह सुविधा केवल भारत-नेपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए निर्धारित सीमा तक ही लागू होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों को होगा फायदा</h4>
<p style="text-align:justify;">नेपाल भारतीय पर्यटकों के लिए लोकप्रिय विदेशी पर्यटन स्थलों में शामिल है। बड़ी संख्या में भारतीय लोग धार्मिक यात्रा, पर्यटन और कारोबार के लिए नेपाल जाते हैं। ऐसे में ₹200 और ₹500 के नए नोटों को मंजूरी मिलने से यात्रियों को नकद लेन-देन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब एक दशक बाद भारतीय मुद्रा के इन नोटों को लेकर नियमों में बदलाव भारत-नेपाल के बीच पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अहम कदम माना जा रहा है।</p>
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Nepal Indian Currency Rules 2026: नेपाल जाने वाले भारतीयों के लिए बड़ी राहत, ₹200 और ₹500 के नए नोटों पर हटा बैन; जानें पूरी डिटेल
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                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 15:18:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>FSSAI News: चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में एफएसएसएआई की बड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[एफएसएसएआई ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार में मानक से कम गुणवत्ता का दूध मिलने के बाद खाद्य सेवा प्रदाता पर कार्रवाई की। जानिए जांच और नियामक के फैसले की पूरी जानकारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/major-action-by-fssai-in-chandigarh-dibrugarh-express/article-88702"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/fssai-pic.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Chandigarh-Dibrugarh Express: नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्री कार में खाद्य गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाए जाने पर खाद्य सेवा प्रदाता सोपन रेस्टोरेंट के विरुद्ध कार्रवाई की है। जांच में दूध का नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद संबंधित संस्था पर जुर्माना लगाया गया। एफएसएसएआई द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन की पेंट्री कार से नोवा फ्लेवर्ड डबल टोंड मिल्क का नमूना परीक्षण के लिए लिया गया था। इस नमूने की जांच असम की राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में कराई गई, जहां परीक्षण रिपोर्ट में इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्ता मानकों से कम पाया गया। FSSAI News</p>
<h3 style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने संबंधित निर्माता और अन्य पक्षों को जांच निष्कर्ष भेजे। इसके बाद अलीपुरद्वार के निर्णयन अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 68 के तहत विधिक प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए नोटिस जारी किया। सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकृत प्रतिनिधि पर मानक से कम गुणवत्ता वाला खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के मामले में आर्थिक दंड लगाने का आदेश जारी किया गया। हालांकि, नियामक संस्था ने जुर्माने की राशि सार्वजनिक नहीं की है। FSSAI News</p>
<h3 style="text-align:justify;">देशभर में जारी है गुणवत्ता जांच अभियान</h3>
<p style="text-align:justify;">एफएसएसएआई इन दिनों खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर देशव्यापी निगरानी अभियान चला रहा है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में हाल ही में पंजाब स्थित एक हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स निर्माण इकाई का लाइसेंस भी निलंबित किया गया था। निरीक्षण के दौरान वहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उत्पादन गतिविधियां अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि सभी कमियों को दूर करने और सक्षम प्राधिकारी के सत्यापन के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू किया जा सकेगा। FSSAI News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 15:15:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mann Ki Baat: सब जानते हैं मेरा चाय से क्या रिश्ता: पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में बिजनौर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ की सराहना की। जानिए कैसे एक लाख रुपये से शुरू हुई पहल राष्ट्रीय पहचान तक पहुंची।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/everyone-knows-my-relation-with-tea-pm-modi/article-88695"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/herbal-tea-bijnaur.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) के नवीनतम संस्करण में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की महिलाओं के आत्मनिर्भरता अभियान की सराहना की। उन्होंने लखीवाला गांव की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ को ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण का प्रेरक उदाहरण बताया।<br /></p><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में चाय केवल एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने उल्लेख किया कि देशभर में चाय लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का माध्यम रही है। इसी क्रम में उन्होंने बिजनौर की महिलाओं की उस पहल का उल्लेख किया, जिसने पारंपरिक ज्ञान को स्वरोजगार में बदल दिया।