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                <title>Health - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Vaccination Schedule for Baby: बच्चे की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी हैं टीके, जानें कब कौन सा टीका लगता है, देखिए पूरी लिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[Vaccination Schedule for Baby: जब नन्हीं जान इस दुनिया में जन्म लेती है तो माता-पिता की खुशियों का ठिकाना नहीं होता पर उसे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। माता-पिता को चाहिए कि बाल विशेषज्ञ के संपर्क में रहकर उसे समय-समय पर गंभीर बीमारियों के टीके लगवाते रहें ताकि बच्चा सेहतमंद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/vaccines-are-essential-for-protecting-your-childs-health-learn-when-to-administer-each-vaccine-see-the-full-list/article-76027"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/vaccination-schedule-for-baby.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Vaccination Schedule for Baby: जब नन्हीं जान इस दुनिया में जन्म लेती है तो माता-पिता की खुशियों का ठिकाना नहीं होता पर उसे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। माता-पिता को चाहिए कि बाल विशेषज्ञ के संपर्क में रहकर उसे समय-समय पर गंभीर बीमारियों के टीके लगवाते रहें ताकि बच्चा सेहतमंद रह सके और गंभीर बीमारी का शिकार आसानी से न हो। टीकाकरण क्या है? टीकाकरण का उद्देश्य है किसी रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करना। समय-समय पर लगे टीके शरीर में आए टॉक्सिंस को निष्क्रि य करते हैं और वायरस को रोक कर बच्चों को बीमारी से बचाते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/dont-ignore-health-and-safety-during-diwali-celebrations-remember-these-things-to-avoid-any-harm/#google_vignette">Diwali 2025: दिवाली की मस्ती में हेल्थ और सेफ्टी को न करें इग्नोर, इन बातों का रखें याद, नहीं होगा कोई नुकसान</a></p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं वैक्सीनेशन केकारण ही पोलियो और स्माल पॉक्स जैसे गंभीर रोगों को नियंत्रित किया जा सका है। इसके अतिरिक्त खसरा, रूबैला, डिप्थीरिया जैसे रोगों में भी कमी आई है। ये वैक्सीन किस आयु में लगवाना है, उसकी पूरी जानकारी माता-पिता को होनी चाहिए। आईए जानें कौन-सा टीका कब लगवाएं:-</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जन्म के समय:-</strong> अगर बच्चे का जन्म अस्पताल में होता है तो अस्पताल वाले बच्चे और मां की छुट्टी से पहले 3 तरह के टीके बच्चे को लगाते हैं बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और पोलियो ड्राप्स की पहली खुराक बच्चे को दे दी जाती है। बीसीजी बच्चे को तपेदिक से सुरक्षा कवच देता है, हेपेटाइटिस बी पीलिया रोग से बच्चे को बचाता है और पोलियो ड्राप्स बच्चे को पोलियो से सुरक्षा देता है। अगर घर में बच्चा पैदा हुआ है तो अस्पताल में पहले, दूसरे दिन जाकर टीका लगवा लें और पोलियो ड्रॉप्स पिलवा दें। अस्पताल वाले अगला टीका कब लगना है, उसके बारे में भी आपको बता देंगे। कौन-सा टीका लगना है या कब टीका लगवाया वो उसमें लिख देते हैं और बुकलेट डॉक्टर अपने पास रख लेते हैं या माता-पिता को दे देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डेढ़ माह के बच्चे को:-</strong> डेढ़ माह के बच्चे को भी टीके लगाए जाते हैं जैसे डीपीटी, हेपेटाइटिस बी, एचआईवी, आईवीपी, रोटोवायरस, न्यूमो कोकल वैक्सीन के टीके लगाए जाते हैं। डीटीपी बच्चे को डिप्थीरिया, परटयूसिस और टेटनेस से सुरक्षा प्रदान करता है। एआईबी कान, निमोनिया, मेनिनजाइटिस से सुरक्षा देता है। डेढ़ माह की आयु में इन वैक्सीन की प्रथम डोज दी जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अढ़ाई माह के बच्चे के लिए:- Vaccination Schedule for Baby</h4>
<p style="text-align:justify;">डेढ़ माह वाले वैक्सीन की दूसरी डोज अढ़ाई माह के बच्चे को दी जाती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">साढ़े तीन माह के बच्चे के लिए:-</h5>
<p style="text-align:justify;">पोलियो ड्रॉप्स और हेपेटाइटिस की तीसरी डोज दी जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">9 माह के बच्चे के लिए:-</h4>
<p style="text-align:justify;">इस आयु तक बच्चा गंदे हाथ मुंह में डालने लगता है और हर चीज मुंह के पास ले जाता है। इस आयु में खसरे से बचाव का टीका लगाया जाता है और पोलियो ड्रॉप्स दिए जाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">एक साल के बच्चे को:-</h5>
<p style="text-align:justify;"> एक साल के बच्चे को जांडिस से बचाने के लिए हेपेटाइटिस ए का टीका लगाया जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">15 माह के बच्चे को:-</h4>
<p style="text-align:justify;">इस आयु में बच्चे को एमएमआर टीके का प्रथम डोज दिया जाता है। चिकन-पॉक्स से बचाने के लिए वैरिसेला की प्रथ्ांम डोज और पीसीवी का बूस्टर डोज लगाया जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">18 माह के बच्चे को:-</h5>
<p style="text-align:justify;">18 माह की उम्र में बच्चे को डीटीपी की पहली बूस्टर डोज, एच आईबी की बूस्टर डोज, आईपीबी कीे बूस्टर डोज दी जाती है। हेपेटाइटिस ए की दूसरी डोज भी दी जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">24 माह के बच्चे को:-</h4>
<p style="text-align:justify;">24 माह पूरे करने पर बच्चे कोे टायफॉयड का टीका लगाया जाता है। टायफायड का टीका हर 3 साल के बाद दुबारा लगवाना होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">साढ़े चार साल से 5 साल के बच्चे को:-</h4>
<p style="text-align:justify;">इस उम्र के बच्चे को डीटी, ओपीवी 3, एमएमआर2, वैरिसेला के टीके लगवाए जाते हैं। बच्चों की चिकनपॉक्स से सुरक्षा होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार सही आयु में सही टीकाकरण बच्चों को बड़ी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 11:34:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश के मौसम में दही और छाछ लेना चाहिए या नहीं, जानें एक्सपर्ट की राय</title>
                                    <description><![CDATA[Curd or buttermilk:बरसात के मौसम में दही खाना चाहिए या नहीं, इस बात को लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं। दरअसल कुछ लोगों का मानना है कि मानसून में दही नहीं खाना चाहिए, जबकि कुछ लोग इसके पोषण मूल्यों के कारण इसे आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। जानकारी के लिए बता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/whether-you-should-take-yogurt-and-buttermilk-in-the-rainy-season-know-the-experts-opinion/article-75584"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/curd-or-buttermilk.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Curd or buttermilk:बरसात के मौसम में दही खाना चाहिए या नहीं, इस बात को लेकर अक्सर लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं। दरअसल कुछ लोगों का मानना है कि मानसून में दही नहीं खाना चाहिए, जबकि कुछ लोग इसके पोषण मूल्यों के कारण इसे आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि बारिश के मौसम में संक्रमण या सर्दी खांसी का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए आयुर्वेद का मानना है कि ऐसे मौसम में खानपान पर विषेश ध्यान देना चाहिए और सोच-समझकर खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मगर क्या यह बात दही पर भी लागू होती है। आपने कई लोगों से सुना भी होगा कि बरसात में दही नहीं खाना चाहिए और कुछ कहते हैं खाना चाहिए चलिए जानते हैं आखिर सही क्या है:-</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल मानसून सीजन के आते ही हमें गर्मियों से राहत मिल जाती है मानसून में गरमा गरम पकोड़े, आरामदायक जगह और चाय की ललक हर किसी को उठती है। वहीं मानसून सीजन में दही या छाछ दोनों में से कौन बेहतर है किसे खाने से ज्यादा फायदा मिलता है इस पर भी बहस छिड़ जाती है वैसे तो दही और छाछ दोनों के अपने-अपने गुण हंै, लेकिन इस मौसम में अपने स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आपको किसे चुनना चाहिए। आइए जानते हैं इस बारे में भी……</p>
