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                <title>सत्संग - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>MSG Bhandara: डेरा सच्चा सौदा में &amp;#8216;बेशुमार खुशियों&amp;#8217; का काउंटडाउन शुरू, साध संगत में भारी उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[पावन अवतार दिवस का एमएसजी भंडारा आज MSG Bhandara 2026: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के 107वें पावन अवतार दिवस का पावन एमएसजी भंडारा डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत देश-विदेश में धूमधाम से मनाएगी। पावन भंडारे को लेकर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, महाराष्टÑ सहित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/the-msg-bhandara-for-the-holy-incarnation-day-is-being-held-today/article-80683"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/msg-bhandara-2026.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<h3>पावन अवतार दिवस का एमएसजी भंडारा आज</h3>
<p>MSG Bhandara 2026: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के 107वें पावन अवतार दिवस का पावन एमएसजी भंडारा डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत देश-विदेश में धूमधाम से मनाएगी। पावन भंडारे को लेकर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, महाराष्टÑ सहित विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी साध-संगत ने अलग-अलग पंडाल बनाए हैं। पावन भंडारा सुबह 10:30 बजे शुरू होगा। MSG Bhandara</p>
<p>इस अवसर पर सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां शाह सतनाम  शाह मस्ताना जी धाम, डेरा सच्चा सौदा सरसा से आॅनलाइन सत्संग फरमाएंगे। वहीं नशा व बुराइयां छुड़वाने का संकल्प भी दिलाया जाएगा। भंडारे को लेकर सभी सच्ची समितियों के सेवादारों ने अपनी-अपनी जगह पर अपनी ड्यूटियां संभाल ली हैं और सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। पावन भंडारे को लेकर साध-संगत में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<h3>देश और दुनिया में अपनी-अपनी जगह मनाएगी साध-संगत | MSG Bhandara</h3>
<p>गौरतलब है कि पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने 25 जनवरी सन् 1919 को गांव श्री जलालआणा साहिब, जिला सरसा में अवतार धारण किया था। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व साध-संगत इस दिवस को पावन एमएसजी भंडारे के रूप में मनाते हैं और विशाल स्तर पर मानवता भलाई के कार्य करते हैं।</p>
<p>पूज्य गुरु जी द्वारा लगातार एलोपैथी, आयुर्वेद और नेच्युरोपैथी के नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कैंपों में मरीजों की जांच और उपचार का पूरा खर्च पूज्य गुरु जी स्वयं वहन कर रहे हैं। कैंपों में अब तक हजारों मरीज लाभ उठा चुके हैं और ये सिलसिला लगातार जारी है।</p>
<p>इसके साथ ही पूज्य गुरु जी की ओर से जरूरतमंदों को राशन, गर्म कपड़े, दिव्यांगों को इलैक्ट्रिक ट्राइसाइकिल, जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें, गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, नशा छोड़ने वालों को ड्राईफ्रुट सहित पौष्टिक आहार की किटें देने सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। जिनकी समाज में चहुंओर प्रशंसा हो रही है। पावन एमएसजी अवतार दिवस की खुशी में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने 10 अति जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार की किटें दीं। MSG Bhandara</p>
</div>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 21:14:56 +0530</pubDate>
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                <title>Saint Dr. MSG: युवाओं के सच्चे पथ प्रदर्शक हैं सेंट डॉ. एमएसजी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/special-on-international-youth-day/article-74547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/international-youth-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने। पूज्य गुरु (Saint Dr. MSG) जी की डेफ्थ मुहिम से प्रेरित होकर जहां करोड़ों युवाओं ने नशों से तौबा की, वहीं ये युवा बुराइयों से दूर रहकर एक स्वस्थ समाज की संरचना में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूज्य गुरुजी के ही मार्गदर्शन का कमाल है कि उनके एक आह्वान पर सैकड़ों, हजारों नहीं बल्कि लाखों युवा एक साथ उठ खड़े होते हैं कभी नशों के खिलाफ तो कभी महानगरों को साफ करने के लिए चलाए गए ‘हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप’ सफाई महाअभियानों में शामिल होने तो कभी पौधारोपण अभियान के लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">‘अंतर्राष्टÑीय युवा दिवस’ के अवसर पर अगर हम एक ऐसी हस्ती का चयन करें जो वास्तविक अर्थों में यूथ आइकॉन हो तो वो हैं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)। पूज्य गुरुजी कभी संत के रूप में तो कभी