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                <title>Baba Ram Rahim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Baba Ram Rahim RSS Feed</description>
                
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                <title>राम-नाम ही आत्मबल देने वाली ताकत: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-ram-is-the-power-that-gives-self-confidence/article-84098"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/msg-2-2-696x392.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा है। उसको भूलने से इन्सान के अंदर गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियां बढ़ती जाती हैं और इन्सान आत्मिक कमजोरी की वजह से हमेशा दु:खी व परेशान रहने लगता है। जिनके अंदर आत्मिक कमजोरी होती है, कोई भी बात उन्हें सहन नहीं हो पाती। बात-बात पे तुनक मिजाज, बात-बात पे गुस्सा करना आम बात हो जाती है। एक राम-नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका जाप करने से इन्सान के अंदर आत्मबल आता है, जिसके द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम में भी परेशान नहीं होता।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान के अंदर जब आत्मिक कमजोरी आ जाती है, तो लोग बेवजह ही उलझे रहते हैं, बिना वजह लड़ते रहते हैं। आप जी फरमाते हैं कि आत्मबल, रूहानी शक्ति पाने के लिए सत्संग ही एक ऐसी जगह है, जहां एक अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब का नाम लिया जाता हो, एक मालिक की चर्चा होती हो, इन्सान वहां आकर बैठे, तो उसे पता चलता है कि सब कुछ उसके अंदर है, फिर भी वो कंगाल है।</p>
<p style="text-align:justify;">जो ब्रह्मांड में है, वो इन्सान के शरीर में है, जो राम का नाम जपता है, वही सब कुछ हासिल कर सकता है। उसे ही सब कुछ मिलता है, वरना जैसे लोग आते हैं, वैसे ही वापिस चले जाते हैं।  खाली हाथ आए, खाली हाथ लौट जाते हैं, लेकिन जो लोग सत्संग सुनते हैं, राम-नाम का जाप करते हैं, भक्ति करते हैं, वो ही उस परमात्मा की खुशियां हासिल करते हैं और वो मालिक के रहमो-कर्म को हासिल करके तमाम खुशियां पाकर इस कलियुग, मृतलोक में भी परमानन्द की प्राप्ति कर लिया करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/the-name-of-ram-is-the-power-that-gives-self-confidence/article-84098</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 17:17:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सच्चाई की जीत, पूज्य गुरु जी छत्रपति हत्याकांड मामले में बरी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कल शनिवार को सीबीआई विशेष अदालत पंचकुला के फैसले को पलटते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को सरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में बरी कर दिया है। पूज्य गुरु जी के खिलाफ सारे आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं। डेरा सच्चा सौदा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/truth-wins-revered-guruji-acquitted-in-chhatrapati-shivaji-maharaj-murder-case/article-82045"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/ram-rahim-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कल शनिवार को सीबीआई विशेष अदालत पंचकुला के फैसले को पलटते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को सरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में बरी कर दिया है। पूज्य गुरु जी के खिलाफ सारे आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं। डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता एडवोकेट जितेन्द्र खुराना इन्सां ने कहा कि पूज्य गुरु जी का इन केसों से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है, जिसे माननीय हाई कोर्ट ने भी माना है इसलिए हाईकोर्ट ने पूज्य गुरु जी को बरी किया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है।साथ ही कहा की माननीय न्यायालय पर गुरु जी को पूर्णतः विश्वास था, विश्वास है और रहेगा ।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:15:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बच्चों की टीवी या मोबाइल देख कर खाना खाने की आदत को कैसे छुड़ाएं</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जैसे आप हर रोज राम नाम की चर्चा सुनते हैं आज वो ही चर्चा करेंगे। लेकिन आज हमारे पास बहुत सारे बच्चे आए हुए हैं जो बात करना चाहते हैं। अपनी समस्या बताने चाहते हैं। उनकी बाते सुनेगे और उस परम पिता परमात्मा ने जैसा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/how-to-get-rid-of-the-habit-of-eating-food-by-watching-tv-or-mobile-of-children-ram-rahim/article-79527"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/baba-ram-rahim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जैसे आप हर रोज राम नाम की चर्चा सुनते हैं आज वो ही चर्चा करेंगे। लेकिन आज हमारे पास बहुत सारे बच्चे आए हुए हैं जो बात करना चाहते हैं। अपनी समस्या बताने चाहते हैं। उनकी बाते सुनेगे और उस परम पिता परमात्मा ने जैसा ख्याल दिया आपकी सेवा में अर्ज करेंगे।<br />
