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                <title>slogan - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>पापा तुम मत पियो शराब, मुझको ला दो मेरी किताब</title>
                                    <description><![CDATA[ यूथ विरांगनाओं ने दीवारों पर उकेरे जागरूकता स्लोगन (Don’t Drink Alcohol) सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र।…पापा तुम मत पिओ शराब, मुझको ला दो मेरी किताब। सामाजिक संस्था यूथ वीरांगना द्वारा गांव धनौरा जाटान में दीवारों पर इस प्रकार के (Don’t Drink Alcohol) जागरूकता स्लोग्र उकेरे व ग्रामीणों को जागरूक किया। यूथ वीरांगना गीता ने जानकारी देते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/father-dont-drink-alcohol-bring-me-my-book/article-20030"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/father-dont-drink-alcohol-bring-me-my-book.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"> यूथ विरांगनाओं ने दीवारों पर उकेरे जागरूकता स्लोगन (Don’t Drink Alcohol)</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र</strong>।…पापा तुम मत पिओ शराब, मुझको ला दो मेरी किताब। सामाजिक संस्था यूथ वीरांगना द्वारा गांव धनौरा जाटान में दीवारों पर इस प्रकार के (Don’t Drink Alcohol) जागरूकता स्लोग्र उकेरे व ग्रामीणों को जागरूक किया। यूथ वीरांगना गीता ने जानकारी देते हुए कहा कि नशे का कारोबार खूब फल फूल रहा है जिस कारण युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। इसको लेकर यूथ विरांगना संस्था द्वारा जागरूकता अभियान की शुरूआत की गई। इसी कड़ी में गांव धनौरा में दीवारों पर जागरूकता स्लोग्र उकेरे गए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्लोग्र लिखने वालों में गीता के अलावा नीलम, कुसुम, लाजो, बबिता, सरोज, सीमा, सोनिया, अनिता व सपना शामिल रहीं। गीता ने कहा कि यूथ विरांगना संस्था द्वारा समय समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम चलाई जाती हैं। पहले भी अनेकों गांवों में रैली के माध्यम से ग्रामीणों को नशाखोरी, दहेज प्रथा, शिक्षा व वेश्यावृत्ति के बारे में जागरूक किया जाता रहा है। अब जब कोरोनाकाल चल रहा है ऐसे में यूथ वीरांगना द्वारा स्लोगनों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Nov 2020 19:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भाजपा का गौरक्षा का नारा और दावा झूठा : Bhupendra Hooda</title>
                                    <description><![CDATA[गौशालाओं के रखरखाव और खानपान के अभाव में गायों की मौत की खबरें आती रहती हैं। सड़कों पर भी बेसहारा गौवंश हादसों का शिकार या हादसों की वजह बनता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ गाय के नाम वोट मांगती है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bjps-slogan-of-cow-protection-and-claim-false-hooda/article-12736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/bhupendra-hooda-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सिरसा में हुई हजारों मौतों के साथ गौ सेवा आयोग की तमाम राशि और खर्च की जांच होनी चाहिए (<span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">Bhupendra Hooda</span></span>)</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (<span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title="">Bhupendra Hooda</span></span>) ने सिरसा जिले की गौशालाओं में गत लगभग सवा साल में 10,772 गायों की मौतों को लेकर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि उसका एकमात्र जोर गाय के नाम पर वोट बटोरने पर रहता है उनकी हालत सुधारने पर नहीं। हुड्डा ने जारी एक बयान में कहा कि गौशाला और सड़कों पर हरोज गौवंश की मौत हो रही है। उन्होंने बताया उनकी आरटीआई के जरिए जानकारी मिली है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सिरसा जिले की गौशालाओं में महज सवा साल के भीतर 10,772 गौवंश की मौत हो चुकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">अप्रैल 2017 से जुलाई 2018 के बीच 16 महीने के दौरान हर महीने औसतन 673 गौवंश ने दम तोड़ा।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने इन हजारों मौतों की दर्दनाक घटना को प्रदेश की जनता से छिपाए रखा</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">लेकिन आरटीआई से हुए खुलासे ने भाजपा के गौरक्षा वाले नारे और दावे की पोल खोल दी है।</li>
<li style="text-align:justify;"> जब से हरियाणा में भाजपा सरकार आई है गौवंश की हालत लोगों से छिपी नहीं है।</li>
<li style="text-align:justify;">गौशालाओं के रखरखाव और खानपान के अभाव में गायों की मौत की खबरें आती रहती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">सड़कों पर भी बेसहारा गौवंश हादसों का शिकार या हादसों की वजह बनता रहता है।</li>
<li style="text-align:justify;">आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ गाय के नाम वोट मांगती है।</li>
<li style="text-align:justify;">लेकिन उसकी दयनीय हालत देखकर आंख बंद कर लेती है ।</li>
</ul>