पापा कोच के रूप में, कभी रॉक स्टॉर व फिल्म अभिनेता बनकर तो कभी रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान जैसी अद्भूत मुहिम चलाकर समाज को बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पूज्य गुरुजी के गीत-संगीत पर आधारित म्यूजिकल नाइट्स प्रोगाम ‘रूहानी रूबरू नाइट्स’ में उमड़ने वाला युवाओं का जनसमूह बदलते हुए समाज में आ रहे क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी रहा है। जहां युवा नशे व बुराइयों के लिए नहीं बल्कि राम-नाम, अध्यात्म और अपने सतगुरु के लिए रात-रात भर संगीत की धुनों पर थिरकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये पूज्य गुरुजी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी 7 करोड़ साध-संगत में अधिकत्तर युवा हैं, जो उनके वचनों की अक्षरश: पालना करते हैं। पूज्य गुरुजी के आह्वान पर युवा जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगाकर वर्ल्ड रिकार्ड बना देते हैं तो कभी समाज में तिरस्कृत दृष्टि से देखी जाने वाली वेश्याओं को भी अपने जीवनसाथी के रूप में बेहिचक अपनाने के लिए आगे आते हैं। पूज्य गुरुजी के एक आह्वान पर एक साथ हजारों युवा जीते जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का प्रण लेते हैं तो नशे की दलदल में फंसे युवा बुराई छोड़कर अध्यात्म पथ पर बढ़ते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण में जुटे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वकला संपन्न पूज्य गुरुजी का पावन सानिध्य पाकर डेरा सच्चा सौदा से जुड़े करोड़ों युवा संयमित और आदर्श जीवन यापन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। रिश्तों के प्रति ईमानदारी, बड़े बुजुर्गों का मान-सम्मान, पुरातन संस्कार व अध्यात्म से जुड़ाव और सदैव दूसरे के भले की कामना करना इन युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग है। पूज्य गुरुजी के वचनों की पालना करते हुए युवा मानवता भलाई के 168 कार्यों में लगे हुए हैं। ये युवा विदेश में रहकर भी मानवता भलाई के कार्य कर रहे हैं, युवाओं के इस विलक्षण सेवा भाव को देखकर पाश्चत्य जगत के लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं। अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और यूएई सहित कितने ही देशों में सफाई अभियान, रक्तदान और जरूरतमंदों की मदद सहित मानवीय कार्यों के लिए वहां के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के नाम अनेकों प्रशंसा पत्र दिए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Punjab Weather: हरियाणा सहित पंजाब में लौटेगी बारिश की रफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/the-pace-of-rain-will-return-in-punjab-and-haryana/">Haryana Punjab Weather: हरियाणा सहित पंजाब में लौटेगी बारिश की रफ्तार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/special-on-international-youth-day/article-74547</link>
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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 14:48:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>&amp;#8216;MSG&amp;#8217; Gurumantra Bhandara: पावन ‘एमएसजी’ गुरुमंत्र भंडारे को लेकर डेरा सच्चा सौदा से आई विशेष जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[तैयारियों में जुटे समितियों के सेवादार भंडारे का समय सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक ‘MSG’ Gurumantra Bhandara: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत कल 25 मार्च, दिन मंगलवार को पावन ‘एमएसजी’ गुरुमंत्र भंडारा शाह सतनाम शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा, सरसा में मना रही है। पावन भंडारे को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/special-information-came-from-dera-sacha-sauda-regarding-the-holy-msg-gurumantra-bhandara/article-68751"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/dera-sacha-sauda.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">तैयारियों में जुटे समितियों के सेवादार भंडारे का समय सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक</h3>
<p style="text-align:justify;">‘MSG’ Gurumantra Bhandara: सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत कल 25 मार्च, दिन मंगलवार को पावन ‘एमएसजी’ गुरुमंत्र भंडारा शाह सतनाम शाह मस्ताना जी धाम डेरा सच्चा सौदा, सरसा में मना रही है। पावन भंडारे को लेकर साध-संगत में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। इस अवसर पर मानवता भलाई कार्य भी किए जाएंगे। पावन भंडारे को लेकर पंडाल, लंगर-भोजन, पेयजल, ट्रैफिक सहित विभिन्न समितियों के सेवादारों ने अपनी-अपनी ड्यूटियां संभाल ली हैं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint MSG) को पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने 25 मार्च 1973 को पावन गुरुमंत्र की दात बख्शी थी। इसी माह में पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से और पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने पूजनीय साईं सावण शाह जी महाराज से गुरुमंत्र की दात प्राप्त की थी। इसलिए साध-संगत इस पूरे माह को पावन ‘एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा’ माह के रूप में रक्तदान, जरूरतमंदों को राशन, निराश्रयों के मकान बनवाना, जरूरतमंंद परिवारों की बेटियों की शादियों में आर्थिक सहयोग देना जैसे मानवता भलाई के 167 कार्य करके मनाती है। Sirsa News</p>