<p style="text-align:justify;">दही: एक्सपर्ट का मानना है की दही जिसे योगर्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह एक तरह का डेयरी उत्पाद है। इसे दूध को जीवित बैक्टीरिया के साथ फॉर्मेट करके बनाया जाता है। इसके कारण यह एक प्रोबायोटिक्स का समृद्ध सोर्स बनाता है, जो आपके इंटेस्टाइन के हेल्थ को काफी फायदा पहुंचाता है। वहीं दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाते हैं, जो आमतौर पर बारिश के मौसम से जुड़े संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। दही इंटेस्टाइन में विकास को बढ़ावा देता है, जो डाइजेस्टिव डिसआॅर्डर को ठीक कर के मल त्यागने में आसानी करता है। कब्ज और दस्त जैसे डाइजेस्टिव डिसआॅर्डर को कम कर सकता है इसके अलावा या शरीर के तापमान को एनिमी मदद करता है और गर्मी से संबंधी परेशानी से राहत देता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/good-news-land-rates-in-haryana-will-touch-the-sky-know-the-big-reason/#google_vignette">Haryana Railway News: अच्छी खबर, हरियाणा में जमीनों के रेट छूएंगे आसमान, जानें ये बड़ी वजह</a></p>
<p style="text-align:justify;">छाछ: छाछ एक तरह का ट्रेडिशनल इंडियन पेय है जो दही को पानी के साथ मथ कर बनाया जाता है। इसका टेंगी टेस्ट काफी अच्छा लगता है और यह खाने के साथ पीने में तो और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। मानसून में हाइड्रेशन में सहायता करता है, पसीने के जरिए खोए इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करता है और डिहाइड्रेशन को रोकने में मदद करता है। छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देते हैं। छाछ अपच को कम करने और एसिडिटी और सूजन से राहत देते हैं। हल्का और आसानी से पचने वाली ड्रिंक है जो संवेदनशील पेट वाले लोगों के लिए काफी उपयुक्त है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दही और छाछ | Curd or buttermilk</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल दही और छाछ दोनों के गुण बराबर होते हैं। इन दोनों के गुणों के बारे में जानने के बाद यह बिल्कुल साफ हो जाता है कि मानसून के दौरान अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दही और छाछ दोनों ही फायदेमंद हैं। जहां दही लाभकारी प्रोबायोटिक्स प्रदान करता है प्रतिरक्षा को बढ़ाता है और पाचन में सहायता करता है, तो वहीं छाछ हाइड्रेशन और जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। आप इसका फायदा पाने के लिए मानसून आहार में दोनों चीजों को शामिल कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">दही के फायदे</h4>
<p style="text-align:justify;">1.दही हमारे पाचन तंत्र को सही बनाए रखने में बहुत ही कारगार सिद्ध होती है। जानकारी के लिए बता दें कि रात को दही नहीं खाना चाहिए।<br />
2.दही में सुपाच्य प्रोटीन लाभकारी जीवाणु होते हैं, जो क्षुधा (भूख) बढ़ाने में सहायता करते हैं।<br />
3.दही का स्वास्थ्य के साथ साथ सौंदर्य निखार में भी महत्वपूर्ण स्थान है। चेहरे की त्वचा और बालों पर दही लगाने से काफी लाभ मिलता है। दही चेहरे, गर्दन व बाजू आदि के सौंदर्य को निखारता है।<br />
4.दही बालों को पोषण देने में भी बहुत सहायक है यह सिर से डैंड्रफ को दूर करता है। चेहरे, गर्दन व बाजू आदि के सौंदर्य को भी निखारता है।<br />
5.​नीद ना आने से परेशान रहने वाले लोगों को दही व छाछ का सेवन करना चाहिए।<br />
6.​दही में बेसन मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है और मुंहासे भी दूर होते हैं।<br />
7.​दही में शहद मिलाकर चाटने से छोटे बच्चों के दांत आसानी से निकल आते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">छाछ के फायदे</h4>
<p style="text-align:justify;">1.​छाछ से कैल्शियम भरपूर होता है जो हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है छाछ का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है और हड्डियों से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती हैं।<br />
2.छाछ श्याम पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इसका सेवन करने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।<br />
3.​अगर आप निमित्त रूप से छाछ का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर में जमे विषात्क अर्थ पदार्थ बाहर निकलते हैं, और शरीर डिटॉक्स होता है जिससे आप कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। शरीर से टॉथ्सिन पदार्थ (वेस्त पदार्थ) प्राकृतिक रूप से बाहर निकलते है।<br />
4.​हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर छाछ का सेवन फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें मौजूद तत्व कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है। लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।<br />
5.​अगर आप अपने बढ़ते वजन की समस्या से परेशान हैं, तो आप छाछ का सेवन करना चाहिए। क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व वजन घटाने में भी सहायक होते हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 12:13:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Stomach Worms Remedies: बच्चों के पेट में कीड़े, लक्षण पहचानें, खतरे समझें और जानें असरदार घरेलू इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[Stomach Worms Remedies: अनु सैनी। बच्चों की सेहत से जुड़ी एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है — पेट में कीड़े होना। यह समस्या बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है और समय पर इलाज न होने पर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/worms-in-childrens-stomach-identify-the-symptoms-understand-the-dangers-and-know-effective-home-remedies/article-73550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/stomach-worms-remedies.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Stomach Worms Remedies: अनु सैनी। बच्चों की सेहत से जुड़ी एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है — पेट में कीड़े होना। यह समस्या बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है और समय पर इलाज न होने पर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे जल्दी इन कीड़ों का शिकार हो जाते हैं। गंदगी, अस्वच्छ भोजन और हाथों की साफ-सफाई न होने पर ये कीड़े शरीर में प्रवेश करते हैं और पेट की आंतों में अंडे देने लगते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के पेट में कीड़े क्यों होते हैं? Stomach Worms Remedies</h3>
<p style="text-align:justify;">पेट में कीड़े मुख्यतः संक्रमित भोजन, गंदा पानी पीने, मिट्टी खाने या बिना हाथ धोए खाना खाने से होते हैं। कई बार खुले में खेलने वाले बच्चों को यह संक्रमण तेजी से पकड़ लेता है। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अब शहरी बच्चों में भी यह समस्या देखी जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किस प्रकार के होते हैं पेट के कीड़े?</h3>
<p style="text-align:justify;">1. राउंडवॉर्म (Roundworms): लंबे धागे जैसे कीड़े<br />
2. पिनवॉर्म (Pinworms): छोटे सफेद कीड़े, जो रात में गुदा में खुजली करते हैं<br />
3. टेपवॉर्म (Tapeworms): शरीर में चुपचाप पनपने वाले फ्लैट कीड़े<br />
4. हुकवॉर्म (Hookworms): खून चूसने वाले कीड़े, जो एनीमिया पैदा कर सकते हैं<br />
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज<br />
बच्चों के शरीर में जब पेट के कीड़े पनपने लगते हैं, तो कुछ सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण सामने आते हैं:-<br />
भूख कम या ज्यादा लगना<br />
पेट दर्द, मरोड़ या गैस<br />
गुदा में खुजली, खासकर रात के समय<br />
दांत पीसना, नींद में बेचैनी<br />
मल में कीड़े दिखना<br />
वजन कम होना, थकावट रहना<br />
पढ़ाई में मन न लगना<br />
त्वचा पर एलर्जी या चकत्ते<br />
कीड़ों से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं<br />
विशेषज्ञों के अनुसार यदि पेट के कीड़ों का इलाज समय पर न किया जाए, तो ये निम्नलिखित परेशानियां पैदा कर सकते हैं।<br />
शरीर में खून की कमी (एनीमिया)<br />
कुपोषण<br />
मानसिक विकास में देरी<br />
इम्यून सिस्टम कमजोर होना<br />
बार-बार बुखार या अन्य संक्रमण<br />
क्या करें बचाव के लिए?<br />
बच्चों को कीड़ों से बचाने के लिए ज़रूरी है नियमित स्वच्छता और अच्छी आदतें:-<br />
खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोना<br />
उबला या फिल्टर्ड पानी पीना<br />
नाखून छोटे और साफ़ रखना<br />
खुले में खेलते वक्त बच्चों पर ध्यान<br />
कच्चे फल-सब्जियां धोकर देना<br />
साल में दो बार डिवॉर्मिंग दवा देना (Albendazole जैसी)</p>
<h3 style="text-align:justify;">घरेलू नुस्खे जो कीड़ों को मारने में कारगर</h3>
<p style="text-align:justify;">1. लहसुन का सेवन<br />
सुबह खाली पेट एक या दो कलियां लहसुन की खिलाएं।<br />
लहसुन में मौजूद सल्फर कंपाउंड्स कीड़ों को खत्म करने में मदद करते हैं।<br />
2. हल्दी वाला दूध<br />
रात को हल्दी डालकर गर्म दूध देना पेट की सफाई करता है और संक्रमण कम करता है।<br />
3. पपीते के बीज<br />
पके पपीते के बीज सुखाकर पीसें और शहद के साथ दें।<br />
यह आंतों की सफाई में उपयोगी हैं।<br />
4. कद्दू के बीज<br />
कद्दू के बीज पीसकर शहद मिलाकर दें।<br />
इसमें Cucurbitacin नामक तत्व कीड़ों को मारता है।<br />
5. हींग का पानी<br />
