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    Astrology a science

    ज्योतिष एक विज्ञान

    हर व्यक्ति को यह जान लेना चाहिए कि वह जिस व्यक्ति को ज्ञानी समझ रहा है, वह वास्तव में ज्ञानी है भी या नहीं। कहीं हम ऐसे व्यक्ति को तो मान नहीं दे रहे जो उसका वास्तविक हकदार है ही नहीं।
    Thug as a devotee

    भक्त के रुप में ठग

    जो मनुष्य भगवान का भय मानता है उसे वे निर्भय कर देते हैं।  वास्तव में वह व्यक्ति बुद्धिमान है, जो भगवान के भय के कारण विषय-विकारों से और अशुभ-वासनाओं से दूर रहता है।
    King's compassion

    बादशाह की करूणा

    एक आशावादी व्यक्ति प्रत्येक स्थान पर हरी बत्ती देखता है, जबकि निराशावादी व्यक्ति स्टॉप वाली लालबत्ती देखता है, परन्तु बुद्धिमान व्यक्ति किसी रंग कि बत्ती नहीं देखता।
    Force of practice

    अभ्यास का बल

    संसार में जितने भी सफल व्यक्ति या महापुरूष हुए हैं, इसलिए नहीं कि वे अलौकिक प्रतिभा के धनी थे अथवा साधन-संपन्न थे, बल्कि इसलिए कि वे महान् व्यक्तित्व के स्वामी थे। विश्व में महापुरूषों और सफल व्यक्तियों की जीवनियाँ हमें बताती है कि सभी ने अपने व्यक्त...
    Greatness

    ईसा की महानता

    एक बार महात्मा ईसा को किसी दुराचारी व्यक्ति ने उनकी मंडली सहित भोजन का निमंत्रण दिया। महात्मा ईसा ने प्रेमपूर्वक वह निमंत्रण स्वीकार कर लिया। दुराचारी जिस गाँव में रहता था, वहाँ के सारे लोग उससे घृणा करते थे। उससे दूर रहने में अपनी भलाई समझते थे। ईसा...
    Friendship

    कृष्ण की मित्रता

    कृष्ण और सुदामा की मित्रता नि:स्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। सच्ची मित्रता (Friendship ) में गरीबी और अमीरी बाधक नहीं होनी चाहिए। जो अपने मित्र से कपट करता हैं वह दरिद्र हो जाता है। कृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र (Friendship ) थे लेकिन युवावस्था में कृष्...
    Soul

    आत्मा उन्नति

    ब्रहमादेश के राजा थिबा महान् ज्ञानयोगी थे। एक बार एक भिक्षु उनके पास पहुंचा और उसने उनसे कहा-हे राजा, मैं वर्षों से अखंड जप और ध्यान कर रहा हूँ। लेकिन ज्ञान प्रप्ति नहीं हुई। एक आप है जो राजसी वैभव के बीच रहते है फिर भी ज्ञानयोगी कहे जाते हैं। इसका र...
    Sant-Tukaram

    कर्म और भक्ति

    एक जिज्ञासु संत तुकाराम की खोज में निकल पड़ा। पूछते-पूछते वह संत तुकाराम के पास पहुँचा। उसने देखा तुकाराम एक दुकान में बैठे कारोबार में व्यस्त हैं। वह दिन भर उससे बात करने की प्रतीक्षा करता रहा और तुकाराम सामान तोल-तोल कर बेचता रहे। दिन ढला तो वह बोला...
    Lal-Bahadur-Shastri

    लाल बहादुर शास्त्री की सादगी

    राष्ट्रमंडलीय प्रधानमंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को लंदन जाना था। उनके पास कोट दो ही थे। उनमें से एक में काफी बड़ा छेद हो गया था। शस्त्री जी के निजी सचिव वेंकटरमण ने उनसे नया कोट सिला लेने का आग्रह किया, पर...
    Jasmine

    चमेली का फूल

    एक बार गुरू नानक देव जी मुल्तान पहुँचे। वहाँ पहले ही अनेक संत धर्म प्रचार में लगे हुए थे। एक संत ने अपने शिष्य के हाथ दूध से लबालब भरा एक कटोरा गुरू नानक देव जी को भेजा। गुरू नानक देव जी उठे, बाग से चमेली का एक फूल तोड़ा और दूध पर धीरे से टिका दिया। फ...

    महात्मा गाँधी की दिशा

    महात्मा गाँधी एक दिन कुछ लेखन कार्य कर रहे थे। तभी एक सहायक आकर बोला- ‘‘बापू, भोजन का समय हो गया है। आपक ी थाली लग गई है। चलकर भोजन ग्रहण कीजिए।’’ गांधी जी लेखन बंद कर भोजनकक्ष में आ गए। वे भोजन आरंभ करने ही वाले थे कि द्वार पर खड़े एक भिक्षुक पर उनकी...
    Importance Of Work

    कर्म का महत्त्व

    संत रैदास काम को भगवान की पूजा मानकर पूरी लगन एवं ईमानदारी से पूरा करते थे
    George Bernard Shaw

    जॉर्ज बर्नार्ड शॉ

    जॉर्ज बर्नार्ड शॉ ने कहा है, ‘स्वतंत्रता का अर्थ उत्तरदायित्व है। इसलिए अधिकांश लोग इससे डरते है।’ चालीस साल पहले आधुनिक युग में चिंतक जे.कृष्णामूर्ति द्वारा संचालित विद्यालय की एक बारह वर्षीय छात्रा ने अपने अध्यापक से निवेदन किया, ‘मेरी प्रबल इच्छा ...
    Children Story

