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                <title>Purchase - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>वित्तीय संकट में पंजाब सरकार: नए विकास कार्यों और सामान की खरीद पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[अब खराब वित्तीय हालत को संभालने के लिए वित्त विभाग ने खर्चों में कटौती के नए उपाय तलाशे हैं।
जिनके संबंध में जारी प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने मोहर लगा दी है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/prohibition-on-purchase-of-new-development-works-and-goods/article-12315"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/captain-amarinder-singh.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पंजाब सरकार के खजाने में सिर्फ 540 करोड़ रुपए, जबकि देनदारियां करीब 35 हजार करोड़ | Financial Crisis</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>टैक्स से 113852.75 करोड़ का टारगेट, पर नवंबर तक 26131.84 की आमदनी हुई</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/ अश्वनी चावला)।</strong> प्रदेश में <strong>(Financial Crisis)</strong> वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार ने हालत सुधारने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। सरकार ने प्रदेश में नए विकास कार्यों और साजो-सामान की खरीद पर रोक लगा दी गई है। मंगलवार को जारी एक पत्र के अनुसार वित्त विभाग ने प्रदेश में वेतन, पेंशन, बिजली के बिल और कर्ज की अदायगी को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की सरकारी खरीद में 20 फीसदी की कटौती करने का फैसला ले लिया है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">असल में नवंबर के अंत में आई सुर्खियों के मुताबिक पंजाब में आर्थिक संकट गहरा चुका है। हालत ये है कि सरकार के खजाने में अभी केवल 540 करोड़ रुपए हैं, जबकि सरकार की देनदारियां करीब 35 हजार करोड़ की हैं। सरकार पर चालू वित्त वर्ष के दौरान वेतन, पेंशन और ब्याज पर 52,274 करोड़ की देनदारियां थीं। फिस्कल इंडिकेटर के अनुसार 7 महीने में 17260.45 करोड़ दिए गए। बाकी 5 महीने में 35013.55 करोड़ की देनदारी बाकी है। इनमें से कर्मचारियों के डीए और एरियर का ही 60 करोड़ के अलावा 5 हजार करोड़ के कई बिल भी पेंडिंग पड़े हैं। वहीं, सरकार पर 2.13 लाख करोड़ कर्ज है और इसके ब्याज के तौर पर हर साल 4781.31 करोड़ देने पड़ रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सरकार को आमदन कम होने की वजहें | Financial Crisis</h2>
<p style="text-align:justify;">जहां तक आमदन कम होने की वजह की बात है, पंजाब सरकार ने बजट में विभिन्न टैक्स से होने वाली आमदनी का लक्ष्य 113852.75 करोड़ रखा था, पर अभी तक 26131.84 करोड़ ही मिले हैं। यदि यह 4100 करोड़ समय पर मिल जाते तो ऐसी नौबत नहीं आनी थी। इसके अलावा सरकर ने 2019-20 में लोन रिकवरी का 15685.18 करोड़ का लक्ष्य रखा था, लेकिन अगस्त तक केवल 312.46 करोड़ रुपए की ही रिकवरी हो पाई।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब नई प्लानिंग हो रही| Financial Crisis</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अब खराब वित्तीय हालत को संभालने के लिए वित्त विभाग ने खर्चों में कटौती के नए उपाय तलाशे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">जिनके संबंध में जारी प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने मोहर लगा दी है।</li>
<li style="text-align:justify;">वित्त विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है ।</li>
<li style="text-align:justify;">वर्ष 2019-20 के दौरान कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">केवल उन्हीं विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा, जो इस समय चल रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">नए टेंडर भी जारी नहीं किए जाएंगे, लेकिन किसी आपात स्थिति में अगर कोई विभाग टेंडर जारी करना चाहे</li>
<li style="text-align:justify;">उसे वित्त विभाग से मंजूरी लेनी होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके अलावा सभी सरकारी विभाग किसी प्रकार का साजो-सामान भी नहीं खरीद सकेंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">विभाग ने वेतन, पेंशन, बिजली के बिल और कर्ज की अदायगी को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की सरकारी खरीद में 20 फीसदी की कटौती करने का फैसला ले लिया है।</li>
</ul>
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</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2020 21:04:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस बार बिना रूकावट खरीदा जाएगा पड़ोसी राज्यों का गेहूं</title>
