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                <title>अध्यात्म - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>10 साल बाद अपनों से मिलेगा बिछुड़ा अविनाश, डेरा सच्चा सौदा संगरिया के सेवादारों ने दिया सहारा</title>
                                    <description><![CDATA[रास्ता भटक कर अपनों से दूर हुए एक बेबस युवक के लिए संगरिया के सेवादार फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला 28 वर्षीय अविनाश पिछले 10 साल से सड़कों पर जिंदगी की जंग लड़ रहा था। भूख, प्यास और भीषण गर्मी से बेहाल अविनाश डबवाली रोड पर दयनीय हालत में मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/after-10-years-estranged-avinash-will-be-reunited-with-his/article-85820"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/kushnagar-youth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। रास्ता भटक कर अपनों से दूर हुए एक बेबस युवक के लिए संगरिया के सेवादार फरिश्ता बनकर सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला 28 वर्षीय अविनाश पिछले 10 साल से सड़कों पर जिंदगी की जंग लड़ रहा था। भूख, प्यास और भीषण गर्मी से बेहाल अविनाश डबवाली रोड पर दयनीय हालत में मिला। वह काम की तलाश में घर से निकला था, लेकिन किस्मत ने ऐसा भटकाया कि वह चाहकर भी वापस नहीं लौट सका। जो कुछ कमाया, वह भी चोरी हो गया। Sangaria News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मजबूर युवक पर जब डेरा सच्चा सौदा के सेवादार महेश गोयल इन्सां की नजर पड़ी, तो मानवता जाग उठी। उन्होंने तुरंत अन्य सेवादारों के सहयोग से उसे संभाला। पुलिस को सूचना देने के बाद अविनाश को मानवता भलाई केंद्र लाया गया। यहाँ सेवादारों ने उसे भरपेट भोजन कराया, नहलाया, उसके बढ़े हुए बाल-दाढ़ी काटे और नए कपड़ों का प्रबंध किया।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेदार लाल चंद इन्सां ने बताया कि अविनाश को केंद्र में रखकर उसकी पूरी देखभाल की जाएगी। जैसे ही उसकी हालत में सुधार होगा, उसे पूरे सम्मान के साथ उसके परिवार के पास उत्तर प्रदेश भेजा जाएगा। इस पुनीत कार्य में मोनू गोयल, नंद किशोर, बबलू, सुखदेव, अमरा राम सुरेन्द्र जग्गा और गुरचरण खोसा सहित कई सेवादारों ने अहम भूमिका निभाकर इंसानियत की एक अनूठी मिसाल पेश की है। Sangaria News</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/avinash-kushnagar.jpg" alt="Avinash-Kushnagar" width="995" height="600"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>अध्यात्म</category>
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                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 13:25:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी सरसा पधारे, साध-संगत की खुशियों का नहीं रहा ठिकाना </title>
                                    <description><![CDATA[ पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मंगलवार सुबह शाह सतनाम-शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा पधारे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/when-respected-guru-ji-came-to-sarsa-there-was-no/article-85459"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/ram-rahim-news1.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/ram-rahim-news1.jpg" alt="Ram-Rahim-News" width="623" height="344"></img>
पूज्य गुरु जी सरसा पधारे, साध-संगत की खुशियों का नहीं रहा ठिकाना

<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां मंगलवार सुबह शाह सतनाम-शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा पधारे। इस दौरान साध-संगत ने पूज्य गुरु जी का जोरदार स्वागत किया। पूज्य गुरु जी के पावन आगमन से साध-संगत की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। शाह सतनाम जी धाम में एकाएक रौनक लौट आई तथा देखते ही देखते चप्पा-चप्पा गुलजार हो गया। </p>
<h5 style="text-align:justify;">‘भजन सुमिरन से हल हो जाएंगे जीवन के मसले’</h5>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि कई लोग कहते हैं कि, हमें गुरुमंत्र की क्या जरूरत है? अगर आपकी डॉक्टरी रिपोर्ट की जाए, तो आप बिल्कुल तंदुरूस्त हैं, ब्लड भी आपका सही है, शारीरिक रूप से आप फिट हैं तो आपको रोज खाना खाने की क्या जरूरत है, क्यों खाते हो? जब आप टोटली फिट हैं और डॉक्टरों ने बोल दिया कि आप फिट हैं, कोई जरूरत नहीं है तो क्यों खाते हो। आप सीधा कहेंगे, अब जीने के लिए तो खाना पड़ता है ना। कि बॉडी वैसी ही बनी रहे, तंदुरूस्ती रहे, उसके लिए खुराक तो जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो उसी तरह आपके पास सब कुछ है, बाल-बच्चे, परिवार, सुख-शान्ति आपके पास है, लेकिन हमेशा के लिए रहेगा, क्या ये गारंटी है? कई बिल्कुल गरीब होते थे, आज अपने देश में नंबर वन या नंबर टू धनाढ्य बने बैठे हैं। और कई धनाढ्य होते थे, उनके घर उजड़ गए हैं, बर्बाद हो गए हैं, कोई उनका नाम नहीं लेता। <br />तो ये नहीं आप कह सकते कि जो समय आज चल रहा है, आने वाला वैसा ही होगा। समय में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। तो समय एक सार रहे इसके लिए मेहनत करना और राम का नाम लेना अति जरूरी है। ओउम, अल्लाह, वाहेगुरु, राम का नाम लेने में आपका लगता क्या है? आप पैदल जा रहे हैं, बजाय इधर-उधर देखने के चलते-चलते