यमुनानगर में बाढ़ राहत कार्यों का मंडल आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण
संजीव वर्मा ने बाढ़ राहत कार्यों का लिया जायजा
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: अम्बाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने रविवार को यमुनानगर जिले के बिलासपुर, छछरौली और प्रताप नगर क्षेत्र में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों का दौरा कर मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने भी मंडल आयुक्त के सामने अपनी समस्याएं रखीं और पिछले वर्षों में अधूरे रह गए बाढ़ राहत कार्यों को लेकर नाराजगी जाहिर की।
निरीक्षण के समय सिंचाई विभाग के अधिकारी, एसडीएम छछरौली रोहित कुमार तथा एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंडल आयुक्त को क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और बताया कि बरसात के मौसम से पहले तटबंधों की मरम्मत, ड्रेनों की सफाई और कमजोर स्थानों को मजबूत करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
मंडल आयुक्त ने बाढ़ प्रभावित माने जाने वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष मानसून के दौरान कई गांवों को बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है, इसलिए राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील स्थानों की पहचान कर समय रहते जरूरी इंतजाम पूरे किए जाएं ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मंडल आयुक्त के सामने अपनी शिकायतें भी रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि खानूवाला, रुकाली, तिहानो समेत कई गांव ऐसे हैं जहां पिछले वर्ष भी बाढ़ राहत कार्य अधूरे रह गए थे। इसके कारण बरसात के समय गांवों में पानी घुस गया था और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना था कि हर वर्ष प्रशासन की ओर से आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन समय पर कार्य पूरे नहीं होने के कारण उन्हें बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है।
ग्रामीणों ने मांग की कि इस बार बरसात शुरू होने से पहले ही सभी बाढ़ राहत कार्य पूरे किए जाएं ताकि खेतों, घरों और पशुधन को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर तटबंध कमजोर हैं और नालों की सफाई ठीक ढंग से नहीं हुई है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
मंडल आयुक्त संजीव वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि कार्यों में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने बाढ़ राहत कार्यों में प्रयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे कार्यों की मजबूती पर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि घटिया सामग्री का उपयोग किया गया तो तटबंध और सुरक्षा कार्य बरसात के दौरान टिक नहीं पाएंगे।
ग्रामीणों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मंडल आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंडल आयुक्त ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
इस दौरान अधिकारियों ने दावा किया कि सभी जरूरी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम उठाएगा और उन्हें बाढ़ की परेशानी से राहत मिलेगी।
