<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/expensive/tag-1076" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>expensive - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1076/rss</link>
                <description>expensive RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रसोई गैस सिलिंडर 144 रुपये महँगा</title>
                                    <description><![CDATA[आमजन को महंगाई का झटका  | LPG Cylinder नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम आते ही देश के आमजन को महंगाई का झटका मिला है। बुधवार को रसोई गैस सिलिंडर (LPG cylinder ) के दाम में तकरीबन डेढ़ सौ रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lpg-cylinder-expensive-at-rs-144/article-12998"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/lpg-cylinder.jpg" alt=""></a><br /><h2>आमजन को महंगाई का झटका  | LPG Cylinder</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम आते ही देश के आमजन को महंगाई का झटका मिला है। बुधवार को रसोई गैस सिलिंडर (LPG cylinder ) के दाम में तकरीबन डेढ़ सौ रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉपोर्रेशन ने यह जानकारी दी। आज से बिना सब्सिडी वाला 14.2 किलोग्राम का घरेलू रसोई गैस सिलिंडर 144.50 रुपये महँगा हो गया है। इसकी कीमत 858.50 रुपये हो गई है। पहले यह 714 रुपये का था। सब्सिडी वाले सिलिंडर में भी इसी के अनुरूप वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बढ़ोतरी की गई है। आम तौर पर रसोई गैस की कीमतों में बदलाव महीने की पहली तारीख से की जाती है। लेकिन इस बार यह बदलाव 12 फरवरी से किया गया है। जानकारों का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के कारण इस महीने कीमतों में बढ़ोतरी में देरी की गई।</p>
<p>गौरतलब है कि मंदी, महंगाई और निरंतर घट रही नौकरियों के चलते जहां आम जन पहले ही बेहद परेशान है। वहीं अब रसोई गैस के दाम बढ़ने से गृहणियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।</p>
<h3>कहां कितना इजाफा</h3>
<table style="height:267px;" width="348">
<tbody>
<tr>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>स्थान</strong></p>
</td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>इजाफा</strong></td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>अब कीमत</strong></td>
</tr>
<tr>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>नई दिल्ली</strong></p>
</td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>144.50 रुपये</strong></td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>858.50 रुपये</strong></td>
</tr>
<tr>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>कोलकाता</strong></p>
</td>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>149 रुपये</strong></p>
</td>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>747.00 रुपये</strong></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>मुंबई</strong></p>
</td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>145 रुपये</strong></td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>684.50 रुपये</strong></td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>चेन्नई</strong></td>
<td style="text-align:center;" width="213"><strong>147 रुपये</strong></td>
<td width="213">
<p style="text-align:center;"><strong>734.00 रुपये</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/lpg-cylinder-expensive-at-rs-144/article-12998</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/lpg-cylinder-expensive-at-rs-144/article-12998</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Feb 2020 14:39:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/lpg-cylinder.jpg"                         length="24351"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल 13 महीने के उच्चतम स्तर पर</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल आठ-आठ पैसे महँगा होकर क्रमश: 77.87 रुपये और 80.87 रुपये प्रति लीटर बिका। चेन्नई में इसकी कीमत सात पैसे बढ़कर 78.20 रुपये प्रति लीटर हो गयी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/petrol-and-diesel-at-13-month-high/article-12181"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/petrol-diesel.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> नये साल के पहले दिन टिकाव के बाद गुरुवार को देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़कर 13 महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गये। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 11 पैसे महँगा होकर 75.25 रुपये प्रति लीटर बिका जो 24 नवंबर 2018 के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल की कीमत भी 14 पैसे बढ़कर 29 नवंबर 2018 के बाद के उच्चतम स्तर 68.10 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल आठ-आठ पैसे महँगा होकर क्रमश: 77.87 रुपये और 80.87 रुपये प्रति लीटर बिका। चेन्नई में इसकी कीमत सात पैसे बढ़कर 78.20 रुपये प्रति लीटर हो गयी। डीजल के दाम कोलकाता और चेन्नई में 11-11 पैसे बढ़े। कोलकाता में आज एक लीटर डीजल 70.49 रुपये का और चेन्नई में 71.98 रुपये का मिला। मुंबई में इसकी कीमत 12 पैसे की वृद्धि के साथ 71.43 रुपये प्रति लीटर रही।