Trending News: 12 साल के मयंक कैसे बना करोड़पति, सोशल मीडिया पर बनी चर्चा का विषय

Trending News
Trending News: 12 साल के मयंक कैसे बने करोड़पति, सोशल मीडिया पर बनी चर्चा का विषय

Kaun Banega Crorepati 15: अमिताभ बच्चन के क्विज-बेस्ड रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 15’ में 8वीं क्लास के छात्र मयंक ने 1 करोड़ रुपए जीतकर इतिहास रच दिया है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले मयंक ने केबीसी जूनियर्स वीक में एक करोड़ की राशि जीती। मयंक के पिता प्रदीप कुमार दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल हैं और मां बबीता गृहणी है। उसका एक छोटा भाई वंश है, जोकि दूसरी कक्षा में पढ़ता है। Trending News

एक करोड़ के सवाल में मयंक से पूछा गया, ‘किस यूरोपीय मानचित्रकार को वो मानचित्र बनाने का श्रेय दिया जाता है, जिसमें नए खोजे गए द्वीप को अमेरिका नाम दिया गया था?’ दिए गए विकल्प थे- (ए) अब्राहम आॅर्टेलियस, (बी) जेरार्डस मर्केटर, (सी) जियोवानी बतिस्ता एग्नीस और (डी) मार्टिन वाल्डसीमुलर। सही जवाब : मार्टिन वाल्डसीमुलर। इस सवाल पर मयंक ने अपनी बची हुई लाइफलाइन ‘आस्क दी एक्पर्ट’ का इस्तेमाल किया और सही उत्तर दिया- मार्टिन वाल्डसीमुलर।

Dog Owners: अगर आप कुत्ता पाल रहे हैं या पालने की सोच रहे हैं तो कोर्ट का ये फैसला जरूर सुन लें…

इतनी बड़ी राशि जीतने पर मयंक रोने लगे और अपने माता-पिता को गले लगा लिया। बिग बी ने कहा, ‘मैं दर्शकों को बता दूं कि मयंक सबसे कम उम्र के करोड़पति विजेता हैं।’ इसके बाद 7 करोड़ के सवाल के लिए उनसे पूछा गया, ‘सूबेदार एनआर निक्कम और हवलदार गजेंद्र सिंह को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान किस शहर में आपूर्ति पहुंचाने के लिए रूस द्वारा रेड स्टार के आदेश से सम्मानित किया गया था?’ विकल्प थे: (ए) तब्रिज, (बी) सिडॉन, (सी) बटुमि, (डी) अल्माटी। इस सवाल पर मयंक ने गेम क्विट करने का फैसला किया और 1 करोड़ रुपए लिए। 7 करोड़ रुपए के सवाल का सही जवाब तब्रिज था। Trending News

मयंक ने कहा कि, ‘मैं बहुत भाग्यशाली महसूस करता हूं कि मुझे केबीसी जूनियर्स वीक पर अपना ज्ञान प्रदर्शित करने और अमिताभ सर के सामने गेम खेलने का अवसर मिला, जिन्होंने मुझे पूरे समय प्रेरित किया। सबसे कम उम्र के कंटेस्टेंट बनकर इतनी बड़ी रकम जीतना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। हम शो और बच्चन सर के बड़े प्रशंसक हैं। मैं इस अवसर पर अपने माता-पिता को उनके लगातार मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा, जिससे मुझे अच्छा खेलने और 1 करोड़ की उपलब्धि हासिल करने में मदद मिली।’

मयंक की मां बबीता बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सभी पेरेंट्स से कहना चाहती है कि वह भी अपने बच्चों को पढ़ाई में आगे करें, जिससे एक दिन वह भी अपना नाम रोशन कर सके। मयंक के सहपाठी नितिन बताते है कि मयंक एक अलग प्रकार का लड़का है। वह स्कूल में आने के बाद अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देता था, इधर-उधर की बातों को छोड़कर। वह हमेशा स्कूल में अव्वल आता था। मयंक ने साबित कर दिया कि न रूप काम आता है, न झूठ काम आता है, न जाति काम आती है, न बाप काम आता है, सिर्फ ज्ञान ही आपको आपका हक दिलाता है।