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                <title>महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज विधेयक-2023 ध्वनिमत से पारित</title>
                                    <description><![CDATA[”गवर्नेंस एवं सोशियल साइंसेज से सम्बन्धित शिक्षण-प्रशिक्षण होगा उपलब्ध” जयपुर। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, क्षमतावर्द्धन एवं नवाचार के माध्यम से एक बेहतर विश्व बनाएगा। यादव सोमवार को विधान सभा (Rajasthan Assembly) में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/mahatma-gandhi-institute-of-governance-and-social-sciences-bill-passed-by-voice-vote/article-50122"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/higher-education-rajendra-y.jpg" alt=""></a><br /><h3>”गवर्नेंस एवं सोशियल साइंसेज से सम्बन्धित शिक्षण-प्रशिक्षण होगा उपलब्ध”</h3>
<p><strong>जयपुर।</strong> उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव ने कहा कि महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, क्षमतावर्द्धन एवं नवाचार के माध्यम से एक बेहतर विश्व बनाएगा। यादव सोमवार को विधान सभा (Rajasthan Assembly) में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज विधेयक-2023 पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।</p>
<p>उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियल साइंसेज की तर्ज पर स्थापित होने वाले इस संस्थान से ज्ञान की अभिवृद्धि के साथ ही गवर्नेंस एवं सोशियल साइंसेज से सम्बन्धित शिक्षण-प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से कार्य करेगा। इस सम्बन्ध में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियल साइंसेज व अजीज प्रेमजी फाउंडेशन के साथ एमओयू किया गया है। Rajasthan Assembly</p>
<p>यादव ने बताया कि संस्थान का निर्माण जवाहरलाल नेहरू मार्ग स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किये जा रहे परिसर में किया जा रहा है। इस परिसर में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज, राजकीय महाविद्यालय जयपुर, राजाराम पोद्दार आवासीय विद्यालय एवं डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य किये जा रहे हैं, ताकि यह एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो सके। Rajasthan Assembly</p>
<p>उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए 355.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए हैं। महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशियल साइंसेज एवं राजकीय महाविद्यालय के लिए 233 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 180 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। संस्थान का निर्माण कार्य 21 अक्टूबर, 2022 को प्रारम्भ हो चुका है और इसे 31 मार्च, 2024 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। Rajasthan Assembly</p>
<p>उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 347 राजकीय महाविद्यालय खोले गये हैं, जिनमें से 133 कन्या महाविद्यालय एवं 39 कृषि महाविद्यालय शामिल हैं। विद्यालय में 11वीं व 12वीं कक्षा में 500 बालिकाएं होने पर कन्या महाविद्यालय खोले जाने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले यादव ने बताया कि सदन ने विधेयक को जनमत जानने हेतु परिचालित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया। Rajasthan News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–</strong><a title="प्लास्टिक कचरे के निस्तारण-रिसाइक्लिंग की हो उचित व्यवस्थाः मुख्य सचिव" href="http://10.0.0.122:1245/there-should-be-proper-arrangements-for-disposal-and-recycling-of-plastic-waste/">प्लास्टिक कचरे के निस्तारण-रिसाइक्लिंग की हो उचित व्यवस्थाः मुख्य सचिव</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 18:03:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति ने MHADA विधेयक को मंजूरी दी</title>
                                    <description><![CDATA[मुबंई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास अधिनियम (MHADA) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि यह निर्णय राज्य और मुबंईवासी के आवास क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है। विधेयक में संशोधन ने मुंबई में खतरनाक और उपकर भवनों के पुनर्विकास का मार्ग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/president-gives-assent-to-mhada-bill/article-40494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/draupadi-murmu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुबंई। </strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास अधिनियम (MHADA) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि यह निर्णय राज्य और मुबंईवासी के आवास क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है। विधेयक में संशोधन ने मुंबई में खतरनाक और उपकर भवनों के पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त किया। नए कानून के अनुसार, जिन उपकर भवनों का निर्माण रुक गया था या अधूरा रह गया था, उन्हें म्हाडा द्वारा पुनर्विकास के लिए अधिग्रहित किया जा सकता है। वर्तमान में मुंबई शहर में लगभग 56 ऐसी इमारतें हैं जिनका पुनर्विकास लंबित है या वे अधूरी रह गई हैं। अब म्हाडा के लिए ऐसे उपकर भवनों को सीधे अपने कब्जे