गुनगुने पानी में एक चुटकी हींग मिलाकर दें।<br />
हींग गैस और कीड़े दोनों से राहत दिलाती है।<br />
6. तुलसी के पत्ते<br />
तुलसी के पत्ते पीसकर शहद के साथ देना संक्रमण के खतरे को कम करता है।<br />
जांच और इलाज कब कराएं?<br />
यदि घरेलू उपायों से आराम न मिले, या बच्चा लगातार परेशान हो रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। मल की जांच (Stool Test) से पुष्टि की जाती है और दवाएं दी जाती हैं। डॉक्टर आमतौर पर Albendazole, Mebendazole जैसी कीड़े मारने की दवाएं देते हैं।<br />
सरकार की ओर से भी मिलती है मदद<br />
भारत सरकार हर साल 10 फरवरी और 10 अगस्त को National Deworming Day मनाती है। इस दिन स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को मुफ्त में पेट के कीड़ों की दवा दी जाती है।<br />
कब दिखाएं डॉक्टर को?<br />
जब बच्चे की कमजोरी बढ़ रही हो<br />
मल में कीड़े नजर आ रहे हों<br />
बच्चा रात में ठीक से सो नहीं पा रहा हो<br />
कोई घरेलू उपाय असर न करे<br />
बच्चों के पेट में कीड़े एक आम समस्या जरूर है, लेकिन नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। जरूरी है कि माता-पिता समय पर लक्षणों को पहचानें और उचित घरेलू या चिकित्सकीय उपचार कराएं। थोड़ी सी सावधानी और स्वच्छता अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/worms-in-childrens-stomach-identify-the-symptoms-understand-the-dangers-and-know-effective-home-remedies/article-73550</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Jul 2025 13:50:43 +0530</pubDate>
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                <title>Chia Seeds for Weight Loss: चिया सीड से ऐसे घटाएं वजन, हफ्ते भर में दिखने लगेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[Chia Seeds for Weight Loss: इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव आ रहा है। कामकाज और खान पान की बदलती आदतों की वजह से कई लोग कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। खराब होती जीवनशैली की वजह से कई लोग गंभीर बीमारी का शिकार भी हो रहे हैं और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chia-seeds-for-weight-loss-news/article-69600"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/chia-seeds-for-weight-loss.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chia Seeds for Weight Loss: इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव आ रहा है। कामकाज और खान पान की बदलती आदतों की वजह से कई लोग कई तरह की समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। खराब होती जीवनशैली की वजह से कई लोग गंभीर बीमारी का शिकार भी हो रहे हैं और मोटापा भी इन्हीं समस्याओं में से एक है जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। दरअसल मोटापा भी एक आम समस्या बन गई है, हर घर में कोई ना कोई मोटापे से परेशान हैं। मोटापे को कम करने के लिए लोग कई तरह की दवाईयां लेते हैं कुछ लोग घरेलू नुस्खे भी अजमाते है। लड़के वैसे इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन लड़किया अपने फिगर को लेकर काफी सीरियस रहती है। इसलिए वे जिम जाती है नींबू पानी पीती है, लेकिन क्या आपको पता है नींबू पानी पीने से हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती है। वजन घटाने के लिए कई लोग चिया सीड्स का प्रयोग करते हैं। कहा जाता है कि वजन घटाने में चिया सीड्स रामबाण सिद्ध हुआ है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/when-the-match-stopped-in-18-balls-the-indian-team-was-embarrassed-in-front-of-the-world/">Cricket News: जब 18 गेंदों में थम गया मैच, दुनिया के सामने शर्मसार हुई थी भारतीय टीम…</a></p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल वजन घटाने के लिए लोग चिया सीड्स का उपयोग करते हैं। इससे शरीर को विटामिन प्रोटीन और ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है। चिया सीड्स खाने से काफी देर तक पेट भरा रहता है। चिया बीज को आप अपनी तरह से डाइट में शामिल कर सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि जिया सीड्स खाने के आसान और हेल्दी तरीके जिसे खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और उससे आपका वजन भी कम होगा। क्योंकि आपको भूख लगती है और आप बार-बार खाना खाते हैं, जिससे आपका फैट बढ़ता है लेकिन चिया बीज आपका पेट लंबे समय तक भरे रखता है जिससे आपको भूख नहीं लगती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे खाएं चिया सीड्स | Chia Seeds for Weight Loss</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिया सीड्स और पानी:</strong> चिया सीड्स को डाइट में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है। पानी में डालकर पीना चिया सीड्स को रात भर गिलास में भिगोकर रख दे, इसके बाद चिया सिर्फ जेल में बदल जाता है। इसे आप ऐसे ही पी सकते या फिर नींबू का रस या संतरे का रस मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपकी फिटनेस भी अच्छी रहेगी और ज्यादा भूख भी नहीं लगेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिया बीच और सलाद:</strong> चिया सीड्स को आप सलाद में डालकर भी खा सकते हैं। आपको इसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती। प्रतिदिन सलाद के ऊपर चिया सीड्स डालकर खा सकते हैं, इससे भी आपको काफी फायदा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिया सीड्स का पाउडर खाएं:</strong> चिया सीड्स को आप पाउडर बनाकर भी खा सकते हैं। इसके बीज को आप ग्राइंडर में डालकर पीस लें और इससे पहले ग्राइंडर में थोड़े चावल भी पीस लें ताकि ग्राइंडर साफ हो जाए और पाउडर में किसी तरह की महक ना आए पीसने के बाद पाउडर थोड़ा चिपचिपा हो सकता है। इसका उपयोग आप नियमित रूप से करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिया बीज और चावल या क्विनोआ:</strong> आप चिया सीड्स का स्वाद बदलने के लिए इसे चावल या क्विनोआ में मिक्स करके भी खा सकते हैं। आप चाहें तो इसे चावल के साथ भी कुक कर सकते हैं और खा सकते हैं इससे आपको इसके टेस्ट का ज्यादा पता नहीं चलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चिया बीज और दलिया:</strong> अगर आप नाश्ता या खाने में दलिया खाते हैं, तो इसमें चिया सीड्स मिक्स करके खा सकते हैं। दलिए में ऊपर से आप एक चम्मच चिया सीड्स मिक्स कर ले और फिर खाए। आप चाहे तो कुक करके भी जब दलिया लगभग पकने वाला हो तो एक चम्मच चिया सीड्स डाल दे यह भी आपकी डाइट के लिए बहुत अच्छा होगा।</p>
<p>नोट: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचनाएं केवल सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। सच कहूं इनकी पुष्टि नहीं करता है इसलिए इस पर अमल करने से पहले अपने सूचनाएं डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 14:18:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Eyesight: सावधान, ये दवा छीन सकती है आंखों की रोशनी, कहीं आप तो नहीं कर रहें यूज</title>
                                    <description><![CDATA[Eyesight: आजकल कई लोग स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं। यह दवा कई प्रकार के शारीरिक समस्याओं जैसे एलर्जी, सूजन, अस्थमा, और त्वचा रोगों के इलाज में सहायक मानी जाती है। हालांकि, जब इसका अत्यधिक या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो यह आंखों पर गंभीर असर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/be-careful-a-medicine-can-take-away-your-eyesight-are-you-using-it/article-69392"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/eyesight.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Eyesight: आजकल कई लोग स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं। यह दवा कई प्रकार के शारीरिक समस्याओं जैसे एलर्जी, सूजन, अस्थमा, और त्वचा रोगों के इलाज में सहायक मानी जाती है। हालांकि, जब इसका अत्यधिक या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो यह आंखों पर गंभीर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक स्टेरॉयड का उपयोग आंखों की रोशनी को खतरे में डाल सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और इससे बचने के उपाय।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/gond-katira-benefits-in-summer/">Gond Katira Benefits In Summer: गर्मी में अमृत का काम करता है गोंद कतीरा, शरीर को ऐसे पहुंचाता है ठंडक</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या हैं स्टेरॉयड? Eyesight</h3>