    मित्रता को न त्यागे

    एक दिन न जाने क्या हुआ कि बाघ की किसी गलती को लेकर जंगल उससे नराज हो गया।
    Maharishi disciples

    महर्षि का शिष्य

    महर्षि बोधायन शिष्यों के अनुरोध पर उस दिन आश्राम से दूर नदी तट पर वृक्षों की घनी छांव में गोठ पर गए थे। मछलियों की तरह गुरू शिष्य घंटों जल विहार करते रहे। फिर झड़बेरी के साथ पकाए गए सिवार का साग और कोदो भात भरपेट खाकर अपने वस्त्र फैलाकर लेट गए। शीघ्र ...
    King's poor brother

    राजा का गरीब भाई

    राजा भोज का दरबार लगा हुआ था। इसी बीच द्वारपाल ने आकर कहा-‘‘ महाराज! एक फटेहाल व्यक्ति आपसे मिलने की हठ कर रहा है और वह स्वंय को आपका भाई बतलाता है। उसे अंदर भेजा जाए अथवा नहीं? राजा भोज तुरंत बोले, उसे सम्मानपूर्वक अंदर ले आओ। जैसे ही वह व्यक्ति दरब...
    Gandhiji's disciple Meera

    गाँधी जी की शिष्या मीरा

    किसी ने सत्य कहा है-‘जहां चाह वहाँ राह।’ जब किसी व्यक्ति में अभिव्यक्ति की लौ प्रज्वलित हो जाए, तब कोई व्यवधान उसकी राह को रोक नहीं सकता। ऐसा नहीं था कि शिष्या मीरा बहन का भारत में आगमन, जिसे एक अलौकिक घटना ही कहा जाएगा। कहाँ एक एडमिरल की लाडली बेटी,...

    हनुमान का उत्तर

    पता नहीं कितने इन्द्र और ब्रह्मा मर गए और कितने मरेंगे। मुझे भी मरना है इसलिए मैंने अपनी गृहस्थी नहीं बसाई।
    Shri Ram and Parashuram

    श्रीराम और परशुराम

    उनका वास्तविक स्वामी तो वह होगा जो उनकी देखभाल करे और हमेशा उनकी सेवा मेें जुटा रहे, शिष्य ने उत्तर दिया।
    Disciple of Jesus Christ

    ईसा का शिष्य

    प्रभु ईसा के एक शिष्य ने एक बार उनके खिलाफ झूठी गवाही दी। इससे अन्य शिष्य नाराज हो गए और एक शिष्य ने ईसा से कहा- इस शिष्य का इतना पतन कैसे हुआ कि झूठ बोलने में उसे जरा भी हिचक न हुई? उसे इसका दंड अवश्य मिलना चाहिए। प्रभु ईसा ने उस शिष्य से कहा- कोई क...
    words-of-dronacharya

    द्रोणाचार्य ने कहा था

    महाभारत में घमासान युद्ध हो रहा था। द्रोणाचार्य और अर्जुन आमने-सामने थे। द्रोणाचार्य लड़खड़ा रहे थे। अर्जुन आगे बढ़ता जा रहा था। कौरवों मे से एक ने प्रश्न किया, ‘इस आश्चर्य का क्या रहस्य है कि गुरू हारता और शिष्य जीतता जा रहा है।’ द्रोणाचार्य ने स्पष्ट ...
    Service Is Worship

    सेवा ही पूजा है

    Service is Worship एक भिक्षु था। उसे कोई भारी रोग लग गया। वह चल फिर नहीं सकता था। अपने मल-मूत्र में लिपटा पड़ा रहता था। उसके साथी भिक्षुक उससे घृणा करते थे। कोई भी उसके पास नहीं आता था। बेचारा बहुत परेशान था। अचानक बुद्ध को मालूम हुआ कि उस भिक्षुक की...
    Sheiksh-Farid

    संत शेख फरीद

    महापुरुष सूखे नारियल की तरह होते हैं और आम आदमी गीले नारियल जैसा। जब तक वह भौतिक वस्तुओं के आकर्षण और रिश्ते-नातों के मोह में बँधा है, कष्ट की नौबत आने पर दुखी होता है, जबकि संत-महात्मा सूखे नारियल की भाँति मोह से परे होते हैं, जैसे खोल से सूखा नारियल।
    Face-to-death

    प्रेरणास्त्रोत : मृत्यु से साक्षात्कार

    तीन मित्रों ने मृत्यु का साक्षात्कार करने की इच्छा एक महात्मा के समक्ष रखी महात्मा ने सामने एक गुफा की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘तुम लोग उस गुफा में जाओ। वहाँ मृत्यु से तुम्हारा साक्षात्कार हो जाएगा।’ तीनों तेजी से चलकर गुफा तक पहुँचे। गुफा में झांका त...
    Preaching time

    प्रेरणास्त्रोत :उपदेश का समय

    स्वामी विवेकानंद से मिलने दूर दूर से लोग आया करते थे। एक बार अपने समय के मशहूर लेखक और पत्रकार सखाराम गदेड़स्कर अपने दो मित्रों के साथ स्वामी जी से मिलने गए। उन दिनों पंजाब में जबर्दस्त अकाल पड़ा हुआ था। बातचीत के दौरान जैसे ही स्वामी जी को पता चला कि उनमें से एक पंजाब के निवासी हैं, उन्होंने बातचीत की दिशा ही बदल दी।