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/petrol-and-diesel-at-13-month-high/article-12181</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/petrol-and-diesel-at-13-month-high/article-12181</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jan 2020 16:41:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/petrol-diesel.jpg"                         length="22081"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 रुपये मंहगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[नए साल के पहले ही दिन आमजन को झटका  | LPG cylinder नई दिल्ली (एजेंसी)। मंदी और महंगाई के बीच आमजन की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी प्याज के दामों से राहत नहीं मिली है कि बिना सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) एक जनवरी नए साल (New […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rs-19-expensive-lpg-cylinder/article-12142"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/lpg-cylinder.jpg" alt=""></a><br /><h2>नए साल के पहले ही दिन आमजन को झटका  | <span lang="en" xml:lang="en">LPG cylinder</span></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> मंदी और महंगाई के बीच आमजन की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी प्याज के दामों से राहत नहीं मिली है कि<br />
बिना सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर <strong>(<span lang="en" xml:lang="en">LPG Cylinder</span>)</strong> एक जनवरी नए साल (New year) से 19 रुपये मंहगा हो गया। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में जनवरी में बिना सब्सिडी वाला 14.2 किलो ग्राम का रसोई गैस सिलेंडर 714 रुपये का मिलेगा। गत दिसम्बर में इसकी कीमत 695 रुपये थी। कोलकाता में इसकी कीमत 21.50 रुपये, मुम्बई में 19.50 रुपये और चेन्नई में 20 रुपये बढ़ी है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में बढ़ी कीमत के अनुरूप जीएसटी बढ़ा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगस्त 2019: घरेलू सिलेंडर का दाम था 611 रुपये  | <span lang="en" xml:lang="en">LPG cylinder</span></h3>
<p style="text-align:justify;">अगस्त 2019 में घरेलू गैस सिलेंडर 611.50 रुपये का था, जनवरी 2020 में 749 रुपये का हो गया है। यानी पांच महीनों के अंतराल में रसोई गैस के बाजार भाव में 137 रुपये बढ़े हैं। जबकि कामर्शियल सिलेंडर का प्रयोग करने वाले कारोबारियों पर प्रति सिलेंडर 230 रुपये का बोझ पड़ा है।<br />
<strong>सिलेंडर               कीमत</strong><br />
<strong>14.2 किलो        749.00 रुपये </strong><br />
<strong>19 किलो            1325.00 रुपये </strong><br />
<strong>05 किलो            276.00 रुपये</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">पिछले साल जनवरी में 724 रुपये का था सिलेंडर  | <span lang="en" xml:lang="en">LPG cylinder</span></h3>
<p style="text-align:justify;">बीते साल एक जनवरी 2019 को घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) के बाजार भाव में रिकार्ड 121 रुपये और कामर्शियल सिलेंडर पर 190 रुपये की भारी कमी हुई थी। इससे घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 724 रुपये का और कमर्शियल सिलेंडर 1286.50 रुपये का हो गया था।</p>
<ul>
<li><strong>नहीं थम रही आमजन की मुश्किलें</strong></li>
<li><strong>महीना दर महीना बढ़ रही महंगाई</strong></li>
<li><strong>देश में घट रहे रोजगार के अवसर</strong></li>
<li><strong>महंगाई के चलते रसोई पर बढ़ रहा बोझ</strong></li>
<li><strong>गृहणियों में सरकार के प्रति पनप रहा रोष</strong></li>
</ul>
<h3>अधिक जानकारी के लिए देखें निम्न आधिकारिक वेबसाइट</h3>
<p>रसोई गैस के दाम किस शहर में कितने हुए। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अधिकारिक वेबसाइट ((https://www.iocl.com/Products/IndaneGas.aspx) भी चेक कर सकते हैं। यहां आपको सभी शहरों के गैस सिलेंडर की कीमतें मिल जाएगी।</p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल कने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
<pre class="tw-data-text tw-text-large tw-ta" dir="ltr"></pre>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/rs-19-expensive-lpg-cylinder/article-12142</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/rs-19-expensive-lpg-cylinder/article-12142</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jan 2020 12:55:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/lpg-cylinder.jpg"                         length="27738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीजल 15 पैसे, पेट्रोल छह पैसे महँगा</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल की कीमत कोलकाता और मुंबई में भी छह-छह पैसे बढ़कर क्रमश: 77.40 रुपये और 80.40 रुपये प्रति लीटर हो गयी। चेन्नई में यह सात पैसे की तेजी के साथ 77.71 रुपये प्रति लीटर बिका।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diesel-15-paise-petrol-six-paise-expensive/article-12030"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/diesel-petrol.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">डीजल कोलकाता और मुंबई में 16-16 पैसे महँगा हुआ (Diesel petrol)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> विदेशों में कच्चे तेल में रही तेजी के बीच देश में (Diesel petrol) पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार दूसरे दिन बढ़े। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में आज डीजल 15 पैसे महँगा होकर 67.24 रुपये प्रति लीटर हो गया जो 12 सप्ताह का उच्चतम स्तर है। पेट्रोल की कीमत भी छह पैसे बढ़कर 14 दिसंबर के बाद के उच्चतम स्तर 74.74 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गयी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लंदन क्रूड का वायदा आज 68 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तीन महीने बाद कच्चा तेल 68 डॉलर के पार निकला है</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इसके दाम में पिछले कुछ समय से धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है</li>