जीभा और ख्यालों से रब्ब का नाम लेते जाओ। जब नहाने जाते हो स्नान घर में, ज्यादातर लोग गाते हैं, क्योंकि किसी का डर ही नहीं होता, चाहे सुर में हो या बेसुर हो, अकेले हैं और अकेले को ही सुनाए जा रहे हैं, खुद को ही अच्छा लगे जा रहा है, यार बढ़िया गा रहा हूँ मैं। इसे कहते हैं बाथरूम सिंगर। बजाय कुछ और गाने के क्यों ना राम का नाम गा लो उस टाइम, नहा भी लोगे। नहाने का नहाना हो गया और आपकी जिंदगी के मसले हल होते चले जाएंगे, खुशियों से झोलियां भरती चली जाएंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 May 2026 09:06:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>संगरिया में दिखी डेरा सच्चा सौदा की 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम की झलक</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के वार्ड नं. 28 निवासी वेदप्रकाश योगी इन्सां (पुत्र दयाराम योगी) अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में सचखंड जा बिराजे। उनके अंतिम संस्कार दौरान डेरा सच्चा सौदा की 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम की अनूठी मिसाल देखने को मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/a-glimpse-of-dera-sacha-saudas-son-daughter-like-campaign-was-seen/article-84436"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/dss-campaign.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। शहर के वार्ड नं. 28 निवासी वेदप्रकाश योगी इन्सां (पुत्र दयाराम योगी) अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर प्रभु चरणों में सचखंड जा बिराजे। उनके अंतिम संस्कार दौरान डेरा सच्चा सौदा की 'बेटा-बेटी एक समान' मुहिम की अनूठी मिसाल देखने को मिली। Sangaria News</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की मर्यादाओं का पालन करते हुए, समाज की पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर सचखंडवासी वेदप्रकाश योगी की बेटी सुशीला इन्सां व पुत्रवधु रजनी इन्सां व सुनीता इन्सां ने अर्थी को कंधा दिया। रामबाग (शमशान घाट) में विनती का भजन बोलकर अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दुखद घड़ी में सच्चा नम्र सेवादार कृष्ण सोनी इन्सां, भोला सिंह इन्सां, रणवीर इन्सां सहित डेरा सच्चा सौदा की विभिन्न समितियों के जिम्मेवारों और साध-संगत ने पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक संतप्त परिवार में उनके पुत्र नरेश योगी इन्सां और मदन योगी इन्सां सहित अन्य परिजन मौजूद रहे। डेरा अनुयायियों द्वारा दी गई इस प्रेरणादायक विदाई की क्षेत्र में काफी चर्चा रही, जो महिला सशक्तिकरण व समानता का संदेश देती है। Sangaria News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 12:58:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगरूर के डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों का सराहनीय कार्य, पश्चिम बंगाल के परिवार ने पूज्य गुरु जी का तहेदिल जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[च्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मंगलवार को संगरूर के डेरा श्रद्धालुओं ने 22 साल पहले पश्चिम बंगाल से लापता हुई मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को अपने अथक प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाकर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/commendable-work-of-dera-sacha-sauda-followers-of-sangrur/article-84295"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/sangrur-welfare.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Insaniyat Campaign: संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। मंगलवार को संगरूर के डेरा श्रद्धालुओं ने 22 साल पहले पश्चिम बंगाल से लापता हुई मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को अपने अथक प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाकर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। आज उस महिला के परिवार के सदस्य 22 साल बाद अपनी बिछड़ी हुई सदस्य से मिलकर भावुक हो गए और पूज्य गुरु जी व डेरा श्रद्धालुओं का तहेदिल से धन्यवाद भी किया। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि परिवार के सदस्य उक्त महिला को मृत समझ बैठे थे। जानकारी के अनुसार 22 साल पहले लापता हुई महिला कल्पना बर्मन पश्चिम बंगाल की निवासी है। वह डॉक्टर हरी राम पिंगला आश्रम, समाना में भर्ती थी, जहाँ ब्लॉक संगरूर की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के जिम्मेवार जगराज इन्सां (रिटायर्ड इंस्पेक्टर) उसकी काउंसलिंग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे प्रयास करने पर टीम को उसके गाँव खाकरी बड़ी, पश्चिम बंगाल का पता चला। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से परिजनों का पता लगाया और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान पुलिस को मानसिक तौर पर विक्षिप्त महिला की विडियो और फोटो भेजी गईं और लगातार पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संपर्क बनाए रखा और महिला के परिवार तक पहुंच बनाई गई। परिवार को विश्वास दिलाने के लिए महिला के साथ विडियो कॉल करवाई गई, जिसमें परिवार ने अपनी लापता लड़की कल्पना बर्मन को पहचाना। इस दौरान लापता महिला का बड़ा भाई गौतम बर्मन अपने साथियों के साथ आया। दो दशकों बाद भाई अपनी बहन को देखकर भावुक और स्तब्ध हो गया। उन्होंने बताया कि वे अपनी बहन को मृत समझ बैठे थे। उन्होंने बताया कि मेरी बहन कल्पना बर्मन मानसिक परेशानी में थी और वर्ष 2003 से लापता थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमने थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी और उसकी काफी तलाश की थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। उक्त महिला के भाई ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व शाह सतनाम सिंह जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों का तहेदिल से धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके परिवार के लिए बड़ा उपकार किया। इसके बाद वह अपनी बहन को लेकर घर वापिस चले गए। इस मौके प्रेमी दिक्षांत इन्सां, सतपाल इन्सां, हरविन्द्र बबी इन्सां के अलावा पिंगला आश्रम, समाना की मैनेजमेंट कमेटी के प्रबंधक और सदस्य भी मौजूद थे। Sangrur News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 10:13:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राम-नाम ही आत्मबल देने वाली ताकत: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-ram-is-the-power-that-gives-self-confidence/article-84098"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/msg-2-2-696x392.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है। उसको भूलने से इन्सान के अंदर गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियां बढ़ती जाती हैं और इन्सान आत्मिक कमजोरी की वजह से हमेशा दु:खी व परेशान रहने लगता है। जिनके अंदर आत्मिक कमजोरी होती है, कोई भी बात उन्हें सहन नहीं हो पाती। बात-बात पे तुनक मिजाज, बात-बात पे गुस्सा करना आम बात हो जाती है। एक राम-नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका जाप करने से इन्सान के अंदर आत्मबल आता है, जिसके द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम में भी परेशान नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंदर जब आत्मिक कमजोरी आ जाती है, तो लोग बेवजह ही उलझे रहते हैं, बिना वजह लड़ते रहते हैं। आप जी फरमाते हैं कि आत्मबल, रूहानी शक्ति पाने के लिए सत्संग ही एक ऐसी जगह है, जहां एक अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब का नाम लिया जाता हो, एक मालिक की चर्चा होती हो, इन्सान वहां आकर बैठे, तो उसे पता चलता है कि सब कुछ उसके अंदर है, फिर भी वो कंगाल है।</p>
<p style="text-align:justify;">जो ब्रह्मांड में है, वो इन्सान के शरीर में है, जो राम का नाम जपता है, वही सब कुछ हासिल कर सकता है। उसे ही सब कुछ मिलता है, वरना जैसे लोग आते हैं, वैसे ही वापिस चले जाते हैं।  खाली हाथ आए, खाली हाथ लौट जाते हैं, लेकिन जो लोग सत्संग सुनते हैं, राम-नाम का जाप करते हैं, भक्ति करते हैं, वो ही उस परमात्मा की खुशियां हासिल करते हैं और वो मालिक के रहमो-कर्म को हासिल करके तमाम खुशियां पाकर इस कलियुग, मृतलोक में भी परमानन्द की प्राप्ति कर लिया करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 17:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>3 in 1 MSG Bhandara: ऐसे बेमिसाल वचन, जिनसे यह साफ जाहिर होता है&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सतगुरु के वचन मानवता के लिए वरदान होते हैं, जो हर युग की चुनौतियों और जरूरतों के अनुसार रूहानी रहबर मानवता के भले के लिए ऐसे परोपकार करते हैं, जिनकी महिमा और दयालुता के लिए शुक्रिया अदा करने के लिए मानव बुद्धि के पास शब्द नहीं होते। रूहानियत बेहद गहरी होती है और रूहानी रहबर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/such-incomparable-words-from-which-it-becomes-abundantly-clear/article-83551"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/3-in-1-msg-bhandara-26.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>सतगुरु के वचन मानवता के लिए वरदान होते हैं, जो हर युग की चुनौतियों और जरूरतों के अनुसार रूहानी रहबर मानवता के भले के लिए ऐसे परोपकार करते हैं, जिनकी महिमा और दयालुता के लिए शुक्रिया अदा करने के लिए मानव बुद्धि के पास शब्द नहीं होते। रूहानियत बेहद गहरी होती है और रूहानी रहबर का हर कदम न सिर्फ उनके श्रद्धालुओं/मुरीदों के लिए, बल्कि सम्पूर्ण कायनात की भलाई के लिए होता है। 3 in 1 MSG Bhandara</p>
<p>सच्चे सतगुरु और डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह सांई शाह मस्ताना जी महाराज और सच्चे दाता रहबर पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने डेरे के बारे में, साध-संगत और गुरगद्दी के बारे में ऐसे बेमिसाल वचन फरमाए, जिनसे यह साफ जाहिर होता है कि तीनों बॉडियां एक ही रूहानी ज्योत हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां इसी महान परोपकार को थ्री-इन-वन और एमएसजी का नाम देते हैं। वैसे भी रूहानियत का संदेश यह है कि सतगुरु कहीं जाता ही नहीं, वह सदा है, बस चोला बदलता है, ज्योत वही काम करती है।</p>
<h3>18 अप्रैल, 1960 को पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने मानवता का उद्धार करना शुरू किया</h3>
