इनएक्टिव लोगों में बढ़ता जा रहा दिल की बीमारी का खतरा

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आॅफिस में लोग ज्यादा काम और तय समय से इसे पूरा करने के दबाव में घंटों तक सीट पर बैठे रहते हैं। इसे आदत कहें या मजबूरी, मगर इससे आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान पहुंचता है। देर तक बैठे रहने से गर्दन और पीठ में दर्द आम बात है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आदत आपको कैंसर जैसे खतरे में भी डाल सकती है। ऐसे लोगों में दिल की बीमारी की खतरा भी बढ़ जाता है।

इनएक्टिव लोगों में कैंसर का ज्यादा खतरामेडिकल जर्नल ‘जेएएमए आॅन्कोलॉजी’ ने 4 सालों तक करीब 8,000 लोगों पर एक खास रिसर्च की। इसमें लोगों की लाइफ स्टाइल का आंकलन किया। रिसर्च में लंबे समय तक बैठे रहने वाले और फिजिकली इनएक्टिव लोगों में कैंसर से जान गंवाने का खतरा 82% ज्यादा पाया गया। दूसरी तरफ एक्टिव रहने वाले या एक्सरसाइज करने वालों में ये जोखिम कम पाया गया। रिसर्च कहती है कि जिन लोगों की दिनचर्या में तेज चलना, एक घंटे से ज्यादा साइकिलिंग करने जैसी एक्टिविटीज शामिल थीं, उनमें कैंसर का खतरा 31% कम पाया गया। रिसर्च में कहा गया है कि उठो, चलो और खुद को स्वस्थ रखो।

शरीर को फिजिकली एक्टिव रखना जरूरी है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक बैठे रहने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। मोटापा, ब्लड प्रेशर और बैक पेन तो बहुत ही आम है। अगर आप आठ घंटे बैठे रहकर काम करते हैं, तो शाम के वक्त आधा घंटा जरूर टहलें। इससे फैट बर्न होता है और ब्लड प्रेशर समेत शरीर की कई चीजें सामान्य रहती हैं। 2016 में हुई एक रिसर्च का दावा है कि बैठे रहने से होने वाले असर से बचने के लिए कम से कम 60 से 75 मिनट एक्सरसाइज करें। यह रिसर्च एक मिलियन से ज्यादा लोगों पर की गई थी। रिसर्च में पाया गया कि ज्यादातर लोग ज्यादा बैठने के बाद भी एक्सरसाइज पर ध्यान नहीं देते। जिसके चलते मोटापा और हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

  • फिट और एक्टिव रहने के लिए एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है।
  • आप इसके लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो कम ही सही, लेकिन एक्सरसाइज हर सूरत में फायदेमंद है।

सिर्फ 11 मिनट पैदल चलकर बच सकते हैं, आप कई परेशानियों से

अमेरिका में हाल ही में हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि अगर एक दिन में सिर्फ 11 मिनट पैदल चलते या टहलते हैं तो यह आपको कई तरह की परेशानियों से बचाता है। इसमें पाया गया कि जो लोग बिल्कुल नहीं चलते, उनमें कम उम्र में मरने का जोखिम ज्यादा रहता है। साथ ही जो लोग थोड़ा बहुत भी घूमते हैं, उनके लिए इस तरह का कोई भी जोखिम कम हो जाता है। एक सर्वे में सामने आया है कि पिछले साल की तुलना में कोरोना के समय लोगों में एक्सरसाइज की आदत कम हुई और बैठे रहने की आदत बढ़ी है।

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