<li style="text-align:justify;">जिसका असर घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के साथ ही अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर भी देखा जा रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">पेट्रोल की कीमत कोलकाता और मुंबई में भी छह-छह पैसे बढ़कर क्रमश: 77.40 रुपये और 80.40 रुपये प्रति लीटर हो गयी।</li>
<li style="text-align:justify;">चेन्नई में यह सात पैसे की तेजी के साथ 77.71 रुपये प्रति लीटर बिका।</li>
<li style="text-align:justify;">डीजल कोलकाता और मुंबई में 16-16 पैसे महँगा हुआ।</li>
<li style="text-align:justify;">कोलकाता में एक लीटर डीजल की कीमत 69.66 रुपये और मुंबई में 70.55 रुपये रही।</li>
<li style="text-align:justify;">चेन्नई डीजल की कीमत 17 पैसे बढ़कर 71.10 रुपये प्रति लीटर हो गई।</li>
<li style="text-align:justify;">तेल विपणन कंपनियाँ रोजाना पेट्रोल-डीजल के दाम की समीक्षा करती हैं और हर दिन सुबह छह बजे से नयी कीमत लागू होती है।</li>
</ul>
<p> </p>
<p>Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diesel-15-paise-petrol-six-paise-expensive/article-12030</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/diesel-15-paise-petrol-six-paise-expensive/article-12030</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Dec 2019 16:19:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/diesel-petrol.jpg"                         length="26265"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IPL 2020 : पैट कंमिस सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[Most Expensive
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/pat-commins-australian-cricket-players-most-expensive-player-of-ipl.jpg" alt=""></a><br /><h2>15.5 करोड़ में कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा</h2>
<ul>
<li><strong>मैक्सवेल को पंजाब ने 10.75 करोड़ में खरीदा</strong></li>
</ul>
<p><strong>कोलकाता (एजेंसी)।</strong> आईपीएल-2020 को लेकर एक बार फिर खिलाड़ियों की बोलियों का सिलसिला शुरू हो गया। आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस को कोलकाता नाइटराइडर्स ने 15.5 करोड़ रुपए में टीम का हिस्सा बनाया। वहीं ग्लेन मैक्सवेल को 10.75 करोड़ रुपये चुका कर किंग्स इलेवन पंजाब ने अपनी टीम में लिया। इसके साथ ही कमिंस आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे <strong>(Most Expensive)</strong> विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं। आईपीएल इतिहास के वे तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी हैं।</p>
<h3>विराट कोहली को मिली सबसे ज्यादा कीमत</h3>
<p>कमिंस अधिकतम 2 करोड़ रुपए के बेस प्राइस की सूची में थे। कमिंस ने इस कीमत के साथ आईपीएल के पिछले रिकार्ड को भी तोड़ दिया है। वह हमवतन बेन स्टोक्स से आगे निकल गये। इंग्लैंड के आॅलराउंडर बेन स्टोक्स को 2017 में नई टीम राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स ने 14.5 करोड़ रुपए में खरीदा था। भारतीय और बेंगलुरु टीम के कप्तान विराट कोहली 17 करोड़ की कीमत के साथ इस लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। युवराज सिंह को 2015 की नीलामी में दिल्ली ने 16 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय कीमत पर खरीदा था। चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और दिल्ली कैपिटल्स के ऋषभ पंत को 15-15 करोड़ रुपये में उनकी टीमों ने रिटेन किया है।</p>
<h3>332 खिलाड़ियों की लगी बोली</h3>
<p>नीलामी में कुल 332 खिलाड़ियों पर बोली लगी। इनमें 186 भारतीय और 143 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। नीलामी में एसोसिएट देशों से भी तीन क्रिकेटर हैं। इनमें से कुल 73 खिलाड़ियों को खरीदा जाना था जिनमें से 29 विदेशी थे।</p>
<ul>
<li><strong>मैक्सवेल को पंजाब ने 10.75 करोड़ में खरीदा</strong></li>
<li><strong>क्रिस मौरिस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने 10 करोड़ में खरीदा</strong></li>
<li><strong>शेल्डन कोट्रेल को पंजाब ने 8.50 करोड़ रुपये में खरीदा। </strong></li>
<li><strong>नाथन कोल्टर नाइल को मुंबई इंडियन्स ने 8 करोड़ रुपए में खरीदा</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/pat-cummins-most-expensive-foreign-player/article-11884</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Dec 2019 14:59:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/pat-commins-australian-cricket-players-most-expensive-player-of-ipl.jpg"                         length="12591"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगी गाड़ियों से भी आगे निकल गई हिसार की ये भैंस buffalo of Hisar</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान को भी दे दी मात | Buffalo of Hisar हिसार (संदीप सिंहमार)। किसी भी क्षेत्र में रिकॉर्ड बनाना एक श्रेष्ठ उपलब्धि है। लेकिन जब ये रिकॉर्ड कोई भैंस बनाए तो ये चौंकना लाजमी है। हम बात कर रहे हैं हिसार के लितानी गाँव वासी सुखबीर सिंह ढांडा की भैंस सरस्वती की। सरस्वती ने लुधियाना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/this-buffalo-of-hisar-has-gone-ahead-from-expensive-vehicles/article-11792"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/buffalo-of-hisar-1.jpg" alt=""></a><br /><h1>पाकिस्तान को भी दे दी मात | Buffalo of Hisar</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (संदीप सिंहमार)।</strong> किसी भी क्षेत्र में रिकॉर्ड बनाना एक श्रेष्ठ उपलब्धि है। लेकिन जब ये रिकॉर्ड कोई भैंस बनाए तो ये चौंकना लाजमी है। हम बात कर रहे हैं हिसार के लितानी गाँव वासी सुखबीर सिंह ढांडा की भैंस सरस्वती की।</p>