<p>18 अप्रैल, 1960 को सच्चे मुर्शिदे कामिल पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने नूरी चोला बदलकर पूजनीय बेपरवाह शाह सतनाम सिंह जी महाराज के रूप में मानवता का उद्धार करना शुरू किया और तीसरी बॉडी के बारे में भी वचन फरमाए कि सात साल (1967) बाद तीसरी बॉडी के रूप में आएंगे। गुरगद्दी की बख्शीश के बाद भी पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ”आपां” और ”आपणा” शब्द ही इस्तेमाल करते थे, न कि ”तुम” या ‘हम”! पूजनीय परम पिता जी ने चोला बदलते समय भी पूज्य हजूर पिता जी की छाती पर अपने पावन कर-कमल बार-बार लगाकर वचन फरमाए, ”हम कहीं नहीं चले, तेरे यहाँ (दिल) रहेंगे।”</p>
<p>पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने थ्री-इन-वन के महान परोपकार को ”एमएसजी” का रूप दिया है। आप जी फरमाते हैं कि आज भी सब कुछ ”शाह मस्ताना जी, शाह सतनाम जी” ही कर रहे हैं। पूज्य हजूर पिता जी इसी अभेदता को इन शब्दों के माध्यम से भी कलमबद्ध करते हैं:</p>
<h3>”खुद ही सजदा करूं, खुद ही कबूल करूं” | 3 in 1 MSG Bhandara</h3>
<p>इसी तरह, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के वचन पूज्य हजूर पिता जी की दया-मेहर के रूप में स्पष्ट नजर आ रहे हैं। पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने यह भी फरमाया कि ”सरसा-नेजिया एक हो जाएगा, संगत ही संगत होगी, थाली फैंकी जाएगी तो थाली नीचे नहीं गिरेगी।” भंडारों के दौरान साध-संगत के इक्ट्ठ से वचन हुबहु पूरे होते देखे जाते हैं।</p>
<p>प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं।यह भी तथ्य हैं कि पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने पूज्य हजूर पिता जी को गुरगद्दी की बख्शीश से पहले ही स्पष्ट इशारा कर दिया था कि परम पिता जी ही हजूर पिता जी के रूप में काम करेंगे। पूजनीय परम पिता जी को जब यह बताया गया कि श्री गुरुसर मोडिया वाले नंबरदार का लड़का (पूज्य हजूर पिता जी) हर सत्संग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में साध-संगत को लेकर जाता है, तो पूजनीय परम पिता जी ने आप जी से बातचीत करते हुए वचन फरमाए, ”अपना तो फिर काम यही है।’ 3 in 1 MSG Bhandara</p>
<p>पूजनीय बेपरवाह सांई शाह मस्ताना जी महाराज के बहुत सारे वचन पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के रूप में पूरे हुए और बहुत सारे वचन पूज्य हजूर पिता जी के रूप में पूरे हो रहे हैं। करोड़ों साध-संगत अपने दाता सतगुरु एमएसजी को थ्री-इन-वन दिवस पर करोड़ों बार सजदा और धन्यवाद करती है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 11:23:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘मन के मते चलो मत कोई,  गुरु कहे करो तुम सोई&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस कलियुग में सत्संग इन्सानियत के लिए जलते हुए भट्ठ में एक संजीवनी के समान है। क्योंकि गमों, दुखों, परेशानियों में इन्सान जल रहे हैं, इनसे बचने का एकमात्र उपाय सत्संग को सुनकर उस पर अमल कमाना है। जिस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/true-spiritual-guide-respected-guru-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan/article-83429"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस कलियुग में सत्संग इन्सानियत के लिए जलते हुए भट्ठ में एक संजीवनी के समान है। क्योंकि गमों, दुखों, परेशानियों में इन्सान जल रहे हैं, इनसे बचने का एकमात्र उपाय सत्संग को सुनकर उस पर अमल कमाना है। जिस तरह जलते हुए शरीर में बर्फ की ठंडक असर करती है उससे सैकड़ों, हजारों गुणा अधिक असर सत्संग में आने से तड़पते हुए जीव व जीवात्माओं पर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं सत्संग में आने के पश्चात ही इन्सान को यह मालूम पड़ता है कि उसके द्वारा कौन सा कार्य किया जाना चाहिए व कौन सा नहीं। जो जीव वचनों को सुनकर मान लिया करते हैं उन पर परमानंद की बरसात होती है, और जो मनमते चलते हैं वो अपने कर्मों की स्वयं ही रूपरेखा तैयार करके खुद ही पूरी जिंदगी उसमें उलझे रहते हैं। सत्संग में आने से ही इन्सान के जन्मों-जन्म के पापकर्म व जीते-जी भी जो कर्म भोगने हैं वो भी पहाड़ से राई में बदल जाया करते हैं। लेकिन यह तभी संभव है जब इन्सान सत्संग को सुनकर उसे माने व वचनों पर अमल करे। जब तक इन्सान वचनों पर अमल नहीं करता तब तक वह खोखला है, बिल्कुल खाली है तथा खुशियों से महरूम रहता है। इसलिए वचन सुनकर उन पर अमल करो, लेकिन मन के कहेअनुसार न चलो।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संत पिछले कितने वर्षों से ही कहते आ रहे हैं कि ‘मन के मते चलो मत कोई, गुरु कहे करो तुम सोई। ये भव में गोते खिलवाए, ये गुरु से बेमुख करवाए’ अर्थात् मन बहुत बुरी बला है। ये इन्सान को इस तरह से गुमराह करता है कि उसकी हिलने तक की मजाल भी नहीं होती। उसको कोई भी जंजीर व बेड़ियां नजर नहीं आती व न कोई जाल होता है, लेकिन मन उसे अपनी गिरफ्त में ऐसा लेता है कि आदमी की उसके चंगुल से निकलने की मजाल तक नहीं होती। उससे निकलने का एकमात्र उपाय है केवल सत्संग। संतों के वचन पर अमल कमाना ही एकमात्र उपाय ऐसा है जिससे आदमी मन के चंगुल से निकल सकता है। लेकिन जब इन्सान का सतगुरु, मौला पर विश्वास न रहे तो उसके लिए सत्संग सुनना या न सुनना एक समान है तथा अगर हर समय उसके मन की तार बजती रहे तो आप समझ लीजिए मन उसका बेड़ा गरक करने वाला है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 10:59:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>‘बुरे विचारों से कमजोर होती है सोचने की शक्ति’</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि राम का नाम जपने से आत्मा बलवान होती है और मन दबता चला जाता है। अगर आप सुमिरन करने का नियम नहीं रखते, सुबह-शाम मालिक को नियमानुसार याद नहीं करते तो आपके मन के विचार आप पर हमेशा हावी रहेंगे। पूज्य गुरु […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/negative-thoughts-weaken-the-power-of-thinking/article-83392"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/sirsa-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि राम का नाम जपने से आत्मा बलवान होती है और मन दबता चला जाता है। अगर आप सुमिरन करने का नियम नहीं रखते, सुबह-शाम मालिक को नियमानुसार याद नहीं करते तो आपके मन के विचार आप पर हमेशा हावी रहेंगे। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंदर जो बुरे विचार आते हैं, वो सब मन की देन हैं और जो अच्छे विचार आते हैं, वो आत्मिक विचार हैं। बुरे विचारों से इन्सान के शरीर पर हर तरह का असर होता है। शारीरिक शक्ति का नाश होता है, दिमाग के सोचने की शक्ति कम हो जाती है और बुरे विचारों का ताना-बाना बुनते रहने से इन्सान का आत्मबल कम होता चला जाता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान को सुमिरन का नियम बनाना चाहिए। जैसे आप सुबह तैयार होते हैं, नाश्ता लेते हैं, पढ़ने जाते हैं, दफ्तर जाते हैं, खेती-बाड़ी आदि काम-धंधे पर जाते हैं। ऐसे ही सुबह उठकर हाथ-मुंह धो लें, ताकि नींद उड़ जाए। अगर आपको यह मुश्किल लगता है तो चलो, लेटे-लेटे ही सुमिरन कर लें। क्योंकि यह सुमिरन बिल्कुल ही न करने से लाख गुणा बेहतर है।</p>
<p style="text-align:justify;">
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आप लगातार दो महीने सुबह-शाम 15-15 मिनट सुमिरन करके देख लें, अगर 1-1 घंटा करो तो कहना ही क्या। फिर तो हम भी गारंटी दे सकते हैं कि 100 प्रतिशत आपके अंदर मालिक के नजारे आएंगे ही आएंगे। अगर दो महीनों के घंटों को जोड़ो तो सिर्फ 5 दिन-रात बनते हैं। तो कितना आसान है कि आप अपने अंदर के आत्मबल को कैसे जगा सकते हैं और दुनिया के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास अति जरूरी है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संसार का मानना है कि इन्सान अपने दिमाग को 15-20 प्रतिशत तक ही इस्तेमाल में लाता है, जोकि रूहानियत की नजर से भी सच है। जो लोग रिसर्च करते हैं, सारा-सारा दिन या 18-20 घंटे काम करते हैं, वो 15-20 प्रतिशत और आम इन्सान 10-15 प्रतिशत ही अपना दिमाग इस्तेमाल करते हैं। सुपर कम्प्यूटर इसी दिमाग से निकला हुआ छोटा सा अंश है। वैज्ञानिकों ने भी आज माना है कि अगर आप आत्मबल चाहते हैं, तो सुबह-सवेरे 2 से 5 बजे के बीच में एक घंटा ध्यान में जाओ। उससे आपका आत्मबल बढ़ेगा, उस आत्मबल से आप दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे और इसके ज्यादा इस्तेमाल से आप परेशानियों से आजाद होते जाएंगे। इसलिए आत्मबल जागना बहुत ही जरूरी है और आत्मबल सुमिरन से आता है। सुमिरन करने में इतने फायदे हैं कि सारे गिनवाये नहीं जा सकते। आप सुमिरन करके देखें, अभ्यास करें तो आपको मालूम जरूर हो जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/negative-thoughts-weaken-the-power-of-thinking/article-83392</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:12:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>प्रभु की नूरे किरण कण-कण में मौजूद: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य आता है कि हे रहबर, मुझे पहले ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-divine-ray-of-the-lord-is-present-in-every-particle-revered-guru-ji/article-83273"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/sirsa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब इंसान अल्लाह-वाहेगुरु, गॉड, खुदा, राम से जुड़ जाता है तो उसके विचारों में तबदीली आती है, उसकी राह बदल जाती है और गुजरे हुए रास्तों को जब वो याद करता है तो वैराग्य आता है कि हे रहबर, मुझे पहले ही यह रास्ता क्यों नहीं मिला। फिर सतगुरु समझाता है कि तेरे कर्म या कर्मों का सिलसिला जब खत्म होता है, इंसान खुदमुख्त्यारी का इस्तेमाल करता है तो अल्लाह-वाहेगुरु का वो नाम सुनने को मिलता है और सच्ची सत्संग नसीब होती है। फिर वो जीवात्मा कहती है कि हे प्रभु, तेरे प्यार-मोहब्बत को पाकर मुझे समझ आई है कि आपकी ही नूरे-किरण कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है। सब अपने हैं, कोई दूजा नहीं, कोई वैरी-बेगाना तो है ही नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">मैं जिधर नजर मारती हूँ, पलक उठाती हूँ, बस! तू ही तू नजर आता है। हर किसी में तू समाया है और मुझे तेरे बिना कुछ और नहीं भाया। बस तू चाहिए, तू चाहिए रहबर, बस तू चाहिए। तेरे प्यार-मोहब्बत में जो लज्जत है, जो सुकून है, वो कहने-सुनने से परे है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि एक जीवात्मा कहती है कि मेरी पहचान के लिए मेरे शरीर का नाम रखा जाता है और उस नाम से दुनिया पुकारती है, पहचान बनती है। पता नहीं कितने लोग उस नाम को लेते रहते हैं, बस यह होता है कि मुझे बुलाया गया है। पर हे प्रभु, जब तू उस नाम को पुकारता है तो दिलो-दिमाग में ताजगी छा जाती है, एक लज्जत छा जाती है, एक नशा हो जाता है। एहसास होता है कि वास्तव में तू ही बुलाने के काबिल है, पर मैं बोलने के काबिल नहीं थी क्योंकि सतगुरु-दाता जब जीवात्मा को बुलाते हैं, आदमी का नाम लेते हैं तो जीवात्मा को भी खींचते हैं सिर्फ शरीर को नहीं। दुनिया में नाम शरीर की पहचान करते हैं। संत-फकीर नाम के द्वारा आत्मा की पहचान करते हैं और उसे प्यार-मोहब्बत से नवाज देते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:24:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>MSG Gurumantar Bhandara: धूमधाम से मनाया गया एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा, जरूरतमंदों को मिला सहारा, पक्षियों के लिए 353 सकोरे वितरित</title>