<br /></p><h3 style="text-align:justify;">औषधीय गुणों से भरपूर हर्बल चाय बनी पहचान<br /></h3><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक औषधीय तत्वों से युक्त ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ विकसित की है। इस हर्बल चाय में लेमनग्रास, गिलोय, तुलसी, मुलेठी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जो इसे विशिष्ट स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक गुण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि कम समय में इस उत्पाद ने लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रयागराज महाकुंभ और दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य महोत्सव जैसे बड़े आयोजनों में इस हर्बल चाय को व्यापक सराहना मिली। विदेशी आगंतुकों ने भी इसमें विशेष रुचि दिखाई।<br /></p><h3 style="text-align:justify;">छोटी शुरुआत से बड़ी सफलता तक का सफर<br /></h3><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस पहल की सबसे प्रेरणादायक बात इसकी साधारण शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह उद्यम लगभग एक लाख रुपये की प्रारंभिक पूंजी से शुरू हुआ था। आज यह उत्पाद देश के कई प्रमुख संस्थानों तक अपनी पहुंच बना चुका है और महिलाओं के लिए आय का सशक्त माध्यम बन गया है।<br /></p><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि जब स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और महिलाओं के आत्मविश्वास का समन्वय होता है, तो छोटे स्तर पर शुरू हुआ प्रयास भी बड़े सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बन सकता है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे नवाचार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी गति प्रदान करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/everyone-knows-my-relation-with-tea-pm-modi/article-88695</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 12:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today: लगातार पांचवें दिन गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 0.43 प्रतिशत फिसले</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस बीच घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी 50, दोनों में 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/stock-market-today-stock-market-fell-for-the-fifth-consecutive/article-88632"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/stock-market-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। इस बीच घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी 50, दोनों में 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार पांचवां सत्र रहा, जब बाजार में गिरावट देखने को मिली। बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 331.62 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, तो वहीं, निफ्टी 50 102 अंक यानी 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,391.39 से 0.89 प्रतिशत यानी 683.2 अंक गिरकर 75,708.19 पर खुला और दिन के कारोबार में यह 1.20 प्रतिशत यानी 916.96 अंक गिरकर 75,474.43 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,869.60 से 0.85 प्रतिशत यानी 203.25 अंक गिरकर 23,666.35 पर खुला और दिन में एक समय यह 1.10 प्रतिशत गिरकर 23,606.30 के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया। व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.10 प्रतिशत और 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन मिलाजुला रहा, जिसमें निफ्टी मीडिया 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाला क्षेत्र बनकर उभरा। इसके बाद निफ्टी आईटी में 0.8 प्रतिशत की बढ़त, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.5 प्रतिशत की बढ़त और निफ्टी बैंक में 0.18 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, निफ्टी ऑटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 1.10 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी में 0.57 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.46 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.4 प्रतिशत और निफ्टी इंफ्रा में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">निफ्टी में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में इटरनल, बजाज फाइनेंस, एम एंड एम, श्रीराम फाइनेंस और बजाज-ऑटो शामिल रहे, जबकि सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी और एचडीएफसी लाइफ शामिल थे। इस सप्ताह सेंसेक्स में लगभग 2,100 अंकों या 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी में 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे सत्र में वृद्धि जारी रही और ब्रेंट क्रूड का सितंबर अनुबंध 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गया। इस सप्ताह अब तक ब्रेंट क्रूड में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले सप्ताह इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। पिछले तीन महीनों से लगातार गिरावट के बाद, ब्रेंट क्रूड जुलाई में अब तक लगभग 40 प्रतिशत ऊपर चढ़ चुका है। बाजार में गिरावट की ये एक बड़ी वजह रही। </p>