<p style="text-align:justify;">सरस्वती ने लुधियाना के जगरांवा में आयोजित हुई इंटरनैशनल डेयरी एंड एग्रो एक्सपो में रोजाना औसतन 32.66 किलो दूध दिया। उसने पाकिस्तान के फैसलाबाद की नीली रावी भैंस का 32.50 किग्रा. का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भैंसों, गायों और बछड़ों की प्रतियोगिताओं के लिए मशहूर एग्रो एक्सपो  Buffalo of Hisar</h3>
<p>इंटरनैशनल डेयरी एंड एग्रो एक्सपो के अध्यक्ष दलजीत सिंह सरदारपुरा का कहना है, ‘हमारा ये आयोजन दुनियाभर में भैंसों, गायों और बछड़ों की प्रतियोगिताओं के लिए मशहूर है। उनका कहना है, ‘हम खुश हैं कि हमारे एक्सपो में दूध उत्पादन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है।’</p>
<h3>पूरे देश के लिए गर्व की बात</h3>
<p>वहीं भैंस के मालिक सुखबीर ढांडा ने कहा, ‘यह न केवल मेरे, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि सरस्वती ने एक दिन में सबसे ज्यादा दूध देने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इसका श्रेय मेरी माँ कैलो देवी को जाता है। जो इसकी अच्छे से देखभाल करती हैं।</p>
<h2>ऑडी और मर्सिडीज से भी महंगी Buffalo of Hisar</h2>
<p>सुखबीर बताते हैं, ‘सरस्वती ने पिछले साल भी 29.31 किलो दूध देते हुए यहां पहला पुरस्कार जीता था। हिसार के सेंट्रल इंस्टिट्यूट आफ बफैलो रिसर्च के कार्यक्रम में 28.7 किलो दूध का उत्पादन कर भी ये अव्वल रही। वहीं हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के मेले में भी सरस्वती ने 28.8 किलो दूध के साथ प्रतियोगिता में परचम लहराया था।</p>
<h3>51 लाख रुपये कीमत का मिल चुका है आफर</h3>
<ul>
<li><strong>ढांडा कहते हैं कि साहनेवाल के एक व्यक्ति ने सरस्वती के लिए 51 लाख रुपये तक का आफर दिया है। </strong></li>
<li><strong>जो कि महंगी गाड़ियों मर्सिडीज और ऑडी से भी ज्यादा है। </strong></li>
<li><strong>लेकिन मैंने उसे बताया कि यह बेचने के लिए नहीं है।</strong></li>
<li><strong> मैं इसे खुद से दूर नहीं कर सकता।</strong></li>
<li><strong>सरस्वती ने 32.66 किमी. दूध</strong> के<strong> साथ पाकिस्तान की नीली रावी को पछाड़ा</strong></li>
<li><strong>पहले भी कई प्रतियोगिताओं मारी बाजी</strong></li>
<li><strong>51 लाख रुपये कीमत का मिल चुका है आफर</strong></li>
<li><strong>4.5 लाख में बेचा कटड़ा, गंगा-जमुना भी हैं शान</strong></li>
<li><strong>पशुपालन पर फोकस करने का किया आह्वान</strong></li>
</ul>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/this-buffalo-of-hisar-has-gone-ahead-from-expensive-vehicles/article-11792</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/this-buffalo-of-hisar-has-gone-ahead-from-expensive-vehicles/article-11792</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Dec 2019 21:22:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/buffalo-of-hisar-1.jpg"                         length="12719"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल छह पैसे, डीजल सात पैसे महँगा</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में पेट्रोल 74.13 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel मुंबई में 79.85 रुपये प्रति लीटर नई दिल्ली (एजेंसी)। पेट्रोल-डीजल (Petrol And Diesel) की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेजी देखी गयी और पेट्रोल 10 महीने तथा डीजल छह महीने से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। देश की सबसे बड़ी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/petrol-and-diesel-rate-expensive/article-10481"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/six-km-away-in-punjab-border-for-seven-rupees-petrol-and-diesel-9-paise-cheaper.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">दिल्ली में पेट्रोल 74.13 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3><strong>मुंबई में 79.85 रुपये प्रति लीटर</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> पेट्रोल-डीजल <strong>(Petrol And Diesel)</strong> की कीमतों में गुरुवार को एक बार फिर तेजी देखी गयी और पेट्रोल 10 महीने तथा डीजल छह महीने से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को स्थिर रहने के बाद आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल छह पैसे महँगा होकर 74.13 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया जो 26 नवंबर 2018 के बाद का उच्चतम स्तर है। डीजल भी सात पैसे चढ़कर 67.14 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया।</p>
<h2>चेन्नई में 70.98 रुपये प्रति लीटर | Petrol And Diesel</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>यह इस साल 16 मार्च के बाद इसका उच्चतम भाव है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी पेट्रोल छह-छह पैसे महँगा हुआ। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता में आज इसकी कीमत 76.88 रुपये, मुंबई में 79.85 रुपये और चेन्नई में 77.12 रुपये प्रति लीटर रही। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>डीजल की कीमत भी तीनों महानगरों में सात-सात पैसे बढ़ी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> कोलकाता में डीजल 69.56 रुपये, मुंबई में 70.44 रुपये और चेन्नई में 70.98 रुपये प्रति लीटर बिका।</strong></li>