                                    <description><![CDATA[MSG Gurumantar Bhandara: सरसा। शाह सतनाम जी-शाह मस्ताना जी धाम में श्रद्धा, सेवा और मानवता का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गुरु जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/msg-gurumantar-bhandara-news/article-82719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">MSG Gurumantar Bhandara: <strong>सरसा।</strong> शाह सतनाम जी-शाह मस्ताना जी धाम में श्रद्धा, सेवा और मानवता का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गुरु जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा और मानव कल्याण रहा। भंडारे के दौरान 53 अति जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया गया, जिससे कई घरों में खुशियों की रोशनी पहुंची। डेरा श्रद्धालुओं ने बताया कि सेवा कार्य ही सच्ची भक्ति है और इसी भावना के साथ यह पहल की गई। वहीं पक्षियों के लिए 353 सकोरे (मिट्टी के जल पात्र) वितरित किए गए, ताकि बढ़ती गर्मी में परिंदों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।</p> <p style="text-align:justify;">जैसे इंसानों को पानी की जरूरत होती है, वैसे ही पक्षियों के लिए भी जल अत्यंत आवश्यक है। गर्मी के मौसम में अक्सर पक्षियों को पानी नहीं मिल पाता, जिससे उनकी जान पर बन आती है। ऐसे में सकोरे वितरित कर लोगों को अपने घरों की छतों और आंगनों में पानी रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि जीव-जंतुओं की सेवा भी उतनी ही जरूरी है जितनी मानव सेवा। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे नियमित रूप से इन सकोरों में साफ पानी भरें, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके। एमएसजी गुरुमंत्र भंडारे के इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जीव के प्रति दया और सेवा भाव ही उसका असली स्वरूप है। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी के अनमोेल वचनो को सुनाया गया।</p> <img class="wp-image-364541 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg.jpg" alt="" width="1283" height="712"></img>छाया: सुशील कुमार <p><img class="alignnone wp-image-364543 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-2.jpg" alt="" width="1230" height="741"></img></p> <p style="text-align:justify;">इस अवसर पर नशा मुक्ति को लेकर भी जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। पूज्य गुरु जी के प्रेरणादायक शब्दों को सुनाते हुए युवाओं को संदेश दिया गया—<strong>देश की जवानी, ड्रग की नादानी छोड़ो।</strong> इस संदेश ने उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं को गहराई से प्रभावित किया। डेरा श्रद्धालुओं ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। इसलिए हमें मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और एक स्वस्थ, जागरूक समाज का निर्माण करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर समाज सेवा और नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया। इस भंडारे ने न केवल लोगों को भोजन कराया, बल्कि मानवता, एकता और जागरूकता का संदेश भी दिया।</p> <img class="wp-image-364580 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-3.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>छाया: सुशील कुमार <img class="wp-image-364578 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-1-1.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>छाया: सुशील कुमार <img class="wp-image-364591 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-13.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>छाया: सुशील कुमार <img class="wp-image-364587 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-9.jpg" alt="" width="1000" height="667"></img>छाया: सुशील कुमार <img class="wp-image-364594 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-16.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>छाया: सुशील कुमार <img class="wp-image-364583 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-6.jpg" alt="" width="1000" height="667"></img>छाया: सुशील कुमार <p><img class="alignnone wp-image-364579 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-2.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img><img class="alignnone wp-image-364584 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-7.jpg" alt="" width="1000" height="667"></img><img class="alignnone wp-image-364585 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-8.jpg" alt="" width="1000" height="667"></img>  <img class="alignnone wp-image-364593 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-15.