<p><a title="Birds Nurturing Campaign: पूज्य गुरुजी का हृदय से आभार, जिन्होंने हमें प्रेरित किया!" href="http://10.0.0.122:1245/the-volunteers-of-sangaria-block-came-forward-to-quench-the-thirst-of-birds-in-summer/">Birds Nurturing Campaign: पूज्य गुरुजी का हृदय से आभार, जिन्होंने हमें प्रेरित किया!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 09:35:03 +0530</pubDate>
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                <title>Anmol Vachan: ‘मालिक के नाम में बेइंतहा खुशियां’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ )। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग में जीव जब चलकर आते हैं, राम नाम का पाठ संत उन्हें पढ़ाते हैं। सुन कर जो अमल कमाया करते हैं उनके जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाते हैं और मालिक की दया-मेहर मुसलाधार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/there-is-infinite-joy-in-the-name-of-the-lord/article-65094"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/saint-dr-msg1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ )। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग में जीव जब चलकर आते हैं, राम नाम का पाठ संत उन्हें पढ़ाते हैं। सुन कर जो अमल कमाया करते हैं उनके जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाते हैं और मालिक की दया-मेहर मुसलाधार बरसती हुई उन्हें नजर आने लगती है। Anmol Vachan</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक के नाम में बेइंतहा खुशियां हैं। नाम का सुमिरन कोई नसीबों वाला और अच्छे संस्कारों वाला ही करता है। देखने में आता है कि मालिक का नाम अनमोल है। पर कोई-कोई ही ले पाता है, कोई-कोई ही उसका जाप कर पाता है। जो करता है, वो खुशियां जिसकी कभी कल्पना नहीं हो सकती, इन्सान को महसूस होती हैं। और इन्सान उन खुशियों को हासिल करके दोनों जहानों की सैर करना शुरू कर देता है। एक बार आत्मा अगर रुहानी मंडलों पर उड़ारी मार देती है तो कभी भी गिरती नहीं, बल्कि उड़ती चली जाती है। काल-महाकाल की भी ताकत नहीं होती कि उसे रोक सके। जीते-जी जब तक शरीर में आत्मा रहती है तो परमानंद की प्राप्ति होती है और मरणोपरांत आत्मा को मोक्ष मुक्ति मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जब तक जिंदगी है मालिक की भक्ति करो, आत्मरक्षा हर प्राणी का फर्ज है उसे करते रहना चाहिए। सुमिरन करते रहना चाहिए। मन के हाथों चढ़कर गलत कदम कभी न उठाओ। मन बड़ा जालिम है, जो भी इन्सान मन के हाथों मजबूर होकर बुरे कर्म करते हैं वो हमेशा दुखी रहते हैं, परेशान रहते हैं तथा खुशियां कभी उनके पास नहीं आती। Anmol Vachan</p>
<p><a title="Yaad-e-Murshid Eye Camp: 33वाँ याद-ए-मुर्शिद फ्री आई कैंप इस दिन से शुरू! पर्चियां इस दिन से बनने लगेंगी!" href="http://10.0.0.122:1245/yaad-e-murshid-free-eye-camp-3/">Yaad-e-Murshid Eye Camp: 33वाँ याद-ए-मुर्शिद फ्री आई कैंप इस दिन से शुरू! पर्चियां इस दिन से बनने लग…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/there-is-infinite-joy-in-the-name-of-the-lord/article-65094</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 12:01:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बरनावा में तैयारियों को अन्तिम रूप देने में जुटे सेवादार!</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा में MSG Satsang Bhandara कल बरनावा (सच कहूँ/रकम सिंह)। डेरा सच्चा सौदा की उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की साध-संगत 5 मई दिन रविवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा जिला बागपत (यूपी) में पावन एमएसजी सत्संग भंडारा मनाएगी। भंडारे का समय सुबह 11 बजे से दोपहर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/msg-satsang-bhandara-in-barnawa-tomorrow/article-57088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/saint-dr.-msg-5.jpg" alt=""></a><br /><h3>बरनावा में MSG Satsang Bhandara कल</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ/रकम सिंह)।</strong> डेरा सच्चा सौदा की उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की साध-संगत 5 मई दिन रविवार को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र शाह सतनाम जी आश्रम, बरनावा जिला बागपत (यूपी) में पावन एमएसजी सत्संग भंडारा मनाएगी। भंडारे का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। जिम्मेवार सेवादारों ने बताया कि पावन भंडारे की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। MSG Bhandara</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही ट्रैफिक, पानी, लंगर-भोजन सहित सभी समितियों के सेवादार दरबार में पहुंच गए हैं। पावन भंडारे को लेकर साध-संगत में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि सन् 1948 में पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज ने डेरा सच्चा सौदा का निर्माण कर डेरे में पहला सत्संग मई महीने में फरमाया था, इसलिए मई महीने में साध-संगत ‘सत्संग भंडारा’ मनाती है। MSG Bhandara</p>