में लेना और उनका पुनर्विकास करना संभव होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह यदि मुंबई नगर निगम ने किसी उपकर भवन को खतरनाक घोषित किया है, तो ऐसे भवन के पुनर्विकास के लिए सबसे पहले उसके मकान मालिक को मौका दिया जाएगा। यदि वह छह महीने के भीतर पुनर्विकास का प्रस्ताव दाखिल करने में विफल रहता है, तो किरायेदार को दूसरा मौका दिया जाएगा। राज्य सरकार ने 28 जुलाई को लंबित पुनर्विकास योजना से संबंधित लंबित मामले के सभी फोटोग्राफ एवं जानकारी सहित सूचना एवं समस्त दस्तावेज भिजवाये थे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 03 Dec 2022 09:52:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पर संसद की मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। राज्यसभा ने आज आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 को विपक्ष की गैर मौजूदगी में ध्वनिमत से पारित कर दिया जिसमें अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्‍याज और आलू को आवश्‍यक वस्‍तुओं की सूची से हटाने का प्रावधान है। लोकसभा इस विधेयक को पिछले सप्ताह पारित की थी। इस तरह इस विधेयक पर आज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/parliaments-seal-on-the-essential-commodities-amendment-bill/article-18641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/parliament1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> राज्यसभा ने आज आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 को विपक्ष की गैर मौजूदगी में ध्वनिमत से पारित कर दिया जिसमें अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेल, प्‍याज और आलू को आवश्‍यक वस्‍तुओं की सूची से हटाने का प्रावधान है। लोकसभा इस विधेयक को पिछले सप्ताह पारित की थी। इस तरह इस विधेयक पर आज संसद की मुहर लग गयी । इस विधेयक के कानून बनने पर निजी निवेशकों को उनके व्‍यापार के परिचालन में अत्‍यधिक नियामक हस्‍तक्षेपों की आशंका दूर हो जाएगी। उत्‍पाद, उत्‍पाद सीमा, आवाजाही, वितरण और आपूर्ति की स्‍वतंत्रता से बिक्री की अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ाने में मदद मिलेगी और कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र/विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश आकर्षित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ऊपरी सदन में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने इस विधेयक को पेश किया। इसके बाद सदन में इस पर विपक्ष की गैर मौजूदगी में चर्चा हुयी जिसमें भारतीय जनता पार्टी के गोपाल नारायण सिंह, अन्नाद्रमुक के एस आर बालासुब्रण्यम, जनता दल यूनाइटेड के रामचंद्र प्रसाद सिंह, बीजू जनता दल के अमर पटनायक और टीडीपी के कनकमेदला रवीन्द्र कुमार ने अपने विचार रखे। चर्चा का जबाव देते हुये दानवे ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सम्पूर्ण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया जा सकेगा, किसान मजबूत होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिये मुख्यमंत्रियों की एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया था। इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गए है जिससे बाजार में स्पर्धा बढ़ेगी, खरीद बढ़ेगी और किसनों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Sep 2020 14:29:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि संबंधी विधेयकों पर सहमति नहीं देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्ष</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। संसद में पारित किये कृषि संबंधी विधेयकों को सहमति नहीं देने की मांग को लेकर 12 विपक्षी दल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को बताया कि कल राज्यसभा में कृषि क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण विधेयक बिना मत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद में पारित किये कृषि संबंधी विधेयकों को सहमति नहीं देने की मांग को लेकर 12 विपक्षी दल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे। राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने सोमवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को बताया कि कल राज्यसभा में कृषि क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण विधेयक बिना मत विभाजन के पारित कर दिये गये। इन विधेयकों को मंजूरी नहीं देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलने के लिए 12 विपक्षी दलों ने समय मांगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यसभा में रविवार को विपक्ष के भारी हंगामें के बीच कृषि सुधारों के दो विधेयकों ह्यकृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 तथा ‘कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा करार विधेयक 2020’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया था । लोकसभा इसे इन्हें पहले ही पारित कर चुकी हैं। ये दोनोें विधेयक जून में जारी किये गये दो विधेयकों का स्थान लेंगे।