</ul>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/petrol-and-diesel-rate-expensive/article-10481</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/petrol-and-diesel-rate-expensive/article-10481</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Sep 2019 15:42:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-09/six-km-away-in-punjab-border-for-seven-rupees-petrol-and-diesel-9-paise-cheaper.jpg"                         length="77450"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगी पड़ेगी मोदी सरकार को सवर्णों की नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[2019 में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान दलित एक्ट को लेकर मार्च माह के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने का चुनावी दांव खेला गया और आनन-फानन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक 2018 संसद में पारित करा दिया, जिसे लेकर गुस्से का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/modi-will-be-more-expensive-than-the-upper-caste/article-5971"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/upar-cast.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">2019 में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान दलित एक्ट को लेकर मार्च माह के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने का चुनावी दांव खेला गया और आनन-फानन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक 2018 संसद में पारित करा दिया, जिसे लेकर गुस्से का इजहार करने के लिए सवर्ण वर्ग द्वारा गत दिनों भारत बंद का आयोजन किया गया, जिसका देश के कई राज्यों में व्यापक असर भी देखा गया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एस.सी.-एस.टी. एक्ट के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जाहिर करते हुए 20 मार्च 2018 को कुछ निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत एससी-एसटी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज होते ही किसी की तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी और गिरफ्तारी के बाद अग्रिम जमानत का प्रावधान भी कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत के फैसले के विरोध में दलित वर्ग सड़कों पर उतर आया था और 2 अप्रैल को इस समुदाय द्वारा भारत बंद के नाम पर देश के 20 राज्यों में हिंसा, अराजकता और आक्रामकता का ताण्डव किया गया था, जिसके चलते न केवल देशभर में अरबों रुपये की सम्पत्ति का नुकसान हुआ था बल्कि दर्जन भर लोग मौत के मुंह में भी समा गए थे। 2 अप्रैल के दलित बंद और 6 सितम्बर के सवर्ण बंद के बारे में चर्चा करने से पहले जान लें कि आखिर एससी-एसटी उत्पीड़न रोकथाम कानून है क्या? सर्वप्रथम 1955 में ‘प्रोटेक्शन आॅफ सिविल राइट्स एक्टझ् बनाया गया था लेकिन उसके बावजूद दलित समाज के साथ छूआछूत और अत्याचार के मामलों में कोई कमी न आते देख दलितों से होने वाले भेदभाव व अत्याचार को रोकने के लिए 1989 में दलितों को विशेष सुरक्षा का अधिकार प्रदान करते हुए एक अधिनियम बनाया गया, जिसे जम्मू कश्मीर को छोड़कर समस्त भारत में लागू किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस एक्ट के तहत पीड़ित दलितों के मामलों में तुरंत फैसला लेने के लिए विशेष अदालतें बनाई जाती हैं। दलित वर्ग के सम्मान, स्वाभिमान, उत्थान व उनके हितों की रक्षा के लिए तथा उन पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए इस अधिनियम में 20 से भी ज्यादा कृत्य अपराध की श्रेणी में शामिल किए गए, जिनके लिए दोषी पाए जाने पर 6 माह से लेकर 5 साल तक की सजा का प्रावधान है और क्रूरतापूर्ण हत्या के लिए मृत्युदंड का भी प्रावधान है। इसी प्रकार कोई सरकारी कर्मचारी, जो अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य नहीं है, यदि वह जानबूझकर इस अधिनियम के पालन में कोताही बरतता है तो उसे 6 माह से 1 साल तक की सजा का प्रावधान है। एससीएसटी एक्ट के तहत दलित समुदाय का कोई व्यक्ति यदि किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराता है, तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज हो जाती है और उसे बिना जांच के गिरफ्तार कर लिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब सवाल यह है कि आखिर देश की सर्वोच्च अदालत में बैठे विद्वान न्यायाधीशों को उपरोक्त कानून में बदलाव की जरूरत क्यों महसूस हुई? दरअसल एससी-एसटी उत्पीडऩ रोकथाम कानून इसीलिए अस्तित्व में लाया गया था ताकि सदियों से दमन के शिकार वंचित समाज को सामाजिक विसंगितयों तथा अन्याय से मुक्ति दिलाने के साथ दबंगों के उत्पीड़न से उनके आत्म स्वाभिमान की भी रक्षा की जा सके किन्तु पिछले कुछ वर्षों के दौरान दलित एक्ट का निदोर्षों के खिलाफ जिस बड़े पैमाने पर दुरूपयोग होता रहा है, उसी के मद्देनजर देश की सर्वोच्च अदालत ऐसी पहल करने पर विवश हुई थी ताकि एक कानून की आड़ में निर्दोष व्यक्ति बेवजह जिल्लत के शिकार न हों। अदालत ने अपने फैसले के बाद स्पष्ट तौर पर कहा भी था कि उसने एस.सी.-एस.