मीरापुर में सीएचसी की मांग तेज, मासूम की मौत के बाद उठे सवाल

मीरापुर में सीएचसी की मांग तेज, मासूम की मौत के बाद उठे सवाल

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मीरापुर।(सच कहूं/कोमल प्रजापति) कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। मीरापुर विधानसभा के समाजसेवी अजीम जैदी ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने मीरापुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मोहल्ला मुश्तर्क निवासी जीशान का 5 वर्षीय पुत्र असजद गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान हुए हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए मवाना अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

अजीम जैदी का कहना है कि यदि मीरापुर में सीएचसी अस्पताल की सुविधा होती, तो संभवतः बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि कस्बे के साथ-साथ दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न होने के कारण घायलों को दूर अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। इस देरी के चलते कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।

करीब एक लाख की आबादी वाले क्षेत्र के लिए बना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। यहां सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही ओपीडी संचालित होती है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन रात्रि में आपातकालीन सेवाओं का पूरी तरह अभाव बना रहता है। रात के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं रहता, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पाता।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब अस्पताल में स्वीकृत तीन चिकित्सकों के स्थान पर केवल एक डॉक्टर ही कार्यरत है। अन्य कर्मचारियों के सहारे ही व्यवस्थाएं चल रही हैं। कई बार डॉक्टर की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी मरीजों को दवाइयां देने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे इलाज की गुणवत्ता प्रभावित होती है। समाजसेवी अजीम जैदी ने प्रशासन से मांग की है कि मीरापुर में जल्द से जल्द सीएचसी की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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