प्रतिभागियों को मिले राजस्थानी लिपि में लिखे प्रमाण पत्र

Hanumangarh News

राजस्थानी भाषा और लिपि के संरक्षण के लिए आगे आए युवा | Hanumangarh News

हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को अंतरराष्ट्रीय राजपुरोहित दिवस मनाया गया। करीब 15 दिन तक चली ऑन लाइन प्रतियोगिता में इतिहास, संस्कृति पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रोजेक्ट राजपुरोहितम् से जुड़े कुशालसिंह राजपुरोहित ने बताया कि इस आयोजन में हर एक काम राजस्थानी भाषा में किया गया है। इस प्रतियोगिता में देश-विदेश में बैठे युवाओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। राजपुरोहित इतिहास और संस्कृति क्विज 2023 ऑन लाइन के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र बांटे गए। Hanumangarh News

यह सारे प्रमाण पत्र राजस्थानी भाषा में ही थे। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी प्रतियोगिता के प्रमाण पत्र राजस्थानी भाषा व राजस्थानी लिपि में बनाए गए हो। यह क्विज पूर्णतया राजस्थानी भाषा में आयोजित की गई थी। प्रोजेक्ट राजपुरोहितम् युवाओं की ओर से चलाया जा रहा एक सामूहिक प्रयास है जो आधुनिक तौर तरीकों से इतिहास, संस्कृति तथा भाषा संरक्षण के लिए जाना जाता है। इस प्रोजेक्ट से रमिला कंवर राजपुरोहित, अक्षिता कंवर राजपुरोहित, सुभाष राजपुरोहित, पूजा कंवर राजपुरोहित आदि युवा जुड़े हुए हैं जो विभिन्न रचनात्मक तरीकों से कार्य करते हैं।

प्रोजेक्ट को परदे के पीछे से मैनेज करने वाली ज्योति कंवर राजपुरोहित ने बताया कि प्रोजेक्ट के कार्यों से युवाओं पर भाषा, संस्कृति को लेकर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वे राजस्थानी भाषा को ह्यबरत्यूं री भासाह्ण बनाकर खुद मान्यता दे रहे हैं। वे आगे बताती हैं कि उनका उद्देश्य इतिहास, संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ राजस्थानी भाषा तथा राजस्थानी लिपि को पुन: स्थापित करना है। Hanumangarh News

यह भी पढ़ें:– अब 112 डायल करते ही पहुंचेगी पुलिस