CBSE Board Exam: सीबीएसई ने परीक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव

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सीबीएसई ने परीक्षा प्रणाली में किया बड़ा बदलाव

10 वीं व 12 वीं की अंकतालिका में नहीं मिलेंगे एग्रीगेट मार्क्स

हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। CBSE Board Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनी वर्षों से चली आ रही परीक्षा परिणाम प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव करने की घोषणा की है। अब दसवीं में 12वीं के परीक्षा परिणाम में किसी भी विद्यार्थी को डिवीजन या डिस्टिंक्शन नहीं मिलेगी। इतना ही नहीं रिक्शा परिणाम में ओवरऑल डिविजन और कुल मार्क्स भी नहीं दिए जाएंगे। हालांकि प्रत्येक विषय के सामने प्राप्तांक जरूर मिलेंगे। ओवरऑल डिविजन या कुल मार्क्स न मिलने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

इस बदलाव के बाद सीबीएसई में पढ़ने वाला विद्यार्थी जब उच्च शिक्षा के लिए किसी भी शिक्षण संस्थान में दाखिला लेने जाएगा तो ओवरऑल डिविजन या कुल मार्क्स तय करने का अधिकार संबंधित संस्था के पास ही रहेगा। इसके अलावा सर्टिफिकेट में कुल अंकों के आधार पर किसी भी प्रकार का कोई सीजीपीए ग्रेड भी नहीं मिलेगा। सीबीएसई के इस फैसले का भविष्य में क्या असर पड़ेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इस परीक्षा परिणाम के बाद सीबीएसई स्कूलों पर जरूर असर पड़ेगा।

इस प्रणाली से सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो सकती है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भी जब देश के सभी शिक्षा बोर्ड औसत के आधार पर अंक दे रहे थे,तब भी सीबीएसई ने एक अलग तरीका अपनाकर कर विद्यार्थियों को अंक देने का काम किया था। तब भी इस प्रणाली से विद्यार्थियों को बहुत नुकसान हुआ था। अब इस नए बदलाव से भी कुछ ऐसा ही होने वाला है।

बेस्ट पाँच विषयों को बनाया जाएगा आधार | CBSE

इस बदलाव के संबंध में सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में कोई डिविजन या डिस्टिंक्शन नहीं देगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कोई ओवरऑल डिवीजन, डिस्टिंक्शन या मार्क्स को एग्रीगेट यानी सभी विषयों में प्राप्त कुल मार्क्स का योग नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी स्टूडेंट ने पांच से अधिक विषयों की पेशकश की है, तो एडमिशन के लिए इंस्टीट्यूट या एंप्लॉयर केवल बेस्ट 5 विषयों के मार्क्स को ही आधार मानेगा। इसका मतलब साफ है कि बच्चों को नहीं पता होगा कि उनके कितने मार्क्स या परीक्षा में क्या पोज़िशन आई है।

नौकरी देने वाली संस्था खुद करेगी गणना

परीक्षा नियंत्रकभारद्वाज ने कहा कि बोर्ड अंकों के प्रतिशत की गणना, घोषणा या सूचना नहीं देता है। उन्होंने कहा की अगर हायर एजुकेशन या रोजगार के लिए मार्क्स के प्रतिशत जरूरत है, तो इंस्टीट्यूट या नौकरी देने वाला खुद मार्क्स की गणना कर सकते है। बोर्ड ने मार्क्स को ज्यादा को लेकर मची होड़ और अनहेल्दी कॉम्पिटिशन से बचने के लिए ये फैसला लिया है। इससे पहले, सीबीएसई ने अनहेल्दी कॉम्पिटिशन से बचने के लिए मेरिट लिस्ट जारी करने की प्रथा को भी खत्म कर दिया था।

15 फरवरी से शुरू होंगी परीक्षाएं | CBSE

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं लगभग 55 दिनों में आयोजित की जाएंगी। बोर्ड द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस के मुताबिक सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए शैक्षणिक वर्ष 2023-24 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2024 से आयोजित करेगा। 10वीं की परीक्षा 21 मार्च और 12वीं की परीक्षा 5 अप्रैल 2024 तक खत्म होने की उम्मीद है। हर साल 35 से 40 लाख स्टूडेंट 10वीं और 12वीं करने के लिए सीबीएसई में अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं। बोर्ड, परीक्षा से उचित समय पहले अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर डेटशीट जारी करता है।

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