टी. एक्ट के किसी भी प्रावधान को कमजोर नहीं किया बल्कि सिर्फ निर्दोष व्यक्तियों को गिरफ्तारी से बचाने के लिए उनके हितों की रक्षा की क्योंकि इस एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल निदोर्षों को आतंकित करने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि दलित आन्दोलन करने वालों ने उसके फैसले को सही ढ़ंग से पढ़ा ही नहीं और निहित स्वार्थी लोगों ने उन्हें गुमराह किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने जांच होने और गलती होने के आरंभिक सबूत मिलने तक गिरफ्तारी नहीं होने के निर्देश दिए थे लेकिन अदालत के फैसले को लेकर बेवजह का विवाद खड़ा किया गया और दलितों द्वारा इसके खिलाफ किए गए आन्दोलन के आगे सरकार ने घुटने टेककर कोर्ट का फैसला पलटने का जो आत्मघाती कदम उठाया, वह न केवल समाज को बांटने में सहायक बन रहा है बल्कि इसके राजनीतिक नुकसान अब सत्तारूढ़ दल को भी कम नहीं होंगे और सवर्णों के आन्दोलन के रूख को देखते हुए यह कहना असंगत नहीं होगा कि मोदी सरकार को सवर्णों की यह नाराजगी बहुत महंगी पड़ेगी। दो टूक शब्दों में कहें तो इस तरह के राजनीति प्रेरित फैसलों से न केवल सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है, वहीं पहले से ही जातिद्वेष विद्वेष से पीड़ित समाज में दलित और सवर्ण समाज के एक-दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के चलते स्थिति आने वाले दिनों में और भी भयावह होने की संभावनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता।<br />
पहले दलित विरोध और फिर सवर्णों का विरोध आने वाले दिनों में केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर सकता है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के भीतर गुटबाजी भी बढऩे लगी है। कुछ बड़े नेता जहां खुलकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक 2018 की खिलाफत पर उतर आए र्हैं तो पार्टी के ही कई दलित नेता खुलकर इस एक्ट के पक्ष में खड़े हैं। ऐसे में पार्टी के समक्ष गंभीर दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई है, अधिकारिक रूप से भाजपा अब न तो दलितों का साथ देने की हिम्मत जुटा पा रही है और न सवर्णों के पक्ष में खड़ा होने का साहस दिखा पा रही है</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि अगर सवर्णों का साथ दिया तो दलित वर्ग नाराज हो जाएगा और यदि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक 2018 पर सरकार अडिग रही तो सवर्ण वर्ग कुपित होगा। इस समय भाजपा की दुविधा यही है कि उसे ऐसा कोई रास्ता भी नहीं सूझ रहा है, जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे अर्थात् सवर्ण और दलित दोनों ही वर्ग संतुष्ट हो जाएं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का जो चुनावी दांव केन्द्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार द्वारा चला गया, उससे भाजपा दलित वोट बैंक कितना पुख्ता होगा, इसकी तो कोई गारंटी नहीं है, हां, इसके चलते पार्टी को सवर्णों की नाराजगी का खामियाजा अवश्य भुगतना पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>योगेश कुमार गोयल</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/modi-will-be-more-expensive-than-the-upper-caste/article-5971</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/modi-will-be-more-expensive-than-the-upper-caste/article-5971</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Sep 2018 10:18:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/upar-cast.jpg"                         length="134615"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगा हुआ रसोई गैस सिलिंडर</title>
                                    <description><![CDATA[गैस सिलिंडर 2.71 रुपये और गैर सब्सिडी वाला सिलिंडर 55.50 रुपये मंहगा नयी दिल्ली (वार्ता)। रसोई गैस का सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर रविवार से 2.71 रुपये और गैर सब्सिडी वाला सिलिंडर 55.50 रुपये मंहगा हो जाएगा। (Expensive, Cooking, Gas, Cylinders) तेल विपणन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडियन ऑयल के अनुसार सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलिंडर दिल्ली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lpg-cylinder-became-expensive/article-4588"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/expensive-cooking-gas-cylinders.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">गैस सिलिंडर 2.71 रुपये और गैर सब्सिडी वाला सिलिंडर 55.50 रुपये मंहगा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता)। </strong>रसोई गैस का सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर रविवार से 2.71 रुपये और गैर सब्सिडी वाला सिलिंडर 55.50 रुपये मंहगा हो जाएगा। <strong>(Expensive, Cooking, Gas, Cylinders) </strong>तेल विपणन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडियन ऑयल के अनुसार सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलिंडर दिल्ली में 496.26 रुपये का मिलेगा। गैर सब्सिडी का 754 रुपये में मिलेगा।यह लगातार दूसरा महीना है जब रसोई गैस सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता को एक वित्त वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडर सब्सिडी दर पर मिलते हैं। इससे अधिक लेने पर बाजार मूल्य देना पड़ता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मुंबई में दाम क्रमशः 494.10 रुपये</h3>
<p style="text-align:justify;">दाम बढ़ने के बाद कोलकाता में सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर 499.48 रुपये और गैर सब्सिडी का 781.50 रुपये का मिलेगा। मुंबई में दाम क्रमशः 494.10 रुपये और 728.50 रुपये होंगे। चेन्नई में इसकी कीमत क्रमश: 484.67 और 770.50 रुपये होगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lpg-cylinder-became-expensive/article-4588</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lpg-cylinder-became-expensive/article-4588</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 23:53:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/expensive-cooking-gas-cylinders.jpg"                         length="11733"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगा इलाज, त्रस्त गरीब</title>