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>   <img class="alignnone wp-image-364589 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-11.jpg" alt="" width="1000" height="667"></img> <img class="alignnone wp-image-364588 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-10.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img>   <img class="alignnone wp-image-364595 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-17.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img> <img class="alignnone wp-image-364582 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-5.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img> <img class="alignnone wp-image-364581 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-4.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img> <img class="alignnone wp-image-364592 size-full" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/msg-gurumantar-bhandara-14.jpg" alt="" width="1000" height="662"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:40:38 +0530</pubDate>
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                <title>एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा को लेकर आई बड़ी जानकारी, जल्द पढ़ें</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। सभी साध-संगत को बड़े हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि दिनांक 25 मार्च 2026 को पावन धाम शाह सतनाम जी- शाह मस्ताना जी धाम, डेरा सच्चा सौदा में एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर भंडारे का शुभ आरंभ प्रात: 9:00 बजे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/msg-gurmantar-bhandara-news/article-82651"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/msg-gurmantar-bhandara-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> सभी साध-संगत को बड़े हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि दिनांक 25 मार्च 2026 को पावन धाम शाह सतनाम जी- शाह मस्ताना जी धाम, डेरा सच्चा सौदा में एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा दिवस अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर भंडारे का शुभ आरंभ प्रात: 9:00 बजे किया जाएगा।</p>
<p>25 मार्च 1973 को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने गुरुमंत्र की अनमोल दात बख्शी थी। इसी तरह डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज व पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने भी इसी मार्च महीने में गुरुमंत्र की दात प्राप्त की थी। इसलिए देश विदेश की करोड़ों साध-संगत इस पूरे माह को पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह के रूप में मानवता भलाई के 175 कार्य करके मनाती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 11:26:00 +0530</pubDate>
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                <title>MSG Bhandara: &amp;#8221;आप दो महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं!&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[MSG Gurumantra Bhandara Month: बुधरवाली (सच कहँ न्यूज)। पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह रविवार को राजस्थान की साध-संगत ने श्रद्धा भाव से मनाया। इस अवसर पर एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र मौजपुर धाम, बुधरवाली, सादुलशहर, श्रीगंगानगर (राज.) में पावन एमएसजी गुरुमंत्र माह के भंडारे का आयोजन किया गया। पावन भंडारे में इन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/an-extraordinary-spirit-of-devotion-was-witnessed-among-the-sadh-sangat-of-rajasthan-during-the-sacred-msg-bhandara/article-82356"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/bhandara-rajasthan-15-3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> <p><img class="wp-image-363416 alignleft" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/budhar-rangoli.jpg" alt="" width="318" height="214"></img>MSG Gurumantra Bhandara Month: बुधरवाली (सच कहँ न्यूज)। पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह रविवार को राजस्थान की साध-संगत ने श्रद्धा भाव से मनाया। इस अवसर पर एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र मौजपुर धाम, बुधरवाली, सादुलशहर, श्रीगंगानगर (राज.) में पावन एमएसजी गुरुमंत्र माह के भंडारे का आयोजन किया गया। पावन भंडारे में इन राज्यों से बड़ी संख्या में साध-संगत ने शिरकत की। उल्लेखनीय है कि पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज, पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मार्च माह में गुरुमंत्र प्राप्त किया था। इसलिए इस माह को डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह के रूप में मनाती है। MSG Bhandara</p> <h3>सुबह 9 बजे पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ के साथ पावन भंडारे का आगाज हुआ</h3> <p>सुबह 9 बजे पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ के साथ पावन भंडारे का आगाज हुआ। इस अवसर पर साध-संगत ने पवित्र नारा लगाकर पूज्य गुरु जी को पवित्र भंडारे की बधाई दी। वहीं कविराजों ने विभिन्न भक्तिमय भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया। तत्पश्चात साध-संगत ने बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पूज्य गुरु जी के पावन अनमोल वचनों को एकाग्रचित होकर श्रवण किया। इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों में ‘इन्सानियत’ मुहिम के महत्व को दर्शाती डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, जिसके तहत साध-संगत पूज्य गुरु जी के पावन वचनों पर चलते हुए मानसिक रूप से परेशान व मंदबुद्धियों की सार-संभाल और उपचार करवाकर उनके परिजनों के पास पहुँचाती है।