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/opposition-will-meet-president-to-demand-not-to-agree-on-agricultural-bills/article-18613</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Sep 2020 16:35:07 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CAA: लखनऊ में बंद बेअसर ,बाकी जगह आंशिक बंदी</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी समेत अन्य जिलों सामान्य दिनों की तरह काम काज हो रहा है । सरकारी और निजी कार्यालय खुले हैं। सड़कों पर आम दिनों की तरह वाहन चल रहे हैं। गोंडा,सीतापुर,बहराइच,फिरोजाबाद,आगरा में बंद का आंशिक असर है । पुराने सीतापुर में बाजार बंद हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/citizenship-amendment-bill-national-citizen-register/article-12800"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/caa-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">पुलिस ने मार्च किया और लोगों से दुकानें खोलने की अपील की (CAA)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> नागरिकता संशोधन विधेयक,राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (CAA) समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को बुलाये गये भारत बंद का राजधानी लखनऊ में थोड़ा भी असर नहीं हुआ जबकि राज्य के कुछ जिलों के मुस्लिम बहुल इलाके में दुकानें बंद रहीं। राजधानी समेत अन्य जिलों सामान्य दिनों की तरह काम काज हो रहा है । सरकारी और निजी कार्यालय खुले हैं। सड़कों पर आम दिनों की तरह वाहन चल रहे हैं। गोंडा,सीतापुर,बहराइच,फिरोजाबाद,आगरा में बंद का आंशिक असर है । पुराने सीतापुर में बाजार बंद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी हालात से निपटने के लिये पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुलतानपुर में सुबह में पुलिस ने मार्च किया और लोगों से दुकानें खोलने की अपील की। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि अगर कोई परेशान करता है तो उसकी सूचना दी जाये। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी। बहराइच में बिसातखाना और किराना बाजार बंद रहे ।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इन इलाकों में ज्यादातर मुस्लिमों की दुकाने हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में बंद का कोई असर नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में भी दुकानें खुली हैं और जगह जगह पुलिस बल तैनात है।</li>
<li style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ के याहियागंज,अमीनाबाद, भूतनाथ आदि इलाकों में दुकानें पूरी तरह खुली हैं ।</li>
<li style="text-align:justify;">सुबह पुराने लखनऊ में कुछ दुकानों को बंद देखा गया था लेकिन बाद में वो भी खुली नजर आईं।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2020 17:39:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Citizenship Amendment Bill :  मेघालय में इंटरनेट-एसएमएस बंद, शिलॉन्ग में लगा कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकता संशोधन विधेयक  के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/citizenship-amendment-bill/article-11747"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/curfew-shillong.jpg" alt=""></a><br /><h2>सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा | <strong>Citizenship </strong></h2>
<h4>Edited By Vijay Sharma</h4>
<p><strong>शिलॉन्ग (एजेंसी)</strong>। नागरिकता संशोधन विधेयक <strong>(Citizenship)</strong> के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है। राजधानी शिलॉन्ग (में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। बताते चलें कि नागरिकता बिल का सबसे ज्यादा विरोध असम और त्रिपुरा में हो रहा है। वहां हो रहे प्रदर्शनों में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी बंद का असर देखने को मिल रहा है। सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा दिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कई हिस्सों में सेना तैनात</h2>
<p style="text-align:justify;">मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूर्व निर्धारित मुलाकात को स्थगित कर दिया। क्योंकि असम में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू लगे होने की वजह से उनके मंत्रिमंडल के साथी गुवाहाटी हवाई अड्डे पर नहीं पहुंच सके। सूत्रों ने बताया कि हालांकि संगमा एलजीबी हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे और वह राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जापान के पीएम शिंजो आबे रद्द कर सकते हैं भारत यात्रा</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच जापान प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा रद्द हो सकती है। </strong></li>
<li><strong>आपको बता दें कि गुवाहाटी में 15-17 दिसंबर को तय भारत-जापान शिखर सम्मेलन होना है।</strong></li>
<li><strong>सरकार ने हालांकि अभी तक बैठक की जगह की घोषणा नहीं की है, लेकिन गुवाहाटी में मेजबानी की तैयारी जारी थीं। </strong></li>
<li><strong>नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम में पिछले दो दिनों से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। </strong></li>
