<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/ratnavali/tag-10196" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Ratnavali - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/10196/rss</link>
                <description>Ratnavali RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जानें कैसे हुआ हरियाणा के रत्नावली उत्सव का नामकरण</title>
                                    <description><![CDATA[Ratnavali सच कहूँ, देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रत्येक वर्ष हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले (Ratnavali) रत्नावली उत्सव हरियाणा ही नही देश विदेश का चर्चित उत्सव माना जाता है। रत्नावलीके नाम को लेकर लोगों के मन में भ्रम रहता है कि आखिर इस उत्सव का नाम रत्नावली कैसे पड़ा? बता दें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ratnavali/article-38984"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/kuk-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">Ratnavali</span></span></span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ, देवीलाल बारना</strong><br />
<strong>कुरुक्षेत्र।</strong> कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रत्येक वर्ष हरियाणा दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले <strong>(<span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">Ratnavali</span></span></span>)</strong> रत्नावली उत्सव हरियाणा ही नही देश विदेश का चर्चित उत्सव माना जाता है। रत्नावलीके नाम को लेकर लोगों के मन में भ्रम रहता है कि आखिर इस उत्सव का नाम रत्नावली कैसे पड़ा? बता दें कि रत्नावली नामकरण सातवीं सदी के थानेसर के इतिहास का साक्षी है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित रत्नावली समारोह में बृज क्षेत्र की नृत्यांगना को प्रतीक चिह्न के रूप में स्थापित किया गया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/admission-alert/">एडमिशन अलर्ट: कुवि में एमटेक सहित अन्य रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन आमंत्रित</a></p>
<h3><strong>रत्नावली राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह का आयोजन 28 से 31 अक्टूबर तक</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में हरियाणा तथा बंचारी में होली के अवसर पर नृत्य की परम्परा रही है। केयू के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा रत्नावली राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह का आयोजन 28 से 31 अक्टूबर तक किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर के कलाकार अलग-अलग मंचों से अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। रत्नावली का लॉगो वास्तव में हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान का परिचायक है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>राजा हर्षवर्धन द्वारा लिखित है नाटक ‘रत्नावली : डा. पूनिया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि रत्नावली नामकरण का इतिहास महाराजा हर्ष वर्धन से जुड़ा हुआ है। राजा हर्षवर्धन द्वारा लिखित नाटक ‘रत्नावलीÓ के दो पात्र चरचरी एवं हलिष्का नृत्यांगना के रूप में विख्यात रही हैं। यही परम्परा हरियाणवी लोकजीवन में सदियों पुरानी चली आ रही है। हर्षवर्धन के समय में कुरुक्षेत्र की राजधानी थानेसर में एक महीने तक मदनोत्सव मनाया जाता था। लोकजीवन में इसे हम फागण उत्सव भी कह सकते हैं। इस प्रकार लोकजीवन में फागण के महीने में नृत्य की परम्परा हरियाणवी लोकजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बृज के घरों में होली गायन एवं नृत्य परम्परा आज भी जीवंत है</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">फागण में हरियाणा के सभी क्षेत्रों खादर, बांगर, बागड़, अहीरवाल, बृज, मेवात सभी क्षेत्रों यह परम्परा देखने को मिलती रही है। बृज क्षेत्र में यह परम्परा दूसरे क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक है, क्योंकि वहां पर श्रीकृष्ण और राधा लोकजीवन का ऐसा महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो फागण उत्सव का हिस्सा बन उसे आज भी जीवित रखे हुए है। यही कारण है कि बृज के घरों में होली गायन एवं नृत्य परम्परा आज भी जीवंत है। इस परम्परा में वहां की महिलाएं पुरुषों के होली गायन के साथ नृत्य भी करती हैं। हरियाणा के बंचारी क्षेत्र में यह परम्परा लोकजीवन का गूढ़ हिस्सा हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बंचारी में नाचती हुई महिला का फोटो खींचा तो बन गया लोगो</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कुवि सांस्कृतिक विभाग के पूर्व निदेशक अनूप लाठर ने बंचारी नृत्य की जब वर्ष 1988 में डॉक्यूमेंटेशन की तो उन्होंने पाया कि बंचारी में नृत्य करते हुए महिलाएं इसी स्वरूप में नाचती हैं। उन्होंने होली के अवसर पर नाचती हुई महिला का चित्र खींचा। यही चित्र वास्तव में लोक पारम्परिक नृत्य का हिस्सा है। लोकनृत्य रसिया की पद्चाप एवं परम्परा हरियाणा के दूसरे नृत्यों से भिन्न है।</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में यह चित्र बंचारी की नाचती हुई महिला का चित्र है, जिसको कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के तत्कालीन निदेशक अनूप लाठर ने होली के अवसर पर बंचारी की महिला का नृत्य करते हुए चित्र को ही रत्नावली समारोह के प्रतीक चिह्न के रूप में स्थापित किया। उनके प्रयास से विभाग के कलाकार आरएस पठानिया ने इसके अनेक चित्र भी अंकित किए और धीरे-धीरे यह रत्नावली के प्रतीक के रूप में एक अलग चिह्न स्थापित हो गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग ने इसे रत्नावली के प्रतीक चिह्न के रूप में अपनाकर लोक सांस्कृतिक परम्परा को समारोह के साथ जोड़ दिया गया। अब रत्नावली का यह लॉगो प्रतीक का रूप धारण कर चुका है तथा रत्नावली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>रत्नावली की प्रत्येक जगहों पर अंकित है रत्नावली का यह चिन्ह</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रत्नावली के सभी बैनरों, चित्रकला एवं टी-शर्ट आदि पर यह प्रतीक चिह्न स्थापित किया जा रहा है। विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि इससे पूर्व हरियाणा दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को हरियाणा दिवस समारोह के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2006 में इस समारोह का नामकरण रत्नावली के नाम से हुआ। तब से लेकर अब तक रत्नावली कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का सांस्कृतिक समारोह भारत ही नहीं अपितु विदेशों में भी लोकप्रिय हो चुका है। रत्नावली समारोह को संचालित करने वाली छात्र-छात्राओं की टीम को भी रत्नावली टीम के नाम से जाना जाता है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ratnavali/article-38984</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ratnavali/article-38984</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Oct 2022 18:27:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-10/kuk-2.jpg"                         length="119092"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस बार एप के माध्यम से मोबाइल पर देख सकेंगे ‘रत्नावली’</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 26 से होगा 4 दिवसीय रत्नावली महोत्सव का आगाज | Ratnavali हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य होंगे उद्घाटन समारोह के मुख्यातिथि 31 विधाओं में 3500 से अधिक कलाकार 6 मंचों पर देंगे अपनी प्रस्तुतियां ‘हरियाणवी की पुकार, पराली न जलाएं अबकी बार’ होगा रत्नावली का थीम सच कहूँ/देवीलाल बारना/कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-be-able-to-see-ratnavali-on-mobile-through-the-app/article-6424"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/24kuk01.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 26 से होगा 4 दिवसीय रत्नावली महोत्सव का आगाज | Ratnavali</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य होंगे उद्घाटन समारोह के मुख्यातिथि</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>31 विधाओं में 3500 से अधिक कलाकार 6 मंचों पर देंगे अपनी प्रस्तुतियां</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>‘हरियाणवी की पुकार, पराली न जलाएं अबकी बार’ होगा रत्नावली का थीम </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/देवीलाल बारना/कुरुक्षेत्र।</strong> कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने कहा है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की तरफ से 4 दिवसीय राज्य स्तरीय उत्सव इस बार पॉलिथीन फ्री व डिजीटल होगा। <strong>(Ratnavali)</strong> रत्नावली के माध्यम से हरियाणा के जन-जन तक संदेश पहुंचे व लोग सोशल मीडिया के माध्यम से रत्नावली को देख सकें इसलिए इसे इस बार डिजीटल रूप में पेश किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रत्नावली एप भी बनाई गई सभी लोग इस एप के माध्यम से रत्नावली को अपने मोबाईल पर देख सकेंगे। प्रदेश भर के दर्शक एवं कलाकार रत्नावली एप के साथ-साथ विभिन्न डिजीटल प्लेटफार्म पर इसे देख सकेंगे व सांझा कर सकेंगे। इसके साथ ही ‘हर हरियाणवी की पुकार पराली न जलाएं अबकी बार’सामाजिक संदेश रत्नावली का इस वर्ष का मुख्य थीम होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वे सीनेट हॉल में बुधवार को युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से रत्नावली के आयोजन से सम्बन्धित प्रेसवार्ता में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि रत्नावली की यात्रा 34वें वर्ष में प्रवेश कर गई है। इस वर्ष रत्नावली में 31 विधाओं में 3500 से अधिक कलाकार 6 अलग-अलग मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां दे सकेंगे। रत्नावली 2018 के उद्घाटन अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य मुख्यातिथि होंगे।</p>
<h1 style="text-align:justify;">55 से अधिक टीमों ने करवाया पंजीकरण | Ratnavali</h1>
<p style="text-align:justify;">रत्नावली महोत्सव 2018 को लेकर जोश व उत्साह युवा कलाकारों में देखा जा सकता है। गत वर्ष तक 38 से 40 टीमें प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण करवाती थी अब तक 55 से अधिक टीमों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं ने अपना पंजीकरण करवाया है। प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने कहा जिन टीमों ने आनलाइन पंजीकरण करवाया है वे ही प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगी। प्रतियोगिता के लिए सभी टीमों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है।</p>
<h2>पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश देगी ग्रीन रत्नावली | Ratnavali</h2>
<p style="text-align:justify;">युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा ने कहा कि इस बार रत्नावली पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश देगी। पराली नहीं जलाने का रत्नावली के जरिये दर्शकों को संदेश दिया जाएगा ताकि व संस्कृति से जुड़ने के साथ पर्यावरण को बचाने के प्रति भी सजग हों। रत्नावली में पॉलिथिन का कम से कम प्रयोग किया जाएगा। अतिथियों को इस बार पुष्प गुच्छ की जगह हरियाली का प्रतीक पौधा भेंट किया जाएगा ताकि समाज में एक नया संदेश जा सके।</p>
<h1 style="text-align:justify;">राज्यपाल करेंगे एप को लांच | Ratnavali</h1>
<p style="text-align:justify;">युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक ने बताया कि रत्नावली नाम से एप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कामर्स विभाग के छात्र ने तैयार किया है। हरियाणा के माननीय राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य एप को लांच करेंगे। करीब तीन एमबी के इस एप की डाउनलोडिंग शुरू हो चुकी है।</p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-be-able-to-see-ratnavali-on-mobile-through-the-app/article-6424</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/will-be-able-to-see-ratnavali-on-mobile-through-the-app/article-6424</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Oct 2018 19:34:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/24kuk01.jpg"                         length="23716"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        