<p><a title="Supreme Court: अरविंद केजरीवाल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ब्यान! जल्द होंगे बाहर?" href="http://10.0.0.122:1245/supreme-courts-big-statement-on-arvind-kejriwals-bail-will-kejriwal-be-out-soon/">Supreme Court: अरविंद केजरीवाल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा ब्यान! जल्द होंगे बाहर?</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 May 2024 10:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>महापरोपकार दिवस। मानवता भलाई कार्यों के नाम रहा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का पावन गुरगद्दी दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में उमड़ी अटूट श्रद्धा (Mahapropkar Diwas Celebration) सरसा(सच कहूँ न्यूज)। मौसम की बेरुखी व आसमां से बरसता पानी, बावजूद इसके राम नाम के परवानों से गुलजार डेरा सच्चा सौदा को आने वाली हर राह, जहां तक नजर दौड़ाओ संगत ही संगत, श्रद्धालुओं से खचाखच भरा सत्संग पंडाल, हर दिल में अपने मुर्शिद-ए-कामिल के प्रति अटूट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/mahapropkar-diwas-celebration-with-welfare/article-6031"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/dsc_0278.jpg" alt=""></a><br /><h2>बरसात में उमड़ी अटूट श्रद्धा <strong>(Mahapropkar Diwas Celebration)</strong></h2>
<p><strong>सरसा(सच कहूँ न्यूज)।</strong> मौसम की बेरुखी व आसमां से बरसता पानी, बावजूद इसके राम नाम के परवानों से गुलजार डेरा सच्चा सौदा को आने वाली हर राह, जहां तक नजर दौड़ाओ संगत ही संगत, श्रद्धालुओं से खचाखच भरा सत्संग पंडाल, हर दिल में अपने मुर्शिद-ए-कामिल के प्रति अटूट श्रद्धा भाव। मौका था पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पवित्र गुरगद्दी दिवस<strong>(Mahapropkar Diwas Celebration)</strong> का।</p>
<p>इस पवित्र दिवस को मनाने के लिए शाह सतनाम जी धाम में आयोजित नामचर्चा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का समंदर उमड़ पड़ा। हर तरफ दिखाई दे रहे थे तो सिर्फ राम नाम के दीवाने। इस पावन अवसर पर दुनिया के कोने-कोने से लाखों की संख्या में आए डेरा श्रद्धालुओं ने अपने मुर्शिद-ए-कामिल का पावन गुरगद्दी दिवस बड़ी ही श्रद्धा के साथ मनाया।</p>
<p>शाह सतनाम जी धाम स्थित सचखंड हॉल में आयोजित रक्तदान कैंप में 3488 यूनिट रक्त संग्रहण किया गया। परोपकार की इसी श्रृंखला में शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में आयोजित जन कल्याण परमार्थी कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दोपहर एक बजे तक 1547 मरीजों की नि:शुल्क जांच कर फ्री दवाएं वितरित की गई।</p>
<p>रक्त देने के लिए लाइनों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे रक्तदानियों का जोश देखते ही बन रहा था। पावन महापरोपकार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित नामचर्चा में देश-विदेश से भारी संख्या में पहुंची साध संगत ने राम नाम का गुणगान किया।</p>
<p>नामचर्चा के दौरान साध संगत ने रिकॉर्डिड वीडियो के माध्यम से पूज्य गुरु जी के अनमोल वचनों को श्रवण किया। नामचर्चा के दौरान 23 गरीब जरुरतमंद परिवारों को राशन, 31 जरुरतमंद दिव्यांगों को ट्राईसाईकिलें वितरित की।</p>
<p>इसके साथ ही ‘आशियाना’ मुहिम के तहत साध-संगत द्वारा निर्मित मकानों की चाबियां 02 गरीब जरुरतमंद परिवारों को प्रदान की। नामचर्चा की समाप्ति पर चंद मिनटों में ही समस्त साध-संगत को प्रसाद व लंगर का वितरण कर दिया गया।</p>
<p>वर्णननीय है कि 23 सितंबर 1990 को डेरा सच्चा सौदा की दूसरी पातशाही पूज्य परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को डेरा सच्चा सौदा की पवित्र गुरगद्दी की बख्शिश की थी। पूज्य गुरु जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों का खात्मा करने को वृहद स्तर पर जागरूकता अभियान छेड़ा व मानवता भलाई के 133 कार्य शुरू किए।</p>
