Earthquake Today : सुबह-सुबह भूकंप से कांपी धरती, इमारतों से बाहर भागते दिखाई दिए लोग

Earthquake Today
Earthquake Today : सुबह-सुबह भूकंप से कांपी धरती, इमारतों से बाहर भागते दिखाई दिए लोग

बेंगलूरू (एजेंसी)।Earthquake Today: कर्नाटक में शुक्रवार सुबह भूकंप ( Earthquake) के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केन्द्र विजयपुरा शहर में था और इसकी तीव्रता 3.1 मापी गई है। हालांकि अभी तक भूकंप के चलते किसी तरह के जान मान के नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक ये भूकंप सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर आया और इसका केंद्र पृथ्वी की सतह के 10 किलोमीटर नीचे रहा। आपको बता दें कि इससे पहले 20 नवंबर को भी कर्नाटक में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। कर्नाटक में भूकंप का केंद्र तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से 255 किलोमीटर और नागपुर से 265 किलोमीटर दूर था। इस दिन कर्नाटक के अलावा तेलंगाना और महाराष्ट्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। Earthquake Today

Trending News: 12 साल के मयंक कैसे बना करोड़पति, सोशल मीडिया पर बनी चर्चा का विषय

भूकंप से मैक्सिको सिटी की इमारतें हिली | Earthquake Today

वहीं मैक्सिको सिटी में गुरुवार देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की 5.8 तीव्रता मापी गई। भूकंप से मैक्सिको सिटी की इमारतें हिल गईं। वहां के स्थानीय लोग इमारतों से बाहर भागते दिखाई दिए और सड़कों पर इकट्ठा हो गए। पूरी राजधानी में भूकंप के अलार्म बजने लगे। फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है।

भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें |  Earthquake Today

  • भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
  • बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।
  • अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।
  • वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।
  • भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।
  • भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

क्या होता है रिक्टर स्केल | Earthquake Today

भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

भूकंप की तीव्रता के हिसाब से क्‍या हो सकता है असर | Earthquake Today

  • 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
  • 2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
  • 3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
  • 4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
  • 5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
  • 7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
  • 8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
  • 9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं।
  • अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।