<strong>सवाल:</strong> पेरेंटस के विचार अलग-अलग होते हैं पापा कहते हैं लेट उठना चाहिए, मां कहती है जल्दी उठना चाहिए। मेरे को दोनो ही गलत लगते हैं पिता जी इस पर बताओ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि इस पर हम ये ही कहना चाहते हैं कि 6 घंटे आप नींद पूरी कर लो और हो सके तो जल्दी पढ़ने वाले बच्चे को जल्दी सोना चाहिए। 6 से 8 घंटे काफी है आप नींद ले ले और उसके बाद उठना चाहिए। बाकी बहुत लेट सोते हैं वो लेट उठते हैं और जल्दी सोते हैं जल्दी जाग जाते हैं। कम से कम 6-8 घंटे नींद लेना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> गुरु जी मैं इटली से हूं। हम बच्चे को लेकर एक problem फेस कर रहे हैं। बच्चा जब स्कूल से आता है या छूट्टी वाले दिन इसको जब खाने के लिए बुलाते हैं तो यह किचन में नहीं आता। इसको बैड या सोफे पर ही खाना चाहिए और लेट के खाता है उसको ये पता नहीं चलता कि मैं कितना खा गया। इसके बारे में गुुरु जी बताओ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जवाब:</strong> पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि अगर बच्चा लेट के ही खाता है और आप सोचते हैं कि उसको टीवी देखते हुए या टैब देखते हुए खाता है तो ये आपने शुरूआत से ही इस आदत को रोकना चाहिए था ये जरूरी है कि आप इस आदत को रोक देते क्योंकि जब बच्चा बड़ा होता है तो अभी भी आप ये कोशिश करे ये आदत हटाए। क्योंकि वो खाता है तो उसका टेस्ट का पता चलता है। ना ही वो उस तरह बॉडी में स्वाद की तरह जाता है। तो काफी परेशानी भी आ सकती है सेहत की वजह से तो कोशिश करें प्यार से, मोहब्बत से एक साथ बैठा के उस टाइम आप इसका टीवी बंद करवाके ही खाना खिलवाये।</p>
<h3>आइयें सुनते हैं पूज्य गुरु जी के वचन</h3>
<p><iframe title="How to Overcome the Generation Gap Between Parents and Children? Parenting Tips by Saint Dr. MSG" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/HH67wjeyDwE?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 12:07:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन मुस्कुराहट&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Dera Sacha Sauda: आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/mission-muskurahat/article-74659"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/dera-sacha-sauda-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Dera Sacha Sauda: आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना ही होता तो बच्चे उनको वृद्ध आश्रम में क्यों छोड़कर आते ? यहां भी फरिश्ते ही पहुंचते हैं। कोई बाईक से उतरता है, तो कोई कार से। हाथ में फल-फ्रूट और खाने-पीने की अन्य सामग्री लिए ये फरिश्ते अनजान बुजुर्गों के पास इस तरह जाते हैं जैसे वे अपने माता पिता के पास ही आए हों। ये फरिश्ते खाने पीने का सामान छोड़ने नही आते, बल्कि अपनत्व की भावना व सत्कार लेकर पहुंचते हैं और उनसे बातें करते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं। इन फरिश्तों से बात कर बुजुर्गों की तन्हाई पंख लगाकर उड़ जाती है। चेहरे पर मुस्कुराहट बिखरने लगती है। बातें कर बुजुर्गों को लगता है कि उनका असली परिवार पहुंच गया है। चेहरे से गम उड़ जाता है, खुशियां पक्का ठिकाना बना लेती हैं। इन फरिश्तों को पूज्य गुरु जी ने अपने मिशन मुस्कुराहट पर भेजा होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अअतीत की स्वर्णिम जीवनशैली से कटकर आधुनिक युग की तनावपूर्ण जिदगी में लोग ठहाके लगाकर हँसना तो दूर, मुस्कुराना भी भूल गए हैं। ऐसे माहौल में उदास चेहरों के लिए हँसी एक तोहफा या भगवान की अनमोल देन होती है। पूज्य गुरु जी साध-संगत को आत्मज्ञान देने के साथ-साथ, किसी-न-किसी रूप में हँसाकर, जीवन में हँसी की आवश्यक खुराक पूरी करते हैं। Dera Sacha Sauda</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि अपने बच्चों (मानवता) को खुशियाँ देना और सभी को हँसता देखना ही हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य है। सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक पिता ही अपने बच्चों का सबसे बड़ा हितैषी होता है, जो उनकी उदासी पर चिंतित रहता है। पूज्य गुरु जी द्वारा मानवता को खुशी देने का दायरा अत्यंत विशाल है। रूहानियत का यह महान सत्य है कि पूर्ण सतगुरु जब हँसते हैं, तो रहमतों की बरसात होती है। लेकिन खुशियों की यह दौलत केवल साध-संगत तक सीमित नहीं है। पूज्य गुरु जी कैसे दुखी मानवता में खुशियाँ बाँटते हैं, इसकी कुछ मिसालें यहाँ प्रस्तुत हैं— आप जी का ध्यान समस्त सृष्टि पर है। आप जी उन चेहरों का भी ख्याल रखते हैं, जो अपने प्रियजनों