अब विदेश में भी छाएंगे सरकारी स्कूलों के ‘हुनरमंद’ छात्र

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व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की जर्मनी कंपनी करेगी विशेष काउंसलिंग

  • प्रदेश के 1074 और सरसा के 66 स्कूलों में करवाए जा रहे है व्यावसायिक कोर्स

सच कहूँ/सुनील वर्मा
सरसा। सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए रोजगार संबंधी अच्छी खबर है। अब स्कूलों में व्यवसायिक कोर्स लेकर पढ़ाई करने वालों को देश व विदेश में रोजगार दिलाने का भी कार्य किया जाएगा। जिसके लिए शिक्षा विभाग ने जर्मनी की कंपनी से करार किया है। जो अब विद्यार्थियों की विशेष काउंसलिंग करेगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियाजना परिषद् द्वारा नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) योजना के तहत जर्मनी की 2-काम्स कंपनी की ओर से आयोजित होने वाली विशेष काउंसलिंग में उन्हीं विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।

जो विद्यार्थी बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं या जो वर्तमान में सरकारी स्कूल में व्यावसायिक कोर्स लेकर 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके संबंध में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् की ओर से प्रदेश के समस्त समग्र शिक्षा अभियान के परियाजना अधिकारियों को पत्र जारी कर उचित दिशा-निर्देश जारी किए गए है।

प्रदेश के 1074 स्कूलों में चल रहे हैं व्यावसायिक कोर्स

शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 22 जिलों के 1074 सरकारी स्कूलों में नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) योजना के तहत विभिन्न वोकेशनल कोर्स करवाए जा रहे है। सरसा जिला के 66 स्कूलों में कोर्स करवाए जा रहे है। इन कोर्सो में आइटी, रिटेल, ब्यूटी एंड वेलनेस एंड रिटेल, आटोमोबाइल व शारीरिक शिक्षा, सिक्योरिटी, कृषि व अन्य व्यावसायिक कोर्स शामिल है। इन कोर्सो से संबंधी विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देने के लिए स्कूलों में कोर्स संबंधी इन्क्यूबेशन सेंटर भी स्थापित किए गए है। इसी कड़ी में विभाग ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों की विदेशी कंपनी से काउंसलिंग करवाने का निर्णय लिया गया है। ताकि रोजगार में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न आए।

वोकेशनल कोर्स में बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या

समग्र शिक्षा अभियान के सहायक परियोजना अधिकारी नरेंद्र सिंह शम्मी ने बताया कि स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिससे यह सिद्ध होता है कि बच्चे वोकेशनल कोर्स में अधिक रूचि ले रहे है। उन्होंने बताया कि सरसा जिला के 66 स्कूलों में पिछले वर्ष 8437 विद्यार्थियों ने वोकेशनल कोर्स में दाखिल लिया था। जिनकी संख्या अब बढ़कर 9954 हो चुकी है।

‘‘वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक और कदम उठाया है। जिसके तहत वोकेशनल कोर्स के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके या जो वर्तमान में सरकारी स्कूल में व्यावसायिक कोर्स लेकर पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें जर्मनी की विशेष कंपनी की ओर से विशेष काउंसलिंग करवाई जाएगी।
-इशान मोहम्मद, स्टेट कोर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ, पचंकूला।

‘व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार से भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हुनरमंदों की मांग बढ़ी है। कई देश अपनी परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं के लिए इनकी तलाश कर रहे हैं। जिसके तहत जर्मनी की 2-काम्स कंपनी की ओर से आयोजित होने वाली विशेष काउंसलिंग भी इसका एक हिस्सा है। इससे विदेशों में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वालों की विदेशों में मांग बढ़ेगी।
-बुटा राम, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान सरसा।

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