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                <title>Chandigarh - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>आप ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को विद्यार्थियों और युवाओं की जीत बताया किया स्वागत*</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की केंद्र सरकार की विद्यार्थी विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे आप ने पंजाब में 'थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ' किए विरोध प्रदर्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/aap-welcomed-dharmendra-pradhans-resignation-as-a-victory-for-students/article-88692"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh30.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया। पार्टी ने इसे लाखों छात्रों और युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया, जो लगातार पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भाजपा की केंद्र सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ रहे थे। इससे पहले दिन में, आप ने केंद्र की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ 'थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ' नारे के साथ पूरे पंजाब में राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किए थे। आप के मंत्री, सांसद, विधायक, पदाधिकारी और हजारों पार्टी कार्यकर्ता छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हर जिले में सड़कों पर उतरे और बार-बार पेपर लीक होने और देश के भर्ती और शिक्षा सिस्टम के चरमराने पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा शक्ति का एक बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी को इसे जल्द से जल्द स्वीकार कर लेना चाहिए। आखिरकार, भाजपा ने युवाओं की ज़िद के आगे घुटने टेक दिए। उम्मीद है, इससे शिक्षा प्रणाली का पुनर्गठन करने, पेपर लीक की समस्या को हल करने जैसे बड़े सुधार और विद्यार्थियों के लिए बड़े बदलाव होंगे। इंकलाब ज़िंदाबाद।"</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान, आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने इस्तीफे को करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और लोकतंत्र तथा अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने के अधिकार में विश्वास रखने वाले हर उस नागरिक की ऐतिहासिक जीत करार दिया। आप सांसद ने पुलिस कार्रवाई और धक्केशाही का सामना करने के बावजूद आंदोलन का नेतृत्व करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार ने डेमोक्रेटिक आंदोलन को दबाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन विद्यार्थियों की हिम्मत और एकता ने आखिरकार केंद्र को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया, कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, और यहां तक कि प्रदर्शनकारियों के खाने-पीने के इंतज़ाम में भी रुकावट डालने की कोशिश की गई। इन सभी मुश्किलों के बावजूद, विद्यार्थी एकजुट रहे और सरकार को कार्रवाई करने केलिए मजबूर होने तक अपना शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सिर्फ़ इस्तीफ़ा काफ़ी नहीं होगा। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करने और पेपर लीक की समस्या को खत्म करने के लिए देश की परीक्षा और भर्ती प्रणाली में पूरी तरह बदलाव की मांग की, जिसने लाखों युवाओं के भविष्य और उम्मीदों को ठेस पहुंचाई है। मालविंदर सिंह कंग ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को तानाशाही रवैया अपनाने के खिलाफ़ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "अगर केंद्र सरकार विद्यार्थियों, किसानों, कर्मचारियों और समाज के दूसरे तबकों की आवाज़ों को नज़रअंदाज़ करती रही, तो लोग एक बार फिर लोकतंत्र की रक्षा और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेंगे।"</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों और युवाओं के प्रति अपना वादा दोहराते हुए आप ने कहा कि जब तक देश की शिक्षा प्रणाली पारदर्शी, निष्पक्ष और जबाबदेह नहीं बन जाता, तब तक वह सड़क से लेकर संसद तक उनके मुद्दे उठाती रहेगी।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:11:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पैसा सही हाथों तक पहुँचा’: पंजाब की महिलाओं ने ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत डीबीटी की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[*महिलाओं के बैंक ख़ातों में ₹1,149 करोड़ सीधे जमा किए गए; पंजाब के डीबीटी मॉडल को लाभार्थियों से मिली सराहना*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/money-reaches-right-hands-punjab-women-laud-dbt-under-mukhyamantri/article-88690"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh29.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> भगवंत मान सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक ख़ातों में वित्तीय सहायता सीधे भेजने के निर्णय को राज्यभर की लाभार्थियों से भरपूर सराहना मिली है। महिलाओं का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने पारदर्शिता, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया है, क्योंकि सहायता राशि सीधे उनके ख़ातों में पहुँच रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अब तक इस योजना के तहत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक ख़ातों में ₹1,149 करोड़ सीधे भेज चुकी है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र लाभार्थियों को ₹1,500 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹4,500 दिए गए हैं, जबकि अन्य वर्गों की लाभार्थियों को ₹1,000 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹3,000 प्रदान किए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं की रजिस्ट्रेशन के साथ यह योजना पंजाब की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यभर की महिलाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह राशि बिना किसी बिचौलिये और बिना किसी देरी के सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँची है तथा वे आवश्यकता पड़ने पर यह राशि कभी भी निकाल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरदासपुर की 32 वर्षीय सरबजीत कौर ने कहा कि डीबीटी प्रणाली ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय सहायता अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए ही उपयोग हो। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में भेजा है, जिससे मैं बहुत ख़ुश हूँ। अगर यह राशि नकद दी जाती तो शायद इसका सही उपयोग नहीं होता। कैश देंदे ता आदमी लोग पेग-शेग ते ख़र्च कर देंदे हैं, पर ख़ाते विच ता साडा पैसा सेफ़ है (अगर नकद देते तो आदमी लोग इसे दारू-वगैरह पर ख़र्च कर देते, लेकिन ख़ाते में हमारा पैसा सुरक्षित है।) अब पैसा हमारे अपने ख़ाते में है और जब भी ज़रूरत होगी, हम उसे निकाल सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि यह राशि केवल घर की ज़रूरतों और अन्य आवश्यक ख़र्चों पर ही ख़र्च हो।”</p>