से बिछुड़ने के कारण अत्यधिक दुखी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वह माँ, जिसका लाडला 5-10 वर्षों से घर नहीं लौटा, उसे रोटी भी अच्छी नहीं लगती। उसका बेटा भूखा प्यासा किस हाल में होगा, यही सोचकर रोटी की कोर गले में अटक जाती है। पिता कुछ कहता नहीं, लेकिन अंदर से टूट जाता है। पूज्य गुरु जी के प्रयासों से ऐसे परिवारों में फिर से मुस्कान लौटती है, जब डेरा सच्चा सौदा के सेवादार सैकड़ों किलोमीटर दूर से बिछड़े व्यक्ति को उसके घर पहुँचा देते हैं। अपने जिगर के टुकड़े को गले लगाकर माँ-बाप की आंखों में खुशी के आँसू आते हैं और वहीं से मुस्कान व हँसी का सिलसिला शुरू हो जाता है। संगरूर, संगरिया, केसरी सिंहपुर, मलोट सहित अनेक ब्लॉकों के डेरा श्रद्धालु पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से खुशियाँ बाँटने की इन्सानियत मुहिम में सेवा का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं। सेवादार सैकड़ों गुमशुदा व्यक्तियों की देखभाल करते हैं, इलाज करवाते हैं, नहलाते हैं, कपड़े देते हैं, भोजन-पानी उपलब्ध कराते हैं—यह दृश्य तो जैसे सतयुग का प्रतीक है।</p>
<p style="text-align:justify;">भोजन के बिना कौन खुश रह सकता है? फिर यदि कोई बुजुर्ग, अकेला रह रहा हो या अपंग हो, तो सेवादार जब घर-घर जाकर महीने भर का राशन देते हैं, तो चेहरे पर खुशी आना तय है। दूसरों की खुशी में अपनी खुशी—यही है पूज्य गुरु जी का खुशियाँ बाँटने का मिशन। अन्न से भरे भंडार में यदि कोई भूखा सो जाए, तो यह मानवता के विरुद्ध है। इसी तरह जब मौत के मुँह में पड़ा मरीज रक्त के अभाव में निराश हो जाता है तो चेहरे से रंग उड़ जाते हैं। ऐसे समय में कोई डेरा श्रद्धालु दौड़कर रक्तदान करता है तो किसी की जान बचाने का सुकून पाकर स्वयं सेवादार भी प्रसन्न हो उठता है, और मरीज व उसके परिवार में खुशियों की बहार छा जाती है। सड़क पर आम देखा जाता है कि हादसे में तड़प रहे घायल मौत के डर से और भी व्याकुल हो जाते हैं, जब लोग उनके पास से तेज रफ़्तार में गुजर जाते हैं और कोई मदद नहीं करता।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में फरिश्ते आते हैं, पर वे आसमान से नहीं उतरते, बल्कि आम इंसानों की भीड़ से ही निकलते हैं और बिना देर किए घायल को उठाकर अस्पताल पहुँचा देते हैं। समय पर इलाज मिलने से घायल जीवन की जंग जीत जाते हैं और उनके परिवार के चेहरों पर अनुपम खुशी के भाव साफ नज़र आते हैं। आईए समाज के एक और कोने में चलते हैं, जहां कुछ लोग अपने बेटे, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियों से भरा परिवार होने के बावजूद घर में भी अकेलेपन व तिरस्कार का संताप झेलते हैं और फिर बच्चे उन्हीं माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आते हैं फिर उनको मिलने तक नहीं जाते!, अगर मिलना ही होता तो बच्चे उनको वृद्ध आश्रम में क्यों छोड़कर आते ? यहां भी फरिश्ते ही पहुंचते हैं। कोई बाईक से उतरता है, तो कोई कार से। हाथ में फल-फ्रूट और खाने-पीने की अन्य सामग्री लिए ये फरिश्ते अनजान बुजुर्गों के पास इस तरह जाते हैं जैसे वे अपने माता पिता के पास ही आए हों। Dera Sacha Sauda</p>
<p style="text-align:justify;">ये फरिश्ते खाने पीने का सामान छोड़ने नही आते, बल्कि अपनत्व की भावना व सत्कार लेकर पहुंचते हैं और उनसे बातें करते हैं, उनके साथ समय बिताते हैं। इन फरिश्तों से बात कर बुजुर्गों की तन्हाई पंख लगाकर उड़ जाती है। चेहरे पर मुस्कुराहट बिखरने लगती है। बातें कर बुजुर्गों को लगता है कि उनका असली परिवार पहुंच गया है। चेहरे से गम उड़ जाता है, खुशियां पक्का ठिकाना बना लेती हैं।<br />
इन फरिश्तों को पूज्य गुरु जी ने अपने मिशन मुस्कुराहट पर भेजा होता है। <strong>-संपादक</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Saint MSG: आया दिन खुशियों भरा" href="http://10.0.0.122:1245/aaya-din-khushiyon-bhara/">Saint MSG: आया दिन खुशियों भरा</a></p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 10:15:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Saint Dr. MSG: युवाओं के सच्चे पथ प्रदर्शक हैं सेंट डॉ. एमएसजी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/spiritual-news/special-on-international-youth-day/article-74547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/international-youth-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने। पूज्य गुरु (Saint Dr. MSG) जी की डेफ्थ मुहिम से प्रेरित होकर जहां करोड़ों युवाओं ने नशों से तौबा की, वहीं ये युवा बुराइयों से दूर रहकर एक स्वस्थ समाज की संरचना में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूज्य गुरुजी के ही मार्गदर्शन का कमाल है कि उनके एक आह्वान पर सैकड़ों, हजारों नहीं बल्कि लाखों युवा एक साथ उठ खड़े होते हैं कभी नशों के खिलाफ तो कभी महानगरों को साफ करने के लिए चलाए गए ‘हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप’ सफाई