</ul>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/citizenship-amendment-bill/article-11747</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2019 11:12:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Citizenship Amendment Bill को लेकर बवाल, असम में हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा से नागरिकता संशोधन बिला पास होने के बाद से असम में जमकर इसका विरोध किया जा रहा है। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसु) ने मंगलवार को गुवाहाटी में 11 घंटे का बंद बुलाया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/assam-shutdown-against-citizenship-amendment-bill/article-11719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/88.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत | <strong>citizenship amendment bill</strong></h1>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Edited By Vijay  Sharma</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी (सच कहूँ)। </strong>लोकसभा से नागरिकता संशोधन <strong>(citizenship amendment bill)</strong> बिला पास होने के बाद से असम में जमकर इसका विरोध किया जा रहा है। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसु) ने मंगलवार को गुवाहाटी में 11 घंटे का बंद बुलाया। राज्य के लोगों का कहना है कि बाहर से आए नागरिकता लेने वाले लोगों से उनकी पहचान और आजीविका को खतरा है। आसू और बाकी संगठन विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं। क्षेत्रों में शुरू हुए विरोध के कारण असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नार्थ ईस्ट राज्यों में रहने वाले लोगों को अपनी पहचान खोने का डर सता रहा है। क्षेत्र के कई संगठनों ने अपने-अपने स्तर पर बिल का विरोध शुरू किया। हालांकि, नगालैंड इस विरोध में शामिल नहीं हुआ। इसका कारण वहां जारी हॉर्नबिल फेस्टिवल है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">लेफ्ट संगठनों ने 12 घंटे बंद का आह्वान किया</h2>
<p>16 लेफ्ट संगठनों ने असम में 12 घंटे बंद का आह्वान किया है। इनमें एसएफआई, डीवायएफआई, एआईडीडब्ल्यूए, एआईएसएफ, एआईएसए और आईपीटीए जैसे संगठन शामिल हैं।गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी ने राज्य में आज होने वाली समस्त परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।</p>
<h2>गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता का मौका</h2>
<p>नागरिकता संशोधन बिल 2019 गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता का मौका प्रदान करता है। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में किसी तरह की धार्मिक बाध्यता का सामना करने वाले लोग आवेदन दे सकते हैं। भारत में पांच साल रहने के बाद उन लोगों को भारत की नागरिकता दे दी जाएगी। वर्तमान नियमों के अनुसार 11 साल बाद यह नागरिकता दी जा रही थी।</p>
<h3>बिल का भारतीय मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं: शाह</h3>
<ul>
<li><strong>सोमवार रात 12.04 बजे लोकसभा में हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 311 और विपक्ष में 80 वोट पड़े।</strong></li>
<li><strong> बिल पर करीब 14 घंटे तक बहस हुई। </strong></li>
<li><strong>विपक्षी दलों ने इस बिल को धर्म के आधार पर भेदभाव करने वाला बताया। </strong></li>
<li><strong>गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब में कहा कि यह बिल यातनाओं से मुक्ति का दस्तावेज है।</strong></li>
<li><strong> भारतीय मुस्लिमों का इससे कोई लेना-देना नहीं है। </strong></li>
<li><strong>यह बिल केवल 3 देशों से प्रताड़ित होकर भारत आए अल्पसंख्यकों के लिए है। </strong></li>
<li><strong>इन देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं, क्योंकि वहां का राष्ट्रीय धर्म ही इस्लाम है।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/assam-shutdown-against-citizenship-amendment-bill/article-11719</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2019 10:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका: ट्रंप ने हांगकांग विधेयक पर किए हस्ताक्षर, भड़के चीन ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हांगकांग में लोकतंत्र की मांग के लिए चल रहे प्रदर्शनों का समर्थन करने संबंधी एक विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे चीन बेहद खफा है और उसने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/america-donald-trump-signed-hong-kong-bill/article-11315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><h2>चीन बेहद खफा है और उसने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी | <span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">President Donald Trump</span></span></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन, वर्ल्ड डेस्क । </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने <strong>(<span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">President Donald Trump</span></span>)</strong> हांगकांग में लोकतंत्र की मांग के लिए चल रहे प्रदर्शनों का समर्थन करने संबंधी एक विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे चीन बेहद खफा है और उसने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है।माना जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम से चीन और अमरीका के रिश्तों में जारी खटास और ज्यादा बढ़ सकती है। चीन ने पहले भी हांगकांग के मामले में अमरीका को दखल अंदाजी ना करने की बात कही थी। मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उन्होंने बीजिंग में मौजूद अमरीकी राजदूत को समन जारी किया है। इस समन में उनसे कहा गया था कि वो अमरीका को यह बता दें कि अगर वह बिल को मंजूरी दे देतें हैं तो फिर उसके बाद होने वाले परिणामों के लिए भी तैयार रहे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ट्रंप ने क्यों किए बिल पर हस्ताक्षर ?</h2>