<p style="text-align:justify;">स्टेरॉयड एक प्रकार की एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाली) दवा होती है, जो सूजन और एलर्जी की समस्या को कम करने में मदद करती है। यह अस्थमा, गठिया, त्वचा रोगों और ऑटोइम्यून डिजीज के इलाज में उपयोगी होता है। स्टेरॉयड का उपयोग टैबलेट, इंजेक्शन, क्रीम, और आई ड्रॉप्स के रूप में किया जाता है। यह दवा शरीर में सूजन और इन्फेक्शन को कम करने का काम करती है, लेकिन अगर इसका इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के या अत्यधिक समय तक किया जाए, तो यह शरीर के विभिन्न अंगों, खासकर आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आंखों पर क्या असर डालता है स्टेरॉयड?</h3>
<p style="text-align:justify;">एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों के अनुसार, स्टेरॉयड का अत्यधिक उपयोग आंखों पर खतरनाक असर डाल सकता है। अगर कोई व्यक्ति 6 हफ्तों से ज्यादा समय तक स्टेरॉयड का उपयोग करता है, तो यह आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचा सकता है। ऑप्टिक नर्व वह नस होती है, जो आंखों को मस्तिष्क से जोड़ती है। यदि यह नर्व डैमेज हो जाती है, तो आंखों से दिखना पूरी तरह से बंद हो सकता है, और बाद में इसे ठीक भी नहीं किया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग ग्लूकोमा (Glaucoma) जैसी गंभीर आंखों की बीमारी का कारण बन सकता है। ग्लूकोमा तब होता है, जब आंखों में दबाव बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व पर दबाव पड़ता है और यह नर्व धीरे-धीरे डैमेज हो जाती है। इस प्रक्रिया में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, जिससे रोग का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, जब बीमारी बढ़ जाती है, तो एक आंख से पूरी तरह से दिखाई देना बंद हो सकता है। इसलिए, ग्लूकोमा को “साइलेंट चोर” कहा जाता है, क्योंकि यह चुपके-चुपके आंखों की रोशनी को छीन लेता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कौन से उत्पादों में होते हैं स्टेरॉयड?</h3>
<p style="text-align:justify;">स्टेरॉयड केवल दवाओं में ही नहीं, बल्कि कई अन्य उत्पादों में भी होते हैं, जैसे कि खांसी की दवाइयां (इन्हेलर), नाक की एलर्जी के लिए नेजल स्प्रे, और स्किन इंफेक्शन के लिए उपयोग होने वाली क्रीम। इन सभी में स्टेरॉयड का मिश्रण होता है, और इनका लगातार उपयोग आंखों पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसीलिए, डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाओं और उत्पादों का लंबे समय तक उपयोग आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तनाव और आंखों का दबाव | Eyesight</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, ज्यादा तनाव भी आंखों के दबाव को बढ़ा सकता है। जब शरीर में तनाव बढ़ता है, तो कॉर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है। यह हार्मोन आंखों के दबाव को प्रभावित करता है, जिससे ग्लूकोमा और काले मोतिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। सामान्य तौर पर, आंखों का दबाव 10 से 21 मिमी एचजी (mmHg) के बीच रहता है, लेकिन तनाव के कारण यह बढ़ सकता है, जिससे आंखों में गंभीर समस्या हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सावधानी और उपचार| Eyesight</h3>
<p style="text-align:justify;">इसलिए, यदि आप स्टेरॉयड का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको इसे सावधानीपूर्वक और डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक इसका उपयोग न करें, क्योंकि इससे आंखों की रोशनी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, मानसिक तनाव से बचने के लिए नियमित ध्यान और तनावमुक्त जीवन जीने का प्रयास करें। आंखों की सेहत को लेकर सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप भी स्टेरॉयड का उपयोग कर रहे हैं और इस संबंध में कोई चिंता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी आंखों की जांच करवाएं। इस प्रकार, स्टेरॉयड का उपयोग करते समय अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। इसका अधिक उपयोग आपकी आंखों के लिए घातक साबित हो सकता है, और आपको अनजाने में इसकी गंभीरता का सामना करना पड़ सकता है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 13:48:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Deep Sleep: नींद न आने की समस्या को जड़ से खत्म करें, अपनाए ये उपाय, मिलेगा जल्द रिजल्ट!</title>
                                    <description><![CDATA[Deep Sleep: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, नींद की समस्या आम होती जा रही है। दिनभर की व्यस्तता और तनाव की वजह से रात को सोने में परेशानी होने लगी है। बहुत से लोग रात में देर तक लेटे रहते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। अगर आपको भी यह समस्या है, तो कुछ उपायों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/eliminate-the-problem-of-sleeplessness-from-its-roots-adopt-these-measures-you-will-get-results-soon/article-69171"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/deep-sleep.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Deep Sleep: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, नींद की समस्या आम होती जा रही है। दिनभर की व्यस्तता और तनाव की वजह से रात को सोने में परेशानी होने लगी है। बहुत से लोग रात में देर तक लेटे रहते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। अगर आपको भी यह समस्या है, तो कुछ उपायों को अपनाकर आप आसानी से गहरी नींद पा सकते हैं। यहाँ कुछ ऐसी प्रभावी टिप्स दी गई हैं जो आपको पलक झपकते ही नींद में ले जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1. सोने से पहले आरामदायक माहौल बनाएं | Deep Sleep</h3>
<p style="text-align:justify;">नींद आने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारे सोने का वातावरण निभाता है। अगर आपका बेड रूम गर्म, शोरगुल वाला या बहुत अंधेरा है, तो नींद में परेशानी हो सकती है। सोने से पहले अपने कमरे को शांत और ठंडा रखें। कमरे में हल्की रोशनी हो, जिससे आपका मन शांत हो सके। कमरे में अति ठंड या गरमी से बचें, क्योंकि इसका असर आपकी नींद पर पड़ता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2. सोने से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स से दूर रहें | Insomnia Remedies</h3>
<p style="text-align:justify;">आजकल हम सभी मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का बहुत इस्तेमाल करते हैं, जो नींद में रुकावट डाल सकते हैं। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी हमारी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। सोने से कम से कम 30 मिनट पहले इन उपकरणों से दूर रहें। इसके बजाय, आप किताब पढ़ सकते हैं या हल्की म्यूजिक सुन सकते हैं, जो आपके दिमाग को शांत करेगा और नींद को बढ़ावा देगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/how-much-does-100-rupees-per-night-become-when-you-go-to-america-you-will-be-shocked-to-know-this/">America Dollar: भारत के 100 रुपये अमेरिका में जाकर कितने हो जाते हैं? जानकर घूम जाएगा दिमाग</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">3. नियमित रूप से व्यायाम करें</h3>
<p style="text-align:justify;">व्यायाम करने से शरीर और मस्तिष्क को शांति मिलती है, जिससे नींद में आसानी होती है। हालांकि, व्यायाम को सोने के ठीक पहले करने से बचें, क्योंकि इससे आपकी ऊर्जा बढ़ सकती है और नींद में दिक्कत हो सकती है। सुबह या शाम को हल्का व्यायाम करने से आपके शरीर में थकावट आएगी, जो गहरी नींद के लिए सहायक होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. सोने से पहले चाय या कॉफी से बचें</h3>
<p style="text-align:justify;">कैफीन और निकोटिन जैसे उत्तेजक पदार्थ आपकी नींद को प्रभावित कर सकते हैं। सोने से कम से कम 4-6 घंटे पहले चाय, कॉफी या कोई कैफीनयुक्त पेय न पिएं। इनकी जगह आप हल्का गर्म दूध या हर्बल चाय ले सकते हैं, जो नींद में मददगार साबित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. सोने का समय तय करें | Deep Sleep</h3>
<p style="text-align:justify;">कई बार नींद न आने की समस्या सिर्फ इसलिए होती है क्योंकि हम अपने सोने का समय तय नहीं करते। नियमित समय पर सोने और जागने से शरीर की आंतरिक घड़ी सेट हो जाती है, और नींद आने में आसानी होती है। कोशिश करें कि हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें, इससे आपकी नींद की गुणवत्ता में सुधार होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. ध्यान और योग का अभ्यास करें</h3>
<p style="text-align:justify;">ध्यान और योग मस्तिष्क को शांत करने और तनाव को कम करने के बेहतरीन तरीके हैं। अगर आप रात में सोने से पहले थोड़ी देर ध्यान करते हैं या प्राणायाम का अभ्यास करते हैं, तो इससे आपकी नींद में सुधार हो सकता है। इन तकनीकों से शरीर और दिमाग को विश्राम मिलता है, जिससे जल्दी नींद आती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7. खानपान का ध्यान रखें</h3>