<p>मानवता भलाई कार्यों में आज डेरा सच्चा सौदा के नाम 79 वर्ल्ड रिकॉडर्स व एशिया बुक आॅफ रिकॉडर्स दर्ज हैं। इन वर्ल्ड रिकॉडर्स में से पूज्य गुरु जी के नाम रक्तदान, नेत्रदान, महा सफाई अभियान, पौधारोपण, रक्तचाप (ब्लडप्रैशर) जांच, कोलेस्ट्राल जांच, डाइबीटिज जांच व दिल की इको जांच सहित विभिन्न क्षेत्रों में गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण मुहिम के तहत दुनियाभर में किए गए पौधारोपण में भी चार विश्व रिकॉडर्स शामिल हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Sep 2018 18:44:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टॉप टैन में पंजाब के 6 तो हरियाणा के 4 ब्लॉक</title>
                                    <description><![CDATA[456 ब्लॉकों के 175798 सेवादारों ने 1409119 घंटे किया सुमिरन|| Meditation सरसा(सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत के बीच चल रहे अद्भुत सुमिरन प्रेम मुकाबले में इस बार फिर टॉप थ्री में आने वाले सभी ब्लॉक हरियाणा के हैं। कैथल ब्लॉक ने जहां भारतवर्ष में नंबर वन पर रहने की उपलब्धि को बरकरार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/medication-competition-punjab-in-top-six-and-haryana-top-four/article-5835"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/meditation-.jpg" alt=""></a><br /><h2>456 ब्लॉकों के 175798 सेवादारों ने 1409119 घंटे किया सुमिरन|| Meditation</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा(सच कहूँ न्यूज)।</strong> डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत के बीच चल रहे अद्भुत सुमिरन प्रेम मुकाबले में इस बार फिर टॉप थ्री में आने वाले सभी ब्लॉक हरियाणा के हैं। कैथल ब्लॉक ने जहां भारतवर्ष में नंबर वन पर रहने की उपलब्धि को बरकरार रखा है वहीं हरियाणा के ब्लॉक सरसा ने दूसरा तो ब्लॉक धुराला ने तीसरा स्थान हासिल किया है। टॉप टैन की अगर बात करें तो इस बार पंजाब के 6 तो हरियाणा के 4 ब्लॉकों ने टॉप 10 में जगह बनाई है। सुमिरन प्रेम मुकाबले के दौरान भारतवर्ष व दुनियाभर के 456 ब्लॉकों के 175798 सेवादारों ने 1409119 घंटे सुमिरन किया।</p>
<h3>9867 सेवादारों ने 80488 घंटे सुमिरन कर दूसरा स्थान हासिल|| Meditation Competition</h3>
<p style="text-align:justify;">इस सुमिरन प्रेम मुकाबले में हरियाणा के ब्लॉक कैथल के 9965 सेवादारों ने 111777 घंटे सुमिरन कर पहले नंबर पर जगह बना ली वहीं ब्लॉक सरसा के 9867 सेवादारों ने 80488 घंटे सुमिरन कर दूसरा स्थान हासिल किया जबकि ब्लॉक धुराला के 2420 सेवादारों ने 41973 घंटे सुमिरन कर तीसरा स्थान पाया। इस बार के सुमिरन प्रेम मुकाबले में अलग-अलग राज्यों में पंजाब में ब्लॉक मोगा ने पहला स्थान हासिल किया, राजस्थान में ब्लॉक केसरी सिंहपुर, उत्तर प्रदेश में मिल्कीपुर, हिमाचल प्रदेश में ज्वाला जी, दिल्ली में ब्लॉक अलीपुर नरेला, उत्तराखंड में ब्लॉक विकासनगर, मध्य प्रदेश में अमला, छतीसगढ़ में बैकुंठपुर व विदेशों में आस्ट्रेलिया के मेलबोर्न ने पहला स्थान हासिल किया। इसके साथ ही विदेशों में मेलबोर्न, न्यूजीलैंड, दुबई, कत्तर, रोम, कुवैत, इंग्लैंड, सिपरस, कैनबेरा, बिजिंग, सिंगापुर व यूएसए में 265 सेवादारों ने 1709 घंटे तक सुमिरन किया।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Sep 2018 14:49:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ:  पूज्य गुरुजी</title>
                                    <description><![CDATA[रूहानी सत्संग: उमस भरी गर्मी के बावजूद पूज्य गुरु जी के दर्शनों को पहुंची लाखों में साध-संगत, 22780 लोगों ने लिया गुरुमंत्र सरसा। सत्संग में आना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। भाग्यशाली होते हैं वह जीव, जो सत्संग में चलकर आते हैं, पर और भाग्य बना लेते हैं जब वह सुनकर अमल कमाया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/indian-culture-top-on-the-world-saint-dr-msg/article-2415"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/saint-dr.-msg-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">रूहानी सत्संग: उमस भरी गर्मी के बावजूद पूज्य गुरु जी के दर्शनों को पहुंची लाखों में साध-संगत, 22780 लोगों ने लिया गुरुमंत्र</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> सत्संग में आना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। भाग्यशाली होते हैं वह जीव, जो सत्संग में चलकर आते हैं, पर और भाग्य बना लेते हैं जब वह सुनकर अमल कमाया करते हैं। आप भाग्यशाली बनो उसके लिए जरूरी है, सत्संग सुनना। उक्त वचन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी सत्संग में फरमाए। सत्संग के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की और पूज्य गुरुजी के वचनों को श्रवण किया। सत्संग के दौरान पूज्य गुरुजी ने 22,780 लोगों ने गुरुमंत्र लिया। हजारों लोगों ने जाम ए इन्सां ग्रहण कर बुराइयां त्यागने का संकल्प लिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कलियुग में सबसे मुश्किल है राम के नाम में बैठना</h2>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालुआें को पावन वचनों से लाभांवित करते हुए पूज्य गुरुजी ने फरमाया कि आज का दौर कलियुग का दौर है, इस दौर में इन्सान मनमते ज्यादा चलता है। काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार, मन और माया इन सब ने इन्सान को अपना गुलाम बना रखा है। आज इन्सान विषय विकारों में समय लगाता है, ठग्गी, बेईमानी, भ्रष्टाचार में समय लगाता है, झूठ बोलना उसमें समय लगाता है, चुगलियां करना, निंदा करना, गप मारना यह आजकल आम बात हो गई है। इस कलियुग में सबसे मुश्किल है राम के नाम में बैठना। राम के नाम का जाप करना।