<p style="text-align:justify;">एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में 23,650-23,600 का स्तर निफ्टी 50 के लिए तत्काल महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। यदि इंडेक्स इस दायरे के नीचे मजबूती से फिसलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,450 और उसके बाद 23,300 तक जा सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 23,950-24,000 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा, जो 50-दिवसीय ईएमए के साथ मेल खाता है। यदि निफ्टी इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो बाजार में राहत भरी तेजी देखने को मिल सकती है। Stock Market Today</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 16:25:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today: लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक फिसला, निफ्टी 23,950 के नीचे</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स 200 अंक से अधिक टूटा, जबकि निफ्टी 23,950 के नीचे कारोबार करता दिखा। अमेरिकी टैरिफ, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का बाजार पर असर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/stock-market-today-stock-market-opened-in-red-sensex-slipped/article-88553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/stock-down-today.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Share Bazar Update: मुंबई। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को लाल निशान में हुई। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 208 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,553 और निफ्टी 51 अंक या 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,941 पर था। शुरुआती कारोबार में फार्मा शेयरों में गिरावट बनी हुई है और निफ्टी फार्मा 0.81 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। इसकी वजह अमेरिकी टैरिफ के ऐलान को माना जा रहा है। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे।  निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी डिफेंस और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान में थे। </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, एमएंडएम, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड हरे निशान में थे। इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एसबीआई, टीसीएस, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, सन फार्मा, इटरनल, भारती एयरटेल, टाइटन, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक लाल निशान में थे। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 152 अंक या 0.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,142 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 33 अंक या 0.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,097 पर था। </p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, हांगकांग, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। वहीं, शंघाई लाल निशान में था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार के सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। डाओ जोन्स 0.01 प्रतिशत के साथ सपाट और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।  Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारों ने कहा कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला करके हूती विद्रोहियों की आक्रामक एंट्री ने पश्चिम एशिया के संकट को और गहरा दिया है और ब्रेंट क्रूड की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। ब्रेंट क्रूड का भाव 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने से भारतीय शेयर बाजार की निवेशक भावना पर असर पड़ना तय है। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों के प्रति भारत की संवेदनशीलता से एक बार फिर व्यापक आर्थिक स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 10:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Petrol-Diesel Price Today: डीजल महंगा, पेट्रोल हुआ सस्ता, जानें नई कीमतें</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान सरकार ने हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 5.71 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी और पेट्रोल के दाम में मामूली कटौती की है। साथ ही अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रतिदिन तय करने की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/petrol-diesel-price-today-diesel-becomes-expensive-petrol-becomes-cheaper-know/article-88487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/bokaro-police.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Pakistan Fuel Price Today: इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में नया संशोधन करते हुए हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि पेट्रोल की कीमत में मामूली कमी की घोषणा की है। सरकार के इस निर्णय के बाद देश में परिवहन और माल ढुलाई की लागत पर फिर से असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। Petrol-Diesel Price Today</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिसूचना के अनुसार, हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 5.71 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इसके बाद डीजल का नया मूल्य 360.06 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, पेट्रोल की कीमत में 35 पैसे प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे इसकी नई कीमत 315.80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए ईंधन मूल्य निर्धारण की नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा नियमित अंतराल के बजाय प्रतिदिन की जाएगी। नई कीमतें वैश्विक बाजार में पिछले सात दिनों के औसत मूल्य के आधार पर तय की जाएंगी। Petrol-Diesel Price Today</p>