<p style="text-align:justify;">आपका आहार भी आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है। सोने से पहले भारी और तले-भुने खाने से बचें। इनका पाचन में समय लगता है, जिससे नींद में खलल पड़ता है। हल्का और संतुलित भोजन, जैसे कि फल, नट्स और दही, रात को सोने से पहले खाने से आपकी नींद में सुधार हो सकता है। कुछ लोग मानते हैं कि हल्का गर्म दूध पीने से नींद बेहतर होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. तनाव और चिंता को कम करें</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आपका मन किसी चिंता या तनाव से भरा हुआ है, तो यह आपकी नींद पर सीधा असर डालता है। रात को सोने से पहले कुछ समय तक गहरी सांसें लें और अपने दिमाग को शांत करने की कोशिश करें। आप किसी अच्छे किताब को पढ़ सकते हैं या खुद को शांत रखने के लिए सकारात्मक सोचने की कोशिश कर सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">9. बिस्तर पर जाने से पहले रिलेक्सेशन टेक्नीक्स अपनाएं</h3>
<p style="text-align:justify;">सोने से पहले बिस्तर पर जाने से पहले कुछ रिलेक्सेशन टेक्नीक्स जैसे कि गहरी सांसें लेना, शरीर को खिंचाव से मुक्त करना या हल्की स्ट्रेचिंग करना आपके दिमाग और शरीर को आराम पहुंचाता है। यह आपकी नींद को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">10. नॉन-बेड एक्टिविटीज को बेड से दूर रखें</h3>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ सोने के लिए बिस्तर का इस्तेमाल करें। बिस्तर पर बैठकर टीवी देखना, पढ़ना या अन्य गतिविधियाँ करना नींद आने में समस्या पैदा कर सकता है। यह दिमाग को बिस्तर के साथ जुड़े विश्राम और नींद के अनुभव से दूर कर देता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">11. एक्यूप्रेशर और हर्बल उपाय | Deep Sleep</h3>
<p style="text-align:justify;">कई लोग एक्यूप्रेशर का भी उपयोग करते हैं ताकि नींद को बढ़ावा मिले। कुछ बिंदुओं पर दबाव डालने से शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है और तनाव कम होता है। इसके अलावा, कुछ हर्बल चाय जैसे कैमोमाइल, लेवेंडर या पैपरमिंट चाय पीने से भी नींद आने में मदद मिल सकती है। ये प्राकृतिक उपाय शरीर को शांत करते हैं और नींद के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप रात को देर तक लेटे रहते हैं लेकिन नींद नहीं आती, तो ये टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। आपको बस एक आदत बनाने की आवश्यकता है और इन उपायों को नियमित रूप से अपनाना होगा। किसी भी बदलाव को तुरंत असर करते हुए देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ समय बाद आपको इनमें सुधार महसूस होगा। नींद के बिना शरीर और मस्तिष्क दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है, इसलिए इन उपायों को अपनाकर आप बेहतर नींद पा सकते हैं और अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।</p>
<p>नोट: इस लेख में दी गई जानकारी और सूचनाएं केवल सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। सच कहूं इनकी पुष्टि नहीं करता है इसलिए इस पर अमल करने से पहले अपने सूचनाएं डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/eliminate-the-problem-of-sleeplessness-from-its-roots-adopt-these-measures-you-will-get-results-soon/article-69171</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 11:26:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Walnuts Benefits: अखरोट को दूध में भिगोकर खाएं या पानी में&amp;#8230; दोनों में कौन सा है ज्यादा फायदेमंद, यहां पढ़ें पूरी डिटेल..</title>
                                    <description><![CDATA[Walnuts Benefits: हमेशा ये कहा जाता है कि ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर खाना चाहिए, जैसे बादाम, काजू आदि.. वहीं ये माना जाता है कि अखरोट को भिगोने पर वे अपने पोषण स्तर कई घरों में अखरोट को भी दूसरे सूखे मेवों के साथ रात भर भिगोना और सुबह सबसे पहले खाना एक स्वस्थ और पुरानी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/eat-walnuts-soaked-in-milk-or-water-which-of-the-two-is-more-beneficial-read-full-details-here/article-65444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/walnuts-benefits.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Walnuts Benefits: हमेशा ये कहा जाता है कि ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर खाना चाहिए, जैसे बादाम, काजू आदि.. वहीं ये माना जाता है कि अखरोट को भिगोने पर वे अपने पोषण स्तर कई घरों में अखरोट को भी दूसरे सूखे मेवों के साथ रात भर भिगोना और सुबह सबसे पहले खाना एक स्वस्थ और पुरानी परंपरा भी है। लेकिन अखरोट को किस में भिगोना चाहिए यह हमेशा एक जिज्ञासु प्रश्न बना रहता है? बता दें कि अखरोट को भिगोने से उनके पोषण संबंधी लाभ बढ़ सकते हैं, लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप अखरोट को पानी में भिगोकर खाते हैं या फिर दूध में भिगोकर खाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/this-plant-is-a-friend-of-liver-and-kills-cancer-roots-and-leaves-will-also-strengthen-your-health/#google_vignette">Health News: कैंसर का काल तो लिवर का मित्र है ये पौधा! जड़ और पत्तियां भी सेहत को बनाएगी मजबूत</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">भिगोने से कम हो जाता है फाइटिक एसिड | Walnuts Benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल कच्चे अखरोट में फाइटिक एसिड होता है, जो कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे आवश्यक खनिजों से जुड़ता है, जो संभावित रूप से शरीर की इन पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता में बाधा डालता है, अखरोट को भिगोने से फाइटिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जिससे पोषक तत्व अधिक जैव उपलब्ध हो जाते हैं और पचने में आसान हो जाते हैं, भिगोने से अखरोट नरम भी हो जाते हैं, इसलिए पाचन तंत्र पर प्रभावी होते हैं। वहीं इसके अलावा, अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीआॅक्सीडेंट और प्रोटीन होते हैं, जो मस्तिष्क, ह्दय और व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य के लिए अच्छा काम करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी में भिगोने से एंजाइम सक्रिय होते हैं | Walnuts Benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">अखरोट सहित मेवों को भिगोने के लिए पानी पारंपरिक तरीका है, और यह विशेष रूप से उपयोगी भी है यदि आप पाचन शक्ति को बढ़ाते हुए कैलोरी को कम करना चाहते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पाचन में करते हैं मदद</h3>
<p style="text-align:justify;">अखरोट को पानी में भिगोने से पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करने वाले एंजाइम सक्रिय होते हैं। वहीं यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो पोषण के लिए न्यूनतम, संपूर्ण-भोजन दृष्टिकोण पसंद करते हैं। पानी अखरोट के प्राकृतिक पोषक तत्व प्रोफाइल में हस्तेक्षेप नहीं करता है, जिससे इसके सभी मूल लाभ सुरक्षित रहते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी में नहीं पाई जाती कैलोरी | Walnuts Benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि पानी में कोई कैलोरी या वसा नहीं होती हैं, यह उन लोगों के लिए काफी ज्यादा फायदेंमंद है, जो अपना वेट कम करना चाहते हैं। बता दें कि अखरोट पहले से ही स्वस्थ वसा से भरे होते हैं, इसलिए कैलोरी-प्रतिबंधित आहार पर रहने वालों के लिए, पानी में भिगोने से आपको अखरोट उसके शुद्धतम रूप में खाने में मदद मिलेगी। दूध में कैलोरी होती है लेकिन पानी कैलोरी मुक्त होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नहीं होती पेट की समस्या</h3>
<p style="text-align:justify;">अखरोट को पानी में भिगोने से पाचन समस्या ठीक होती है, और इससे पेट फूलने या असहजता होने की संभावना भी कम होती है। यह लैक्टोज असहिष्णुता या दूध से एलर्जी वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त है, क्योंकि इस पदार्थ से साइट रिएक्शन का खतरा नहीं होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी में कैसे भिगोएं?</h3>