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि दस मिनट भी अगर प्रभु का नाम लेना पड़ जाए तो ऐसे लगता है कि जैसे बहुत सारा बोझ उठा लिया हो, ऐसे लगता है जैसे बहुत बड़ी कुर्बानी दे दी हो। दुनियां की तमाम बातें मसालेदार लगती हैं लेकिन राम नाम की बात अलुनी सिल की तरह लगती है कि यह तो बकबका समान है लेकिन आप नहीं जानते कई बकबकी चीजें सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। नीम की दातुन बड़ी कड़वी होती है लेकिन दातों के साथ मुंह की बहुत सी बीमारियों से निजात दिला देती है। नीम, करेला, जामुन, मैथी यह ऐसी चीजें है जिसे कोई खाना पंसद नहीं करेगा लेकिन क्या आप जानते है कि यह चीजें शरीर सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है और पुरातन समय में लोग इन्हें खाया करते थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">निंदा चुगली कभी भी नहीं करनी चाहिए</h2>
<p style="text-align:justify;">गांव में बड़ा अच्छा सा फल होता है नीम की निमौली। नीम के बीज लगते हैं पहले वह हरे रंग की होती है और फिर बाद में पीला रंग की हो जाती है। फिर हल्का सा संतरा रंग हो जाता है तो जब निमौली का रंग पीला या संतरा होता है तब वह खा ली या चुस ली जाए तो वह बहुत ही मीठी होती है और बड़ी ही गुणकारी होती है तो कहने का मतलब हर मीठी चीज फायदेमंद नहीं होती और हर कड़वी चीज नुकसानदायक नहीं होती।</p>
<p style="text-align:justify;">मीठे में चीनी है और अब डॉक्टर मानने लगे हैं कि चीनी सबसे घातक है, नमक है वह भी सबसे घातक है और आप नमक मिर्च वाली बाते ही पंसद करते हैं। जब खाने पीने में नमक मिर्च घातक है तो जो बातें भी नमक मिर्च वाली होती है वह भी उतनी ही घातक है। चुगली करते हो, एक तरह से आप दूसरों की मैल धोते हो, एक तरह से आप दूसरों की बुराइयां अपने आप में प्रवेश करने का मौका देते हो, इसलिए निंदा चुगली कभी भी नहीं करनी चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">समाज भलाई व राम-नाम की बातें करो</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरुजी ने फरमाया कि लोगों का एक रूतबा हो जाता है, लोग कहते हैं कि यह बंदा तो झूठ ही झूठ बोलता है, सारी जिंदगी निकल जाती है उन लोगों की लेकिन जब तक दिन में दस पंद्रह बार झूठ न बोल दे उनकी रोटी हजम नहीं होती और कोई भी उन पर यकीन नहीं करता। पता है कि छोड़ रहा है, झूठ बोल रहा है तो बातें वह करो जिसका कोई मूल्य हो, राम नाम की बात करो, हम गांरटी देने को तैयार हैं राम नाम की बात का मूल्य लाखों करोड़ो से बढ़ कर होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सृष्टि की भलाई की बातें करो। हम आपको गारंटी देते है सृष्टि की भलाई की बातें करने से किसी का भला हो ना हो आपका भला जरूर होगा। पुण्य दान की बात करो। सच्चा पुण्य, सच्चा दान बीमारों का ईलाज करवा दो, भूखों को खाना खिला दो, प्यासे को पानी पिला दो। यह कार्य करने की बातें करोगे और आप इन कार्यों को करोगे तो हम आपको गारंटी देते हैं कि आपका ही नहीं आपके परिवार का भला जरूर हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">तो यह वह बातें हैं तो मूल्यवान होती है, देश की तरक्की की बात, इन्सानियत और समाज के भले की बात यह बातें आप करो इसके साथ राम नाम की बात जैसे जैसे आप करते जाओगे वैसे वैसे आत्मिक शांति, आत्मिक आंनद आता जाएगा, लेकिन ऐसी बातें करने वाले बहुत कम होते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लग्न से सुनें सत्संग</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरुजी ने फरमाया कि आप सत्संग में आते हैं, हम भी सत्संग में आया करते थे और देखते थे कि सत्संग में कोई नया सज्जन आके बैठा है उससे हाथ मिलाया उससे पूछा सुना क्या हाल चाल है उधर राम नाम की चर्चा हो रही है। और इधर कोई और चर्चा हो रही है, बड़े दिनों के बाद आया है क्या हो गया और वह शुरू हो जाता है कि मेरे घर यह परेशानियां थी, मेरे घर में ये था वो था वगैहरा वगैरहा लेकिन वो जिसे सुना रहा है क्या वह तेरी तकलीफ दूर कर देगा, नहीं ना।</p>
<p style="text-align:justify;">अरे, सत्संग में तो खास कर, कोई भी तकलीफ कोई भी परेशानियां है अगर आप सत्संग लग्न से सुनोगे तो क्या पता वह मालिक आपकी परेशानियां दुख तकलीफ एक मिनट में दूर कर दे। ऐसी बातें अगर आपको सुनानी है , जो इसे सुनने के लायक है तो वह अल्लाह, वाहेगुरू, सतगुरू राम है जो सुनेगा भी और परेशानियां दूर भी करेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन्सान, इन्सान को क्या देगा</h3>
