समाज में भाईचारा और शांति जरूरी

Haldwani Madrasa Violence

उत्तर प्रदेश के बरेली और उत्तराखंड के हलद्वानी (Haldwani Madrasa Violence) में घटित घटनाओं के मद्देनजर अफवाहों से बचना जरूरी है। शरारती तत्व ऐसे मौकों का फायदा उठाकर समाज में अराजकता और नफरत का माहौल पैदा करने की कोशिश करते हैं। उत्तराखंड में दो धार्मिक स्थलों को हटाने का मामले ने तूल पकड़ लिया। उधर बरेली में एक धार्मिक नेता को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में हिरासत में लिया गया, जिससे तनाव फैल गया। लेकिन इस दौरान प्रदर्शन के नाम पर आम राहगीरों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। दरअसल, जरूरी है कि धार्मिक नेता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें।

धार्मिक नेताओं का कार्य समाज में शांति को मजबूत करना होता है। यदि कहीं भी हिंसा की बात करता है तो वहां अमन शांति की बात करनी चाहिए। वास्तव में मौकाप्रस्त राजनीतिक ताकतों को अपनी रोटियां सेकने के लिए धार्मिक विवाद पैदा करने का प्रयास करती हैं, जिसका खमियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है। जब नफरत का जहर पैदा हो जाए तो दूसरे धर्म का व्यक्ति शत्रु जैसा लगने लगता है। बेहतर होगा यदि राजनेता तकनीकी और कानून संबंधी मामलों को सांप्रदायिक रंग देने से बचें। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करना भी जरूरी है। अमन शांति व भाईचारे से ही समाज खुशहाल होगा और देश विकास की राह पर अग्रसर होगा।

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