<p style="text-align:justify;">इस नई प्रणाली के तहत पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (ओजीआरए) प्रतिदिन अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित दरें जारी करेगी। सरकार का कहना है कि इससे मूल्य निर्धारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहे बदलाव का असर सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई क्षेत्र पर पहले से दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए में वृद्धि की गई है। इसके अलावा माल परिवहन कंपनियों ने भी अपने शुल्क बढ़ा दिए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों की लागत बढ़ने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवहन संगठनों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतों में आगे भी इसी तरह बदलाव होता रहा तो किराए और माल ढुलाई शुल्क में समय-समय पर संशोधन किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति का प्रभाव महंगाई, रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों और आम उपभोक्ताओं के खर्च पर भी पड़ सकता है। Petrol-Diesel Price Today</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:05:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Toll Tax News: जयपुर-दिल्ली हाईवे पर टोल हुआ महंगा, एनएचएआई ने बढ़ाया शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[एनएचएआई ने जयपुर-दिल्ली हाईवे समेत कई प्रमुख टोल प्लाजा पर नई टोल दरें लागू कर दी हैं। मनोहरपुर, शाहजहांपुर, टटियावास और सीतारामपुरा टोल पर शुल्क बढ़ने से निजी और व्यावसायिक वाहनों की यात्रा महंगी हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/toll-tax-news-toll-on-jaipur-delhi-highway-becomes-expensive-nhai/article-88482"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/jaipur-toll-plaza.jpg" alt=""></a><br /><p>Toll Tax Hike: जयपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा टोल शुल्क में संशोधन किए जाने के बाद जयपुर से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। संशोधित दरें सोमवार मध्यरात्रि से प्रभावी हो गई हैं और विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर नया शुल्क लागू कर दिया गया है। Toll Tax News</p>
<p>नई व्यवस्था के तहत जयपुर-दिल्ली मार्ग के मनोहरपुर टोल प्लाजा, शाहजहांपुर टोल प्लाजा, जयपुर-सीकर बाईपास स्थित टटियावास टोल प्लाजा तथा अजमेर-आगरा रिंग रोड के सीतारामपुरा टोल प्लाजा पर शुल्क में वृद्धि की गई है। निजी वाहनों से लेकर व्यावसायिक वाहनों तक अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार टोल दरों में संशोधन किया गया है।</p>
<p>मनोहरपुर टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों के टोल में मामूली बढ़ोतरी की गई है, जबकि बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए शुल्क में अधिक वृद्धि लागू हुई है। इसी प्रकार शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर भी निजी वाहनों के लिए नई दरें लागू होने से जयपुर और दिल्ली के बीच सड़क यात्रा का खर्च बढ़ गया है। Toll Tax News</p>
<p>नई दरों के प्रभाव से जयपुर से दिल्ली तक एकतरफा यात्रा करने वाले निजी वाहन चालकों को पहले की तुलना में अधिक टोल शुल्क देना होगा। नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले यात्रियों, व्यावसायिक प्रतिनिधियों और पर्यटकों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।</p>
<p>वहीं, टटियावास और सीतारामपुरा टोल प्लाजा पर निजी वाहनों के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन दोनों स्थानों पर केवल बसों, ट्रकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए संशोधित टोल दरें लागू की गई हैं। इससे परिवहन और माल ढुलाई क्षेत्र की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि टोल शुल्क में हुई वृद्धि का असर आने वाले दिनों में माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स सेवाओं और अंतरराज्यीय बस संचालन की लागत पर भी दिखाई दे सकता है। यदि परिवहन खर्च बढ़ता है तो इसका प्रभाव वस्तुओं की आपूर्ति और किराए पर भी पड़ सकता है।</p>
<p>एनएचएआई की ओर से लागू की गई नई टोल दरों के बाद जयपुर से होकर गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा अब पहले की अपेक्षा अधिक महंगी हो गई है। ऐसे में नियमित रूप से सफर करने वाले लोगों को अपने यात्रा बजट में अतिरिक्त खर्च का प्रावधान करना पड़ सकता है। Toll Tax News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 16:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडिगो का बड़ा दांव, CFM से 1,000 से ज्यादा LEAP इंजन खरीदने का ऐतिहासिक करार</title>
                                    <description><![CDATA[इंडिगो ने एक हजार से अधिक लीप इंजनों के लिए सीएफएम से किया करार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/indigos-big-bet-historic-agreement-to-buy-more-than-1000/article-88474"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/aviation-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span class="storydetails"><strong>नयी दिल्ली।