<p style="text-align:justify;">हरचोवाल गाँव की 35 वर्षीय गगनदीप कौर ने इस योजना को अपने अनुभव की सबसे पारदर्शी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक यह राशि नहीं निकाली है क्योंकि जब ज़रूरत होगी तभी इसका उपयोग करूँगी। आर्थिक सहायता देने का यह सबसे अच्छा तरीका है। अगर सरकार नकद राशि बाँटती तो लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता। आवेदन करने के पाँच से छह दिनों के भीतर ही पैसा मेरे ख़ाते में आ गया। पूरी प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के है।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्री हरगोबिंदपुर की 49 वर्षीय सुमन कुमारी ने कहा कि इस आर्थिक सहायता से उनके परिवार को घरेलू तथा शिक्षा संबंधी महत्त्वपूर्ण ख़र्च पूरे करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि पैसा सीधे महिलाओं के ख़ातों में आता है। मैंने इस राशि का उपयोग सार्थक कार्यों में किया है। मेरी दोनों बेटियाँ, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिला है। इसके साथ-साथ हमारे परिवार को मुफ़्त राशन, मुफ़्त बिजली और मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा भी मिल रही है, जिससे काफ़ी राहत मिली है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मंडी अहमदगढ़ की हरपाल कौर ने कहा कि इस आर्थिक सहायता ने महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार ख़र्च करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने यह राशि घर की ज़रूरतों पर ख़र्च की है। मेरी दोनों बेटियों को भी यह राशि मिली है और वे इसका उपयोग अपनी ज़रूरतों के अनुसार कर रही हैं। बेटियों की अपनी आवश्यकताएँ होती हैं और यह अच्छी बात है कि सरकार इस समय उनका सहयोग कर रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि डीबीटी के माध्यम से पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में आया है, जिसे हम ज़रूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं। सरकार ने एह पैसा चंगी नीयत नाल दित्ता है, एह चंगी जगह ही ख़र्च करना चाहीदा है (सरकार ने यह पैसा अच्छे इरादे से दिया है, इसलिए इसे अच्छे कामों पर ही ख़र्च करना चाहिए।)”</p>
<p style="text-align:justify;">लाभार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि डीबीटी मॉडल ने न केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित किया है, बल्कि महिलाओं को सरकारी वित्तीय सहायता पर सीधा अधिकार देकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता भी मज़बूत की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता मिले। कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।” डीबीटी प्रणाली का सफल क्रियान्वयन योजना के नोडल बैंकिंग साझेदार एक्सिस बैंक के सहयोग से भी संभव हुआ है, जिसने पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर लाभ राशि के हस्तांतरण को सुगम बनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड (ब्रांच बैंकिंग, नॉर्थ एवं टैस्क बिज़नेस) रेनॉल्ड डी’सूज़ा ने कहा, “पंजाब सरकार के साथ मिलकर मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना के क्रियान्वयन में भागीदार बनना एक्सिस बैंक के लिए गर्व की बात है। यह पहल राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हम लाभार्थियों तक सहायता राशि का समय पर, पारदर्शी और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम जब प्रभावी ढंग से और बड़े स्तर पर लागू किए जाते हैं, तो वे आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">लाभार्थियों के बैंक ख़ातों में सीधे राशि भेज कर डीबीटी प्रणाली न केवल समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित कर रही है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा परिवार में निर्णय लेने की उनकी क्षमता को भी सशक्त बना रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:07:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पंजाब सरकार ने 8,069 कैंसर मरीज़ों के कैशलेस इलाज पर ₹20.22 करोड़ ख़र्च किए*</title>
                                    <description><![CDATA[’मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत इलाज करवाने वाले कैंसर मरीज़ों में आधे से अधिक की आयु 36 से 60 वर्ष के बीच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/under-mukhyamantri-sehat-yojana-punjab-government-spent-%E2%82%B92022-crore-on/article-88655"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh26.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़ ।</strong> </span>पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 8,069 कैंसर मरीज़ों के इलाज पर ₹20.22 करोड़ ख़र्च किए हैं। लाभार्थियों में आधे से अधिक मरीज़ 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हैं; जून महीने में सबसे अधिक मरीज़ों का उपचार किया गया। कैंसर का पता चलना एक बेहद भयावह अनुभव होता है। कई परिवारों के लिए यह भय तब और गहरा हो जाता है, जब अगला सवाल केवल यह नहीं होता कि “क्या इस बीमारी का इलाज संभव है?”, बल्कि यह भी होता है कि “क्या हम इलाज का ख़र्च उठा पाएँगे?” भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना इसी चिंता को दूर करने का प्रयास कर रही है।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8,069 कैंसर मरीज़ों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया गया, जिस पर सरकार ने कुल ₹20.22 करोड़ ख़र्च किए।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आँकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें जीवन के सबसे कठिन दौर में महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ते हैं; जब इलाज में होने वाली हर देरी मरीज़ के जीवन पर भारी पड़ सकती है। आज कैंसर के उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी तथा टार्गेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों ने मरीज़ों के स्वस्थ होने की संभावनाओं को पहले की तुलना में काफ़ी बढ़ा दिया है। लेकिन चिकित्सा में हुई यह प्रगति तभी सार्थक है, जब मरीज़ समय पर उपचार तक पहुँच सके।</p>
<p style="text-align:justify;">लाभार्थियों की आयु से जुड़ा आँकड़ा भी एक महत्त्वपूर्ण तथ्य सामने लाता है। सामान्यतः कैंसर को वृद्धावस्था से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन योजना के आँकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज़ हैं जो अपनी कार्यशील आयु में इस बीमारी से जूझ रहे हैं। योजना के तहत इलाज करवाने वाले 8,069 मरीज़ों में से 4,285 मरीज़ 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के थे, जो सबसे बड़ा वर्ग रहा। इसके अलावा 3,376 मरीज़ 60 वर्ष से अधिक आयु के, 399 मरीज़ 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के तथा 9 मरीज़ 17 वर्ष से कम आयु के थे।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी परिवार के लिए कैंसर का इलाज अचानक आर्थिक संकट का कारण बन सकता है। इस बीमारी के उपचार में बार-बार अस्पताल जाना, महँगी चिकित्सा प्रक्रियाएँ तथा लंबे समय तक देखभाल की आवश्यकता होती है। कई बार बीमारी का इलाज संभव होने के बावजूद भी ख़र्च ही यह तय करता है कि मरीज़ कितनी जल्दी उपचार शुरू कर पाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">समाना निवासी दर्शन देवी ने भी इसी चिंता का सामना किया। बढ़ते दर्द के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी, लेकिन 4 से 5 लाख रुपये के अनुमानित ख़र्च ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मंज़ूरी मिलने के बाद उनकी कैंसर सर्जरी बिना किसी जेब से ख़र्च के संपन्न हुई। उनके लिए यह योजना केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि इसने बीमारी की पहचान और समय पर उपचार के बीच खड़ी सबसे बड़ी बाधा—इलाज के ख़र्च—को दूर कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में कैंसर उपचार के आँकड़े बताते हैं कि पूरे वर्ष कैंसर के उपचार की आवश्यकता लगातार बनी रही। जनवरी में 842 मरीज़ों का इलाज हुआ, जो फ़रवरी में बढ़कर 1,080, मार्च में 1,175 और अप्रैल में 1,350 हो गया। मई में यह संख्या थोड़ी घटकर 1,275 रही, लेकिन जून में सर्वाधिक 1,468 मरीज़ों का उपचार किया गया। जुलाई के पहले 18 दिनों में ही 879 मरीज़ इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर चुके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">कैंसर उपचार की बढ़ती आवश्यकता देश के सामने मौजूद एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती को भी दर्शाती है। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत में लगभग 14.6 लाख नए कैंसर मामलों का अनुमान लगाया गया था और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती आयु तथा बेहतर जाँच सुविधाएँ इस बढ़ते बोझ के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि केवल आँकड़े पूरी तस्वीर नहीं बताते। कैंसर ऐसी बीमारी है, जिसमें अक्सर समय ही उपचार के परिणाम तय करता है। यदि जाँच या उपचार में देरी हो जाए तो बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और इलाज अधिक जटिल एवं महँगा हो सकता है। ऐसे समय में पहले से मानसिक तनाव झेल रहे परिवारों के लिए इलाज का ख़र्च जुटाना एक अतिरिक्त संघर्ष बन जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">8 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल 2,68,274 लाभार्थी योजना के तहत उपचार प्राप्त कर चुके हैं। इस दौरान योजना के अंतर्गत कुल 5,31,386 उपचार मामले दर्ज किए गए हैं। 20 जुलाई 2026 तक योजना के अंतर्गत उपलब्ध करवाए गए उपचार का कुल मूल्य ₹950.35 करोड़ तक पहुँच चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार का उद्देश्य मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाई किसी भी मरीज़ के कैंसर उपचार में बाधा न बने। उन्होंने कहा, “कैंसर हमारे समय की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। समय पर जाँच और शीघ्र उपचार से मरीज़ों के स्वस्थ होने की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से पात्र मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि उन्हें इलाज के ख़र्च की चिंता न करनी पड़े।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे शरीर में गाँठ, बिना किसी कारण वज़न कम होना, असामान्य रक्तस्राव, लंबे समय तक रहने वाली खाँसी अथवा मल-मूत्र की सामान्य प्रक्रिया में होने वाले बदलाव जैसे चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 10:03:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सफ़ाई कर्मचारियों के साथ हुई घटना के बाद सीएम भगवंत सिंह मान ने बरनाला डीएसपी को तुरंत सस्पेंड करने का दिया आदेश: मीत हेयर*</title>
                                    <description><![CDATA[*सफ़ाई कर्मचारियों के साथ हुई घटना के बाद सीएम भगवंत सिंह मान ने बरनाला डीएसपी को तुरंत सस्पेंड करने का दिया आदेश: मीत हेयर*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/after-the-incident-with-the-cleaning-staff-cm-bhagwant-singh/article-88654"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh25.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़।</strong> </span>संगरूर से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद हरमीत सिंह मीत हेयर ने शुक्रवार को बरनाला में सफ़ाई कर्मचारियों के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि भगवंत मान सरकार ने जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की है। एक बयान में, आप सांसद मीत हेयर ने कहा कि यह घटना बहुत निंदनीय और अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ इस मामले पर विस्तार से चर्चा की गई थी। उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, बरनाला सब-डिवीजन के डीएसपी सतवीर सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।”</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार की किसी भी तरह के अन्याय या गलत व्यवहार के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की पॉलिसी है और वह हर नागरिक की इज्ज़त और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “सरकार ऐसे मामलों के सामने आने पर तुरंत और ठोस कार्रवाई करने में विश्वास रखती है और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 10:00:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमृतसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की तीर्थ यात्रा बस पर किया हमला</title>
                                    <description><![CDATA[*तीर्थ यात्रा बस पर हमले के पीछे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का हाथ, भगवंत मान सरकार की भलाई योजना की सफलता कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं: बलतेज पन्नू*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/congress-workers-attack-chief-ministers-pilgrimage-bus-in-amritsar/article-88557"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh23.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़। </strong>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने मंगलवार को आप सरकार की मुख्यमंत्री’ तीर्थ यात्रा’ स्कीम के तहत चल रही बस पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कहा कि इस घटना कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया, जो इस जनहित पहल की बढ़ती लोकप्रियता और सफलता से बौखला गए है। आप नेता शमिंदर सिंह खिंडा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम राज्य की सबसे सफल जन कल्याण योजनाओं के तौर उभरी है, जिससे लाखों लोगों को फ्री धार्मिक यात्रा करने का मौका मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां भगवंत मान सरकार की वेलफेयर स्कीम की सफलता बर्दाश्त नहीं हो रही हैं। जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तो विपक्ष ने दावा किया था कि यह तीन महीने भी नहीं चलेगी। जब सरकार ने तीन महीने पूरे किए, तो उन्होंने कहा कि यह एक साल भी पूरा नहीं करेगी। आज, सरकार सफलतापूर्वक अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने यह भी इशारा किया कि जब भी मुख्यमंत्री भगवंत मान रूटीन मेडिकल चेक-अप के लिए जाते हैं, तो विपक्ष बार-बार बेबुनियाद अफवाहें फैलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने हमेशा लोगों को गुमराह करने के लिए बेवजह के कयास लगाने की कोशिश की है।</p>
<p style="text-align:justify;">तीर्थ यात्रा बस पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अमृतसर रूरल पुलिस ने जिन दो लोगों - गुरपिंदर सिंह उर्फ लाली और बलजीत सिंह शीशा - को गिरफ्तार किया है, उनके कांग्रेस पार्टी से संबंध हैं। उन्होंने कहा कि बस पर बिना किसी उकसावे या वजह के हमला किया गया। उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे सिर्फ यही वजह है कि धार्मिक यात्राओं से लौटने के बाद लोग भगवंत मान सरकार की जो तारीफ करते हैं, वह कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रही है। इस स्कीम का फायदा उठाने वाला हर भक्त सरकार की तारीफ करता है, जो कांग्रेस के लिए बर्दाश्त से बाहर हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े दो और लोगों, सनी और हरप्रीत सिंह ने पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई रोकने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों को किसने उकसाया था और हमले के पीछे बड़ी साजिश क्या थी।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवंत मान सरकार ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम’ को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी को भी ऐसे प्रोग्राम में रुकावट डालने की इजाज़त नहीं देगी जिसने लाखों पंजाबियों को रूहानी सुकून और खुशी दी है। इस बीच, शमिंदर सिंह खिंडा ने कहा कि 3.5 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी जी और श्री दरबार साहिब समेत पवित्र धार्मिक जगहों पर जाकर इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा, वृंदावन, खाटू श्याम और सालासर धाम के लिए भी धार्मिक यात्रा सर्विस शुरू करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सारी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार खुद उठाती है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, रहने की जगह, खाना और दूसरे इंतज़ाम शामिल हैं। खिंडा ने कहा कि बहुत से लोग, खासकर आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से, पैसे की तंगी की वजह से कभी इन धार्मिक जगहों पर नहीं जा पाए थे। उन्होंने कहा कि ऐसे ही लोगों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम शुरू की गई थी। यह स्कीम शुरू से ही बिना किसी रुकावट के लगातार चल रही है और एक दिन के लिए भी नहीं रुकी है। लाखों फ़ायदा उठाने वालों के बावजूद, इंतज़ामों को लेकर एक भी शिकायत नहीं आई है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 10:33:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू</title>
