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                <title>Nuh Violence: नूंह हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया से मचा हड़कंप, जानें कोर्ट ने क्या दिया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Haryana Violence: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने हरियाणा में भड़की हिंसा के मद्देनजर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से आयोजित रैलियों पर रोक लगाने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने उस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सरकारों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/supreme-courts-reaction-on-nuh-violence-created-a-stir-know-what-the-court-ordered/article-50722"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/supreme-court-of-india-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Haryana Violence: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने हरियाणा में भड़की हिंसा के मद्देनजर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से आयोजित रैलियों पर रोक लगाने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने उस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सरकारों को बुधवार को निर्देश दिया, जिसमें समाज में नफरत फैलाने वाले भाषण तथा बयानों के अलावा सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए स्वत: संज्ञान कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। Nuh Violence</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/haryana-nuh-violence-updates/">Haryana Nuh Violence Updates: नूंह हिंसा पर अनिल विज का बड़ा बयान, मचा हड़कंप</a></p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस वी भट्टी की पीठ ने केरल के मल्टी मीडिया पत्रकार शाहीन अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर उदय सिंह द्वारा किए गए तत्काल उल्लेख पर विशेष सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। Nuh Violence</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने ऐसी रैलियों में वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज के इस्तेमाल का निर्देश दिया और कहा,‘हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून का शासन कायम रहे। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू से कहा कि इस प्रस्ताव पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि नफरत भरे भाषणों से माहौल खराब होता है। पीठ ने उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि संबंधित अधिकारियों को हिंसा और नफरती भाषणों को रोकने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए। Nuh Violence</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने याचिकाकर्ता अब्दुल्ला द्वारा शीर्ष अदालत के अक्टूबर 2022 और अप्रैल 2023 में जारी आदेशों के उल्लेख पर गौर करते हुए कहा इन आदेशों पर अमल सुनिश्चित करें। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि जब भी कोई नफरत फैलाने वाले भाषण या कोई कार्रवाई होती है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 153 बी और 295 ए और 505 आदि के अपराधों के तहत आती हो, तो तुरंत कार्रवाई करें। गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने हरियाणा के नूंह एवं अन्य इलाकों में भड़की हिंसा के खिलाफ बुधवार को जगह जगह प्रदर्शन का आयोजन किया है। Nuh Violence</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2023 16:57:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर: सरकार कानून बनाए, कोर्ट के फैसले का और इंतजार नहीं कर सकते: विहिप</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व हिंदू परिषद ने कहा- हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के मामले में न्याय प्रक्रिया (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">विश्व हिंदू परिषद ने कहा- हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के मामले में न्याय प्रक्रिया (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद भाजपा के समर्थक दलों और संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मुद्दे को लेकर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उसने सरकार से मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की। इससे पहले मोदी ने कहा था कि सरकार संविधान के तहत ही काम करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, “हमने राम जन्मभूमि पर (Ram Temple Government Can Not Make Law VHP) प्रधानमंत्री का बयान देखा है। यह मामला 69 साल से कोर्ट में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकता में नहीं है। अब यह सुनवाई 4 जनवरी को हो रही है, लेकिन जिस बेंच को सुनवाई करनी थी, उसका गठन नहीं हुआ है। अब यह फिर से सीजेआई की कोर्ट में आ गया है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘संत तय करेंगे कि आगे क्या करना है’</h2>
<p style="text-align:justify;">आलोक कुमार ने कहा, “हमें लग रहा है कि सुनवाई अभी कोसों मील दूर है। ऐसे में विहिप का फैसला है कि हिंदू समाज सालों तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकता। हम चाहते हैं कि सरकार अध्यादेश लाकर भव्य मंदिर बनाए। इस मामले में आगे की बातचीत प्रयागराज में धर्म संसद होगी। वहां संत तय करेंगे कि हमें आगे क्या करना है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘सांसदों ने मंदिर निर्माण का समर्थन किया’</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ”हम देश के ज्यादातर सांसदों से मिले। उन्होंने संसद में कानून लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने का समर्थन किया है। हिंदू समाज लंबे समय से लोकतंत्र की लड़ाई लड़ रहा है। संत समाज हमारे साथ खड़ा है। 31 जनवरी को धर्म संसद में संत जो निर्णय लेंगे, हम उसी पर आगे बढ़ेंगे।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">‘कांग्रेस के वकीलों ने मामले को लटकाया’</h2>
<p style="text-align:justify;">आलोक कुमार ने कहा- ”कांग्रेस के वकीलों की कोशिश है कि यह मामला कोर्ट में लटकता रहे। हमारे पास दोनों मामले खुले हैं कि संसद में कानून बने या सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई करे। प्रधानमंत्री ने भले ही हमारा समर्थन नहीं किया है, लेकिन हमें उन्हीं से उम्मीद है। हमने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है।”</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोदी ने कहा था- तीन तलाक पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हम अध्यादेश लाए</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राम मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने के बारे में न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही विचार किया जाएगा। तीन तलाक पर भी हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अध्यादेश लाए थे। कांग्रेस के वकील खलल पैदा कर रहे हैं, इसलिए अदालती कार्यवाही धीमी हो गई है। न्याय प्रक्रिया खत्म होने के बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, हम वह करेंगे।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Jan 2019 13:54:46 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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