                                    <description><![CDATA[-1840 रुपये सरकारी रेट के हिसाब से होगी गेहूं की खरीद सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। जिला में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए मार्केट कमेटी प्रबंधन ने पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए है। वहीं पहली बार सरकार ने पड़ोसी राज्य राजस्थान और पंजाब से आने वाले गेहूं पर भी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">-1840 रुपये सरकारी रेट के हिसाब से होगी गेहूं की खरीद</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong><br />
<strong>सरसा।</strong> जिला में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। इसके लिए मार्केट कमेटी प्रबंधन ने पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए है। वहीं पहली बार सरकार ने पड़ोसी राज्य राजस्थान और पंजाब से आने वाले गेहूं पर भी रोक नहीं लगाई है। इस बार कहीं की भी गेहूं आए। वह गेहूं खरीदी जाएगी। इसलिए कोई नाकाबंदी या बैरियर सीमाओं पर नहीं लगाए जाएंगे। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष आवक में गेहूं अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। पिछले वर्ष भी राजस्थान से भारी मात्रा में सरसा मंडी में गेहूं आया था। हरियाणा सरकार की तरफ से जारी हुए आदेश मुताबिक गेहूं में 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर खरीद नहीं की जाएगी।। वहीं गेहूं का सरकारी रेट इस बार 1840 रुपये रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जिला में 58 केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद</h2>
<p style="text-align:justify;">जिले में गेहूं खरीद के लिए 58 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। यहां से चार खरीद एजेंसियां गेहूं खरीदेगी। जिनमें भारतीय खाद्य निगम, खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस, है। गेहूं उठान में किसी प्रकार की देरी ना हो। इसके लिए भारतीय खाद्य निगम सुबह साढ़े 7 बजे से ही गोदाम खुले रखेगी। गेहूं की खरीद 15 मई तक होगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">यह रहेगा सरसा मंडी में खरीद एजेंसियों का शैड्यूल</h2>
<p style="text-align:justify;">सरसा मंडी को जोन वाइज बांटने के बाद सप्ताह में चार दिन यानि सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को हैफेड गेहूं खरीदेगी। इसके अलावा शुक्रवार के दिन एफसीआई खरीद कर सकेगी। वहीं बुधवार को खाद्य आपूर्ति गेहूं की खरीद करेगी। सरसा मंडी में वेयर हाउस की खरीद इस बार नहीं है। वहीं सांसद आदर्श ग्राम गुडियाखेड़ा में बने खरीद केंद्र पर हैफेड एजेंसी खरीद करेगी। ,</p>
<h2 style="text-align:justify;">इस वर्ष जिले में 13 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक होने की उम्मीद</h2>
<p style="text-align:justify;">इस बार जिले में 2 लाख 99 हजार हेक्टेयर के करीब गेहूं की फसल है। फसल अच्छी होने के कारण जिले में गेहूं लगभग 13 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक होने तक की उम्मीद जताई जा रही है। गत वर्ष भी लगभग इतने ही रकबे में गेहूं की फसल थी और 12 लाख मीट्रिक टन से अधिक आवक रिकॉर्ड की गई थी। आवक की बात करें तो पिछले ढाई दशकों से सरसा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘‘गेहूं खरीद की गाइडलाइन आ गई है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। 1 अप्रैल से 15 मई तक गेहूं की खरीद होगी। मंडिया भी अलॉट कर दी गई है। इस संबंध प्रधान सचिव हरियाणा राजेश खुल्लर ने वीडियो कांफ्रेस करके आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। डीसी साहब के आदेशानुसार खरीद प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी गई है।<br />
<strong>-अशोक बंसल डीएफएससी</strong></p>
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                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/wheat-purchase/article-8236</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Mar 2019 20:19:33 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान। कहीं आपको ठग तो नहीं रहा दुकानदार</title>
                                    <description><![CDATA[खरीदारी करें लेकिन होशियारी से, उपभोक्ताओें का अधिकार है पक्का बिल | Careful घर परिवार की जरूरतों के लिए आप हर माह सामान की खरीदारी करते हैं। जैसे किराना, कॉस्मेटिक, बर्तन,कपड़ा, इलेकिट्रक व अन्य सामान। गये, दुकानदार को सामान बताया और बिल चुकाकर सामान लेकर आ गये। लेकिन इस तरह की खरीदारी में कुछ बातें ध्यान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/careful/article-4640"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/careful.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">खरीदारी करें लेकिन होशियारी से, उपभोक्ताओें का<br />
