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                <title>अनिल विज ही सीआईडी के मुखिया</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा के राज्यपाल द्वारा जारी किए गए पोर्टफोलियो अलॉटमेंट के अनुसार गृह मंत्री अनिल विज ही सीआईडी विभाग के भी मुखिया हैं। सीआईडी के उच्च अधिकारियों को अनिल विज को बतौर विभागी मंत्री रिपोर्ट देनी पड़ेगी।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/anil-vij-is-the-head-of-cid/article-12390"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/anil-vij-is-the-head-of-cid.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">राज्यपाल द्वारा पोर्टफोलियो अलॉटमेंट में नहीं दिखाया गया अलग विभाग (Anil Vij)</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3> मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सलाह पर राज्यपाल के आदेश पर जारी हुआ था नोटिफिकेशन</h3>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h3> पोर्टफोलियो के अलॉटमेंट अनुसार गृह विभाग का ही हिस्सा है सीआईडी विभाग</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी चावला चंडीगढ़।</strong> सीआईडी विभाग को लेकर चल रहे विवाद में हर कोई सिर्फ सरकारी वेबसाइट की तरफ नजर दौड़ा रहा है। जबकि सरकारी वेबसाइट की तरफ से पोर्टफोलियो के अलॉटमेंट नहीं होती है। पोर्टफोलियो की अलॉटमेंट करने का एकाधिकार हरियाणा के राज्यपाल के पास ही आरक्षित है। हरियाणा के राज्यपाल द्वारा जारी किए गए पोर्टफोलियो अलॉटमेंट के अनुसार (Anil Vij ) गृह मंत्री अनिल विज ही सीआईडी विभाग के भी मुखिया हैं। सीआईडी के उच्च अधिकारियों को अनिल विज को बतौर विभागी मंत्री रिपोर्ट देनी पड़ेगी।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">राज्यपाल द्वारा किए गए विभागों की अलॉटमेंट के समय में सीआईडी विभाग को अलग नहीं दिखाया गया है</li>
<li style="text-align:justify;">इस हिसाब से सीआईडी आज भी गृह विभाग के ही अधीन चलते हुए गृह विभाग के मंत्री को रिपोर्ट करेगा।</li>
</ul>
<h3> किसी भी विभाग में तब्दीली करने से पहले राज्यपाल की इजाजत जरूरी (Anil Vij )</h3>
<p style="text-align:justify;"> किसी भी विभाग की अलॉटमेंट करने का सिर्फ राज्यपाल को ही एकाधिकार है और इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा सिफारिश की जाती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सिफारिश पहुंचने के उपरांत ही राज्यपाल की तरफ से 14 नवंबर 2019 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए विभागों के अलॉटमेंट की गई थी। जिसके तहत अनिल विज को मिले 7 विभागों में से गृह विभाग पहले नंबर पर रखा गया था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इसी के साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अलॉटमेंट किए गए विभागों के आदेश में कहीं पर भी ।</li>
<li style="text-align:justify;">अलग से क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट का जिक्र नहीं किया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">आजकल सीआईडी विभाग को लेकर पिछले कुछ दिनों से माहौल गर्म हुआ पड़ा है।</li>
</ul>
<h3>किसी भी विभाग में कोई नहीं कर सकता तब्दीली</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के मंत्रियों को अलॉट हुए विभागों में किसी भी तरह की कोई भी फेरबदल राजनीतिक या फिर अधिकारियों के स्तर पर नहीं की जा सकती है। क्योंकि इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखित रूप में राज्यपाल को सिफारिश भेजनी होगी और उसी सिफारिश को मंजूर करने के पश्चात ही अलॉटमेंट हुए विभागों में किसी तरह का फेरबदल किया जा सकता है। इस प्रक्रिया से पूर्व चाहे राज्य सरकार या विधानसभा की वेबसाइट सहित किसी भी वेबसाइट या अन्य जगहों पर सीआईडी विभाग किसी अन्य मंत्री के साथ लिखने से विभाग के अलॉटमेंट नहीं हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एडिशनल मुख्य सचिव गृह को रिपोर्ट करते हैं सीआईडी चीफ</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस विभाग की तरह ही क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग राज्य सरकार के स्तर पर किसी भी तरह की फाइल को पास करवाने या आदेशों को लेने के लिए एडिशनल मुख्य सचिव गृह विभाग के जरिए ही सारी कार्रवाई करते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एडिशनल मुख्य सचिव गृह विभाग को ही सीआईडी चीफ रिपोर्ट करते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">गृह विभाग के मंत्री अनिल विज के अधीन होने के चलते क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग उनके अधीन ही रहेगा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">आज तक नहीं हुआ सीआईडी अलग विभाग</h3>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार व हरियाणा विधानसभा के दस्तावेज में आज तक क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग कभी भी अलग विभाग नहीं बनाया गया है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग राज्य पुलिस के अधीन ही रहता है। सीआईडी में अभी तक पिछले समय दौरान एडीजीपी रैंक का अधिकारी ही मुखिया बनता है और सीआईडी के एडीजीपी को राज्य की सभी तरह की खुफिया रिपोर्ट से विभाग के प्रमुख डायरेक्टर जनरल पुलिस (डीजीपी) को समय-समय पर अवगत करवाना होता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इसके साथ ही इस विभाग के मुखिया को भी जानकारी देनी होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">पहले समय के दौरान मुख्यमंत्री ही अपने पास गृह विभाग रखते आए हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">जिसके चलते सीधा मुख्यमंत्री को खुफिया रिपोर्ट भेजी जाती थी।</li>