<p style="text-align:justify;">इन्सान, इन्सान को क्या दे सकता है। ठीक है! आप घर परिवार में हैं तो आपस में बात करने से कोई परेशानी नहीं है उससे दिल हल्का होता है। आप अपने गम को शेयर करो लेकिन सुनने वाला सच्चा दोस्त हो, सच्चा इन्सानियत का पहरेदार हो, उसके सामने अगर बात करो तो हो सकता है कि कुछ न कुछ वह आपको राह दिखा दे और ऐसा करने से आपका गम भी थोड़ा बहुत दूर हो जाएगा। पर आम तौर पर लोग बेवजह बिना सिर पैर की बातें करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल के नौजवान कहीं भी बैठते हैं तो बैठते ही शुरु हो जाते हैं कि चलो गपशप मारते हैं। हमें लगता है गप का मतलब तो जो आप झूठ बोलते हो, और शप का मतलब समय की बर्बादी है, कि आ जाओ गप मारकर समय की बर्बादी करते हैं। क्यों भाई? आज जो जिंदगी का दिन जी रहे हो वो आज ही है, कल नहीं आएगा। ये दिन आपकी जिंदगी में से कम हो गया। जो दिन, घण्टा, मिनट, सेकेण्ड गुजर जाता है आपकी कुल उम्र में से कम हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप निरंतर अपने अंतिम समय (मृत्यु) की ओर जा रहे हैं। तो फिर क्यों न हर दिन को नेकी में गुजारा जाए, खुशी में गुजारा जाए। क्या आपको ये शरीर खाने, पीने, सोने के लिए मिला है? आपका दिन गुजर रहा है, पर कुछ ऐसा गुजारो कि आने वाली दुनिया के लिए वो दिन रोशनी से भरा हो लोग उसकी रोशनी से आगे बढें। वो दिन राम नाम से, अच्छे कर्म करने से व लोगों का भला करने से गुजरेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अच्छाई में समय लगाओ</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरुजी ने फरमाया कि हमने देखा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादारों की फोटो विदेशों की किताबों में आ गई हैं, और वो फोटो इसलिए नहीं आई कि उसमें कुछ खास बात है वो फोटो इसलिए आई उन्होंने मानवता भलाई का खास काम किया था। लोग याद रखते हैं कि ये अच्छे काम करने वाले हैं, ये भले काम करने वाले हैं। इसलिए अच्छाई में समय लगाओ, समय का सदुपयोग करो। समय तो गुजरेगा लेकिन गुजरते समय के साथ-साथ समझ लेनी चाहिए, नासमझ नहीं बनना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कई लोग अच्छी-भली जिंदगी गुजार रहे होते हैं पर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे ही उनके गलत कामों की लिस्ट बढ़ती जाती है। आपको अच्छे कर्म करने हैं, आपको बुराइयों को छोड़ना है। आपको लगता है कि जिंदगी जीने का तजुर्बा ही अब आया है पहले तो पता नहीं था कि जिंदगी कैसे जीनी है? जिंदगी में क्या नजारे मिल सकते हैं? उम्र हो जाने पर आप कहते हो कि मुझे तजुर्बा आ गया। और लोग गलत कर्म करने लगते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अरे! आपकी उम्र गुजर गई, इसका मतलब ये नहीं है कि आपने गलत कार्य नहीं किए तो पश्चाताप हो रहा है बल्कि अच्छे कर्म नहीं किए उसका पश्चाताप होना चाहिए। और सिर्फ पश्चाताप ही नहीं, जो समय बचा हुआ है उसका सदुपयोग करते हुए अच्छे कर्म करो, क्योंकि समय का सदुपयोग आपको समाज में परिवार में इज्जत दिलाएगा। वो तमाम खुशियां देगा जिसकी आपने कभी कल्पना नहीं की होती। समय का सदुपयोग करना बहुत जरूरी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दुनिया को भारत ने सिखाई प्यार की परिभाषा</h2>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि भारतीय सभ्यता बहुत ही आगे थी। लेकिन आपने उसे मामूली बना दिया आपको लगता है कि विदेशी लोगों की सभ्यता, संस्कृति हमसे ज्यादा है। ये आपको भ्रम है, गलत सोच है। आप तो इतना ही जानते हैं कि भारत ने पूरी दुनिया को शून्य, दशमलव दिया, पर आप ये नहीं जानते कि प्यार की परिभाषा सिखाई भारत ने पूरी दुनिया को। लोग पशुओं की तरह रहते थे। हजारों साल पहले पवित्र वेदों में प्यार की परिभाषा सिखाई गई। और यहीं से ये भाषा पूरी दुनिया में फैली। इसलिए आप ये मत सोचो कि आप पिछड़े वर्ग से हो। संस्कृति, सभ्यता का उदय कहीं से हुआ है तो वो है भारत।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी नालंदा विश्वविद्यालय में यूएसए, कनाडा, यूके बाहर जितनी भी कंट्री हैं वहां के लोग पढ़ना पसंद करते थे। और पूरी दुनिया को बताया करते थे कि हम नालंदा यूनिवर्सिटी में पढ़कर आए हैं। और आज कोई अमेरिका या कनाडा पढ़ने गया होता है तो और कुछ हो न हो, टूटा सा सेंट लगाकर 15-20 लोगों को बात सुना प्रभावित कर लेते हैं कि तुझे पता नहीं मैं कनाडा गया हूं। दो-चार शब्द बोलना सीख लेते हैं। इंग्लिश को नाक में बोल लेते हैं विदेश की हो गई। और अगर हम मुंह से इंग्लिश बोलेंगे तो तो इंण्डियन इंग्लिश हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोग अब तो फूफा को भी अंकल और मामा को भी अंकल कहने लगे हैं। पहले चाचा नहीं कहलवाने देते थे। आज वालों को तो पता ही नहीं है हर एक को अंकल चाहे जो भी हो। क्या आपको अपनी भाषा बोलने में सहज नहीं लगती।