                                    <description><![CDATA[*देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/the-youth-and-farmers-of-the-country-are-on-the/article-88513"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh21.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि उसने देश के युवाओं और किसानों को पूरी तरह से त्याग दिया है और बातचीत के बजाय ज़ुल्म का सहारा लिया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि आज देश के युवा और किसान दोनों सड़कों पर हैं, लेकिन मोदी सरकार ने उनकी जायज़ मांगों को अनसुना कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि पिछले कई हफ़्तों से छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने कोई हिंसा नहीं की है, सड़कें नहीं रोकी हैं या जनता के लिए कोई परेशानी खड़ी नहीं की है। उनकी बस यही मांग है कि उनकी आवाज़ सुनी जाए। उनकी बात सुनने के बजाय, भाजपा सरकार ने बेगुनाह विद्यार्थियों पर दिल्ली पुलिस को छोड़ दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुएआप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान 13 और 14 साल की छोटी लड़कियों को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों घायल हुए हैं और कुछ का अभी भी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। यह बेरहमी भरा जवाब भाजपा सरकार की विद्यार्थी विरोधी सोच को दिखाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ हमदर्दी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने पहले ही प्रभावित विद्यार्थियों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है और खुद हॉस्पिटल जाकर घायलों से मिले हैं। उन्होंने कहा कि आप हर विद्यार्थी के साथ मजबूती से खड़ी है और ज़रूरत पड़ने पर हर मुमकिन कानूनी और मेडिकल मदद देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों के आंदोलन पर बात करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी ट्रेड पॉलिसी के ज़रिए भारतीय किसानों के हितों की बलि दे रही है। उन्होंने कहा कि अमरीका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय खेती, खासकर पंजाब के कॉटन उगाने वालों को बहुत नुकसान होगा। बलतेज पन्नू ने कहा कि अमेरिका से इंपोर्ट होने वाला कॉटन भारतीय किसानों को मिलने वाले मिनिमम सपोर्ट प्राइस से सस्ता है। उन्होंने कहा कि जब सस्ते विदेशी खेती के प्रोडक्ट भारतीय बाज़ार में आएंगे, तो हमारे किसान आर्थिक बर्बादी की ओर बढ़ जाएंगे। भाजपा सरकार पंजाब के किसानों और देश की खेती को बर्बादी की ओर ले जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों को शांति से अपनी मांगें रखने के लिए दिल्ली जाने से रोकने के लिए केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है। यह हैरानी की बात है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री लगातार पंजाब आते हैं और किसानों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं, लेकिन वही डबल इंजन सरकार किसानों के विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार को रोक रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बलतेज पन्नू ने मांग की कि हरियाणा सरकार तुरंत शंभू बॉर्डर खोले और किसानों को शांति से दिल्ली जाने दे। उन्होंने कहा कि ये किसान कोई हथियार नहीं ले जा रहे हैं और न ही देश की राजधानी के लिए कोई खतरा पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते हैं। हर नागरिक को शांति से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले किसान आंदोलन को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि देश पहले ही 750 से ज़्यादा किसानों की कुर्बानी देख चुका है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार को वही गलतियां दोहराने के बजाय इतिहास से सबक लेना चाहिए। लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने से कभी भी संकट का हल नहीं होगा। अपने ही नागरिकों के रास्ते में बैरिकेड लगाने के बजाय, सरकार को सड़कें खोलनी चाहिए, किसानों से बात करनी चाहिए और उनकी जायज़ मांगों पर का हल करना चाहिए।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/the-youth-and-farmers-of-the-country-are-on-the/article-88513</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 10:50:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[*भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/the-education-revolution-of-bhagwant-mann-government-helped-the-students/article-88511"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़।</strong>  </span>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक., बी.वोकेशनल तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के पहले वर्ष में लगभग 95,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू किए, जबकि 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">इस उपलब्धि पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब का बिजनेस क्लास कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्रियां देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है। लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया, जिनमें से 25,000 से अधिक ने अपने स्टार्टअप शुरू किए। पहले ही वर्ष में इन उद्यमों ने सामूहिक रूप से लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे स्पष्ट है कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें तो वे सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए तैयार कर रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य की 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. तथा बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक सत्र 2025-26 के दौरान दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम शुरू किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पारंपरिक शिक्षा, जो केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रहती है, उससे अलग यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय स्थापित करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल तथा समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाता है। परिणामस्वरूप लगभग 57,000 विद्यार्थी (करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागी) पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी एवं फूड सर्विस, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कोडिंग एवं प्रोफेशनल सेवाएं, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस एवं वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प तथा अन्य स्थानीय सेवा व्यवसायों में अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पंजाब में देखने को मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सौरव ने अपने माचा पेय ब्रांड ‘मॉक, इन माचा’ के माध्यम से कॉलेज कार्यक्रमों में उत्पाद बेचकर लगभग 90,000 रुपये कमाए।इस उद्मम ने अपने विलक्षण फ्लेवरों और ताज़गी के कारण के कारण ख्याति हासिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के शरणवीर सिंह ने ‘स्किलएक्सस’ नामक डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया, जिसके 2.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हो चुके हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से बड़े स्तर पर तकनीक आधारित उद्यम स्थापित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संत बाबा भाग सिंह विश्वविद्यालय, जालंधर के पंकज ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से ‘जारिया ज्वेलरी’ नाम से ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वेलरी व्यवसाय शुरू किया और लगभग 150 ग्राहकों को सेवाएं देकर 30,000 रुपये की आय अर्जित की।