Punjab
गहराया पेयजल संकट, टैंकर मंगवाने को मजबूर ग्रामीण
भाकरां समेत सीमावर्ती गांवों में पानी की किल्लत, जल जीवन मिशन व नियमित जलापूर्ति की उठी मांग
सादुलपुर (सच कहूँ/ओमप्रकाश)। Sadulpur News: मई माह की भीषण गर्मी के बीच हरियाणा सीमावर्ती गांव भाकरां सहित सादुलपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई गांवों और ढाणियों में लोगों को पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को मजबूरी में 1500 से 2000 रुपये खर्च कर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। गांव भाकरां के नेतराम मेहरा, महेंद्र सिंह, महताब सिंह तथा सूबेदार धर्मवीर सिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि सरकार पेयजल योजनाओं पर लाखों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका अपेक्षित लाभ नहीं पहुंच रहा है।
भीषण गर्मी में पानी की कमी से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भाकरां सहित कई गांव आज भी सरकारी पेयजल व्यवस्था एवं जल जीवन मिशन योजना से वंचित हैं। वहीं जिन गांवों में योजनाएं पहुंची हैं, वहां भी जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सरकारी जलापूर्ति बंद होने से लोग पूरी तरह निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। नेतराम मेहरा ने बताया कि लोग पड़ोसी राज्य हरियाणा से 1500 से 2000 रुपये खर्च कर पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। गांव भाकरां, थानमठुई, राधा बड़ी, राधा छोटी, कांधरान, गागड़वास, खैरू बड़ी, खैरू छोटी, ढाणी खुडानी सहित आसपास के क्षेत्रों में अनेक परिवार महंगे दामों पर पानी खरीद रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार संपर्क करने के बाद भी मुश्किल से टैंकर पहुंचते हैं और इसके लिए भारी राशि चुकानी पड़ती है। टैंकर संचालक भी लोगों की मजबूरी का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश निजी एवं सार्वजनिक कुंड सूख चुके हैं, जिससे लोगों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी का संकट गहरा गया है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति तत्काल शुरू की जाए। साथ ही जो गांव अभी तक जल जीवन मिशन योजना से नहीं जुड़े हैं, उन्हें शीघ्र योजना में शामिल किया जाए। इसके अलावा मानसून शुरू होने तक अतिरिक्त पानी के टैंकर उपलब्ध करवाकर आमजन एवं पशुधन को राहत दी जाए।

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