सेवादारों ने मंदबुद्धि महिला को परिवार से मिलवाया

0
266
Welfare-Work

डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों को दिल से सलाम : मिट्ठू सिंह

  •  मानवता के सच्चे प्रहरी डेरा सच्चा सौदा के सेवादार : डॉ. शाम लाल

सच कहूँ/सुनील चावला
समाना/पटियाला। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन शिक्षाओं पर चलते डेरा श्रद्धालुओं ने एक मंदबुद्धि महिला को परिवार से मिलवाकर इन्सानियत की नयी मिसाल कायम की है। इस मौके ब्लॉक 15 मैंबर राम लाल इन्सां, अमित इन्सां और गुरचरन इन्सां ने बताया कि 16 सितम्बर को समाना-पातड़ां रोड पर सड़क किनारे एक मंदबुद्धी महिला घूम रही थी और इसकी जानकारी उन्हें मिली। सेवादारों ने सड़क किनारे घूम रही महिला से जानकारी हासिल करने की कोशिश की परन्तु उक्त महिला जानकारी देने में असमर्थ थी, जिसे पुलिस में जानकारी देने के बाद महिला को समाना के पिंगला आश्रम में छोड़ आए।

उन्होंने बताया कि पिंगला आश्रम में छोड़ने से पहले महिला की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी गई और बीते दिन फोन आया कि जो सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हो रही है वह मेरी माँं है। परिजनों ने उसकी माता का नाम सुनीता कौर निवासी गाँव खेतला तहसील सुनाम की रहने है और माता के देवर मिट्ठू सिंह ने जब अपनी भाभी को देखा तो उसकी आँखें भर आई। इस मौके मिट्ठू सिंह ने बताया कि मेरी भाभी पिछली 16 सितम्बर को घर से चली गई थी और इनका बेटा सोनी सिंह मां के दूर होने से बहुत परेशान रहने लगा था और हमने बहुत जांच-पड़ताल की पर भी मेरी भाभी का कुछ पता नहीं चला और हमनें सुनीत कौर के फिर से मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी।

उन्होंने बताया कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होती दिखी और हम फोन कर जानकारी प्राप्त कर आज समाना में पहुंच गए। उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का धन्यवाद करते कहा कि आज के समय में किसी के पास समय नहीं है और यह डेरा प्रेमी मानवता के लिए दिन-रात सेवा कर रहे हैं। मैं और मेरा पूरा परिवार मेरी भाभी को मिलाने में सेवादारों को तहदिल से धन्यवाद करते हैं और दिल से सलाम करते हैं और पूज्य गुरु जी का भी तहदिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने सेवादारों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित किया।

पिंगला आश्रम के डॉ. शाम लाल ने कहा कि आज के समय में लोगों के पास अपने परिवार के लिए समय नहीं है और यह डेरा श्रद्धालु दिन-रात एक कर मानवता की सच्ची सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बेसहारा मंदबुद्धियों को डेरा श्रद्धालु अक्सर ही पिंगला आश्रम छोड़ जाते हैं और इन बेसहारा को रहने को छत और खाना मिल जाता है जो कि बहुत बड़ी मानवता की सेवा है और कई परिवार अपने बिछड़ों को मिल जाते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी कड़ी में एक परिवार और जुड़ गया है जो अपने पारिवारिक सदस्य को ढूँढते हुए यहां पहुँचे हैं, यह हुआ है सिर्फ और सिर्फ डेरा श्रद्धालुओं की वजह से, मैं और मेरी पूरी टीम डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू जी और डेरा श्रद्धालुओं का तहदिल से धन्यवाद करते हैं और पहले की तरह उम्मीद भी करते हैं कि बेसहारा मन्दबुद्धियों को पिंगला आश्रम में पहुंचाएं और बिछड़ों को परिवारों के साथ मिलाते रहें। इस मौके ब्लॉक भंगीदास ललित इन्सां, समूह 15 मैंबर, पिंगला आश्रम के सेवादार और गणमान्यजन उपस्थित थे।

आवारा पशु से भी बुरी हालत में मिला सलीम, चल रहे थे कीड़े, इंसानियत के देवताओं ने दी नई जिंदगी

सालों से सड़कों पर घूम रहे मानसिक तौर पर बीमार स्वर्ण और उस्मान का इलाज करवा डेरा प्रेमियों ने परिजनों से मिलवाया

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।