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                <title>John Bolton - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>John Bolton RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वेनेजुएला पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए जायेंगे: बोल्टन</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन (एजेंसी) अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने गुरुवार को कहा कि वेनेजुएला पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए जायेंगे। बोल्टन ने टि्वटर पर अपने एक वक्तव्य में कहा, “ जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जब तक मादुरो का अत्याचार समाप्त नहीं हो जाता, मादुरो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन (एजेंसी)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने गुरुवार को कहा कि वेनेजुएला पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए जायेंगे। बोल्टन ने टि्वटर पर अपने एक वक्तव्य में कहा, “ जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि जब तक मादुरो का अत्याचार समाप्त नहीं हो जाता, मादुरो और उनके साथियों को आर्थिक रूप से अलग-थलग किया जायेगा। वेनेजुएला पर अभी और कड़े प्रतिबंध लगाये जाने बाकी हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि वेनेजुएला में मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ हो रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिका ने उस पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाने के अलावा कहा है कि वह सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष एवं विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो ने 23 जनवरी को इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के साथ ही स्वयं को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के अलावा अब तक कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पनामा, पैराग्वे और पेरू समेत 54 देशों ने विपक्ष के नेता जुआन गुआइदो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि वेनेजुएला में हजारों लोग मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व गुआइदो कर रहे हैं। जनवरी की शुरुआत में मादुरो ने राष्ट्रपति के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली थी। हाल में संपन्न हुए चुनावों में उन पर गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मादुरो के नेतृत्व में कई वर्षों से वेनेजुएला गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। बढ़ती कीमतों के अलावा खाने-पीने और दवाईयों की कमी के कारण लाखों लोगों ने वेनेजुएला से पलायन भी किया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक वेनेजुएला के 27 लाख लोगों ने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों में शरण ली हुई है।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/fatafat-news/the-most-stringent-restrictions-will-be-imposed-on-venezuela-so-far-bolton/article-8158</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2019 09:01:00 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>बोल्टन ने ट्रम्प-किम शिखर सम्मेलन का बचाव किया</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन 04 मार्च (एजेंसी) अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने रविवार को कहा कि अमेरिका और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के शीर्ष नेताओं के बीच संपन्न बैठक ‘विफल शिखर सम्मेलन’ नहीं है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ”मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि यह एक असफल शिखर सम्मेलन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन 04 मार्च (एजेंसी)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने रविवार को कहा कि अमेरिका और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के शीर्ष नेताओं के बीच संपन्न बैठक ‘विफल शिखर सम्मेलन’ नहीं है। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ”मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि यह एक असफल शिखर सम्मेलन था।” बोल्टन ने सीबीसी के ‘फेस द नेशन’ कार्यक्रम के दौरान दिये गये एक अलग साक्षात्कार में भी ऐसा ही बयान दिया। उन्होंने कहा, ”मैं शिखर सम्मेलन को विफल नहीं मानता। मैं इसे एक सफलता मानता हूं जैसा कि राष्ट्रपति ने इसे अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और आगे बढ़ाने वाले के रूप में परिभाषित किया है। ”</p>
<p style="text-align:justify;">इस बैठक के लिए व्यापक तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा, ”राष्ट्रपति और किम के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुई। मैं इसे विफलता के रूप में नहीं देखता हूं जब अमेरिका के नागरिकों के हितों की रक्षा की जाती है।” उन्होंने हालांकि कहा कि उत्तर कोरिया पर अमेरिका का ‘अधिकतम दबाव का कार्यक्रम’ जारी रहेगा, जिससे उन्हें पहले पहले शिखर सम्मेलन के लिए तैयार किया। गौरतलब है कि दोनों नेता वियतनाम की राजधानी हनोई में हाल में आयोजित दूसरे शिखर सम्मेलन में किसी भी ठोस समझौते पर नहीं पहुंचे हालांकि श्री ट्रम्प ने वार्ता में प्रगति की प्रशंसा की और कहा कि विशेषज्ञों के स्तर पर वार्ता जारी रहेगी।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Mar 2019 09:09:00 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी सहमति के बिना सीरिया में सैन्य कार्रवाई नहीं करे तुर्की: बोल्टन</title>
                                    <description><![CDATA[मास्को 07 जनवरी (Agency) अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने रविवार को कहा कि तुर्की को अमेरिका के साथ समझौते के बिना सीरिया में किसी भी प्रकार का सैन्य अभियान नहीं चलाना चाहिए। एनबीसी न्यूज के मुताबिक श्री बोल्टन ने पत्रकारों से कहा, “ हमें नहीं लगता कि तुर्की को ऐसी कोई भी सैन्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>मास्को 07 जनवरी (Agency) </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने रविवार को कहा कि तुर्की को अमेरिका के साथ समझौते के बिना सीरिया में किसी भी प्रकार का सैन्य अभियान नहीं चलाना चाहिए। एनबीसी न्यूज के मुताबिक श्री बोल्टन ने पत्रकारों से कहा, “ हमें नहीं लगता कि तुर्की को ऐसी कोई भी सैन्य कार्रवाई करनी चाहिए जो कि अमेरिका द्वारा पूरी तरह से समन्वित और समर्थित न हो। ताकि वे कम से कम हमारे सैनिकों को खतरे में न डालें।”</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि जब तक तुर्की इस बात का आश्वासन नहीं देता कि वो सीरियाई कुर्दिश सैनिकों पर हमला नहीं करेगा तब तक सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी नहीं होगी। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की वापसी को लेकर कुछ शर्तें रखीं हैं जिनमें से यह एक है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी लड़ाई में जीत का दावा करते हुए अमेरिकी सैनिकों की वापसी की घोषणा की है। दरअसल, ट्रम्प के इस फैसले पर इजरायल समेत कई देशों ने चिंता जताई है। गौरतलब है कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी लड़ाई में वर्ष 2015 से ही दो हजार से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p> </p>
<p> </p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jan 2019 09:17:10 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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