आज रोष मार्च के बाद चक्का जाम व ढोल बजाएंगे कच्चे कर्मचारी

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रविवार को भी रोडवेज का धरना रहा जारी: प्रशासनिक अधिकारी को सरकार के नाम सौंपा मांग-पत्र

  •  शिक्षा मंत्री सिंगला की कोठी के बाहर कच्चे कर्मचारियों का प्रदर्शन

संगरूर (सच कहूँ ब्यूरो)। रेगुलर करने की मांग को लेकर पिछले एक सप्ताह के संघर्ष की राह पर चल रहे पंजाब रोडवेज/पनबस व पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही। कच्चे मुलाजिमों ने रविवार को शिक्षामंत्री विजयइंद्र सिंगला की कोठी के समक्ष रोष प्रदर्शन किया। बस स्टैंड से सिंगला की कोठी तक रोष मार्च निकाला व प्रशासनिक अधिकारी को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। कच्चे मुलाजिमों ने एलान किया कि वह अपनी सेवाओं को रेगुलर करवाने के लिए ही नहीं, बल्कि पीआरटीसी, पनबस रोडवेज को निजीकरण से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सात दिन से सरकारी बसें न चलने के कारण पीआरटीसी को करीब 70 लाख का आर्थिक नुकसान पहुंचा है। सोमवार को कच्चे मुलाजिम मेन रोड़ पर रोष मार्च निकालते हुए चक्का जाम करेंगे व ढोल बजाएंगे।

यूनियन के प्रांतीय नेता जतिंदर सिंह गिल व डिपो प्रधान जसविंदर सिंह जस्सी ने कहा कि सात दिन से वह पक्का मोर्चा लगाए बैठे हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने उनकी मांगों को मानते हुए उन्हें रेगुलर करने का एलान नहीं किया है। 14 सितंबर को मुख्यमंत्री से बैठक तय करवाई है, जिसमें सरकार द्वारा ठोस हल निकालने की उम्मीद है। रविवार को राज्य भर में विधायकों व मंत्रियों को अपने मांग पत्र सौंपे गए हैं, ताकि वह सरकार तक उनकी मांगों को पहुंचाकर जल्द से जल्द उनकी सेवाओं को रेगुलर करने का फैसला सुनाएं।

पिछले करीब एक-डेढ़ दशक से कच्चे मुलाजिम नाममात्र वेतन पर सेवाएं निभा रहे हैं, जबकि विधायकों व मंत्रियों उनसे कई गुणा अधिक भत्ते वसूल रहे हैं। कैशियर रणजीत सिंह, सीनियर उपप्रधान अजीत सिंह ने कहा कि कच्चे मुलाजिमों की हिमायत में किसान संगठन, सीटू संगठन, सीटू, हरियाणा रोडवेज के संगठन, आॅल इंडिया फ्रीडम फाइटर फैमिली ग्रुप सभी ने समर्थन दिया है।

प्रदेश में ट्रांसपोर्ट माफिया का बोलबाला

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने सता में आने से पहले ट्रांसपोर्ट माफिया खत्म करने का वादा किया था, लेकिन आज भी ट्रांसपोर्ट माफिया का बोलबाला है व सरकारी बसों को लगातार पिछाड़ा जा रहा है। उन्होंने पंजाब रोडवेज पनबस व पीआरटीसी में कम से कम 10 हजार नई बसें डालने, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, बराबर काम बराबर वेतन देने, रिपोर्ट की कंडीशन रद कर मुलाजिम बहाल करने की मांग की। इस मौके पर रणदीप सिंह, चेयरमैन लखविदर सिंह, हरप्रीत सिंह, राम सिंह, सहसचिव रूपिदंर सिंह आदि उपस्थित थे।

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