महाअभियानों में शामिल होने तो कभी पौधारोपण अभियान के लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">‘अंतर्राष्टÑीय युवा दिवस’ के अवसर पर अगर हम एक ऐसी हस्ती का चयन करें जो वास्तविक अर्थों में यूथ आइकॉन हो तो वो हैं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)। पूज्य गुरुजी कभी संत के रूप में तो कभी पापा कोच के रूप में, कभी रॉक स्टॉर व फिल्म अभिनेता बनकर तो कभी रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान जैसी अद्भूत मुहिम चलाकर समाज को बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पूज्य गुरुजी के गीत-संगीत पर आधारित म्यूजिकल नाइट्स प्रोगाम ‘रूहानी रूबरू नाइट्स’ में उमड़ने वाला युवाओं का जनसमूह बदलते हुए समाज में आ रहे क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी रहा है। जहां युवा नशे व बुराइयों के लिए नहीं बल्कि राम-नाम, अध्यात्म और अपने सतगुरु के लिए रात-रात भर संगीत की धुनों पर थिरकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये पूज्य गुरुजी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी 7 करोड़ साध-संगत में अधिकत्तर युवा हैं, जो उनके वचनों की अक्षरश: पालना करते हैं। पूज्य गुरुजी के आह्वान पर युवा जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगाकर वर्ल्ड रिकार्ड बना देते हैं तो कभी समाज में तिरस्कृत दृष्टि से देखी जाने वाली वेश्याओं को भी अपने जीवनसाथी के रूप में बेहिचक अपनाने के लिए आगे आते हैं। पूज्य गुरुजी के एक आह्वान पर एक साथ हजारों युवा जीते जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का प्रण लेते हैं तो नशे की दलदल में फंसे युवा बुराई छोड़कर अध्यात्म पथ पर बढ़ते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण में जुटे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वकला संपन्न पूज्य गुरुजी का पावन सानिध्य पाकर डेरा सच्चा सौदा से जुड़े करोड़ों युवा संयमित और आदर्श जीवन यापन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। रिश्तों के प्रति ईमानदारी, बड़े बुजुर्गों का मान-सम्मान, पुरातन संस्कार व अध्यात्म से जुड़ाव और सदैव दूसरे के भले की कामना करना इन युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग है। पूज्य गुरुजी के वचनों की पालना करते हुए युवा मानवता भलाई के 168 कार्यों में लगे हुए हैं। ये युवा विदेश में रहकर भी मानवता भलाई के कार्य कर रहे हैं, युवाओं के इस विलक्षण सेवा भाव को देखकर पाश्चत्य जगत के लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं। अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और यूएई सहित कितने ही देशों में सफाई अभियान, रक्तदान और जरूरतमंदों की मदद सहित मानवीय कार्यों के लिए वहां के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के नाम अनेकों प्रशंसा पत्र दिए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Punjab Weather: हरियाणा सहित पंजाब में लौटेगी बारिश की रफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/the-pace-of-rain-will-return-in-punjab-and-haryana/">Haryana Punjab Weather: हरियाणा सहित पंजाब में लौटेगी बारिश की रफ्तार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 14:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>इन्सान को सर्वश्रेष्ठ क्यों कहा गया, जानिये पूज्य गुरु जी के वचन</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस संसार में आदमी सुबह से लेकर रात तक, रात से लेकर सुबह तक अपने हिसाब से अच्छे कामों, सुख-शांति के लिए समय लगाता है। कोई भी यह सोचकर समय नहीं लगाता कि आने वाले समय में वह दुखी, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/why-is-man-considered-the-best-know-the-words-of-pujya-guru-ji/article-68626"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/baba-ram-rahim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस संसार में आदमी सुबह से लेकर रात तक, रात से लेकर सुबह तक अपने हिसाब से अच्छे कामों, सुख-शांति के लिए समय लगाता है। कोई भी यह सोचकर समय नहीं लगाता कि आने वाले समय में वह दुखी, परेशान होगा, लेकिन फिर भी इन्सान जाने-अनजाने में ऐसा कर लेता है कि आने वाले समय में उसे दु:ख-दर्द, परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परन्तु आपको मनुष्य जन्म मिला है और इस जन्म में आपको भक्ति करने का तरीका भी मिला है। भक्ति करने के लिए हर समय बेशकीमती है। भक्ति करने वाले समय में भी आपको सुख मिले और आने वाले समय में भी अच्छा हो जाए, इसके लिए संत जीवों को सत्संग में समझाते हैं और सत्संग में संत अल्लाह, वाहेगुरु, राम की चर्चा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संतों का किसी से कोई भी वैर-विरोध नहीं होता। आपका मन चाहे यह बात न माने, यह अलग बात है, क्योंकि मन बड़ा ही जालिम है। इसका काम ही इन्सान को गुमराह करना होता है। पर संत कभी किसी