<p style="text-align:justify;">डोनाल्ट ट्रंप इससे पहले हांगकांग से जुड़े इस बिल पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्साहित नहीं थे। गौरतलब हो कि ट्रंप ने कहा था कि वो हांगकांग के साथ खड़े हैं लेकिन उसी वक्त उन्होंने यह भी कहा था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक बेहतरीन शख्स है। माना जा रहा है कि अमेरिकी संसद की तरफ से लगातार बढ़ते दबाव के चलते ट्रंप को इस पर हस्ताक्षर करना पड़ा है। कांग्रेस के कई सदस्यों द्वारा इस बिल का समर्थन किया जा रहा था। अगर ट्रंप इस बिल पर वीटो भी करते तो बाकी के सांसद उनके फैसले के खिलाफ वोट कर इसे पलटने का दम रखते थे।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>इस बिल के अलावा ट्रंप ने एक और बिल पर भी हस्ताक्षर किए हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> यह बिल हांग कांग पुलिस को मिलने वाले असला-बारूद को प्रतिबंधित करने से जुड़ा है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इस बिल के अनुसार भीड़ को नियंत्रित किए जाने के लिए प्रयोग में लिए जाने वाले आंसू गैस, रबर बुलेट या स्टन गन इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाना है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप ने कहा है कि इन दोनों बिलों के जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीन और हांगकांग के प्रतिनिधि साथ में बैठकर हालात सुधारने पर विचार करें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप ने  कहा कि चीन और हांग कांग दोनों के प्रतिनिधियों को अपने मतभेद भुलाकर शांति और समृद्धि के लिए आगे बढ़ना चाहिए।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/america-donald-trump-signed-hong-kong-bill/article-11315</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Nov 2019 11:10:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने ई-सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोकसभा में किया बिल पेश</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोकसभा में शुक्रवार को बिल पेश किया।
यह विधेयक कुछ दिन पहले आए अध्यादेश का स्थान लेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-introduced-a-bill-in-the-lok-sabha-to-ban-the-sale-of-e-cigarettes/article-11244"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/lok-sabha.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड स्कीम में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया प्रदर्शन | Lok Sabha</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)</strong>। केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोकसभा में शुक्रवार को <strong>(Lok Sabha)</strong> बिल पेश किया। यह विधेयक कुछ दिन पहले आए अध्यादेश का स्थान लेगा। संसद में आज फिर इलेक्टोरल बॉन्ड और सरकारी कंपनियों (पीयूसी) के निजीकरण के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड स्कीम में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बॉन्ड स्कीम को बड़ा घोटाला और भाजपा के द्वारा भ्रष्टाचार छिपाने का जरिया करार दिया।</p>
<h2><strong>कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने पीयूसी के मुद्दे पर लोकसभा में दिया स्थगन का नोटिस</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीयूसी के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन का नोटिस दिया।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> कांग्रेस सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा की वेल में आकर इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर नारेबाजी की थी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> उनका कहना था कि सरकार ने बॉन्ड की स्कीम में आरबीआई के सुझावों को दरकिनार किया। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए केंद्र सरकार अपना भ्रष्टाचार छिपा रही है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> शशि थरूर ने कहा था- बॉन्ड के जरिए अमीर और कारोबारी सत्ताधारी दल को चंदा देकर सरकार में दखल देंगे।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/government-introduced-a-bill-in-the-lok-sabha-to-ban-the-sale-of-e-cigarettes/article-11244</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2019 13:59:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून सत्र का आज आखिरी दिन, राज्यसभा में पेश होगा संशोधित ट्रिपल तलाक बिल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। आज केंद्र सरकार राज्यसभा में अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है. गुरुवार को ही मोदी कैबिनेट ने इस बिल में संशोधन किए हैं जिसके बाद अब ये बिल पास होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/monsoon-session-today-is-last-day-the-rajya-sabha-in-the-present-will-modify-the-triple-divorce-bill/article-5294"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/treepal-talaq.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">