</strong> देश की अग्रणी विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने एक हजार से अधिक लीप-1ए इंजनों के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं। इंडिगो ने सोमवार को बताया कि एमओयू के तहत 510 एयरबस ए320निओ फैमिली विमानों के लिए 1,000 से अधिक लीप-1ए इंजन खरीदे जाएंगे। यह लीप इंजनों के लिए इंडिगो की तरफ से अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा और सीएफएम इंटरनेशनल के इतिहास में भी एक नया रिकॉर्ड होगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="storydetails">इंजनों की खरीद के अलावा इस समझौते में इंडिगो की इंजन एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) सुविधा की स्थापना में सीएफएम सहयोग करेगी। साथ ही, कंपनी दीर्घकालिक मटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति की जायेगी। इस अवसर पर इंडिगो के नामित मुख्य कार्यकारी अधिकारी विली वॉल्श ने कहा, "जैसे-जैसे इंडिगो एक वास्तविक वैश्विक एयरलाइन बनने की दिशा में अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है, हमें खुशी है कि हम अपने एयरबस ए320/321निओ परिवार के विमानों की भविष्य की डिलीवरी के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।"</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span class="storydetails">इंडिगो के विमानों में साल 2016 से सीएफएम के इंजन हैं। उसके 375 से अधिक ए320/321 परिवारों के विमानों में सीएफएम के इंजन हैं।<br />सीएफएम इंटनेशनल की प्रवर्तक कंपनी जीई एयरोस्पेस के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एच. लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा, "पिछले एक दशक से इंडिगो ने अपने परिचालन प्रदर्शन के लिए सीएफएम पर भरोसा किया है। इस समझौते के साथ उस विश्वास को आगे बढ़ाने पर हमें गर्व है।"भारत सीएफएम का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। वर्तमान में देश की पांच विमान सेवा कंपनियां 400 से अधिक लीप इंजन से लैस विमानों का संचालन कर रही हैं और 2,000 इंजनों का ऑर्डर पहले से दिया जा चुका है।<br /></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 12:51:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>White Gold News: भारत का 'सफेद सोना' बना अर्थव्यवस्था की ताकत, ग्लोबल फाइबर उत्पादन में करीब 19% रही हिस्सेदारी </title>
                                    <description><![CDATA[भारत कपास के रकबे में दुनिया में पहले और उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। सरकार उत्पादकता बढ़ाने, निर्यात मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/white-gold-news-indias-white-gold-becomes-the-strength-of/article-88422"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/white-gold.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India's Cotton Production: नई दिल्ली। कपास उत्पादन और खेती के क्षेत्रफल के मामले में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश दुनिया में कपास के सर्वाधिक रकबे वाला देश है, जबकि उत्पादन और घरेलू खपत के मामले में दूसरा स्थान रखता है। कृषि और वस्त्र क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में कपास की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।  White Gold News</p>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश में लगभग 290.91 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ, जबकि घरेलू उद्योगों की मांग 328 लाख गांठ तक पहुंच गई। वैश्विक फाइबर उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत आंकी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में देश की मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने कपास क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनका उद्देश्य किसानों की उत्पादकता बढ़ाना, गुणवत्ता में सुधार करना, बाजार तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना तथा मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना है। बाजार में कीमतों में गिरावट आने पर किसानों को राहत देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खरीद अभियान भी संचालित किए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन के माध्यम से वर्ष 2031 तक कपास उत्पादन को लगभग 498 लाख गांठ तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग, डिजिटल खरीद व्यवस्था और उत्पाद की स्रोत-आधारित पहचान (ट्रेसबिलिटी) जैसी पहल भारतीय कपास की गुणवत्ता और वैश्विक स्वीकार्यता को और मजबूत बना रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में कपास की खेती लगभग 114.84 लाख हेक्टेयर भूमि पर की जाती है। इस फसल से करीब 60 लाख किसान परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। वहीं कपास की प्रसंस्करण इकाइयों, वस्त्र उद्योग, व्यापार और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में 4 से 5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। यही कारण है कि कपास को देश की अर्थव्यवस्था में 'सफेद सोना' कहा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्यात के क्षेत्र में भी भारतीय कपास ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत ने लगभग 18 लाख गांठ कपास का निर्यात किया, जिससे वैश्विक कपास व्यापार में देश की महत्वपूर्ण भागीदारी बनी रही। कपास और उससे तैयार वस्त्रों के निर्यात से देश को 11.49 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय कपास से निर्मित वस्त्रों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे बड़ा विदेशी बाजार रहा। इसके अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात भी प्रमुख आयातक देशों में शामिल रहे। यह स्थिति दर्शाती है कि भारतीय कपास और उससे तैयार उत्पादों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में कपास का उत्पादन मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में होता है। इसके अतिरिक्त ओडिशा और तमिलनाडु में भी कपास की खेती की जाती है, जिससे यह फसल देश के कृषि एवं औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 17:25:29 +0530</pubDate>
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