अधिकार है पक्का बिल | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">घर परिवार की जरूरतों के लिए आप हर माह सामान की खरीदारी करते हैं। जैसे किराना, कॉस्मेटिक, बर्तन,कपड़ा, इलेकिट्रक व अन्य सामान। गये, दुकानदार को सामान बताया और बिल चुकाकर सामान लेकर आ गये। लेकिन इस तरह की खरीदारी में कुछ बातें ध्यान रखने लायक होती हैं <strong>(Careful)</strong> जिनसे आप अपनी खरीदारी को बेहतर बनाने के साथ-साथ और फालतू खर्च व फालतू के झमेलों से भी बच सकते हैं। यदि सामान बेकार निकल आया या दुकानदार ने दाम अधिक वसूल लिए तो आप परेशान हो जाते हैं और दुकानदार आपकी कोई बात नहीं सुनता।आज हम आपको खरीदारी के कुछ ऐसे ही जरूरी टिप्सों के बारे में बताने जा रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">तो अपनाइए ये टिप्स व बनिए जागरूक ग्राहक । Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">चाहे एक रूपए का सामान हो या लाख-दस लाख, करोड़ का, खरीदारी करते समय एक बात अवश्य ध्यान रहे कि दुकानदार आपको अंकित मूल्य से अधिक कीमत में सामान तो नहीं दे रहा है, या खरीदी गई वस्तु की मात्रा से कम तोलकर दे रहा है, या पक्का बिल देने से मना कर रहा है, या गलत वस्तु बेच देता है, या गारंटी के सामान को बदलने, ठीक करने से मना करता है तो आप इसके लिए मुआवजे के हकदार हंै। आप दुकानदार व कंपनी आदि से लिए गए सामान का पक्का बिल लेना न भूलें क्योंकि ये आपका अधिकार है। और पक्के बिल पर टिन नंबर देखना ना भूलें।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार दुकानदार सफेद कागज के टुकड़े पर आपको कच्चा बिल बनाकर दे देते हैं जो कि सही नहीं है। आप ऐसे दुकानदार की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता फोरम में खुद या वकील के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करने के लिए आपको कोई ठोस दस्तावेज जो आपकी शिकायत की पुष्टि करता हो उसकी एक प्रति देनी होगी जैसे कोई बिल, रसीद या कोई अन्य दस्तावेज। आपको अपनी शिकायत की तीन प्रतियां फोरम में जमा करानी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एक कॉपी जिसके खिलाफ आप शिकायत कर रहे हैं उसके लिए, दूसरी फोरम आॅफिस के लिए तथा तीसरी कॉपी आपकी होती है। शिकायत के साथ पोस्टल आॅर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के रुप में फीस जमा कराना होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि ऐसे दुकानदारों व इकाईयों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार जीएसटी बिल लेकर आ रही है जिसके तहत पक्का बिल देना अनिवार्य होगा। बिल के लागू होते ही दुकानदार टैक्स चोरी नहीं कर सकेंगे।</p>
<h1 style="text-align:center;">किसके खिलाफ हो शिकायत ? | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कंज्यूमर फोरम में दुकानदार, मैन्युफैक्चर्स, डीलर या फिर सर्विस प्रवाइडर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:center;">कौन कर सकता है शिकायत ? | Careful</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पीड़ित कंज्यूमर</li>
<li style="text-align:justify;">कोई फर्म, भले ही यह रजिस्टर्ड न हो</li>
<li style="text-align:justify;">कोई भी व्यक्ति, भले ही वह खुद पीड़ित न हुआ हो</li>
<li style="text-align:justify;">को-आॅपरेटिव सोसाइटी या लोगों को कोई भी समूह</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य या केंद्र सरकारें</li>
<li>कंज्यूमर की मौत हो जाने की स्थिति में उसके कानूनी वारिस</li>
<li>कहां कर सकते हैं शिकायत</li>
<li>20 लाख की रकम तक के लिए जिला उपभोक्ता फोरम</li>
<li>20-01 करोड़ की रकम के लिए स्टेट कंज्यूमर फोरम</li>
<li>एक करोड़ से अधिक के लिए नैशनल कंज्यूमर फोरम में।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">तथ्यों को शिकायत संग जमा करें | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">इस चरण में आवेदक को अपनी शिकायत का पूरा ब्यौरा लिख कर देना होता है। जैसे उसके साथ क्या गलत हुआ, कितना नुकसान हुआ आदि और साथ मे दर्ज की जाने वाली शिकायत की सच्चाई साबित हो सके उसके लिये सारे सबूत भी देने होंगे ।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गलत शिकायत न करें | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">अगर किसी ग्राहक के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधाड़ी होती है तो डरे बिना उपभोक्ता कोर्ट या फोरम का रुख करना चाहिये, पर उसके पहले ये सुनिश्चित करना चाहिये कि खुद कहीं पर गलत नहीं है। ध्यान रहे किसी भी व्यापारी / विक्रेता / कंपनी पर गलत आरोप लगा कर शिकायत करना गैर कानूनी है, ऐसा करने पर ग्राहक को भी जुमार्ना और सजा हो सकती है, इसलिए झूठी शिकायत बिलकुल न करें। नुकसान के सारे तथ्यों को शिकायत करने से पूर्व संकलित करें, आॅफलाइन शिकायत कर रहे हैं तो उपभोक्ता फोरम कार्यालय से फॉर्म की फीस भर कर शिकायत को प्रोसेस करे, ओर आॅनलाइन शिकायत के लिये : नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन वेबसाइट पर लॉगआॅन करें ।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कैसे करें शिकायत ? | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">शिकायत के साथ आपको ऐसे डॉक्युमेंट्स की कॉपी देनी होगी,</li>