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आईटीआई, पटियाला के कमलजीत सिंह ने ‘केएमएल मशरूम’ की स्थापना की, जो स्थानीय बाजारों और रेस्तरां को बटन मशरूम की आपूर्ति करता है। उन्होंने लगभग 1.5 लाख रुपये कमाए और अपने ब्रांड की पैकेजिंग भी विकसित की।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने ‘नेल स्टूडियो बाय गगन’ नाम से घर आधारित नेल आर्ट व्यवसाय शुरू किया, जो इंस्टाग्राम और स्थानीय सैलून के सहयोग से संचालित हो रहा है। इससे उन्होंने लगभग 55,000 रुपये की कमाई की।  सरकारी आईटीआई, मोहाली के रमनदीप सिंह ने ‘क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक स्टोर’ नाम से ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट बनाई और सोशल मीडिया के माध्यम से बिक्री का विस्तार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम राज्यभर के युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहा है। पहले ही वर्ष में मिली अभूतपूर्व सफलता और उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सर्वसम्मति से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक (अंडरग्रेजुएट) डिग्री कार्यक्रमों में ‘बिजनेस क्लास’ का विस्तार करने की सिफारिश की है। पहले यह कार्यक्रम केवल बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोकेशनल तक सीमित था, लेकिन अब इसे बी.ए., बी.एससी. तथा अन्य सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में भी लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नियमित शिक्षा के साथ व्यावहारिक उद्यमिता कौशल प्राप्त हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम की सफलता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पंजाब की शिक्षा क्रांति की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उच्च शिक्षा में उद्यमिता को शामिल कर सरकार विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक कौशल प्रदान कर रही है, जिनकी बदौलत वे पढ़ाई के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और भविष्य में रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग) के छात्र शरणवीर सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा उद्यमिता को दी गई प्राथमिकता ने मेरे जैसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा किया है। ‘स्किलएक्सस’ उसी सोच को एक डिजिटल करियर गाइडेंस इकोसिस्टम में बदलने का मेरा प्रयास है, जो विद्यार्थियों को सही करियर चुनने में मदद करता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने कहा, *“‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम से पहले मुझे लगता था कि नौकरी ही एकमात्र विकल्प है। इस कार्यक्रम ने मेरी सोच बदल दी और मुझे अपने विचारों पर विश्वास करना सिखाया। आज मैं केवल नौकरी तलाशने के बजाय अपना व्यवसाय स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित हूं।”</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 10:39:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना’ का सबसे अधिक लाभ 36–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को, जो जीवन के सबसे अधिक आर्थिक ज़िम्मेदारियों वाले दौर में हैं</title>
                                    <description><![CDATA[’मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना’ का सबसे अधिक लाभ 36–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को, जो जीवन के सबसे अधिक आर्थिक ज़िम्मेदारियों वाले दौर में हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/the-biggest-beneficiaries-of-mukhyamantri-maawan-dhiyaan-satkar-yojana-are/article-88333"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">चंडीगढ़।</strong><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"> </span><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना’ राज्य की पात्र महिलाओं को ऐसे समय में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, जब बढ़ते घरेलू ख़र्च, कॉलेज दाखिलों की लागत और महँगाई परिवारों के बजट पर लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं। </span><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;">25 जून 2026 तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाली लगभग 33 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक ख़ातों में सहायता राशि सीधे भेजी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र महिलाओं को यह राशि 1 अगस्त को मिलेगी। अब तक लगभग 70 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है।</span></p>
<div>
<p style="text-align:justify;">योजना के लाभार्थियों के प्रोफ़ाइल से पता चलता है कि यह सहायता उन महिलाओं तक पहुँच रही है, जो जीवन के ऐसे चरण में हैं जब आर्थिक ज़िम्मेदारियाँ सबसे अधिक होती हैं। कुल लाभार्थियों में से 36–45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.2 प्रतिशत और 46–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी 25.4 प्रतिशत है। इस प्रकार, 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी 36 से 59 वर्ष की आयु के हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जीवन के इसी दौर में परिवारों पर सबसे अधिक आर्थिक ज़िम्मेदारियाँ होती हैं। परिवारों को बच्चों की शिक्षा, कॉलेज में दाखिला, विवाह, स्वास्थ्य सेवा, मकान, लोन की किश्तें, बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल और अपने भविष्य की योजना जैसी अनेक ज़िम्मेदारियाँ निभानी पड़ती हैं। ऐसे समय में हर रुपये का महत्त्व बहुत बढ़ जाता है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता महिलाओं को परिवार के ख़र्चों में सीधे योगदान देने और आवश्यक ज़रूरतों का बोझ कम करने में मदद कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">कई परिवारों के लिए यह सहायता शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा के घरेलू ख़र्चों का एक महत्त्वपूर्ण सहारा बन गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">फाज़िल्का ज़िले के गाँव धानी खरासवाली की 48 वर्षीय सुनीता रानी ने बताया कि इस मासिक सहायता से उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी बी.टेक की पढ़ाई कर रही है और बेटा ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता है। मैंने इस राशि का अधिकांश हिस्सा बेटे की स्कूल फ़ीस भरने में लगाया और बाकी पैसे अपने पति को दे दिए। गृहिणी होने के कारण मेरी अपनी कोई आय नहीं है, इसलिए इस सहायता से मुझे परिवार की ज़रूरतों में योगदान देने का संतोष मिला है। मेरे पति भी इस सहयोग से बहुत ख़ुश हैं। पहले हमें मुफ़्त बिजली मिली, फिर 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिला और अब यह मासिक आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएँ शुरू की हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस सहायता से आर्थिक तनाव कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने में मदद मिली है। फिरोज़पुर के वार्ड नंबर 17 की 55 वर्षीय पच्छो के लिए यह योजना जीवन के बेहद कठिन दौर में बड़ी राहत लेकर आई है। अपने पति के निधन के बाद वह अपनी तलाकशुदा बेटी और नाती के साथ रहती हैं तथा लंबे समय से ख़राब स्वास्थ्य और सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मैंने इस राशि का कुछ हिस्सा अपने इलाज पर ख़र्च किया और बाकी घरेलू ज़रूरतों के लिए बचाकर रख लिया। मेरे पति का कई वर्ष पहले निधन हो गया था और तब से हम कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं। भगवंत मान सरकार की यह सहायता हमारे लिए बहुत बड़ा सहारा बनी है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस आर्थिक सहायता से वह अपने नाती की स्कूल फ़ीस भी भर सकीं। योजना के लिए कई लोगों का आवेदन करवाने में मदद करने वाली पच्छो ने ख़ुशी जताई कि इससे अनेक ज़रूरतमंद परिवारों को लाभ मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य 46 वर्षीय करमजीत कौर ने बताया कि यह