के लिए बुरा सोच ही नहीं सकते बल्कि वो सभी के लिए भला मांगते हैं और मालिक से अच्छे की दुआ करते हैं। फिर जो जीव सुनकर मान लेते हैं, उनका भला अवश्य होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि काम-वासना, मन-माया में तो सारी जूनियां ही बंधी हुई हैं, लेकिन इन्सान ने ऐसा क्या किया है कि उसे सर्वश्रेष्ठ कहा गया है? कई मामले में तो इन्सान पशुओं से भी ज्यादा गिर गया है। पशुओं का एक समय होता है जब वो विषय-विकार में पड़ते हैं लेकिन आज के इन्सान के लिए तो कोई समय नहीं है। इन्सान ने मालिक की दया-मेहर, रहमत को हासिल करना था, परन्तु आज का इन्सान यह बात भूल चुका है। इन्सान बाल-बच्चे, घर-परिवार बनाता है। फिर यह संसार छोड़ता है और दूसरे में चला जाता है। आप घर के मुखिया तब तक हैं जब तक उस मालिक को यह मंजूर है। जब बुलावा आएगा, तो आप चले जाएंगे और अपने-आप आपकी औलाद घर का मुखिया बन जाएगी और कुछ समय बाद आपको भुला दिया जाएगा। इसलिए आप कोई ऐसा काम करके जाएं, जिससे लोग यह सोचें कि धन्य है वो मां-बाप, जिन्होंने ऐसी औलाद को जन्म दिया। यह तभी संभव है अगर प्रभु का नाम लिया जाए, मालिक की भक्ति की जाए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 12:01:31 +0530</pubDate>
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                <title>‘हरिरस से होती है आत्मा बलवान’</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जबाव सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/hariras-makes-the-soul-strong/article-63936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/saint-dr.-msg-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जबाव सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाया करते हैं। इन्सान जब सत्संग में मालिक का नाम लेता है और नाम लेकर उसका सुमिरन करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">तो उसके अंदर का हरिरस आत्मा को मिलना शुरू होता है और जैसे जैसे हरिरस का पान करना आत्मा शुरू करती है तो वह बलवान होना शुरू हो जाती है। जैसे जरा सा भी आत्मा को हरिरस मिलना शुरू होता है तो आत्मा मन को दबाना शुरू कर देती है। ज्यों-ज्यों आत्मा की शक्ति बढ़ती जाती है त्यों-त्यों सतगुरु के पे्रम में इन्सान आगे बढ़ता है। और मालिक की खुशियों का हकदार बनता चला जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि आत्मा की आवाज को सुनो आत्मबल पैदा करो, ताकि उस परमात्मा की खुशियों के लायक बन सको, उसकी तमाम बरकतों को हासिल कर सको। यह तभी संभव है यदि आप सुमिरन करो, सेवा करो, सत्संग सुन कर अमल करो। जब तक इन्सान सत्संग सुन कर अमल नहीं करता वह शातिर रहता है, उसका मन शातिराना चालें चलता रहता है। सत्संग सुना और अमल कर लिया तो मन की सारी चालें नाकाम हो जाती हैं। इसलिए आत्मा की आवाज सुन कर अमल करो, संत पीर-फकीर आत्मबल बढ़ाने का तरीका, गुरूमंत्र जीव को बताते हैं। जो सुन कर अमल कर लिया करते हैं उन्हें अंदर बाहर किसी चीज की कोई कमी नहीं रहा करती। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:–  </strong><a title="बरनाला, बठिंडा व रामां की साध-संगत ने इस तरह मनाया दिवाली का त्यौहार" href="http://10.0.0.122:1245/dera-devotees-of-barnala-bathinda-and-pakka-kalan-distributed-sweets-and-ration-to-the-needy-families/">बरनाला, बठिंडा व रामां की साध-संगत ने इस तरह मनाया दिवाली का त्यौहार</a></p>
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                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/inspiration/hariras-makes-the-soul-strong/article-63936</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Nov 2024 16:46:21 +0530</pubDate>
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                <title>मालिक को पाने की राह पर दृढ़ता से चलना बेमिसाल: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Anmol Vachan: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का प्यार, उसकी मोहब्बत जिनके नसीब में आती है, वे बहुत भाग्यशाली हैं। मालिक की उन पर बहुत रहमत होती है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में झूठ-फरेब, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/words-of-respected-guru-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-insan-ji/article-56571"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/msg-6-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Anmol Vachan: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का प्यार, उसकी मोहब्बत जिनके नसीब में आती है, वे बहुत भाग्यशाली हैं। मालिक की उन पर बहुत रहमत होती है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इस घोर कलियुग में झूठ-फरेब, ठगी-बेइमानी चलता रहता है। भाग्यशाली वे हैं, जो मालिक के सच्चे प्यार के आशिक हैं। मालिक भी उन्हें भाग्यशाली बना देता है, जो उससे सच्चा प्यार करते हैं। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि परमपिता परमात्मा के रास्ते पर चलना इस कलियुग में बेमिसाल है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि इन्सान फिजूल की बातों में ही उलझा रहता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक को पाने की राह में बहुत सारी अड़चनें आती हैं। रोकने-टोकने वाले मिलते हैं। इसके बावजूद जिनके बहुत अच्छे भाग्य होते हैं, वे इन्सान ही मालिक की राह पर चला करते हैं और खुशियों से लबरेज होते चले जाते हैं। आपजी ने फरमाया कि मालिक की राह पर चलने वाले किसी की परवाह नहीं करते। कोई क्या बोलता है, कोई क्या कहता है, इससे उन्हें कुछ लेना-देना नहीं होता। मालिक के प्यारों का तो एक ही उसूल होता है कि हमने परमपिता परमात्मा को पाने के लिए दृढ़ता से आगे बढ़ना है। फिर ऐसे इन्सान को भगवान, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड भी अन्दर-बाहर से कोई कमी नहीं छोड़ते और मालामाल कर देते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Summer special Laddu: गर्मियों में ठंडाई का काम करेगा ये खास लड्डू, हर रोज खाएं, कमजोरी एवं थकान दूर भगाएं" href="http://10.0.0.122:1245/summer-special-laddu/">Summer special Laddu: गर्मियों में ठंडाई का काम करेगा ये खास लड्डू, हर रोज खाएं, कमजोरी एवं थकान दूर भगाएं</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/words-of-respected-guru-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-insan-ji/article-56571</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Apr 2024 16:11:58 +0530</pubDate>
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                <title>MSG भंडारे पर पूज्य गुरु जी के वचन</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। MSG Bhandara: पूज्य गुरु जी ने अपने साढ़े 6 करोड़ परिवार को संबोधित करते हुए डेरा सच्चा सौदा की स्थापना संबंधी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। आप जी ने फरमाया कि गांव कोटड़ा (बिलोचिस्तान) में अति पूजनीय पिता श्री पिल्ला मल जी व पूजनीय माता तुलसां बाई जी के घर बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/respected-guru-ji-vachan-on-msg-bhandare/article-55379"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/saint-dr.-msg3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा। </strong>MSG Bhandara: पूज्य गुरु जी ने अपने साढ़े 6 करोड़ परिवार को संबोधित करते हुए डेरा सच्चा सौदा की स्थापना संबंधी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। आप जी ने फरमाया कि गांव कोटड़ा (बिलोचिस्तान) में अति पूजनीय पिता श्री पिल्ला मल जी व पूजनीय माता तुलसां बाई जी के घर बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने अवतार धारण किया। सार्इं जी बचपन से ही धार्मिक खयालों के थे, क्योंकि जब बाल्यवस्था में उनको पूजनीय माता तुलसां बाई जी ने बर्फी देकर बेचने के लिए भेजा तो आप जी ने रास्ते में मिले साधुओं को वह बर्फी खिला दी और बर्फी के पैसे घर ले जाने के लिए किसी किसान के खेत में शाम तक काम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सार्इं जी ज्ञान की तलाश में निकले तो कई रिद्धि-सिद्धि वाले मिले, लेकिन सार्इं जी ने कहा कि हमें तो अंदर वाला राम ही चाहिए। इस दौरान वह ब्यास पहुंंचे, जहां बेपरवाह जी ने सार्इं सावण शाह जी से सच्चा ज्ञान प्राप्त किया। आप जी पैरों में घुंघरू बांधकर सार्इं सावण शाह जी के सामने खूब नाचते और सार्इं सावण शाह जी आप जी को मस्ताना कहकर नवाजते। आप जी को नाचते देखकर कुछ और लोग भी उन्हीं की तरह ही नाचने लगते, तो सावण शाह जी फरमाते कि ‘मस्ताना तो एक ही है, बाकी तो सब नकली बने घूम रहे हैं।’ बेपरवाह जी, सार्इं सावण शाह जी को अपने मक्खण मलाई, मेरे शहनशाह इत्यादि कहकर पुकारते।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों ने वहां आपत्ति जताई तो सार्इं सावण शाह जी ने शाह मस्ताना जी महाराज को फरमाया, ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ बोल दिया करो। फिर सार्इं सावण शाह जी ने शाह मस्ताना जी को कहा कि आप बागड़ में जाओ (सरसा क्षेत्र को पहले बागड़ कहा जाता था) व लोगों को राम नाम से जोड़ो। इस बात पर बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने अर्ज की कि सार्ईं जी बागड़ के क्षेत्र के लोगों को मेरी भाषा समझ में नहीं आएगी तो सांई सावण शाह जी ने पावन वचन फरमाए, ‘आपकी आवाज खुदा की आवाज होगी, लोग सुनकर मस्त हो जाया करेंगे।’ बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने फिर अर्ज की कि सार्इं जी, जिसे भी नाम दें, उसका एक पैर यहां और दूसरा पैर सचखंड में हो। बेपरवाह जी ने यह मांग भी सार्इं जी से मंजूर करवा ली। शाह मस्ताना जी ने यह वचन भी मंजूर करवाए कि अगर किसी प्रेमी ने किसी मुश्किल घड़ी में ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ का नारा लगाया तो उसके भयानक कर्म कट जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">सार्इं सावण शाह जी ने यह सभी मांगें मंजूर की व आप जी को बागड़ की तरफ भेज दिया। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जहां अब शाह मस्ताना जी धाम है, यहां जंगलात था। जंगल में सांप, बिच्छू निकलने लगे तो लोगों ने कहा कि सार्इं जी आप यहां कहां आ गए, यहां तो सांप, बिच्छू हैं। बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज ने फरमाया कि पवित्र नारा ‘धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ लगा देना यह किसी को कुछ नहीं कहेंगे। उस दिन से आज तक डेरे में बड़े-बड़Þे कोबरे निकलने पर उसे मारा नहीं जाता, बल्कि उसे पकड़कर दूर जंगल में छोड़ दिया जाता है। आप जी ने फरमाया कि बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज द्वारा शुरु किए गए इस सच्चे सौदे की आज करोड़ों की संख्या में साध-संगत है, जो मानवता भलाई के कार्यों में दिन-रात जुटी हुुई है। यह शाह मस्तान, शाह सतनाम जी की दया मेहर से ही संभव हो रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Sirsa: भंडारे की रूहानी शाम का नजारा, लूट लो खुशियाँ… देखें वीडियो…" href="http://10.0.0.122:1245/msg-incarnation-day/">Sirsa: भंडारे की रूहानी शाम का नजारा, लूट लो खुशियाँ… देखें वीडियो…</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 20:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sirsa: भंडारे की रूहानी शाम का नजारा, लूट लो खुशियाँ&amp;#8230; देखें वीडियो&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। MSG Bhandara: डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज के 132वें पावन अवतार दिवस का पावन एमएसजी भंडारा सोमवार सायं शाह सतनाम-शाह मस्तान जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र, डेरा सच्चा सौदा और शाह मस्तान-शाह सतनाम जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र, डेरा सच्चा सौदा, सरसा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/msg-incarnation-day/article-55355"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/dera-sacha-sauda-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> MSG Bhandara: डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज के 132वें पावन अवतार दिवस का पावन एमएसजी भंडारा सोमवार सायं शाह सतनाम-शाह मस्तान जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र, डेरा सच्चा सौदा और शाह मस्तान-शाह सतनाम जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र, डेरा सच्चा सौदा, सरसा में धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। इस शुभ अवसर पर आश्रम की ओर आने वाले सभी मार्गों पर जहां तक नजर दौड़ रही थी साध-संगत का भारी जनसमूह ही नजर आ रहा था। सभी पंडाल साध-संगत से खचाखच भरे हुए थे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/know-when-the-slogan-dhan-dhan-satguru-tera-hi-asara-was-approved/">MSG Incarnation Day: जानिए ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ नारा कब हुआ मंजूर</a></p>
<p><iframe title="करोड़ों गुरु प्यारों ने जब एक साथ किया जमकर Dance | देखिए श्रृद्धा का अनूठा संगम |" width="422" height="750" src="https://www.youtube.com/embed/9NJQWFjI35E?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर दोनों आश्रमों को रंग-बिरंगी लड़ियों, झंडियों, झालरों और जगमग करते घी के दीयों से भव्य रूप में सजाया गया। वहीं आश्रम की ओर आने वाले मार्गों पर सुंदर स्वागती तोरणद्वार भी अद्भुत आभा बिखेर रहे थे। साध-संगत ने रंगोली से ‘एमएसजी’ लिखकर सुंदर आकृति बनाई गई, जो सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इसके अलावा महिलाओं ने हरियाणवीं, पंजाबी, राजस्थानी सहित विभिन्न प्रदेशों की पारंपरिक वेशभूषाओं में जागो निकाली और ढोल की थाप पर जमकर धमाल मचाया।</p>
<p><iframe title="SHORT VIDEO | करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए लंगर घर में ऐसे तैयार हो रहे शाही पकवान | Ground रिपोर्ट" width="422" height="750" src="https://www.youtube.com/embed/WeJKfilMQFM?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Nov 2023 12:15:36 +0530</pubDate>