                                    <description><![CDATA[बढ़ती बीमारियों के जमाने में दवाईयां लोगों के लिए जीवन का आम हिस्सा बन गई हैं। एक बच्चे से लेकर एक बूढ़े तक- सबको आजकल दवाइयों की जरूरत पड़ने लगी है। छोटे बच्चों के लिए भी आजकल माता-पिता घरेलू दवाइयों का प्रयोग करना पसंद नहीं कर रहे हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाने लगे हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/expensive-treatment-poor-distressed/article-3482"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बढ़ती बीमारियों के जमाने में दवाईयां लोगों के लिए जीवन का आम हिस्सा बन गई हैं। एक बच्चे से लेकर एक बूढ़े तक- सबको आजकल दवाइयों की जरूरत पड़ने लगी है। छोटे बच्चों के लिए भी आजकल माता-पिता घरेलू दवाइयों का प्रयोग करना पसंद नहीं कर रहे हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाने लगे हैं। मगर बच्चों के मामलों में ऐसे माता-पिता भी अनगिनत हैं जो एक बार डॉक्टर की दी हुई दवा को अपनी मर्जी मुताबिक चलाते हैं। बड़ों का तो कहना ही क्या? सत्तर प्रतिशत लोगों की स्थिति कुछ ऐसी है कि वे दवा दुकान के मालिक या कम्पाउण्डर से कहकर ही अपनी तकलीफ की दवाइयां ले आते हैं। फायदा हो गया तो ठीक नहीं तो किसी दूसरी दुकान के किसी मालिक या कम्पाउण्डर को पकड़ते हैं। अगर बीमारी पर नियंत्रण हो गया तो आराम से चलाते रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी इतनी दवाइयों को खाकर पेट को एक कबाड़खाना बनाना जरा भी नहीं अखरता। अधिकांश को इस बात की जानकारी भी नहंीं होती कि दवाइयां सिर्फ प्राणों की रक्षा नहीं करती, असंतुलित व अधिक होने पर प्राणलेवा बन जाती है। लेकिन कुछ जान बूझकर व कुछ अज्ञानतावश लोग दुकान से दवा खरीदकर खाते हैं। मतलब अधिकांश लोगों का इलाज डॉक्टरों की जगह कम्पाउण्डरों के हाथ में होता है। मेडिकल शाप वालों की दवाइयों की अच्छी खासी बिक्री भी हो जाती है। इतने जानलेवा प्रयोग के पीछे कारण यह है कि लोगों के पास आर्थिक क्षमता बहुत कम होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">या डॉक्टरों तक पहुंच बनाने योग्य क्षमता नहीं होती है। डॉक्टरों की भी अपनी कुछ मजबूरियां होती है। अनेक बीमारियों का पता करने के लिए खून, पेशाब, मल, वीर्य, बलगम, आदि की जांच करवानी पड़ती है। एक्सरे, सोनोग्राफी, स्केनिंग आदि का सहारा लेना पड़ता है। जब तक ये परीक्षण नहीं होंगे तब तक दवा देना उनके वश की बात नहीं होती है और मरीज के पास इतनी आर्थिक क्षमता नहीं होती है कि वह डॉक्टर के मुताबिक जांच करवाकर इलाज कराए और पानी की तरह पैसा बहाए। इसलिए बाहर से दवाइयां खरीदकर खाता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब बीमारी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो ऋण लेकर भी इलाज कराने की स्थिति सामने आती है। दांतों के दर्द को ही लीजिए। जब दांतों में दर्द होता है तो मरीज दर्द निवारक बाजार से खरीदकर खाताहै, मगर जब फायदा नहीं होता है तो किसी तरह पैसों का इंतजाम कर दंत रोग विशेषज्ञ के पास जाता है। दंत रोग चिकित्सक दांत उखाड़ने के एवज में ही अच्छा-खासा कमा लेता है। फिलिंग, आर.सी.टी, कैपिंग आदि के पीछे मरीजों से सैकड़ों रुपए ऐंठ लेता है। ऐसे ही कुछ सर्जन व हड्डी रोग विशेषज्ञ भी मरीजों से अच्छा खासा वसूलते रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं होती, जितनी कि होनी चाहिए। सरकारी डॉक्टर अपने प्राइवेट क्लीनिकों व उनमें आने वाले मरीजों को लेकर ज्यादा सक्रिय होते हैं। वहां से पैसा आता है। सरकारी सेवा की ऐवज में भी उन्हें अच्छी खासी तनख्वाह मिलती है मगर यह तनख्वाह कहीं जाने वाली नहीं, सुरक्षित है। इसलिए अस्पतालों में डॉक्टर कभी खानापूर्ति करते है तो कभी नदारद रहते हैं। महंगी व कारगर दवाइयां भी मरीज को अस्पतालों में नहीं मिलती है। मरीज को काफी कठिनाइयों का सामना करते हुए इलाज करवाना पड़ता है। मरता क्या नहीं करता। डॉक्टरों की नाक में नकेल डालने के लिए कोई उच्चस्तरीय प्रशासनिक पहल नहीं होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ अच्छे डॉक्टर भी होते है, जिन पर मरीजों का विश्वास बैठ जाता है, वे बार-बार उसी डॉक्टर के पास जाना चाहते हैं, मगर उन डॉक्टरों की भी कुछ सीमाएं होती है। इसलिए मरीज अपने डॉक्टर द्वारा एक महीने के लिए लिखी गई दवाइयों को एक साल तक चलाते हैं। इन सब कारणों से ऐसे अनेक मरीज होते हैं,जिनको मरते दम तक यह पता नहीं चलता कि आखिर उसे कौन सी बीमारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-आर. सूर्य कुमारी</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/expensive-treatment-poor-distressed/article-3482</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/expensive-treatment-poor-distressed/article-3482</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Nov 2017 00:06:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-11/hospital.jpg"                         length="50102"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GST: ई-वे बिल सिस्टम अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का किया फैसला जीएसटी एक जुलाई से हो गया है लागू नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के तहत ई-वे बिल सिस्टम के अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत वाले माल को एक से दूसरी जगह ले जाने से पहले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-e-way-bill-system-starts-from-october/article-2148"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/led.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का किया फैसला</h2>
