हरियाणा में 8वीं तक के स्कूल 30 अप्रैल तक बंद

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संजय कुमार मेहरा
गुरुग्राम। कोरोना महामारी के बढ़ने के साथ ही सरकार भी एक्टिव मोड में है। सरकार हरियाणावासियों को कोरोना से बचाव के लिए हर स्तर पर जागरुक कर रही है। कोरोना के फैलाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल 30 अप्रैल 2021 तक बंद रहेंगे। यह घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को गुरुग्राम में पीडब्ल्यूडी स्वर्ण जयंती विश्राम गृह में जीएमडीए की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। कोरोना महामारी को लेकर गाइडलाइंस दी।

अलग-अलग शहरों के हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां तैयारियों के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि कोरोना से बचाव को हम अपने स्तर पर भी ऐहतियात बरतें। उन्होंने साफ कहा कि कोरोना ज्यादा ना फैले, इसे लेकर कुछ सख्ती भी की जा सकती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे मास्क लगाकर रखें, सामाजिक दूरी का पालन करें और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। यह बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राइमरी व मिडल स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद किया जा रहा है। इसके बाद आगे निर्णय लेंगे।

वहीं देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और लगातार दूसरे दिन भी नए मामलों की संख्या सवा लाख के पार रही और पिछले 24 घंटों के दौरान 69,289 सक्रिय मामले बढ़कर 9,79,608 पहुंच गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार इस बीच देश में 1,31,968 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या एक करोड़ 30 लाख 60 हजार 542 हो गयी है। वहीं इस दौरान 61,899 मरीज स्वस्थ हुए हैं जिसे मिलाकर अब तक 1,19,13,292 मरीज कोरोनामुक्त भी हो चुके हैं। सक्रिय मामले 69,289 बढ़कर 9,79,608 हो गए हैं। इसी अवधि में 780 और मरीजों की मौत के साथ इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 1,67,642 हो गयी है। देश में रिकवरी दर आंशिक घटकर 91.22 फीसदी और सक्रिय मामलों की दर बढ़कर 7.50 प्रतिशत हो गया है जबकि मृत्युदर घटकर 1.28 फीसदी रह गयी है।

उमर अब्दुल्ला कोरोना वायरस से संक्रमित

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘एक साल तक मैंने इस वायरस को चकमा देने की पूरी कोशिश की लेकिन आखिरकार इसने मुझे अपनी चपेट में ले लिया। आज दोपहर के बाद मैं कोरोना से संक्रमित पाया गया लेकिन मेरे कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं।

अब्दुल्ला ने कहा कि चिकित्सा सलाह के कारण उन्होंने खुद को अपने घर में आइसोलेट कर लिया है। साथ ही आॅक्सीजन सेचुरेशन स्तर और अन्य चिकित्सा पैरामीटर की निगरानी कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अब्दुल्ला के पिता एवं एनसी के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) में कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लेने के कुछ हफ्तों बाद गत 30 मार्च को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। बाद में उन्हें बेहतर निगरानी के लिए डॉक्टरों की सलाह पर एसकेआईएमएस में भर्ती कराया गया था। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को एसकेआईएमएस का दौरा किया था और डॉ. अब्दुल्ला के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। डॉ अब्दुल्ला दोबारा कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

कोरोना टीकाकरण की भ्रांतियों पर अभियान चलायेगा बीएमएस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने प्रवासी मजदूरों के बीच कोरोना महामारी, लॉकडाउन तथा कोविड टीकाकरण को लेकर फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए राष्ट्रीय जागरुकता अभियान चलाने की निर्णय लिया है। बीएमएस ने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए बीएमएस ने मजदूरों, विशेषकर प्रवासी श्रमिकों के बीच फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरुकता अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान मजदूरों के बीच टीकाकरण की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा और मजदूरों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विज्ञप्ति के अनुसार कोरोना महामारी को देखते हुए लाकडाउन लगने की आशंका जताई जा रही है और इस कारण प्रवासी मजदूरों का अपने राज्यों को पलायन शुरू हो गया है। बीएमएस इसे रोकने पर बल देगा।

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