<strong>नई दिल्ली(एजेंसी)। </strong>संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। आज केंद्र सरकार राज्यसभा में अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है. गुरुवार को ही मोदी कैबिनेट ने इस बिल में संशोधन किए हैं जिसके बाद अब ये बिल पास होने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने इस बिल में कई तरह की कमियां बताई थीं, जिसके बाद बिल को संशोधित किया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को ही राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव हुए हैं, इस चुनाव में एनडीए के हरिवंश सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है। यही कारण है कि एनडीए की स्थिति अभी मजबूत नज़र आ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार चाहेगी कि सत्र का अंत होते हुए वह तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण बिल को पास करवा पाए।</p>
<h2>अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि नए बिल में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध तो माना गया है लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा। साथ ही विधेयक में एक और संशोधन किया गया है जिसमें पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो भी शिकायत दर्ज कर सकता है. बता दें कि पिछले सत्र में राज्यसभा में इस विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली थी। जब विपक्ष की तरफ से विधेयक को त्रुटिपूर्ण बताते हुए प्रवर समिति में भेजने की मांग की गई थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संशोधित तीन तलाक बिल में क्या खास</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट दे सकता है आरोपी को जमानत।</li>
<li style="text-align:justify;">पीड़िता, परिजन और खून के रिश्तेदार ही एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">एक बार में तीन तलाक बिल की पीड़ित महिला मुआवजे की अधिकार।</li>
</ul>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Aug 2018 08:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा में एसटी-एससी संसोधन बिल पास</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा नई दिल्ली (सच कहूँ)। लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/lok-sabha1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ)।</strong> लोकसभा ने आज एसटी-एससी अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी। सरकार ने जोर दिया कि भाजपा नीत सरकार हमेशा आरक्षण की पक्षधर रही है और कार्य योजना बनाकर दलितों के सशक्तीकरण के लिये काम कर रही है। लोकसभा में लगभग छह घंटे तक चली चर्चा के बाद सदन ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को नकारते हुए ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। इससे पहले विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा, ‘‘हमने अनेक अवसरों पर स्पष्ट किया है, फिर स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम आरक्षण के पक्षधर थे, पक्षधर हैं और आगे भी रहेंगे।’’ उन्होंने कहा कि चाहे हम राज्यों में सरकार में रहे हो, या केंद में अवसर मिला हो, हमने यह सुनिश्वित किया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">मंत्री गहलोत ने विपक्ष पर साधा निशाना</h1>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री गहलोत ने कहा कि जो हम पर विधेयक देरी से लाने का आरोप लगा रहे हैं, वे जवाब दें कि 1989 में कानून आने के बाद अब तक उसमें संशोधन करके उसे मजबूत क्यों नहीं बनाया गया। कांग्रेस पर वोट बैंक के लिये दलित वर्ग का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी नीति और नियत अच्छी है और हम डा. भीमराव अंबेडकर की सोच को चरितार्थ कर रहे हैं। इसलिये हम इस बार पहले से भी मजबूत प्रावधानों वाला विधेयक लाये हैं। विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि कई निर्णयों में दंड विधि शास्त्र के सिद्धांतों और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 41 से यह परिणाम निकलता है कि एक बार जब अन्वेषक अधिकारी के पास यह संदेह करने का कारण है कि कोई अपराध किया गया है तो वह अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकता है। अन्वेषक अधिकारी से गिरफ्तार करने या गिरफ्तार न करने का यह विनिश्चय नहीं छीना जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दृष्टि से लोकहित में यह उपयुक्त है कि यथास्थिति किसी अपराध के किये जाने के संबंध में प्रथम इत्तिला रिपोर्ट के पंजीकरण या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की बाबत किसी प्रारंभिक जांच या किसी प्राधिकारी के अनुमोदन के बिना दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के उपबंध लागू किये जाएं। विधेयक के 18क में कहा गया है कि जिसके विरूद्ध इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के लिये किए जाने का अभियोग लगाया गया है और इस अधिनियम या संहिता के अधीन उपबंधित प्रक्रिया से भिन्न कोई प्रक्रिया लागू नहीं होगी। इसमें कहा गया है कि किसी न्यायालय के किसी निर्णय या आदेश या निदेश के होते हुए भी संहिता की धारा 438 के उपबंध इस अधिनियम के अधीन किसी मामले पर लागू नहीं होंगे।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/st-sc-amendment-bill-passed-in-lok-sabha/article-5205</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Aug 2018 09:54:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान। कहीं आपको ठग तो नहीं रहा दुकानदार</title>