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी भाषा में हर चीज का अलग नाम है। हमारी भाषा बड़ी ही मीठी है, वो अलग बात है कि आपने बिल्कुल बुरा हाल कर रखा है। जब किसी को घर बुलाते थे तो कहा करते थे- आइए, आप घर, आईएगा न। तो आजकल की बात होती है- आएंगा? बस यहीं पर बात खत्म। सारी मिठास को खूह-खाते में डाल दी जाती है। आपने भाषा का कचरा करके रख दिया है वरना इतनी मीठी भाषाएं हैं पर आप जीभ पर जोर नहीं लगाना चाहते इसलिए भाषा का कचरा किया हुआ है। हमारी संस्कृति, सभ्यता बहुत ही अच्छी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हमारी संस्कृति बहुत महान है</h2>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि हमारी संस्कृति बहुत महान है। आपको लगता है कि हमारी संस्कृति में कमी है ये आपका भ्रम है। हम महान सभ्यता का हिस्सा हैं जिसने पूरी दुनिया को सभ्यता सिखाई है। हमारे देश में ये सिखाया गया है कि 25 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। खासकर 23 सालों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए था। आप कहते हो कि पहले ताकत ज्यादा थी दिमाग कम था तो ये आपकी गलतफहमी है। पहले साऊंडलेस जहाज होते थे, आज तक नहीं बने। पहले परमाणु कंधे पर रखकर चलते थे आज तक नहीं हुआ। पहले परमाणु चल जाता था तो उसे रोका जा सकता था जो आज तक संभव नहीं हुआ। पहले जब चाहे वर्षा करवा लेते थे , जो आज तक संभव नहीं हुआ।</p>
<h2> ब्रह्मचर्य का पालन करना</h2>
<p style="text-align:justify;">पहले शरीर ही नहीं दिमाग भी आज के दौर से कई गुना ज्यादा पावरफुल और स्वस्थ होते थे। क्योंकि पच्चीस साल तक बच्चों को पता ही नहीं होता था कि गृहस्थ जिंदगी होती क्या है? गुुरुकुल में पढ़ाया जाता था, सख्त निर्देश होते थे। 23 साल तक ब्रह्मचर्य के अकॉर्डिंग युद्ध कला, विज्ञान कला, धर्म कला, समाज कला बहुत सारी अन्य कलाएं यानि शिक्षाएं दी जाती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">और 24-25 साल में गृहस्थ जीवन के बारे में बताकर 25 साल के बाद शादी की जाती थी तब जाकर पता चलता था कि ये नर और मादा होते हैं, अदॅरवाईज ब्रह्मचर्य पर ही जोर दिया जाता था और लोग सच्चे दिल से पालना करते थे। तब जो हाईट होती थी वो इंचों, सेंटीमीटरों और फुटों में नहीं हाथों में नापी जाती थी कि ये सात हाथ का है। सात हाथ का मतलब 10 फुट का कम से कम माना जाता था। और आजकल साढ़े सात फुट ही हो जाए तो जाने क्या हो जाए? यूं लगेगा जैसे आदमियों में कोई ऊंट घूम रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले हमारी ही प्रजाति थी। हमारे ही पूर्वज थे जिनकी हाईट इतनी होती थी और पावर कितनी थी, दिमाग कितना तेज था वो भी कहने-सुनने से परे है। इंसान पुनर्विकसित हुआ तो इंसान को लगता है कि पहले पिछड़े वाले थे आज वाले ज्यादा तेज हैं। कोई तेज नहीं है ये सिर्फ आपका भ्रम है। आज के युवा को ज्यादा अहंकार हो गया हो तो साऊंडलेस जहाज बना कर दिखाओ। परमाणु को कंधे पर टांगकर दिखाओ। जब चाहे बरसात करवा के दिखाओ। चन्द्रमा की रोशनी से खाना बनाया जाता था। पहले के लोग सफल क्लोन ज्ञाता थे, लेकिन ये सब तब कहीं देखने को नहीं मिलता।</p>
<h1 style="text-align:center;">सवाल-जवाब</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> किसी के पूर्वज अच्छे कर्म करते हैं तो आने वाली पीढ़ी सुखी रहती है, और बुरे कर्म करने पर दु:खी रहती है, शास्त्रों में लिखा है कि जो जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल भोगेगा। तो पूर्वजों के किए हुए कर्मों का फल आने वाली पीढ़ी क्यों भोगती है?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> आपके पूर्वज करोड़ों रूपए कमाकर जाएं तो आप प्रयोग में लाते हो क्योंकि वो आपकी जद्दी-जायदाद है। उसी प्रकार पूर्वजों के कर्म भी आपको ही भोगना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> दुनिया में सबसे मुश्किल काम क्या है?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> आज के दौर में राम का नाम जपना सबसे मुश्किल काम है। बड़े आसान से शब्द होते हैं पर उनका जाप करना ऐसा लगता है जैसे बोझा उठाना हो। अपनी आदतों को बदलना ये भी बहुत मुश्किल काम होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> पूज्य पिता जी, सपने मे जो आप जी दर्शन देते हो, वचन करते हो, क्या वो हम परिवार में बता सकते हैं जी?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> हां, जो आप सत्संग सुनते हो या समाज भलाई की बात, परिवार के भले की बात हो तो बता सकते हैं। अगर आपकी पर्सनल बात है तो वो कभी शेयर नहीं करनी चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">7 परिवारों को सौंपी मकान की चाबी</h2>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने सत्संग के दौरान 7 जरूरतमंदों विधवा सावित्री, पटौदी जिला गुरूग्राम, विधवा बबली इन्सां (गुरूग्राम), विधवा सीमा इन्सां, ब्लॉक कोटकपूरा (पंजाब), कालू इन्सां, ब्लॉक नाथूसरी कलां (सरसा), धर्मपाल इन्सां, ब्लॉक बुढलाड़ा (मानसा), निर्भय इन्सां, ब्लॉक शेरपुर (संगरूर) और संदीप कुमार, ब्लाक बरनाला (पंजाब) को साध-संगत द्वारा बनाए गए मकानों की चाबियां दी।</p>
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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2017 05:31:03 +0530</pubDate>
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