<p style="text-align:justify;">अखरोट को पानी में भिगोना बहुत ही आसान होता है, इसके लिए बस आपको एक कटोरी में लगभग 4 से 6 घंटे के लिए रख दें, फिर आपको उन्हें भिगोने के बाद अच्छी तरह से धोना है, ताकि अवशेष या फाइटिक एसिड निकल जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूध में भिगोने से हो जाते हैं मलाईदार</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगर आप अखरोट को दूध में भिगोते हैं, तो ये मलाईदार हो जाते हैं और उसका स्वाद भी बढ़ जाता है, जो लोग कुछ ज्यादा स्वादिष्ट नाश्ता चाहते हैं, वे उन्हें दूध में भिगोना पसंद कर सकते है, दूध अपने आप में सेहतमंद होता है, इसलिए दूध में भिगोने से अखरोट को अतिरिक्त पोषण मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उदाहरण के लिए, दूध में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है, जो अखरोट में नहीं पाया जाता है। इसलिए अखरोट को दूध में भिगोकर खाने से उन लोगों को ज्यादा फायदा होता है, जिन्हें अतिरिक्त कैल्शियम या प्रोटीन की जरूरत होती है, अखरोट की यह खुराक हड्डियों के स्वास्थ्य, मांसपेशियों की वृद्धि और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती है, खास तौर पर उन लोगों के लिए ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है जो एथलीट या बुजुर्ग हों।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अलग स्वाद के लिए करें चीनी का इस्तेमाल</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं अगर आप इसका स्वाद अलग बनाना चाहते हैं तो आप इसमें कम चीनी मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं, वहीं बादाम या नारियल के दूध का उपयोग करके इसमें मीठा विकल्प भी जोड़ सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लंबे समय तक रखते हैं पेट को भरा</h4>
<p style="text-align:justify;">दूध में भिगोए गए अखरोट आपको दूध में मौजूद अतिरिक्त प्रोटीन और वसा के कारण लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकते हैं, यह उन लोगों के लिए एक बहुत बढ़िया विकल्प है, जिन्हें निरंतर ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जैसे कि भोजन के बीच लंबा अंतराल रखने वाले लोग, अखरोट से मिलने वाले स्वस्थ वसा, प्रोटीन और फाइबर का संयोजन रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखता हैं, जो लालसा और ऊर्जा की कमी को कम कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हांलांकि दूध में भिगोई अखरोट हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती है। दरअसल जो लोग लैक्टोज असहिष्णु हैं या दूध से एलर्जी हैं, उन्हें इस विधि से बचना चाहिए, यदि आप लैक्टोज असहिष्णु हैं, लेकिन फिर भी दूध में भिगोए हुए अखरोट की मलाईदारता चाहते हैं, तो आप पौधे आधारित दूध जैसे बादाम, सोया या जई के दूध का सेवन करके लैक्टोज के बिना ही ऐसी ही बनावट पा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे दूध में भिगोएं अखरोट?</h3>
<p style="text-align:justify;">दूध में अखरोट भिगोने के लिए, पानी वाली प्रक्रिया ही अपनाएं, लेकिन अखरोट को दूध में 4 से 6 घंटे तक फ्रिज में रहने दें। इसके बाद आप बाद में दूध का सेवन भी कर सकते हैं, जिससे यह अखरोट के स्वाद और पोषक तत्वों से भरपूर एक ताजा पेय बन जाता हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कौन सा है ज्यादा फायदेमंद</h3>
<p style="text-align:justify;">अखरोट को पानी या दूध में भिगोने का विकल्प आपके व्यक्तिगत स्वास्थ्य लक्ष्यों और आहार प्रतिबंधों पर निर्भर करता है। पानी में भिगोई हुए अखरोट बेहतर विकल्प है, क्योंकि वे कोई अतिरिक्त कैलोरी नहीं जोड़ते हैं, इससे आप अखरोट को उसके सरलतम रूप में भी खा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूध में भिगोए हुए अखरोट अतिरिक्त कैल्शियम, प्रोटीन और क्रीमी बनावट के लाभ प्रदान करते हैं, जिससे यह उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बन जाता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहते हैं, या अधिक संतोषजनक नाश्ते की चाहत रखते हैं। पानी में भिगोई हुए अखरोट पेट के लिए हल्के होते हैं और लैक्टोज असहिष्णुता या दूध से एलर्जी वाले लोगों के लिए उपयुक्त होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। काल कर सकते हैं। इसके अलावा ये स्कैल्प में सूजन को रोकते हैं, जिससे बालों का झड़ना रुक जाता हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 11:27:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Garlic And Ghee: स्ट्रॉग इम्यूनिटी के लिए करें घी और लहसुन का सेवन, एक साथ खाने से मिलते हैं और भी फायदे &amp;#8230;.</title>
                                    <description><![CDATA[Garlic And Ghee: हमारे किचन में पाई जाने वाली कई तरह की सब्जियां, मसाले और अन्य चीजें ऐसी होती हैं, जो खाने का स्वाद तो बढ़ाती ही हैं साथ ही सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती हैं। आज हम ऐसी ही 2 चीजों के बारे में आपको बताएंगे, जिसका सेवन आपके शरीर में पल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/for-strong-immunity-consume-ghee-and-garlic-eating-them-together-gives-more-benefits/article-64709"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/garlic-and-ghee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Garlic And Ghee: हमारे किचन में पाई जाने वाली कई तरह की सब्जियां, मसाले और अन्य चीजें ऐसी होती हैं, जो खाने का स्वाद तो बढ़ाती ही हैं साथ ही सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती हैं। आज हम ऐसी ही 2 चीजों के बारे में आपको बताएंगे, जिसका सेवन आपके शरीर में पल रही बीमारियों को जड़ से खत्म करने में आपकी काफी मदद करेगे। जी हां, हम बात कर रहे हैं देसी घी की, जो खाने के स्वाद को और अधिक बढ़ा देता है, वहीं यह सेहत को भी काफी फायदा पहुंचाता है। इसके साथ ही लहसुन भी एक ऐसी चीज है जिसके बिना कई घरों में खाना भी नहीं बनता है, यह भी आपकी सेहत को कई तरह का फायदा पहुंचा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लहसुन में पाए जाते हैं ये तत्व | Garlic And Ghee</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल लहसुन एक पारंपरिक औषधि है जिसका सेवन पुराने समय से कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है, इसमें एलिसिन नमक का एक तत्व मौजूद होता है, जो एंटीबैक्टीरिया,एंटीफंगल और एंटीवायरस गुणों के लिए जिम्मेदार है। इसके साथ ही इसमें विटामिन सी, विटामिन बी-6, मैग्जीन, सेलेनियम, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और फाइबर जैसे तत्व मौजूद होते हैं। लहसुन का सेवन आप कच्चा और पक्का दोनों तरह से कर सकते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अगर देसी घी के साथ लहसुन का सेवन किया जाए तो यह कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकता है। इसके साथ ही देसी घी इसके तीखें स्वाद और गंध को भी कंट्रोल कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देसी घी में पाए जाने वाले फायदे | Garlic And Ghee</h3>
<p style="text-align:justify;">देसी घी में विटामिन ए, डी, ई, और के जैसे फैट में घुलनशील विटामिन, विटामिन और ओमेगा-3 जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं। वहीं घी में मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट्स गुण, फ्री रेडिकल डैमेज और आॅक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देसी घी के साथ कैसे करें लहसुन का सेवन</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि लहसुन के साथ देसी घी का सेवन करना किसी अमृत से कम नहीं है, इसे खाने से पहले रात में छीलकर भिगोकर रख दें और दूसरे दिन देसी घी में इसे फ्राई करके खाएं, देसी घी में फ्राई होने के बाद इसका स्वाद और तासीर दोनों बदल जाते हैं। ये दोनों चीज कई खतरनाक बीमारियों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। बता दें कि लहसुन को घी में भूनकर खाने से ब्रेन स्ट्रोक के खतरे से बचा जा सकता है। इसके साथ ही यह आपके बीपी को भी नॉर्मल रखने में मददगार है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्ट्रांग होती है इम्यूनिटी</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनके लिए रोजाना देसी घी में फ्रायड लहसुन का सेवन करना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि लहसुन और घी दोनों ही इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आॅटो इम्यून डिजीज से होता है बचाव</h3>
<p style="text-align:justify;">घी के साथ लहसुन को भूनकर खान से आॅटोइम्यून डिजीज जैसे गठिया, मल्टीपल और स्केलेरोसिस और सूजन जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकल देना</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल लहसुन में कई एक्टिव कंपाउंड जैसे एलिसिन और सैपोनिन पाए जाते हैं, जो एंटीआॅक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं, ये तत्व बॉडी से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मददगार साबित हुई हैं।</p>
<p><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Summer Holiday Destinations: सर्दी में गर्मी का एहसास दिलाने वाले भारत के सात डेस्टिनेशन" href="http://10.0.0.122:1245/summer-holiday-destinations/">Summer Holiday Destinations: सर्दी में गर्मी का एहसास दिलाने वाले भारत के सात डेस्टिनेशन</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 11:37:03 +0530</pubDate>