                                    <description><![CDATA[खरीदारी करें लेकिन होशियारी से, उपभोक्ताओें का अधिकार है पक्का बिल | Careful घर परिवार की जरूरतों के लिए आप हर माह सामान की खरीदारी करते हैं। जैसे किराना, कॉस्मेटिक, बर्तन,कपड़ा, इलेकिट्रक व अन्य सामान। गये, दुकानदार को सामान बताया और बिल चुकाकर सामान लेकर आ गये। लेकिन इस तरह की खरीदारी में कुछ बातें ध्यान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/careful/article-4640"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/careful.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">खरीदारी करें लेकिन होशियारी से, उपभोक्ताओें का<br />
अधिकार है पक्का बिल | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">घर परिवार की जरूरतों के लिए आप हर माह सामान की खरीदारी करते हैं। जैसे किराना, कॉस्मेटिक, बर्तन,कपड़ा, इलेकिट्रक व अन्य सामान। गये, दुकानदार को सामान बताया और बिल चुकाकर सामान लेकर आ गये। लेकिन इस तरह की खरीदारी में कुछ बातें ध्यान रखने लायक होती हैं <strong>(Careful)</strong> जिनसे आप अपनी खरीदारी को बेहतर बनाने के साथ-साथ और फालतू खर्च व फालतू के झमेलों से भी बच सकते हैं। यदि सामान बेकार निकल आया या दुकानदार ने दाम अधिक वसूल लिए तो आप परेशान हो जाते हैं और दुकानदार आपकी कोई बात नहीं सुनता।आज हम आपको खरीदारी के कुछ ऐसे ही जरूरी टिप्सों के बारे में बताने जा रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">तो अपनाइए ये टिप्स व बनिए जागरूक ग्राहक । Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">चाहे एक रूपए का सामान हो या लाख-दस लाख, करोड़ का, खरीदारी करते समय एक बात अवश्य ध्यान रहे कि दुकानदार आपको अंकित मूल्य से अधिक कीमत में सामान तो नहीं दे रहा है, या खरीदी गई वस्तु की मात्रा से कम तोलकर दे रहा है, या पक्का बिल देने से मना कर रहा है, या गलत वस्तु बेच देता है, या गारंटी के सामान को बदलने, ठीक करने से मना करता है तो आप इसके लिए मुआवजे के हकदार हंै। आप दुकानदार व कंपनी आदि से लिए गए सामान का पक्का बिल लेना न भूलें क्योंकि ये आपका अधिकार है। और पक्के बिल पर टिन नंबर देखना ना भूलें।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार दुकानदार सफेद कागज के टुकड़े पर आपको कच्चा बिल बनाकर दे देते हैं जो कि सही नहीं है। आप ऐसे दुकानदार की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता फोरम में खुद या वकील के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करने के लिए आपको कोई ठोस दस्तावेज जो आपकी शिकायत की पुष्टि करता हो उसकी एक प्रति देनी होगी जैसे कोई बिल, रसीद या कोई अन्य दस्तावेज। आपको अपनी शिकायत की तीन प्रतियां फोरम में जमा करानी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एक कॉपी जिसके खिलाफ आप शिकायत कर रहे हैं उसके लिए, दूसरी फोरम आॅफिस के लिए तथा तीसरी कॉपी आपकी होती है। शिकायत के साथ पोस्टल आॅर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के रुप में फीस जमा कराना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि ऐसे दुकानदारों व इकाईयों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार जीएसटी बिल लेकर आ रही है जिसके तहत पक्का बिल देना अनिवार्य होगा। बिल के लागू होते ही दुकानदार टैक्स चोरी नहीं कर सकेंगे।</p>
<h1 style="text-align:center;">किसके खिलाफ हो शिकायत ? | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कंज्यूमर फोरम में दुकानदार, मैन्युफैक्चर्स, डीलर या फिर सर्विस प्रवाइडर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:center;">कौन कर सकता है शिकायत ? | Careful</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पीड़ित कंज्यूमर</li>
<li style="text-align:justify;">कोई फर्म, भले ही यह रजिस्टर्ड न हो</li>
<li style="text-align:justify;">कोई भी व्यक्ति, भले ही वह खुद पीड़ित न हुआ हो</li>
<li style="text-align:justify;">को-आॅपरेटिव सोसाइटी या लोगों को कोई भी समूह</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य या केंद्र सरकारें</li>
<li>कंज्यूमर की मौत हो जाने की स्थिति में उसके कानूनी वारिस</li>
<li>कहां कर सकते हैं शिकायत</li>
<li>20 लाख की रकम तक के लिए जिला उपभोक्ता फोरम</li>
<li>20-01 करोड़ की रकम के लिए स्टेट कंज्यूमर फोरम</li>
<li>एक करोड़ से अधिक के लिए नैशनल कंज्यूमर फोरम में।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">तथ्यों को शिकायत संग जमा करें | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">इस चरण में आवेदक को अपनी शिकायत का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। जैसे उसके साथ क्या गलत हुआ, कितना नुकसान हुआ आदि और साथ मे दर्ज की जाने वाली शिकायत की सच्चाई साबित हो सके उसके लिये सारे सबूत भी देने होंगे ।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गलत शिकायत न करें | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">अगर किसी ग्राहक के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधाड़ी होती है तो डरे बिना उपभोक्ता कोर्ट या फोरम का रुख करना चाहिये, पर उसके पहले ये सुनिश्चित करना चाहिये कि खुद कहीं पर गलत नहीं है। ध्यान रहे किसी भी व्यापारी / विक्रेता / कंपनी पर गलत आरोप लगा कर शिकायत करना गैर कानूनी है, ऐसा करने पर ग्राहक को भी जुमार्ना और सजा हो सकती है, इसलिए झूठी शिकायत बिलकुल न करें। नुकसान के सारे तथ्यों को शिकायत करने से पूर्व संकलित करें, आॅफलाइन शिकायत कर रहे हैं तो उपभोक्ता फोरम कार्यालय से फॉर्म की फीस भर कर शिकायत को प्रोसेस करे, ओर आॅनलाइन शिकायत के लिये : नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन वेबसाइट पर लॉगआॅन करें ।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कैसे करें शिकायत ? | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">शिकायत के साथ आपको ऐसे डॉक्युमेंट्स की कॉपी देनी होगी,</li>