<h3>गौमाता के लिए दान में मिलने वाली राशि भी गौशाला में खर्च करने के बजाए घोटाले की भेंट चढ़ रही है</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने मनसा देवी चारा घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि गत दिनों गौ सेवा आयोग के तहत पंचकूला की मनसा देवी गौशाला में चारा घोटाले की शिकायत सामने आई थी। उस पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि गौमाता के लिए दान में मिलने वाली राशि भी गौशाला में खर्च करने के बजाए घोटाले की भेंट चढ़ रही है। इसलिए जरूरी है कि सिरसा में हुई हजारों मौतों के साथ गौ सेवा आयोग की तमाम राशि और खर्च की जांच होनी चाहिए।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">साथ ही तमाम सरकारी गौशालाओं की व्यवस्थाओं और रखरखाव की भी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">         उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि और मौतों को रोका जा सके।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jan 2020 19:03:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>कैसे सार्थक होगा जय विज्ञान-जय अनुसंधान का नारा</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के जालंधर में आयोजित 106वीं राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस सम्मलेन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान की महत्ता को स्वीकार करते हुए जय विज्ञान और जय अनुसंधान का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी की अनदेखी नहीं कर सकते क्योंकि समृद्ध भारत का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">पंजाब के जालंधर में आयोजित 106वीं राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस सम्मलेन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान की महत्ता को स्वीकार करते हुए जय विज्ञान और जय अनुसंधान का नारा दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी की अनदेखी नहीं कर सकते क्योंकि समृद्ध भारत का भविष्य उसी पर टिका हुआ है। बेशक आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान के बिना आधुनिक जीवन की परिकल्पना करना भी मुश्किल है। विज्ञान के बिना आधुनिक जीवनशैली की परिकल्पना तक नहीं की जा सकती है। आज वैज्ञानिक विकास का सीधा संबंध राष्ट्रीय विकास से लगाया जाता है। एक विकसित एवं सम्पन्न देश के पीछे विज्ञान का महत्वपूर्ण योगदान होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में प्राचीनकाल से ही विज्ञान का वर्चस्व रहा है और प्राचीन भारतीय विज्ञान का इतिहास अत्यन्त गौरवशाली भी है। देश में दिन ब दिन विज्ञान का स्तर जो गिरा है उसके लिए हमारे नीति निर्माता ही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने आजादी से लेकर आज तक पग-पग पर विज्ञान क्षेत्र की उपेक्षा की है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत की आज तक की उपलब्धियां निश्चय ही सराहनीय हंै। यदि इसके बलबूते भारत दुनिया की पांच शीर्षस्थ वैज्ञानिक शक्तियों में शुमार होने का लक्ष्य प्राप्त करता है तो वह हमारे लिए गर्व का विषय होगा। इसके लिए हममें वह क्षमता भी है जिसकी आज सारी दुनिया तारीफ कर रही है। इसके बावजूद अनुसंधान व विकास पर जीडीपी का एक प्रतिशत से भी कम (0.9 ) खर्च होना प्राथमिकता के अभाव को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि हम अन्य देशों की बात करें तो वहां शोध और विकास के नाम पर जीडीपी का औसतन 2 से 5 फीसदी तक खर्च किया जाता है। इज्रराइल अपनी शोध परियोजनाओं पर जीडीपी का 6 प्रतिषत खर्च करता है और हमारा पड़ोसी देश चीन अपने जीडीपी का 2 प्रतिशत अनुसंधान व विकास पर व्यय करता है। इन स्थितियों के मद्देनजर भारत को भी शोध और उसके वांछित परिणाम पाने के लिए निश्चित रूप से निवेश बढ़ाना होगा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से देश के उच्च पदों पर बैठे लोग इस क्षेत्र में प्रतिशत बढ़ाने का वादा करते रहें हैं, लेकिन उन पर आज तक भी अमल नहीं हो पाया है। जीएसएलवी के मानवरहित कैप्सूल के सफल प्रक्षेपण के साथ हम अंतरिक्ष में मानव भेजे जाने की परियोजना और स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के विकास में प्रगति दर्ज कराने में सफल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरिक्ष विज्ञान तथा परमाणु ऊर्जा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को देखते हुए यह आबंटन जरूर बढ़ाया जाना चाहिए। इससे ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में भारत का कद और ऊंचा होगा। ऐसा नहीं है कि हमारे देश में वैज्ञानिक प्रतिभाओं की कमी है । देश के बेहतर भविष्य की खातिर हमें कुछ लक्ष्य भी निर्धारित करने होंगे। अभी भी मानव, स्वास्थ्य, कृषि, स्वच्छ ऊर्जा व जल संबंधी चुनौतियों से निपटना काफी हद तक शेष है। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विज्ञान क्षेत्र की उन्नति के लिए जो आश्वासन दे रहे हैं यदि वे वास्तव में इसकी बेहतरी के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं तो निश्चय ही आने वाले दिनों में देश में विज्ञान की स्थिति सुधरेगी और भारत वैज्ञानिक उपलब्धियों के शिखर पर विराजमान होगा और तभी सार्थक होगा जय विज्ञान और जय अनुसंधान का नारा।</p>
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                <pubDate>Fri, 04 Jan 2019 10:32:06 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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