श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने वीरता के प्रतीक और कीर्ति चक्र से अलंकृत शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी की स्मृति को चिरस्थायी सम्मान प्रदान करते हुए कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तित करने की स्वीकृति दे दी है। अब यह स्टेशन आधिकारिक रूप से ‘शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन’ के नाम से जाना जाएगा। Kathua Railway Station
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने की भावना से लिया गया है। इसे सशस्त्र बलों के अद्वितीय योगदान और बलिदान को जनस्मृति में सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
शहीद के पिता, सेवानिवृत्त कर्नल पी.एल. चौधरी ने इस निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों का नाम वीर जवानों के नाम पर रखने से नई पीढ़ी में देशभक्ति और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे विद्यालय, खेल मैदान या रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर शहीदों के नाम देखते हैं, तो उनके मन में राष्ट्रसेवा का भाव स्वाभाविक रूप से जागृत होता है। Kathua Railway Station
चौधरी की तैनाती असम–अरुणाचल प्रदेश सीमा के समीप थी
कैप्टन सुनील कुमार चौधरी की तैनाती पूर्वोत्तर क्षेत्र में असम–अरुणाचल प्रदेश सीमा के समीप तिनसुकिया इलाके में थी। अल्प अवधि में ही उन्होंने एक साहसिक अभियान का नेतृत्व करते हुए उग्रवादी संगठन के आतंकियों के विरुद्ध सफल कार्रवाई की। उनकी वीरता के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सेना पदक से सम्मानित किया गया था।
बताया जाता है कि एक विशेष अभियान के दौरान प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। मुठभेड़ में उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकियों को निष्क्रिय किया, किंतु इसी दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए। राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी असाधारण वीरता के सम्मान में उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया।
परिवार ने इस निर्णय पर गर्व और भावुकता दोनों व्यक्त किए हैं। माता-पिता ने कहा कि यद्यपि पुत्र-वियोग का दुःख कभी समाप्त नहीं होता, तथापि यह संतोष है कि उनका बलिदान सदैव स्मरण रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। Kathua Railway Station