</p> <p><img class="wp-image-363417 alignleft" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/budharwali-behna.jpg" alt="" width="785" height="340"></img></p> <p>इसके साथ ही नशों के खिलाफ जागरूक करते पूज्य गुरु जी के भजन ‘मेरे देश की जवानी’ और ‘आशीर्वाद मांओ का’ भी चलाए गए। नामचर्चा की समाप्ति पर सभी साध-संगत को सेवादारों ने कुछ ही मिनटों में प्रसाद और लंगर भोजन बरताया। इस दौरान साध-संगत की सुविधा के लिए डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्था सराहनीय रही। वहीं पावन भंडारे में ट्रैफिक, पंडाल, पेयजल, लंगर-भोजन, सफाई सहित विभिन्न समितियों के सेवादारों ने अपनी सेवाएं बखूबी निभाई। MSG Bhandara</p> <p><img class="wp-image-363418 alignright" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/budhar-langer-sewa.jpg" alt="" width="713" height="462"></img></p> <ul> <li>बड़ी संख्या में सेवादारों ने साध-संगत की सुविधा के लिए की सेवा</li> <li>गर्मी के मद्देनजर लगाई गईं पानी की छबीलें,</li> <li>मंदबुद्धियों की संभाल करने का संदेश दे गई डॉक्यूमेंट्री ‘इंसानियत’</li> <li>साध-संगत की सुविधा के लिए बनाए गए अलग-अलग ट्रैफिक ग्राऊंड</li> </ul> <h3>सत्संग में मिलता है सच का संग: पूज्य गुरु जी | MSG Bhandara</h3> <p>पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पावन अनमोल वचनों में फरमाया कि परमपिता परमात्मा की याद में बैेठना कोई आसान काम नहीं होता। सत्संग ऐसी जगह होती है, अगर ध्यान से सुनो तो आपके बहुत सारे सवालों का जवाब मिल जाता है। सत्संग ऐसी जगह होती है, जहां सच का संग मिलता है। आपजी ने फरमाया कि आज तपती-बलती दुनिया में, इस घोर कलियुग में सच कई लोग ढूंढ-ढूंढ कर बोलते हैं और सच बोलना मुश्किल है। यहां जिस सच की बात कर रहे हैं उसकी चर्चा करना तो बहुत ज्यादा मुश्किल है और वो सच है ओउम, हरि, अल्लाह, गॉड, खुदा, रब्ब, वाहेगुरु, परमात्मा। हर चीज़ बदल जाती है लेकिन मालिक न बदला था, ना बदला है और ना बदलेगा।</p> <p>पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि बात करते हैं साइंस, विज्ञान और परमपिता परमात्मा के संतों की, भक्तों की। क्या फ़र्क है? कई पढ़े लिखे सज्जन बैठे होंगे। सोच रहे होंगे परमात्मा होता ही नहीं। ये तो ना मानने वाली बात है। किसी बंद कमरे में बैठकर आप कह दो कि सारी दुनिया तबाह हो गई तो क्या आपके कहने से सारी दुनिया तबाह हो गई? लोग कहेंगे कि अरे तूने अपने आपको बंद कमरे में कैद कर रखा है, इसलिए तुझे बाहर दिखता नहीं, दुनिया तो ज्यों की त्यों है। तो उसी तरह आपके कह देने मात्र से कि परमात्मा नहीं होता, परमात्मा नहीं है, ये कहना गलत है। आपजी ने फरमाया कि वो (परमात्मा) कण-कण में है, पर तूने उसकी तरफ से अपने ज्ञान चक्षु बंद कर रखे हैं। ओपन माइंड बैठो, खुले दिल से बैठो, जो सवाल है हमसे पूछो, हम यूं चुटकियों में जवाब देंगे, है कैसे नहीं। MSG Bhandara</p> <p><img class="wp-image-363419 alignleft" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/budharwali-langar-prashad.jpg" alt="" width="647" height="348"></img></p> <h3>आप दो महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं आपको अंदर से मिलेगा: पूज्य गुरु जी</h3> <div>पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आप डिग्रियां लेते हैं, रिसर्च करते हैं, बड़ी-बड़ी डिग्रियां, कितनी ज़िंदगी लगाते हैं उसके लिए। ज़िंदगी के कम से कम, हमें जो लगता है, 20 से 30 साल के बीच का समय आप उन डिग्रियों के लिए, डॉक्टरेट के लिए लगाते ही लगाते हैं। तो आपने कह दिया कि परमात्मा होता नहीं, तो क्या उसके लिए रिसर्च करने में 20 से 30 महीने लगाए हैं? क्या आपने उसके लिए इतनी भक्ति की है? नहीं की, तो फिर बैठे-बैठे कैसे कह दिया कि वो नहीं है? हम कहें कि आपकी डिग्रियां ही नहीं है तो कैसे लगेगा?</div> <div></div> <div>आप कहोगे कि जी, मैंने 25 साल लगाए हैं, इधर 25 महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं आपको अंदर से मिलेगा। अजी, 25 महीने छोड़ो, आप दो महीने लगाओ इसकी गारंटी देते हैं और बताओ। डिग्री, जो एक दुनियावी डिग्री है, मेज के नीचे से भी मिल जाती है, बुरा ना मनाना, कलियुग है। बहुत जगहों पर देखा है। लेकिन ये वाली डिग्री प्रैक्टिकली मैथड आॅफ मेडिटेशन, गुरुमंत्र, नाम शब्द लेना पड़ेगा, उसका जाप करना पड़ेगा, परहेज रखने पड़ेंगे, सिर्फ दो महीने, थोड़ा देखना चाहते हो तो घंटा सुबह-शाम, पाँच दिन और रात बनते हैं दो महीनों में भी। इतना ही करके देख लो रिजल्ट न आए तो कह देना। MSG Bhandara</div> <div><img class="alignnone wp-image-363420" src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-03/traffic-budharwali.jpg" alt="" width="1332" height="534"></img></div> </div>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 09:56:18 +0530</pubDate>
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