Barnala Elections News: राजनीतिक जंग में परिवार एक, पार्टियां अलग-अलग
कहीं देवरानी-जेठानी और चाचा-भतीजे में मुकाबला, तो कहीं पति-पत्नी और मां-बेटा एक साथ चुनावी मैदान में
बरनाला (सच कहूँ/जसवीर गहल)। Barnala Municipal Polls News: आज के स्वार्थी दौर में जहाँ एक ओर राजनीति में परिवारवाद हावी है, वहीं स्थानीय चुनावों में बेहद करीबी रिश्तेदारों के आमने-सामने होने से पारिवारिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। इसका प्रमाण अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी साख बचाने के लिए एक ही परिवार में टिकटें दी हैं।
जिला बरनाला में नगर निगम और काऊंसिल चुनावों के दौरान जहाँ मां-बेटे और पति-पत्नी एक साथ चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं, वहीं देवरानी-जेठानी और चाचा-भतीजे एक-दूसरे के खिलाफ वोट मांगते नजर आ रहे हैं। इस रोचक पारिवारिक राजनीति ने पूरे जिले में चुनावी मुकाबलों को चर्चा का मुख्य विषय बना दिया है।
राजनीतिक दलों और आजाद उम्मीदवारों द्वारा एक ही परिवार में कई-कई टिकटें देकर परिवारवाद को बढ़ावा दिया गया है। आम आदमी पार्टी ने नगर निगम बरनाला के वार्ड नंबर 9 से रेनू रानी गोयल और वार्ड नंबर 8 से उनके पति कुलदीप कुमार को मैदान में उतारा है।
वहीं भदौड़ नगर काऊंसिल के वार्ड नंबर 2 से जगदीप सिंह जग्गी और वार्ड नंबर 5 से उनकी पत्नी भी आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
आजाद उम्मीदवारों में वार्ड नंबर 32 से पूर्व पार्षद हेमराज गर्ग और उनकी पत्नी उर्मिला देवी वार्ड नंबर 33 से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं।
धनौला नगर काऊंसिल में भी पति-पत्नी तीन वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं। इसमें सुरजीत सिंह वार्ड नंबर 7 और 4 से, जबकि उनकी पत्नी जसवीर कौर वार्ड नंबर 8 से चुनावी मैदान में हैं।
इसी तरह कांग्रेस की ओर से भी मां-बेटे की दो जोड़ियां चुनावी मैदान में हैं। इनमें वार्ड नंबर 14 से साहिल शर्मा हनी तथा वार्ड नंबर 13 से उनकी माता रमा शर्मा शामिल हैं। वहीं वार्ड नंबर 30 से महेश कुमार लोटा और उनकी माता ऊषा रानी वार्ड नंबर 29 से चुनाव लड़ रही हैं। इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने भी एक ही परिवार से सुखदयाल कौर को वार्ड नंबर 27 तथा धर्म सिंह फौजी को वार्ड नंबर 28 से चुनाव मैदान में उतारा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों ने पारिवारिक रिश्तों को राजनीति के चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि बरनाला के मतदाता इस पारिवारिक राजनीति को स्वीकार करते हैं या रिश्तों की इस दिलचस्प जंग में किसी तीसरे नए चेहरे की एंट्री होती है।
चुनावों में यह रिश्ते आमने-सामने
चुनावी मैदान में सबसे दिलचस्प मुकाबले उन वार्डों में देखने को मिल रहे हैं, जहाँ परिवार के सदस्य ही एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी बनकर खड़े हैं। वार्ड नंबर 35 में देवरानी और जेठानी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहाँ भाजपा ने बेबी रानी को मैदान में उतारा है, जबकि उनकी जेठानी पूजा रानी कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि घर में दोनों परिवारों के बीच गहरा प्रेम है, लेकिन राजनीतिक मैदान में दोनों एक-दूसरे को हराने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं।
इसी प्रकार वार्ड नंबर 9 में भी देवरानी-जेठानी की जोड़ी आमने-सामने है, जहाँ रेनू रानी आम आदमी पार्टी की ओर से और उनकी जेठानी बबीता रानी भारतीय जनता पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में हैं। वार्ड नंबर 10 में चाचा और भतीजे के बीच भी जबरदस्त मुकाबला है। यहाँ भतीजा राकेश कुमार गोलू आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रहा है, जबकि उसके चाचा जगन नाथ आजाद उम्मीदवार के रूप में उसके सामने डटे हुए हैं।

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