गंगा में घटते जल स्तर और निर्माण कार्यों पर नाराजगी, शुकतीर्थ में ज्ञापन सौंपा
शुकतीर्थ में गंगा संरक्षण को लेकर चिंता, आरती स्थल निर्माण रोकने की मांग
मोरना (सच कहूँ न्यूज़)। Morna News: शुकतीर्थ में गंगा का जल स्तर बढ़ाने, जल भराव, अतिक्रमण आदि की समस्या सहित स्नान घाट पर गंगा में अतिक्रमण कर आरती स्थल के निर्माण का भारी विरोध किया गया। जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन लिखकर शीघ्र समस्याओं के समाधान की मांग की गयी। शुकतीर्थ में समस्याओं को लेकर साधु सन्तो में लगातार रोष बना हुआ है। गंगा का जल स्तर लगातार घटने से तीर्थ नगरी में चिंता व्याप्त है। मंगलवार को गंगा घाट पर सन्त समाज द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास महाराज ने कहा कि शुकतीर्थ में गंगा का जल स्तर लगातार घट रहा है। बावजूद इसके गंगा के भीतर आरती स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।
जिससे गंगा घाट पर सिल्ट इकट्ठा होगी और सिल्ट के कारण गंगा का बहाव घाट से दूर होता चला जायेगा व पीछे से आने वाली जलकुंभी भी गन्दगी फैलाएगी।गंगा घाट व गंगा पहले से ही संकुचित है ऐसे में आरती स्थल का निर्माण सरकारी धन की बर्बादी है। हनुमन्तधाम के स्वामी विज्ञानन्द महाराज ने कहा कि साधु संतो के सुझाव से ही शुकतीर्थ में विकास कार्य किये जायें। साधु संतों की अपेक्षा करना उचित नहीं है। साधु संतों की मांग पर आरती स्थल के कार्य को अतिशीघ्र बंद किया जाए तथा तीर्थ नगरी में धर्महित के सापेक्ष ही विकास कार्य किया जाएं।
इस अवसर पर गीतानन्दतीर्थ महाराज, स्वामी विश्वानंद सरस्वती महाराज, बीके प्रवेश दीदी,अजय कृष्ण शास्त्री, चंद्रमा ब्रह्मचारी महाराज, गंगा सेवा समिति के महामंत्री डॉ. महकार सिंह, भरतदास महाराज, हरे कृष्ण महाराज, जीवनदास महाराज, संजयदास महाराज ओमकार दास, तुलसीदास, स्वामी भजनानन्द महाराज, मोहनगिरी महाराज, राजेंद्रनाथ, देवेंद्र आर्य, जोगेन्द्रदास महाराज आदि उपस्थित रहे।