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                <title>Health: दांतों की कई समस्याओं को दूर कर सकती है ये चमत्कारी औषधी, गठिया की बीमारी में भी है फायदेमंद&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Health: करंज के पौधे का नाम तो आपने सुना ही होगा, यह आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसका उपयोग दांतों की समस्याओं के साथ-साथ कई अन्य औषधीय उपचारों में भी किया जाता है, यह पौधा प्राकृतिक चिकित्सा के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना गया है। तो आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसका […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/this-miraculous-medicine-can-solve-many-dental-problems/article-62527"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health: करंज के पौधे का नाम तो आपने सुना ही होगा, यह आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इसका उपयोग दांतों की समस्याओं के साथ-साथ कई अन्य औषधीय उपचारों में भी किया जाता है, यह पौधा प्राकृतिक चिकित्सा के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना गया है। तो आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इसका इस्तेमाल करने का सही तरीका… बता दें कि करंज का उपयोग दांतों की सफाई और दंत चिकित्सा में किया जाता है, इसके नियमित उपयोग से दांतों की समस्याएं जैसे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और दांतों का दर्द दूर किया जा सकता है, ये दांतों को मजबूत और स्वस्थ बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/these-leaves-will-suck-out-the-extra-sugar-from-your-veins-a-panacea-for-diabetes-patients/">नसों सें एक्स्ट्रा शुगर को चूस लेंगे ये पत्ते, डायबिटीज मरीज के लिए रामबाण इलाज, आयुर्वेद ने माना लोहा…</a></p>
<p style="text-align:justify;">आयुर्वेदाचार्य बालेश्वर शर्मा ने बताया कि किकरंज के बीज, पत्तियां और चूर्ण गठिया, खुजली त्वचा से जुड़ी समस्याओं के इलाज में बेहद प्रभावी होते हैं, आयुर्वेद में इसका नियमित उपयोग इन बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक माना गया है। उन्होंने बताया कि करंज अपनी प्राकृतिक औषधीय गुणों क कारण रोगियों के इलाज में अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ है, इसे विभिन्न बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे मरीजों को जल्दी राहत मिलती है। Health</p>
<p style="text-align:justify;">करंज के पंचांग (पौधे के विभिन्न अंग) को जलाकर बनाई गई भस्म में थोड़ा नमक मिलाकर इसे दांतों पर लगाने से दांत दर्द में तेजी से आराम मिलता है, ये घरेलू उपचार दांतों की समस्याओं के लिए बेहद कारगर है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में करंज की एक अलग पहचान है, इसके विभिन्न हिस्सों का उपयोग गठिया, खुजली, दांत दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में किया जाता है, जो इसे आयुर्वेद के क्षेत्र में एक बहुउपयोगी पौधा बनाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/this-miraculous-medicine-can-solve-many-dental-problems/article-62527</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 15:11:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Stomach Stone: पेट में पथरी होने पर कौन सा फल खाना चाहिए और कौन सा नहीं? यहां पढ़ें पूरी जानकारी..</title>
                                    <description><![CDATA[Stomach Stone: आजकल के खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से पेट में पथरी वाले मरीजों की संख्या देश में लगातार बढ़ती नजर आ रही है। पथरी का सीधा कनेक्शन आपकी लाइफस्टाइल और गलत खानपान से होता है। बता दें कि पेट में जब पथरी की शुरूआत होती है, तो इस दौरान पेशाब करते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/which-fruit-should-be-eaten-and-which-should-not-be-eaten-when-there-is-stone-in-the-stomach-read-full-information-here/article-61816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/stomach-stone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Stomach Stone: आजकल के खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से पेट में पथरी वाले मरीजों की संख्या देश में लगातार बढ़ती नजर आ रही है। पथरी का सीधा कनेक्शन आपकी लाइफस्टाइल और गलत खानपान से होता है। बता दें कि पेट में जब पथरी की शुरूआत होती है, तो इस दौरान पेशाब करते समय पेट में तेज दर्द और इंफेक्शन हो जाता है, पथरी में होने वाला दर्द काफी तेज होता है, इस दर्द को ना तो नौजवान बर्दाश्त कर पाते है और ना ही बुजुर्ग। ऐसे में आपको ये जानना आवश्यक है कि अगर आपके पेट में पथरी है तो आपको किन फलों का सेवन करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पथरी में कौन से फल खाने चाहिए? Stomach Stone</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>पानी वाले फल:</strong> पथरी के मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए, इसके अलावा पथरी के मरीज को पानी वाले फल ज्यादा खाने चाहिए, जैसे तरबूज, खरबूजा, नारियल पानी, खीरा और हाई वॉटर युक्त फल खाना चाहिए, इससे शरीर में पानी की कमी नहीं रेहती है, और यह पेट में पथरी की समस्या को कम करते है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खट्टे फल:</strong> पथरी के मरीज को खट्टे फल या सिट्रिक फल खाने चाहिए, अगर आप पथरी से जूझ रहे हैं तो आपको खट्टे फलों का सेवन जरूर करना चाहिए, जैसे आप अपनी डाइट में संतरा, नींबू, अंगूर जैसे फलों को जरूर शामिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">कैल्शियम से भरपूर फल: पथरी वाले मरीज को हमेश कैल्शियम से भरपूर फल खाने चाहिए, जैसे अंगूर, जामुन, कीवी जो कि सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पथरी के मरीज को कौन सा फल नहीं खाना चाहिए? Stomach Stone</h3>
<p style="text-align:justify;">पथरी की समस्या होने पर कौन सा फल और कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए, ये बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे। हम आपको बताते हैं, दरअसल पथरी होने पर अनार, अमरूद जैसे फल नहीं खाना चहिए। इसके अलाव सब्जियों में बेंगन, टमाटर और शकरकंद कम खाएं, ड्राई फ्रूट्स न खाएं, यह दिक्कत और अधिक बढ़ा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली और उसके आसपास के एरिया में भीषण गर्मी पड़ रही है, इस कारण किडनी स्टोन की गंभीर समस्या वहां बढ़ती ही जा रही है, इस का कारण शरीर में पानी की कमी बताई जा रही है, पिछले महीने से 30-40 प्रतिशत युवाओं में किडनी स्टोन की गंभीर बीमारी फैलती जा रही है।</p>
<p><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Sep 2024 11:05:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chaulai Saag Benefits: पोषक तत्वों से भरा है यह साग, सेवन से नस-नस में लबालब भर जाएगा रक्त, स्वाद भी ऐसा कि पालक का साग भी इसके सामने फेल</title>
                                    <description><![CDATA[(सच कहूं/अनु सैनी)। Chaulai Saag benefits: बरसात का मौसम चल ही रहा है और बारिश कभी भी आ जाती है ऐसे में बारिश के मौसम में आप जितना हेल्दी और पौष्टिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करेंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे साथ ही इंफेक्शन की समस्या से भी बचे रहेंगे। वैसे तो हरी पत्तेदार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chaulai-saag-benefits/article-61203"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/chaulai-sag-benefits.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>(सच कहूं/अनु सैनी)।</strong> Chaulai Saag benefits: बरसात का मौसम चल ही रहा है और बारिश कभी भी आ जाती है ऐसे में बारिश के मौसम में आप जितना हेल्दी और पौष्टिक चीजों को अपनी डाइट में शामिल करेंगे, उतने ही स्वस्थ रहेंगे साथ ही इंफेक्शन की समस्या से भी बचे रहेंगे। वैसे तो हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन हर मौसम में करना हेल्दी है, लेकिन मानसून में आप कोई भी साग खाएं तो शरीर को कई लाभ ही होंगे, इसी में एक साग का नाम आता है, वह है चौलाई का साग… वहीं इसे अमरंथ के पत्ते भी कहते हैं। चौलाई खाने से न सिर्फ शरीर में लबालब रक्त बढ़ता है बल्कि आयरन की कमी दूर होने के साथ-साथ वजन भी कम होता है। यह पाचन तंत्र को भी दूरुस्त रखता है। तो चलिए जानते हैं चौलाई का साग खाने से हमें क्या-क्या फायदे होते हैं। Chaulai Saag benefits</p>