<li style="text-align:justify;">जो आपकी शिकायत का समर्थन करें। इनमें कैश मेमो, रसीद, अग्रीमेंट्स वैगरह हो सकते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत की 3 कॉपी जमा करानी होती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इनमें एक कॉपी आॅफिस के लिए और एक विरोधी पार्टी के लिए होती है।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत व्यक्ति अपने वकील के जरिए भी करवा सकता है और खुद भी दायर कर सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">शिकायत के साथ पोस्टल आॅर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए फीस जमा करानी होगी।</li>
<li style="text-align:justify;">डिमांड ड्राफ्ट या पोस्टल आॅर्डर प्रेजिडंट, डिस्ट्रिक्ट फोरम या स्टेट फोरम के पक्ष में बनेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हर मामले के लिए फीस अलग-अलग होती है, जिसका ब्यौरा हम नीचे दे रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर उपभोक्ता किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना चाहते हंै</li>
<li style="text-align:justify;">तो उसको को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर लॉगआॅन करना होगा</li>
<li style="text-align:justify;">वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ऊपर शिकायत रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करना होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">तुरंत ही अगले स्क्रीन पर दो विकल्प प्रदर्शित होंगे।</li>
<li style="text-align:justify;">अगर आवेदक नई शिकायत रजिस्टर करना चाहते है तो आप्शन 1 पर क्लिक करे</li>
<li style="text-align:justify;">अगर उसने पहले ही वेबसाइट पर शिकायत जमा कर रखी है तो आप्शन 2 पर क्लिक करें।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">उपभोक्ता फोरम में करें शिकायत ? | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">आपका पैसा आपकी मेहनत है। जब आप बाजार में कुछ खरीद रहे होते हैं, तो दरअसल आप अपनी मेहनत के बदले खरीद रहे होते हैं। इसलिए आप चाहते हैं कि बाजार में आपको धोखा न मिले। इसके लिए आप पूरी सावधानी बरतते हैं। लेकिन बाजार तो चलता ही मुनाफे पर है। अपना मुनाफा बढ़ाने के चक्कर में दुकानदार, कंपनी, डीलर या सर्विस प्रवाइडर्स आपको धोखा दे सकते हैं। हो सकता है आपको बिल्कुल गलत चीज मिल जाए। या फिर उसमें कोई कमी पेशी हो। अगर ऐसा होता है और कंपनी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है, तो चुप न बैठें। आपकी मदद के लिए कंज्यूमर फोरम मौजूद हैं, यहां शिकायत करें।</p>
<h1 style="text-align:justify;">उपभोक्ता मांग सकता है मुआवजा | Careful</h1>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता अपने साथ हुई परेशानी के लिये विक्रेता पर मुआवजे का दावा भी कर सकता है और साबित हो जाने पर विक्रेता को फोरम या कोर्ट के द्वारा लगाए जाने वाले जुमार्ने का भुगतान करना पड़ता है, और अगर मामला गंभीर हो तो विक्रेता को जुमार्ना और जेल तक हो सकती है। इसके लिए उपभोक्ता को सबसे पहले अपनी लिखित शिकायत का नोटिस, विक्रेता को देना होता है, उसके बाद ही विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता कोर्ट या फोरम में शिकायत कर सकते हंै। यह इसलिये जरूरी होता है क्योंकि कई बार उपभोक्ता के शिकायत करे जाने की बात जानते ही विक्रेता अपनी गलती सुधार लेते हैं और शिकायत की नौबत ही नहीं आती।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम | Careful</h2>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता/ग्राहक जब कोई वस्तु खरीदता है, तो उस वस्तु का तत्व, गुणधर्म, प्रकार, वजन / नाप, के बारे मे पूछ कर या सामान के कवर पर छपी जानकारी से वस्तु का मूल्य कितना है, ये जान सकता है, लेकिन कई बार विक्रेता इरादतन या गैर इरादतन वस्तु / सेवा को गलत जानकारी के साथ बेचते पाये जाते है, या फिर दी जानकारी सही है के नहीं इस विषय पर ध्यान नहीं देते, ऐसा होने से उपभोक्ता के अधिकारो का हनन होता है, और गलत जानकारी वाली वस्तु खरीदने से उपभोक्ता नुकसान भी उठाता है। ऐसी परिस्थिति से उपभोक्ता को संरक्षण मिले इस लिये, भारतीय संविधान अनुसार उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम 1986 के तहत हर भारतीय उपभोक्ता को संरक्षण दिया जाता है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">उपभोक्ता फोरम मामलों की शिकायत फीस | Careful</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक रूपए से एक लाख रुपये तक – 100</li>
