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                <title>Rajasthan is deprived of its share of water: Gehlot - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>हरियाणा सरकार द्वारा सहमति नहीं देने से राजस्थान अपने हिस्से के पानी से वंचित : गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[लोग सिंचाई सुविधा एवं पेयजल से वंचित हो रहे है नई दिल्ली/जयपुर (एजेंसी)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतर्राज्यीय जल समझौते के तहत ताजेवाला हैड से राजस्थान को आवंटित यमुना जल राजस्थान को दिलाने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। गहलोत ने नई दिल्ली में रेणुकाजी बांध बहुउददेश्यीय परियोजना के लिए छह राज्यों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h3>लोग सिंचाई सुविधा एवं पेयजल से वंचित हो रहे है</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/जयपुर (एजेंसी)।</strong> राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतर्राज्यीय जल समझौते के तहत ताजेवाला हैड से राजस्थान को आवंटित यमुना जल राजस्थान को दिलाने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। गहलोत ने नई दिल्ली में रेणुकाजी बांध बहुउददेश्यीय परियोजना के लिए छह राज्यों के मध्य हुए अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित समारोह में यह अनुरोध करते हुए कहा कि ताजेवाला हैड से राजस्थान को आवंटित यमुना जल के सम्बंध में हरियाणा सरकार द्वारा अब तक सहमति नहीं देने से राजस्थान पिछले चौबीस वर्षों से अपने हिस्से के पानी से वंचित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस कारण प्रदेश के चुरू, झुन्झुनूं एवं सीकर जिले के लोग सिंचाई सुविधा एवं पेयजल से वंचित हो रहे है। इसी प्रकार ओखला हेड से भी राज्य के भरतपुर जिले को अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">राजस्थान को उपलब्ध पानी का लगभग 40% पानी ही प्राप्त हुआ</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ताजेवाला हैड पर आवंटित जल को राजस्थान ले जाने के लिए वर्ष 1994 में पांच राज्यों के मध्य हुए एमओयू के तहत वर्ष 2003 से हरियाणा सरकार से एमओयू पर हस्ताक्षर के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है, इसमें समय लगने से परियोजना की लागत में अत्यधिक वृद्धि हुई हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार को एमओयू पर शीघ्र सहमत कराये जाने के लिए निर्देश प्रदान किये जाने का आग्रह भी किया जिससे राजस्थान को उसके हिस्से का जल प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि गत 17 वर्षो के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान को उपलब्ध पानी का लगभग 40% पानी ही प्राप्त हुआ हैं। जिसका मुख्य कारण सही मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जाना एवं पानी का अवैध दोहन किया जाना है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jan 2019 16:33:02 +0530</pubDate>
                
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