Safeena Husain: 14 लाख लड़कियों के लिए मिसाल बनीं सफीना हुसैन

Safeena Husain
14 लाख लड़कियों के लिए मिसाल बनीं सफीना हुसैन

Safeena Husain: हाल ही में एजुकेट गर्ल्स की संस्थापिका सफीना हुसैन को डब्लूआईएस ई-11 समिट में शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित वाइज पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वाइज पुरस्कार शिक्षा में उत्कृष्ट, विश्व स्तरीय योगदान के लिए किसी व्यक्ति या टीम को मान्यता देने वाला अपनी तरह का पहला पुरस्कार है, जिसकी शुरूआत साल 2011 में कतर की महारानी शेखा मोजा बिन्त नासिर ने की थी। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली सफीना दूसरी भारतीय हैं, जो भारत में शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक अंतर को कम करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

एजुकेट गर्ल्स की संस्थापक होने के साथ-साथ सफीना फेमस एक्टर युसुफ हुसैन की बेटी और फिल्म निर्माता हंसल मेहता की पत्नी हैं। सफीना बड़े पैमाने पर गांवों की यात्रा करती हैं, जहां उनकी ‘टीम बालिका’ फील्ड एजेंट्स के साथ काम करते हुए ये चेक करने के लिए हर दरवाजे पर दस्तक देती है कि कोई लड़की स्कूल गए बिना है या नहीं। एजुकेट गर्ल्स ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार राज्यों में व्यापक दृष्टिकोण के माध्यम से नामांकन के लिए 14 लाख से अधिक बालिकाओं को प्रेरित किया है और 19 लाख से अधिक विद्यार्थियों का उपचारात्मक शिक्षा प्राप्त करने के लिए समर्थन किया है।

सफीना हुसैन (Safeena Husain) के नेतृत्व में एजुकेट गर्ल्स ने अभिनव दृष्टिकोण का उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहां स्कूल न जाने वाली लड़कियों की अधिक संख्या वाले गांवों की पहचान करने के लिए एआई का उपयोग किया जा रहा है। इस जानकारी का उपयोग करते हुए 21,000 से अधिक जेंडर चैंपियन इन लड़कियों की पहचान करने के लिए सबसे दुर्गम गांवों में घर-घर जाते हैं। संस्था सरकार और समुदायों के साथ साझेदारी में काम करते हुए उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रणाली में फिर से शामिल होने का अवसर देती है।

सफीना ने पुरस्कार से सम्मानित होने पर बताया, ‘मैं पुरस्कार पाकर प्रेरित महसूस कर रही हूं। यह हमारी सामूहिक जीत है। बालिकाओं की शिक्षा के लिए सरकार से लेकर स्थानीय समुदाय, समर्पित जेंडर चैंपियन और हमारे मूल्यवान समर्थक एक साथ काम कर रहे हैं। बालिका शिक्षा दुनिया की सबसे प्रभावी और परिवर्तनकारी शक्ति है, जिसके माध्यम से जटिल समस्याओं को हल किया जा सकता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात- यह उनका अंतर्निहित अधिकार है। एजुकेट गर्ल्स दृढ़ता से इस परिवर्तन में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। एआई हमें वंचित समुदायों की लड़कियों को ढूंढने के लिए और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में तो मदद कर सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना काम करना असंभव है।’

सफीना हुसैन (Safeena Husain) के डब्लूआईएसई (वाइज) पुरस्कार के साथ संस्था 10 वर्षों में 1 करोड़ बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के अपने बड़े लक्ष्य के लिए पूरी तरह तैयार है। शिक्षा पूरी करने के लक्ष्य तक सीमित ना रहते हुए संस्था लड़कियों और युवा महिलाओं को रोजगार एवं कौशल के अवसरों से जोड़ने का प्रयास करेगी। यह प्रतिबद्धता सुनिश्चित करेगी की भविष्य में सपने पूरे करने के लिए भारत में लड़कियों के लिए अनंत अवसर प्राप्त हो।                                                                                                     देवेन्द्रराज सुथार, स्वतंत्र एवं युवा लेखक

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