हरियाणा में नशा तस्करों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 27 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

जींद पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई, नशे के कारोबारियों को साफ संदेश—अवैध कमाई से खड़ी संपत्तियां नहीं बचेंगी

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नरवाना (सच कहूँ/राहुल)। Narwana News: हरियाणा में पहली बार नशा तस्करी से जुड़े लोगों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ इतने बड़े स्तर पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए जींद पुलिस और प्रशासन ने नरवाना की चमेला कॉलोनी में 27 चिन्हित नशा तस्करों के अवैध कब्जों और निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में एक नई मिसाल कायम कर दी है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन तथा डीएसपी कमलदीप राणा के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में नरवाना उपमंडल के सभी थाना प्रबंधक पूर्णदास, सीआईए इंचार्ज सुखदेव सिंह और भारी पुलिस बल शामिल रहा। तहसीलदार नरवाना ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौके पर मौजूद रहे। जिला नगर योजनाकार द्वारा जारी नोटिसों के बाद उन मकानों और निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया, जिनके मालिक नशा तस्करी जैसे अपराधों में संलिप्त पाए गए थे। पुलिस द्वारा पहले ही इन व्यक्तियों को चिन्हित किया जा चुका था।

कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक-एक कर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया और इसे नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई बताया। डीएसपी कमलदीप राणा ने कहा कि जींद पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कार्य कर रही है। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य पर सीधा हमला है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार और पुलिस मुख्यालय का संदेश स्पष्ट है—नशे का कारोबार छोड़ दो या फिर कानून की कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहो। जिला जींद में नशा तस्करों के लिए कोई स्थान नहीं है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

कई मांओं की गोद उजड़ते देखी, तभी लिया था संकल्प

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डीएसपी कमलदीप राणा, थाना प्रभारी पूर्णदास, सीआईए इंचार्ज सुखदेव सिंह
 
डीएसपी कमलदीप राणा का ड्रीम प्रोजेक्ट बना हकीकत

नशा तस्करों के अवैध निर्माणों पर चली बुलडोजर कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि डीएसपी कमलदीप राणा के उस संकल्प की परिणति है जिसे उन्होंने यहां कार्यभार संभालने के बाद अपने मन में संजोया था। कमलदीप राणा बताते हैं कि जब उन्होंने नरवाना में कार्यभार संभाला तो उन्हें पता चला कि क्षेत्र लंबे समय से नशा तस्करी की समस्या से जूझ रहा है। नशे के कारण कई परिवार बिखर चुके थे, अनेक युवाओं ने अपनी जान गंवाई और कई मांओं की गोद सूनी हो चुकी थी। उनके अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान जब भी वे प्रभावित परिवारों से मिले तो मां-बाप की आंखों में अपने बच्चों को खोने का दर्द साफ दिखाई देता था।

यही दर्द उनके लिए प्रेरणा बना। डीएसपी राणा कहते हैं, "मैंने तय किया था कि केवल छोटे-मोटे मुकदमे दर्ज करने से काम नहीं चलेगा। नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़नी होगी। जो लोग युवाओं का भविष्य बेचकर आलीशान मकान खड़े कर रहे हैं, उन्हें यह संदेश देना जरूरी था कि अपराध की कमाई कभी सुरक्षित नहीं रह सकती।" उन्होंने बताया कि नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना लंबे समय से तैयार की जा रही थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आखिरकार मंगलवार को यह अभियान जमीन पर उतरा और 27 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। राणा का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। उनका लक्ष्य नरवाना को नशा मुक्त बनाना है ताकि किसी मां को अपने बेटे को नशे की भेंट चढ़ते न देखना पड़े और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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Narwana News: नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई के दौरान ध्वस्त होता मकान व मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी।

 

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