<li style="text-align:justify;">परंतु अब गृह विभाग का मंत्री अलग होने के चलते खुफिया रिपोर्ट को भेजने को लेकर विवाद पनपा हुआ है।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2020 19:35:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गाजीपुर हिंसा : हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के मामले में 102 पर मुकदमा, 12 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[गाजीपुर (एजेंसी)। गाजीपुर में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के बेहद उग्र होने के बाद भड़की हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या के मामले में 102 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 11 लोग हिरासत में हैं। पुलिस के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/12-arrested-in-case-of-murder-of-head-constable/article-7138"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/77-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजीपुर (एजेंसी)।</strong> गाजीपुर में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं के बेहद उग्र होने के बाद भड़की हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या के मामले में 102 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 11 लोग हिरासत में हैं। पुलिस के भय से प्रदर्शन में शामिल निषाद पार्टी के कार्यकर्ता इधर-उधर घर छोड़कर फरार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के बाद शनिवार को जाम छुड़ाने पहुंचे हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या के मामले में करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष सुधाकर राय की तहरीर पर 32 नामजद व 70 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया।</p>
<h2>पुलिस ने 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया</h2>
<p style="text-align:justify;">एडीजी जोन पीवी रामा शास्त्री ने कहा कि जल्द ही अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा। शनिवार को निषाद पार्टी के कार्यकर्ता यहां नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ के पास रास्ता जाम किए थे। अधिकारियों के निर्देश पर करीमुद्दीनपुर थाने की फोर्स जाम हटाने पहुंची थी। जहां उग्र भीड़ ने हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स को पीट कर मार डाला था। एडीजी जोन पवी रामा शास्त्री का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सिपाही की हत्या को गंभीरता से लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। निर्दोषों को परेशान नहीं किया जाएगा। साक्ष्य व प्रणाम के आधार पर ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एडीजी व आइजी ने दिया कंधा, नम आंखों से विदाई</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर गांव निवासी हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स के के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के उपरांत शव पुलिस लाइन लाया गया। यहां सुरेश को अंतिम सलामी देने के साथ ही श्रद्धांजलि दी गई। शव को जैसे ही एडीएजी पीवी रामा शास्त्री, आइजी विजय सिंह मीणा, एसपी डा. यशवीर सिंह व एसपी सिटी प्रदीप दुबे ने कंधा दिया। इस दौरान साथी के खोने का गम तो दिखा तो चेहरे आक्रोश भी झलक रहा था। बाद में परिवार के लोग शव को लेकर गांव के लिए रवाना हो गए। घरवालों ने बताया कि सुरेश प्रसाद वत्स को एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Dec 2018 13:49:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सबरीमाला : प्रवेश के लिए 18 सीढ़ी चढ़ना, सिर पर पोटली और 41 दिन का व्रत जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[सबरीमाला। भगवान अय्यपा के दर्शन के लिए सबरीमाला मंदिर आने वाले भक्तों के लिए कुछ नियम तय हैं। उन्हें सिर पर इरुमुडी (एक खास पोटली) रखकर मुख्य द्वार की अठारह सीढ़ियां चढ़ना पड़ती हैं। इससे पहले उन्हें 41 दिन व्रत रखना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मंदिर में 10 साल की लड़की से लेकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/sabarimala-18-climbing-stairs-head-bundle-and-41-day-fast-jor-entry/article-6376"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/sabarimala-18-climbing-stairs.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सबरीमाला।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भगवान अय्यपा के दर्शन के लिए सबरीमाला मंदिर आने वाले भक्तों के लिए कुछ नियम तय हैं। उन्हें सिर पर इरुमुडी (एक खास पोटली) रखकर मुख्य द्वार की अठारह सीढ़ियां चढ़ना पड़ती हैं। इससे पहले उन्हें 41 दिन व्रत रखना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मंदिर में 10 साल की लड़की से लेकर 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश की हाल ही में अनुमति दी है। हालांकि, बुधवार को मंदिर के पट खुलने के बाद से अभी तक विरोध की वजह से यहां इस उम्र वर्ग की कोई भी लड़की या महिला प्रवेश नहीं कर पाई है। सबरीमाला मंदिर के मुख्य द्वार की 18 सीढ़ियों से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। सबसे प्रचलित मान्यता के अनुसार पहली पांच सीढ़ियां पांच इंद्रियों का प्रतीक हैं। अगली आठ मनुष्य के आठ भावों के प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद तीन सीढ़ियां तीन गुणों को दर्शाती हैं और आखिरी दो सीढ़ियां विद्या और अविद्या की प्रतीक हैं। इन सीढ़ियों को 18 पुराणों, सबरीमाला के आसपास के 18 पहाड़ों, अयप्पा के 18 शस्त्रों, 18 सिद्ध पुरुषों, 18 देवताओं और 18 गुणों से भी जोड़ा जाता है। इन पर चढ़ने के नियम भी कठिन हैं। 18 सीढ़ियों को पतिनेत्तामपदी कहा जाता है। ये ग्रेनाइट से बनी हैं। 1985 में इन्हें सोना, चांदी, तांबा, लोहा और टिन के मिश्रण से ढंक दिया गया। ये सीढ़ियां सबरीमाला मंदिर को बाकी के स्वामी अयप्पा मंदिरों से अलग बनाती हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Oct 2018 15:45:09 +0530</pubDate>
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