<li>पांच लाख रुपये तक के लिए – 200</li>
<li>10 लाख रुपये तक के लिए – 400</li>
<li>10-20 लाख रुपये तक के लिए – 500</li>
<li>20-50 लाख रुपये तक के लिए – 1000</li>
<li>50-1 करोड़ रुपये तक – 4000</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jul 2018 09:46:50 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका से हेलिकॉप्टर खरीद का सौदा रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[ मोदी के दौरे से पहले दिया झटका नई दिल्ली। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले अमेरिका को करारा झटका दिया है। रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 16 हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा रद्द कर दिया है। हेलिकॉप्टर की कीमत को लेकर बात नहीं बनने के बाद रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/helicopter-purchase-deal-cancel-with-us/article-1254"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/helicopeter.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> मोदी के दौरे से पहले दिया झटका</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले अमेरिका को करारा झटका दिया है। रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 16 हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा रद्द कर दिया है। हेलिकॉप्टर की कीमत को लेकर बात नहीं बनने के बाद रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। भारतीय नौसेना के लिए 16 हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए अमेरिकी विमानन निर्माता कंपनी सिकोरस्की एयरक्राफ्ट से 6,500 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्रालय ने सैन्य क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोमोट करने का फैसला लिया है, ताकि रक्षा क्षेत्र में आयात को कम किया जा सके। पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से महज दो सप्ताह पहले रक्षा मंत्रालय का यह फैसला सामने आया है। मालूम हो कि मोदी 25 जून को अमेरिका के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 16 हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा रद्द कर दिया गया है। हेलिकॉप्टर की कीमत को लेकर यह सौदा पिछले दो सालों से लटका था।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 06:43:05 +0530</pubDate>
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                <title>‘मोटे अनाज के समर्थन मूल्य पर खोले जाए खरीद केन्द्र’</title>
                                    <description><![CDATA[JaiPur, SachKahoon News:  पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को मोटे अनाज के समर्थन मूल्य के क्रय केन्द्र नहीं खुलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय पूल हेतु मोटे अनाज को समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्य राज्य सरकार के स्तर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/coarse-grain-support-price-to-be-set-at-purchase-center/article-563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/ashok-gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>JaiPur, SachKahoon News:</strong>  पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को मोटे अनाज के समर्थन मूल्य के क्रय केन्द्र नहीं खुलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय पूल हेतु मोटे अनाज को समर्थन मूल्य पर खरीद का कार्य राज्य सरकार के स्तर पर किया जाता है, किन्तु राज्य सरकार द्वारा अब तक केन्द्र को प्रस्ताव नहीं भेजने से इस बारे में यथोचित निर्णय नहीं हुआ है। किसानों द्वारा इस बारे में की जा रही मांग की लगातार अनदेखी की जा रही है जिससे उनका कृषि उत्पाद उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार को मोटे अनाज की खरीद समर्थन मूल्य पर करने के लिए क्रय केन्द्र खोलने की दिशा में तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में केवल मूंग 4800 रुपये क्विंटल के समर्थन मूल्य पर क्रय करने के केन्द्र खोले गए है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Dec 2016 01:46:05 +0530</pubDate>
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