मासिक सहायता उन्हें रोज़मर्रा के ख़र्च पूरे करने के साथ-साथ परिवार के भविष्य पर भी ख़र्च करने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा, “मैं ताँ इस पैसे नाल अपनी ऐनक बनवाई ते स्कूटी विच पेट्रोल पुआ लिया। (मैंने इस पैसे से अपना नया चश्मा बनवाया और अपनी स्कूटी में पेट्रोल डलवाया।)” उन्होंने आगे कहा,”आने वाले महीनों में मैं इस राशि का उपयोग अपने बेटे के खेल संबंधी ख़र्चों के लिए करूँगी। वह राष्ट्रीय स्तर का हॉकी खिलाड़ी है।” पूर्व कबड्डी खिलाड़ी करमजीत कौर ने आम परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">फाज़िल्का की 28 वर्षीय लाभार्थी प्रीति, लोगों के घरों में काम करती हैं और अपने दो स्कूली बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सहायता ऐसे समय मिली है जब बच्चों की पढ़ाई का ख़र्च उठाना लगातार मुश्किल होता जा रहा था। उन्होंने कहा, “इस पैसे से हमने अपने बच्चों की स्कूल फ़ीस भरी। यह सहायता बिल्कुल सही समय पर मिली है और इससे हमारा आर्थिक बोझ काफ़ी कम हुआ है।” इसी प्रकार, विधवा बलजीत कौर ने बताया कि इस मासिक सहायता से वह अपने चिकित्सा संबंधी ख़र्च पूरे कर सकी हैं, जिन्हें वह पहले वहन करने में कठिनाई महसूस कर रही थीं। इससे उन्हें काफी आर्थिक राहत मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के विभिन्न ज़िलों से सामने आ रहे लाभार्थियों के अनुभव मुख्यमंत्री माँवां धियां सत्कार योजना के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाते हैं। यह योजना समय पर आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को घरेलू ज़िम्मेदारियाँ निभाने, परिवार का सहयोग करने और बढ़ते आर्थिक दबाव के दौर से बेहतर ढंग से उबरने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:24:47 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी ने राज्य के बकाया फंड को नज़रअंदाज़ करके पंजाब के हर वर्ग को निराश किया: हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के जायज़ वित्तीय बकाए को जारी करने की घोषणा करने के बजाय, पीएम मोदी ने अपने दौरे के दौरान राजनीति करना पसंद किया: हरपाल सिंह चीमा*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/pm-modi-disappointed-every-section-of-punjab-by-ignoring-the/article-88287"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा राज्य के हर वर्ग के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि उन्होंने पंजाब का जायज़ वित्तीय फंड बकाया जारी करने की घोषणा करने के बजाय राजनीति करना ज़्यादा पसंद किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग प्रधानमंत्री से राज्य का बकाया जारी करने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन वह राजनीतिक बयान देते रहे और इस मुद्दे पर चुप रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने कहा कि आप सरकार ने साढ़े चार साल में लोगों से किए सभी पांच वादे पूरे कर दिए हैं, इसके उलट, भाजपा-अकाली सरकार ने अपने दस साल के राज में पंजाब को बर्बाद कर दिया। मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से बहुत उम्मीदें थीं। पंजाब को उम्मीद थी कि उसका जायज़ बकाया मिलेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ़ राजनीति करने पंजाब आए। उन्होंने पंजाब के बकाए के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।”</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने कहा, “पीएम मोदी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार की बात की थी। भाजपा राम मंदिर के नाम पर वोट मांगकर सत्ता में आई थी। आज भाजपा ने राम मंदिर से ही चोरी कर ली है। भक्त श्रद्धा से मंदिर गए और दान और कीमती चढ़ावा चढ़ाया, लेकिन उत्तर प्रदेश में चंदे के तौर पर इकट्ठा किए गए सैकड़ों करोड़ रुपये चोरी हो गए। पीएम मोदी पंजाब आकर करप्शन की बात करते हैं, लेकिन पूरा देश जानता है कि भाजपा ने मंदिरों और धार्मिक जगहों से पैसे चुराना शुरू कर दिया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “दशकों बाद पंजाब को उसका बेटा, एक आम आदमी, सरदार भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री के तौर पर मिला है। सरकार बनाने से पहले हमारे नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों को पांच गारंटी दी थीं। आज आप पंजाब के राजनीतिक इतिहास में पहली पार्टी बन गई है जिसने साढ़े चार साल के अंदर सभी पांच गारंटी पूरी कर दी हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “इन कामयाबियों से निराश होकर पीएम मोदी ने हम पर झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग जानते हैं कि पिछले साढ़े चार साल से यह सरकार हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है। पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। हमने अपने टीचरों को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईटी भेजा है। आज सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को जाने-माने इंस्टीट्यूशन में एडमिशन मिल रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “पंजाब ने ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ लागू की है जो 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर देती है। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले आर्म्ड फोर्स और पंजाब पुलिस के जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। हमने ‘मान-ध्यान सत्कार योजना’ भी लागू की है जिसके तहत दलित महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और दूसरे तबके की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली सरकारों से तुलना करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी ने डबल इंजन सरकार की बात की थी। पंजाब में 2007 से 2017 तक डबल इंजन सरकार थी, जब भाजपा अकाली दल सरकार में बराबर की पार्टनर थी। उन दस सालों में भाजपा-अकाली सरकार ने पंजाब को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 12:34:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही है</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब सरकार बुख़ार, डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का ख़र्च उठा रही है: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ मानसून बीमारियों के लिए मुफ़्त इलाज उपलब्ध करवा रही है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/diseases-are-increasing-during-monsoon-%E2%80%98mukhyamantri-sehat-yojana%E2%80%99-is-ensuring/article-88233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh12.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> मानसून की पहली बारिश जहाँ गर्मी से राहत देती है, वहीं लोगों के स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम की शुरुआत भी करती है। हर साल पूरे भारत के अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया और बुख़ार से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। इस साल भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। अमृतसर की 32 वर्षीय बलविंदर कौर, जो इस योजना की लाभार्थी हैं, ने बताया, “मैंने हाल ही में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8400 रुपये का इलाज करवाया।”</p>