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                <title>Dera Sacha Sauda से Live: पावन भंडारे पर शाह सतनाम शाह मस्तान जी धाम में रौनक़ें</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों श्रद्धालुओं को जिस पावन दिवस का बेसब्री से इंतजार रहता है वो दिन आ गया, यानि डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज का 132वां पावन अवतार दिवस। डेरा सच्चा सौदा का जर्रा-जर्रा जगमगाते हुए अद्भुत नज़ारा पेश कर रहा है। पावन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/enjoy-the-holy-bhandara-at-shah-satnam-shah-mastan-ji-dham/article-55328"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/dera-sacha-sauda.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों श्रद्धालुओं को जिस पावन दिवस का बेसब्री से इंतजार रहता है वो दिन आ गया, यानि डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज का 132वां पावन अवतार दिवस। डेरा सच्चा सौदा का जर्रा-जर्रा जगमगाते हुए अद्भुत नज़ारा पेश कर रहा है। पावन अवतार दिवस के इस शुभ भंडारे में शामिल होने के लिए डेरा सच्चा सौदा में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आना अनवरत जारी है। पावन भंडारे को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। पावन अवतार दिवस को लेकर आश्रमों को भव्य तरीके से सजाया गया है। रंग बिरंगे झंडे, बडेÞ-बडेÞ स्वागती द्वार, बधाई संदेश देते होर्डिंग्स तथा विद्युत चलित लड़ियों से शाह सतनाम शाह मस्तान जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र डेरा सच्चा सौदा, सरसा और शाह मस्तान, शाह सतनाम जी धाम व मानवता भलाई केन्द्र डेरा सच्चा सौदा को भव्य रूप से सजाया गया है। आइये देखते हैं लाइव नजारा….</p>
<p><iframe title="Sirsa Live 🔴 | पावन भंडारे से पहले तस्वीरों में देखिए शाह सतनाम जी धाम का दिलकश नजारा | Exclusive" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/MkbIi81LG5E?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                <pubDate>Mon, 27 Nov 2023 16:18:57 +0530</pubDate>
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                <title>पूज्य गुरु जी पधारे बरनावा आश्रम</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 21 दिन की फरलो मिलने के बाद मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा बागपत (उत्तर प्रदेश) पधारे। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर साध-संगत के बीच पहुंची तो करोड़ों डेरा सच्चा सौदा श्रद्धालुओं के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी और एक-दूसरे को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/respected-guru-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-visited-barnawa-ashram/article-55087"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/gurmeet-ram-rahim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 21 दिन की फरलो मिलने के बाद मंगलवार को डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा बागपत (उत्तर प्रदेश) पधारे। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर साध-संगत के बीच पहुंची तो करोड़ों डेरा सच्चा सौदा श्रद्धालुओं के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी और एक-दूसरे को मोबाइल फोनों पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। इसके साथ ही एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">परमार्थी इंसान ही खुशियों का हकदार: पूज्य गुरु जी</h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर सबको समझाते हैं, उनकी ड्यूटी होती है जीवों को नेकी-भलाई के राह पर चलाना। अल्लाह, वाहेगुरु, राम की तरफ से वे संसार में समझाने के लिए आते हैं। उनका मकसद जीव को भक्ति-इबादत का मार्ग बताकर आवागमन से मोक्ष-मुक्ति दिलाना है। इस संसार में जब तक जीवन है तब तक गम, चिंता न हो, आजादी से, खुशियों से जीवन गुजार सको इसलिए सबका मार्ग-दर्शन करना है। संत, पीर-फकीर कभी किसी को बुरा नहीं कहते। बुराइयों और अच्छाइयों में से आप जिससे भी संबंध रखेंगे, आप वैसे ही बन जाएंगे। इसलिए जीवन में अच्छे, नेक लोगों का संग करो।</p>
<p style="text-align:justify;">जो लोग परमार्थ में आपका सहयोग नहीं करते वो आपके अपने नहीं हैं। इस बारे में आप जी एक उदाहरण देते हुए समझाते हैं कि एक धनी आदमी के चार बेटे थे। वह आदमी भक्ति-इबादत करने वाला था। एक बार किसी आम फकीर ने सुना कि एक धनी आदमी भगत है। वह उसके पास गया और उससे पूछा कि आपके कितने बेटे हैं? उसने कहा कि मेरे दो बेटे हैं। उसे बड़ी हैरानी हुई कि मैं इसे भक्त समझकर आया हूं और ये तो झूठ बोल रहा है जबकि इसके तो चार बेटे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वो कहने लगा कि आप तो रूहानियत को मानने वाले हैं, लेकिन आप तो झूठ बोल रहे हैं। वो कहने लगा कि परमार्थ में मेरा दो बेटे ही सहयोग करते हैं। बाकि जो दो हैं वो शराब, मास खाने वाले, बुरे कर्म करने वाले हैं, इसलिए वो मेरे होते हुए भी मेरे नहीं हैं, मैं उन्हें मानता ही नहीं कि उन्होंने मेरे यहां जन्म लिया है, लेकिन वो दो बेटे हैं वो मेरा राम नाम में नेकी भलाई, परमार्थ में तन, मन, धन से मेरा बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि मेरे दो ही बेटे हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Nov 2023 15:44:11 +0530</pubDate>
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