<h3 style="text-align:justify;">चौलाई का साग खाने के फायदे….</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि यह विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीआॅक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जिस कारण चौलाई का साग संपूर्ण सेहत को हेल्दी बनाए रखता है। दरअसल यह जरूरी पोषक तत्वों का पावरहाउस है, इसमें विटामिन ए, सी, के, फोलेट आदि होते हैं। जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है। चौलाई के साग में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती हैं, इससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, बाउल मूवमेंट सही रहता है और कब्ज की समस्या भी नहीं होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रतिरोधक क्षमता को करता है बूस्ट | Chaulai Saag benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">यह साग रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बूस्ट करता है, कई तरह के इंफेक्शन से बचाता है, क्योंकि इसमें विटामिन सी भी पर्याप्त मात्रा में होती है, इसके सेवन से आंखों की सेहत दुरुस्त रहती है, देखने की क्षमता को बेहतर बनाता है, कई विटामिंस होने के कारण यह कोशिकाओं के ग्रोथ और मरम्मत में मदद करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हार्ट के लिए है फायदेमंद</h3>
<p style="text-align:justify;">अमरंथ या चौलाई का साग खाने से हार्ट की सेहत भी अच्छी रहती है, इन पत्तियों में अधिक मात्रा में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करता है, साथ ही कार्डियोवैस्कुलर संबंधित समस्याओं को भी ठीक रखता है, एंटीआॅक्सीडेंट्स जैसे बीट-कैरोटीन, विटामिन सी, आॅक्सीडेटिव स्ट्रेस और इंफ्लेमेशन को कम करके दिल को सुरक्षित बनाए रखता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बढ़ते वजन को करता है कम | Chaulai Saag benefits</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आपका वजन बढ़ रहा है, तो आप चौलाई का साग जरूर खाएं, इसे आप डाइट में रेगुलर शामिल करके बढ़ते हुए वजन पर काबू पा सकते है। इस साग में कैलोरी की मात्रा अधिक नहीं होती है, यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पेट भरे होने का अहसास कराता रहता है। इससे आप कुछ भी एक्स्ट्रा खाने से बचे रहते है। फाइबर डाइजेस्टिव हेल्थ को भी सपोर्ट करता है, जिससे हेल्दी गट रहता है और कब्ज की परेशानी से भी पीछा छूटता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रक्त की कमी को करता है दूर</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं जिन लोगों के शरीर में रक्त की कमी है, उन्हें चौलाई का साग जरूर खाना चाहिए यदि एनीमिया के कारण थकान, कमजोरी महसूस होती है। दरअसल चौलाई में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए इसके सेवन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से होता है, हीमोग्लोबिन के प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है। यह शरीर में आॅक्सीजन को ट्रांसपोर्ट करने के लिए जरूरी है, रेगुलर अमरंथ खाने से एनिमिया से छूटकारा मिलता है और एनर्जी लेवल भी बूस्ट होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">डायबिटीज रोगी के लिए है फायदेमंद</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि डायबिटीज रोगियों के लिए चौलाई का साग बेहद हेल्दी होता हैं, इसमें कुछ खास बायोएक्टिव कम्पाउंड्स होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखते हैं, इससे शरीर में ग्लूकोज लेवल प्राकृतिक रूप से कंट्रोल किया जा सकता हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हड्डियों को बनाता है मजबूत</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं, तो आप इन्हें स्ट्रॉन्ग बनाए रखने के लिए भी अमरंथ के पत्तों का सेवन कर सकते हैं, कैल्शियम से भरपूर ये पत्ते आॅस्टियोपोरोसिस से बचाते हैं, इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के कार्यों के लिए भी बेहद जरूरी हैं। Chaulai Saag benefits</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अस्वीकरण:</strong> लेख में दी गई जानकारी आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यह किसी इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं या किसी एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Tech Tips: काम करते वक्त फोन कर रहा है डिस्टर्ब, तो सेटिंग में जाकर कर ले ये काम, ऑन होने के बावजूद भी स्विच ऑफ बताएगा फोन…" href="http://10.0.0.122:1245/even-though-the-phone-is-on-it-will-show-as-switched-off/">Tech Tips: काम करते वक्त फोन कर रहा है डिस्टर्ब, तो सेटिंग में जाकर कर ले ये काम, ऑन होने के बावजूद भी स्विच ऑफ बताएगा फोन…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/chaulai-saag-benefits/article-61203</link>
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                <pubDate>Sun, 18 Aug 2024 11:45:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Long Life Kaise Jiye: लंबा जीवन जीने के लिए एक्सरसाइज ही नहीं बल्कि ये आदतें भी होंगी अपनानी, जवां नजर आएंगे आप</title>
                                    <description><![CDATA[Long Life Kaise Jiye: लंबी और एक हेल्दी लाइफ जीने की इच्छा हर किसी की होती है, हम अक्सर यही सुनते हैं कि हेल्दी फूड्ड, रेगुलर एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद जीवन को लंबा करने के मुख्य कारक हैं, लेकिन कुछ आदतें ऐसी भी हैं, जो आपकी उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/to-live-a-long-life-not-only-exercise-but-these-habits-will-also-have-to-be-adopted/article-60682"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/long-life-kaise-jiye.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Long Life Kaise Jiye: लंबी और एक हेल्दी लाइफ जीने की इच्छा हर किसी की होती है, हम अक्सर यही सुनते हैं कि हेल्दी फूड्ड, रेगुलर एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद जीवन को लंबा करने के मुख्य कारक हैं, लेकिन कुछ आदतें ऐसी भी हैं, जो आपकी उम्र बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं और जिनके बारे में आपने शायद सोचा भी नहीं होगा। हम सभी अपने आप को यंग दिखाने के लिए एक्सरजाइज करते हैं, पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन अक्सर ये भूल जाते हैं कि सिर्फ कुछ आदतें बदलने से ही हम अपने शरीर का कायाकल्प कर सकते हैं, तो आइए जानते हैं कौन सी हैं वे आश्चर्यजनक आदतें…</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/new-five-hundred-and-twenty-kilometers-long-expressway-will-be-built-in-uttar-pradesh/">Up Expressway News: उत्तर प्रदेश में बनेगा नया 520 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, 3 जिलों की जमीन की जाएगी अधिग्रहण…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करती हैं ये आदतें…….Long Life Kaise Jiye</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हंसना और खुश रहना:</strong> हंसना न केवल आपका मूड बेहतर बनाता है, बल्कि यह आपकी जीनव अवधि को भी बढ़ा सकता है, शोध के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से हंसते हैं, उनके तनाव के स्तर कम होते हैं, और उनकी इम्यून सिस्टम मजबूत होती है, हंसी आपके दिल को भी स्वस्थ रखती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाएं:</strong> अच्छे दोस्त और मजबूत पारिवारिक संबंध भी लंबे जीवन का एक बड़ा कारक है, कुछ अध्ययनों के मुताबित सोशल स्पोर्ट और मजबूत रिश्ते आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, जिन लोगों के पास अच्छे सामाजिक संबंध होते हैं, उनमें तनाव कम होता है और वे अकेलापन महसूस नहीं करते। Long Life Kaise Jiye</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नियमित रूप से संगीत सुनना चाहिए:</strong> म्यूजिक सुनना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है, यह आपके तनाव को कम करने, मूड को बेहतर बनाने और यहां तक कि नींद को भी सुधारने में मदद कर सकता है, शोध बताते हैं कि संगीत सुनने से आपका दिल हेल्दी रहता है और आप ज्यादा खुश रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्राकृतिक प्रकाश में समय बिताना:</strong> सूरज की रोशनी में समय बिताना विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका है, विटामिन डी आपकी हड्डियों को मजबूत करता है और इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाता है, इसके अलावा, प्राकृतिक प्रकाश आपके मूड को सुधारता है और तनाव को कम करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई जीजें सीखना और मानसिक चुनौतियां लेना:</strong> ब्रेन को एक्टिव रखने के लिए नई चीजें सीखना बहुत जरूरी हैं, यह आपके ब्रेन की सेहत को बनाए रखता है, और मानसिक बीमारियों के खतरे को कम करता है, नई भाषाएं सीखना, पजल्स हल करना या किसी नई कला में हाथ आजमाना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/to-live-a-long-life-not-only-exercise-but-these-habits-will-also-have-to-be-adopted/article-60682</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Aug 2024 12:03:31 +0530</pubDate>
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