<p style="text-align:justify;">बलविंदर कौर को उस समय अस्पताल ले जाया गया जब उन्हें काफ़ी तेज़ बुख़ार था। उन्होंने कहा, “अस्पताल के स्टाफ़ ने मुझे मुख्यमंत्री सेहत योजना में रजिस्टर करवाने में मदद की। मैं कपड़े सिलकर अपना गुज़ारा करती हूँ। इस योजना ने समय पर इलाज और आर्थिक सहायता देकर मेरा बोझ कम किया, जिससे मैं अपनी रिकवरी पर ध्यान दे सकी। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शुरू की गई इस स्वास्थ्य योजना के लिए आभारी हूँ। यह वास्तव में ज़रूरत के समय परिवारों का साथ देती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">2025 में किए गए एक भारतीय अस्पताल अध्ययन में पाया गया कि मानसून के दौरान भर्ती किए गए मरीज़ों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस (तीव्र बुख़ार वाली बीमारी) का सबसे आम कारण डेंगू था। यह निष्कर्ष दर्शाता है कि समय पर जाँच और तुरंत इलाज बेहद ज़रूरी हैं, क्योंकि मानसून से जुड़ी कई बीमारियों की शुरुआत एक जैसे लक्षणों के साथ होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉक्टर लोगों से अपील कर रहे हैं कि लगातार रहने वाले बुख़ार को नज़रअंदाज़ न किया जाए , वहीं पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) योग्य परिवारों को अस्पताल के बिल की चिंता के बिना कैशलेस इलाज उपलब्ध करवा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने मच्छरों और पानी से फैलने वाली मौसमी बीमारियों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जाँच सुविधाओं को मज़बूत किया है। उन्होंने लोगों से सामान्य रोकथाम उपाय अपनाने की अपील की, जैसे आसपास जमा पानी को साफ़ करना और बुख़ार के शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सकीय सलाह लेना।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पानी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम घर से ही शुरू होती है। मच्छरों के प्रजनन को रोकने में हर परिवार, स्कूल और समुदाय की अपनी भूमिका है। साथ ही हम लोगों को यह भी बताना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत योग्य लाभार्थी बिना ख़र्च की चिंता के समय पर इलाज करवा सकते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. राज कुमार (एम.डी. मेडिसिन), सीनियर मेडिकल ऑफ़िसर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, वेरका, पंजाब ने कहा कि मरीज़ हर बुख़ार को अक्सर सामान्य वायरल संक्रमण समझने की ग़लती कर लेते हैं। उन्होंने कहा, “हर मानसून में हम ऐसे मरीज़ देखते हैं जो तीन-चार दिन घर पर इलाज करने के बाद अस्पताल पहुँचते हैं। तब तक उनमें डिहाइड्रेशन या डेंगू के चेतावनी संकेत दिखाई देने लगते हैं। एक सामान्य रक्त जाँच और समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। पहले 48 घंटे बेहद महत्त्वपूर्ण होते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि बरसात के मौसम में डेंगू ही एकमात्र समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, “मानसून में मलेरिया, टाइफ़ायड , वायरल हेपेटाइटिस और एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस भी आम हैं। लक्षण एक जैसे होने के कारण लोगों को ख़ुद दवा लेने से बचना चाहिए और बुख़ार लगातार रहने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती जाँच जीवन बचा सकती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. राज कुमार ने आगे कहा, “शुरुआती चरण में इस तरह के बुख़ारों का इलाज कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) के साथ-साथ प्राइमरी हेल्थ सेंटरों (PHC) में भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।”उन्होंने कहा कि जल्दी जाँच और समय पर इलाज से जटिलताएँ कम होती हैं और बड़े अस्पतालों में रेफ़रल की ज़रूरत कम पड़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) द्वारा साझा किए गए मुख्यमंत्री सेहत योजना के ताज़ा आंकड़े मौसमी रुझान को दर्शाते हैं। 6 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, एक्यूट फेब्राइल इलनेस (तीव्र बुख़ार वाली बीमारी) इस योजना के तहत इलाज की जाने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक रही। मरीज़ों का इलाज कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों, सब-डिवीज़नल अस्पतालों, ज़िला अस्पतालों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में किया गया। मरीज़ की स्थिति के अनुसार बुख़ार से जुड़ी बीमारियों के इलाज पैकेज 2100 रुपये से 8400 रुपये तक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मलेरिया, एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस, तेज़ बुख़ार और वायरल हेपेटाइटिस के मामले भी दर्ज हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि मानसून बीमारियों का मौसम शुरू हो चुका है। बुख़ार से जुड़े दावे फाज़िल्का, मोगा, संगरूर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे ज़िलों से आए हैं, जिससे पता चलता है कि लोग बड़े शहरों में जाने के बजाय अपने नज़दीक ही इलाज करवा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही आंकड़ों से योजना की व्यापक पहुँच भी सामने आई है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने मौसमी बुख़ार का इलाज करवाया, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना ने डायलिसिस, दिल से जुड़ी इलाज प्रक्रियाओं, इंटेंसिव केयर और अन्य महँगे इलाज को भी कवर किया। बुख़ार के इलाज के कुछ हज़ार रुपये के पैकेज से लेकर जीवन बचाने वाली हृदय संबंधी सेवाओं तक, यह योजना सामान्य बीमारियों से लेकर आपातकालीन परिस्थितियों तक परिवारों के लिए एक मज़बूत सहारा बन रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. राज कुमार ने सलाह दी कि लोग दो दिन से अधिक रहने वाले बुख़ार को नज़रअंदाज़ न करें, विशेष तौर पर यदि इसके साथ तेज़ शरीर दर्द, लगातार उल्टी, पेट-दर्द, ख़ून बहना, साँस लेने में परेशानी या अचानक कमज़ोरी जैसे लक्षण हों। उन्होंने कूलर, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी ख़ाली करने, मच्छर रिपेलेंट का उपयोग करने, पूरी बाँहों वाले कपड़े पहनने और मानसून के दौरान अधिक साफ़-सफ़ाई रखने की भी सलाह दी।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:15:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ई-20 पेट्रोल से देशभर के लोगों को अपने वाहनों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*</title>
                                    <description><![CDATA[*हर नागरिक को stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर कर इस लड़ाई में शामिल होना चाहिए: मुख्यमंत्री*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/people-across-the-country-are-facing-problems-in-their-vehicles/article-88230"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh11.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> ई-20 पेट्रोल के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को लोगों से एकजुट होने और ई-20 पेट्रोल की आपूर्ति के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए अभियान का समर्थन करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने देशभर के नागरिकों से stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, ताकि इस मुद्दे से प्रभावित लोगों की चिंताएं प्रधानमंत्री तक पहुंच सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, जिसने जानबूझकर इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी की है, को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य वाहनों तक, देशभर के लोग ई-20 पेट्रोल के कारण अपने वाहनों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस शोषण के खिलाफ अरविंद केजरीवाल जी ने प्रधानमंत्री को दो महत्वपूर्ण मांगों के साथ पत्र लिखा है। पहली, लोगों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। दूसरी, ई-20 पेट्रोल की कीमत तत्काल कम की जानी चाहिए। लोगों की आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक हस्ताक्षर महत्वपूर्ण है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ई-20 पेट्रोल देशभर में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। वाहनों का माइलेज कम हो गया है और लोग लगातार केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठा रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की बढ़ती चिंताओं के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके विपरीत, वाहन मालिकों में यह चिंता बढ़ रही है कि उनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहनों के इंजन को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल स्वयं लोगों की शिकायतें सुनने के लिए मैदान में उतरे। एक वाहन मरम्मत केंद्र के दौरे के दौरान उन्होंने खराब पड़े वाहनों की लंबी कतारें देखीं और लोगों में भारी रोष का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिना किसी देरी के हस्तक्षेप करने की अपील की। क्या केंद्र सरकार तभी जागेगी, जब वाहनों को हो रहे नुकसान की गंभीरता प्रधानमंत्री के संज्ञान में आएगी?"