Nitish Kumar की राजनीतिक महारत

Bihar floor test, nitish kumar

बिहार में नीतीश सरकार ने विश्वास मत (Bihar floor test) जीत लिया है। सरकार को 129 वोट मिले हैं, राज्य में तीसरे नंबर की पार्टी होने के बावजूद नीतीश मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहे। इससे पूर्व भी नीतीश कुमार राष्टÑीय जनता दल के साथ बने गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री थे। यह नितिश कुमार का राजनीतिक जादू है कि कभी सबसे बड़ी पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बना देती है तो कभी दूसरे नंबर की पार्टी। भले ही गठबंधन बदलने के कोई भी कारण हों, लेकिन यह स्पष्ट है कि राजनीति भी एक कला भी है।

राजनीतिक परिस्थितियों को अपने अनुसार बदलने की रणनीति राजनीति का हिस्सा बन गई है। हालांकि, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है कि उथल-पुथल के दौर के बावजूद राज्य राजनीतिक अस्थिरता से बच गया है। बिहार जैसे राज्य के लिए राजनीतिक अस्थिरता घातक साबित होती है। समय से पूर्व चुनावों का बोझ कोई राज्य नहीं उठा सकता। अब यह नई सरकार की जिम्मेवारी है कि राज्य के विकास के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करें। राजनीतिक उठापटक में काफी समय बर्बाद हो चुका है। ‘पॉलिटिक्स डैमेज’ की पूर्ति से ज्यादा आवश्यक है कि राज्य के विकास कार्यों में देरी के चलते हुए ‘डैमेज’ को पूरा किया जाए। विगत सरकार में कार्य नहीं होने के, जो तर्क नितिश कुमार ने दिए हैं, वे कारण अब दूर हो गए हैं और अब काम पर ही जोर देना चाहिए।

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