<li style="text-align:justify;">जो आपकी शिकायत का समर्थन करें। इनमें कैश मेमो, रसीद, अग्रीमेंट्स वैगरह हो सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत की 3 कॉपी जमा करानी होती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इनमें एक कॉपी आॅफिस के लिए और एक विरोधी पार्टी के लिए होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत व्यक्ति अपने वकील के जरिए भी करवा सकता है और खुद भी दायर कर सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत के साथ पोस्टल आॅर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए फीस जमा करानी होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">डिमांड ड्राफ्ट या पोस्टल आॅर्डर प्रेजिडंट, डिस्ट्रिक्ट फोरम या स्टेट फोरम के पक्ष में बनेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हर मामले के लिए फीस अलग-अलग होती है, जिसका ब्यौरा हम नीचे दे रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर उपभोक्ता किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना चाहते हंै</li>
<li style="text-align:justify;">तो उसको को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर लॉगआॅन करना होगा</li>
<li style="text-align:justify;">वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ऊपर शिकायत रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करना होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">तुरंत ही अगले स्क्रीन पर दो विकल्प प्रदर्शित होंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर आवेदक नई शिकायत रजिस्टर करना चाहते है तो आप्शन 1 पर क्लिक करे</li>
<li style="text-align:justify;">अगर उसने पहले ही वेबसाइट पर शिकायत जमा कर रखी है तो आप्शन 2 पर क्लिक करें।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">उपभोक्ता फोरम में करें शिकायत ? | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">आपका पैसा आपकी मेहनत है। जब आप बाजार में कुछ खरीद रहे होते हैं, तो दरअसल आप अपनी मेहनत के बदले खरीद रहे होते हैं। इसलिए आप चाहते हैं कि बाजार में आपको धोखा न मिले। इसके लिए आप पूरी सावधानी बरतते हैं। लेकिन बाजार तो चलता ही मुनाफे पर है। अपना मुनाफा बढ़ाने के चक्कर में दुकानदार, कंपनी, डीलर या सर्विस प्रवाइडर्स आपको धोखा दे सकते हैं। हो सकता है आपको बिल्कुल गलत चीज मिल जाए। या फिर उसमें कोई कमी पेशी हो। अगर ऐसा होता है और कंपनी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है, तो चुप न बैठें। आपकी मदद के लिए कंज्यूमर फोरम मौजूद हैं, यहां शिकायत करें।</p>
<h1 style="text-align:justify;">उपभोक्ता मांग सकता है मुआवजा | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता अपने साथ हुई परेशानी के लिये विक्रेता पर मुआवजे का दावा भी कर सकता है और साबित हो जाने पर विक्रेता को फोरम या कोर्ट के द्वारा लगाए जाने वाले जुमार्ने का भुगतान करना पड़ता है, और अगर मामला गंभीर हो तो विक्रेता को जुमार्ना और जेल तक हो सकती है। इसके लिए उपभोक्ता को सबसे पहले अपनी लिखित शिकायत का नोटिस, विक्रेता को देना होता है, उसके बाद ही विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता कोर्ट या फोरम में शिकायत कर सकते हंै। यह इसलिये जरूरी होता है क्योंकि कई बार उपभोक्ता के शिकायत करे जाने की बात जानते ही विक्रेता अपनी गलती सुधार लेते हैं और शिकायत की नौबत ही नहीं आती।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता/ग्राहक जब कोई वस्तु खरीदता है, तो उस वस्तु का तत्व, गुणधर्म, प्रकार, वजन / नाप, के बारे मे पूछ कर या सामान के कवर पर छपी जानकारी से वस्तु का मूल्य कितना है, ये जान सकता है, लेकिन कई बार विक्रेता इरादतन या गैर इरादतन वस्तु / सेवा को गलत जानकारी के साथ बेचते पाये जाते है, या फिर दी जानकारी सही है के नहीं इस विषय पर ध्यान नहीं देते, ऐसा होने से उपभोक्ता के अधिकारो का हनन होता है, और गलत जानकारी वाली वस्तु खरीदने से उपभोक्ता नुकसान भी उठाता है। ऐसी परिस्थिति से उपभोक्ता को संरक्षण मिले इस लिये, भारतीय संविधान अनुसार उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम 1986 के तहत हर भारतीय उपभोक्ता को संरक्षण दिया जाता है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">उपभोक्ता फोरम मामलों की शिकायत फीस | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक रूपए से एक लाख रुपये तक – 100</li>
<li>पांच लाख रुपये तक के लिए – 200</li>
<li>10 लाख रुपये तक के लिए – 400</li>
<li>10-20 लाख रुपये तक के लिए – 500</li>
<li>20-50 लाख रुपये तक के लिए – 1000</li>
<li>50-1 करोड़ रुपये तक – 4000</li>
</ul>
<p> </p>
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                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/careful/article-4640</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Jul 2018 09:46:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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