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार किस प्रकार का पेट्रोल खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के पेट्रोल को एक ही कीमत पर बेचने के बजाय ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। एक समान मूल्य वसूलने से बड़ी तेल कंपनियों को लाभ होता है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू की गई यह ऑनलाइन याचिका देश के प्रत्येक नागरिक की लड़ाई है। हर व्यक्ति को इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव लोगों और उनके परिवारों पर पड़ता है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करें। हमारा सामूहिक संघर्ष केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने के लिए बाध्य कर सकता है। समय की मांग है कि केंद्र सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे।"</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:06:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 914 मरीज़ों को ₹4.15 करोड़ का कैशलेस स्ट्रोक उपचार प्रदान किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[*किसी भी परिवार को आर्थिक चिंता के कारण स्ट्रोक के इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए; जीवन बचाने के लिए हर मिनट महत्त्वपूर्ण है : डॉ. बलबीर सिंह*]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-stroke-treatment-worth-%E2%82%B9415-crore-provided-to-914-patients/article-88172"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:'-apple-system', BlinkMacSystemFont, 'Segoe UI', Roboto, 'Helvetica Neue', Arial, 'Noto Sans', sans-serif, 'Apple Color Emoji', 'Segoe UI Emoji', 'Segoe UI Symbol', 'Noto Color Emoji';font-size:14px;"><strong>चंडीगढ़।</strong> </span>स्ट्रोक किसी परिवार के जीवन में आने से पहले दस्तक नहीं देता। एक पल पहले व्यक्ति सामान्य रूप से चल-फिर रहा होता है, बात कर रहा होता है और अपना काम कर रहा होता है; लेकिन अगले ही पल किसी धमनी में रुकावट या मस्तिष्क के ब्लड वेसल फटने से, सामान्य दिन एक गंभीर चिकित्सीय आपातकाल में बदल सकता है। पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत स्ट्रोक उपचार से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि राज्य की स्वास्थ्य योजना सामान्य स्ट्रोक प्रबंधन से लेकर एडवांस्ड इमेजिंग , इंटेंसिव केयर और लंबे समय तक चलने वाले उपचार तक मस्तिष्क संबंधी आपात स्थितियों में मरीज़ों की सहायता कर रही है।</p>
<div>
<p style="text-align:justify;">स्ट्रोक, जिसे अक्सर ‘ब्रेन अटैक’ कहा जाता है, तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या कोई ब्लड वेसल फट जाता है। ऑक्सीजन की कमी होने पर मस्तिष्क की कोशिकाएँ मरने लगती हैं। हाई ब्लड प्रेशर , डायबिटीज , हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और अस्वस्थ जीवनशैली इसकी प्रमुख ज़ोखिम कारकों में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, स्ट्रोक आज भी दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे ज़ोखिम कारकों से जुड़ी है जिन्हें रोका जा सकता है। वहीं, अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का भी कहना है कि समय पर उपचार से मरीज़ की रिकवरी बेहतर हो सकती है, जबकि ब्लड प्रेशर ,डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़े ज़ोखिमों पर बेहतर नियंत्रण से स्ट्रोक की संभावना को कम किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्ट्रोक का इलाज काफी महँगा हो सकता है, जिससे अनेक परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 914 स्ट्रोक मरीज़ों का ₹4.15 करोड़ की लागत से उपचार किया गया। इनमें एक्यूट इस्कीमिक स्ट्रोक के 48 मामले दर्ज किए गए, जिन पर ₹14.27 लाख का सबसे अधिक ख़र्च आया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के रिकॉर्ड के अनुसार, एक्यूट स्ट्रोक और एक्यूट इस्कीमिक स्ट्रोक श्रेणियों में सबसे अधिक मरीज़ों का इलाज हुआ, जबकि हेमरेजिक स्ट्रोक के मामले अपेक्षाकृत कम थे, लेकिन प्रति मरीज़ उपचार लागत अधिक रही। कुल ख़र्च का बड़ा हिस्सा सीटी/एमआरआई जाँच तथा ट्रेकियोस्टॉमी और रक्त चढ़ाने जैसी अतिरिक्त चिकित्सा प्रक्रियाओं वाले मामलों पर हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत बनाने का अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार आर्थिक चिंता के कारण इलाज में देरी न करे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज़ों को आवश्यकता पड़ने पर समय पर उपचार मिले। स्ट्रोक जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट महत्त्वपूर्ण होता है और आर्थिक सहायता इलाज में होने वाली देरी और जीवन बचाने के बीच का अंतर साबित हो सकती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सोबती न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तथा मोहंदाई ओसवाल हॉस्पिटल, लुधियाना के सीनियर कंसलटेंट न्यूरोसर्जन एवं स्पाइन सर्जन डॉ. हरमन सोबती ने कहा, “स्ट्रोक एक चिकित्सीय आपात स्थिति है, जिसमें समय पर जाँच और उपचार मरीज़ के भविष्य का फैसला कर सकते हैं। आधुनिक इमेजिंग, गहन निगरानी और समय पर इलाज से उपचार के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।” उन्होंने कहा कि जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। डॉ. सोबती ने आगे कहा, “लोगों को अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमज़ोरी, चेहरे का एक ओर झुक जाना, बोलने में कठिनाई जैसे चेतावनी संकेतों को पहचानकर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. हरमन सोबती के अनुसार, उपचार किए गए मामलों में इस्कीमिक स्ट्रोक की हिस्सेदारी सबसे अधिक है और सीटी स्कैन तथा एमआरआई जैसी उन्नत जाँच तकनीकें स्ट्रोक मैनेजमेंट का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, “जटिल स्ट्रोक के मामलों में परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ सकता है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री सेहत योजना एक महत्त्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करती है।” हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण, डायबिटीज मैनेजमेंट तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर स्ट्रोक के ज़ोख़िम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्ट्रोक के आंकड़ों से सामने आई अहम बातें-</h4>
<ol>
<li style="text-align:justify;">स्ट्रोक तेज़ी से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है, जिसके लिए तुरंत आपातकालीन उपचार की आवश्यकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">* उपचार किए गए मामलों में इस्कीमिक स्ट्रोक की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।</li>
<li style="text-align:justify;">* सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी उन्नत जाँच तकनीकें स्ट्रोक मैनेजमेंट का प्रमुख आधार बन रही हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">* जटिल स्ट्रोक के मामलों से परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है।</li>
<li style="text-align:justify;">* स्वास्थ्य योजनाएँ अचानक आने वाली चिकित्सीय आपात स्थितियों में परिवारों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य कर सकती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">* ब्लड प्रेशर नियंत्रण, डायबिटीज का उचित प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना स्ट्रोक से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।</li>
</ol>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 11:44:44 +0530</pubDate>
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