<h2 style="text-align:justify;">जीएसटी एक जुलाई से हो गया है लागू</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) के तहत ई-वे बिल सिस्टम के अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसके तहत 50,000 रुपए से ज्यादा कीमत वाले माल को एक से दूसरी जगह ले जाने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके लिए जरूरी सेंट्रलाइज्ड सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीद है कि जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के पोर्टल पर यह सिस्टम अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। जीएसटी एक जुलाई से लागू हो गया है। उस वक्त उस वक्त तैयारी न होने से ई-वे बिल सिस्टम को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। यह सिस्टम तभी प्रभावी होगी, जब रजिस्ट्रेशन जारी करने के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">रजिस्ट्रेशन का वैरिफिकेशन भी किया जा सके। इसके लिए टैक्स ऑफिशियल्स को स्पेशल डिवाइस दी जाएंगी, जिन्हें वे हाथ में लेकर चल सकेंगे। केंद्र ने एक और प्रोविजन में नरमी का फैसला किया है। इसके तहत 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर रही वस्तुओं पर जीएसटीएन से जारी ई-वे बिल 20 दिन मान्य रहेगा। पहले यह सीमा 15 दिन थी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोविजन के मुताबिक ई-वे बिल की वैधता दूरी के आधार पर तय होगी। यह 100 किलोमीटर के लिए एक दिन, 100 से अधिक लेकिन 300 किमी से कम के लिए तीन दिन, 300 से अधिक लेकिन 500 किलोमीटर से कम के लिए 5 दिन, 500 से अधिक लेकिन 1,000 किलोमीटर से कम के लिए 10 दिन होगी। जीएसटी कमिश्नर कुछ स्पेशल कैटेगरीज के सामान पर ई-वे बिल की वैधता के पीरियड को बढ़ा सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एलईडी बल्बों के दाम में मामूली बढ़ोतरी</h2>
<p style="text-align:justify;">वहीं जीएसटी लागू होने के बाद एलईडी बल्बों के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है। ‘उजाला योजना’ के तहत सरकारी एजेंसी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने बताया कि पहले एक एलईडी बल्ब की कीमत 65 रुपए थी, जो अब बढ़कर 70 रुपए हो गई है। जीएसटी में इसे 12% के स्लैब में रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-e-way-bill-system-starts-from-october/article-2148</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-e-way-bill-system-starts-from-october/article-2148</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 22:20:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/led.jpg"                         length="28382"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सऊदी अरब में रहना होगा महंगा, वापस आ रहे हैं भारतीय</title>
                                    <description><![CDATA[अरब सरकार 1 जुलाई से करेगी फैमिली टैक्स में इजाफा हैदराबाद। सऊदी अरब सरकार 1 जुलाई से फैमिली टैक्स में इजाफा करने का निर्णय लिया है। इसलिए सऊदी अरब में काम करने वाले बड़ी संख्?या में भारतीय नागरिक अपने आश्रितों को वापस भारत भेजने की योजना बना रहे हैं। इस टैक्स के तहत प्रत्येक आश्रित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/now-living-in-saudi-arabia-will-be-expensive/article-1473"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/airpot.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अरब सरकार 1 जुलाई से करेगी फैमिली टैक्स में इजाफा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हैदराबाद।</strong> सऊदी अरब सरकार 1 जुलाई से फैमिली टैक्स में इजाफा करने का निर्णय लिया है। इसलिए सऊदी अरब में काम करने वाले बड़ी संख्?या में भारतीय नागरिक अपने आश्रितों को वापस भारत भेजने की योजना बना रहे हैं। इस टैक्स के तहत प्रत्येक आश्रित के लिए शुल्क 100 रियाल (लगभग 1700 रुपये) होगा, जो हर माह सऊदी अरब सरकार को देना होगा। यह वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ है। बता दें कि सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 41 लाख है।</p>
<p style="text-align:justify;">दम्मम निवासी कंप्यूटर प्रोफेसनल मोहम्मद ताहिर बताते हैं कि मेरे जानने वाले कुछ परिवारों ने हैदराबाद लौटने की योजना बनाई है, अभी ये सऊदी में अपने परिवार के साथ रहते हैं। इन्हें लगता है कि अब वह सऊदी के खर्चों को उठाने में असमर्थ हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> 2020 तक तो हर सदस्य को देंने होंगे 6900 रूपए प्रतिमाह</h3>
<p style="text-align:justify;">5000 रियाल (करीब 86,000 रुपये) प्रति माह वेतन वालों को सऊदी अरब की ओर से फैमिली वीजा दिया जाता है। इसलिए, जो भारतीय अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सऊदी में रहना चाहते हैं उनको 300 रियाल (लगभग 5,100 रुपये) महीने का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, यह टैक्स साल 2020 तक हर साल 100 रियाल प्रति सदस्य बढ़ता रहेगा। इसका मतलब है कि 2020 में, प्रत्येक परिवार को अपने हर सदस्य के लिए 400 रियाल (करीब 6, 900 रुपये) प्रति माह देना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन इतना जरूर है कि ‘आश्रित टैक्स’ सऊदी में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा।</em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/now-living-in-saudi-arabia-will-be-expensive/article-1473</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/now-living-in-saudi-arabia-will-be-expensive/article-1473</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jun 2017 06:55:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/airpot.jpg"                         length="59506"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        