<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/infrastructure/tag-1154" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>infrastructure - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/1154/rss</link>
                <description>infrastructure RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जानलेवा वायरस से जंग : कोविड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 हजार करोड़ के ऋण का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोविड संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों तथा अन्य इकाइयों और कोविड के इलाज के लिए आम लोगों को सस्ता ऋण मुहैया कराने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है, जो रेपो दर पर उपलब्ध होगा। आरबीआई के अध्यक्ष शक्तिकांता दास ने बुधवार को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/war-on-deadly-virus-declaration-of-loan-of-50-thousand-crores-for-covid-infrastructure/article-23408"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोविड संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों तथा अन्य इकाइयों और कोविड के इलाज के लिए आम लोगों को सस्ता ऋण मुहैया कराने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की है, जो रेपो दर पर उपलब्ध होगा। आरबीआई के अध्यक्ष शक्तिकांता दास ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि बैंक टीका बनाने वाली कंपनियों, दवा बनाने वाली कंपनियों, कोविड के इलाज के लिए जरूरी उपकरणों, आॅक्सीजन और वेंटीलेटर बनाने वाली कंपनियों, इनके आयाताकों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को रेपो दर पर ऋण दे सकेंगे। इनसे जुड़ी लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के लिए भी यह ऋण उपलब्ध होगा। इसके अलावा आम लोगों को कोविड के इलाज के लिए भी इसी श्रेणी में ऋण मिलेगा। यह ऋण ‘प्राथमिकता’ श्रेणी में दिया जाएगा और ऋण चुकता होने या इसकी अवधि समाप्त होने तक इसी श्रेणी में बना रहेगा। बैंक 31 मार्च 2022 तक यह ऋण दे सकेंगे। इसकी अधिकतम अवधि तीन साल होगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/state-to-prepare-action-plan-to-prevent-fire-incidents-in-hospitals-ministry-of-home-affairs/">यह भी पढ़े – अस्पतालों में आग की घटना रोकने के लिए कार्य योजना तैयार करें राज्य: गृह मंत्रालय</a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>केवाईसी के नियम बनाए आसान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रिजर्व बैंक ने ‘अपने ग्राहक को जानो’ (केवाईसी) अनुपालना को आसान बनाने के लिए नये उपायों की घोषणा की और कहा कि बैंक किसी भी खाते से लेनदेन पर केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण 31 दिसंबर तक रोक नहीं लगा सकेंगे।<br />
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अब प्रॉपराइटरशिप फर्म, आॅथराइज्ड सिग्नेटरी और वैधानिक इकाइयों के लाभार्थी मालिक भी वीडियो केवाईसी सुविधा के पात्र होंगे। साथ ही केवाईसी के पीरियॉडिक अपडेशन के लिए भी वीडियो केवाईसी सुविधा की अनुमति दी गई है। इसके अलावा बैंक इस साल 31 दिसंबर तक सिर्फ केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण किसी भी खाते से लेनदेन पर रोक नहीं लगा सकेंगे। दास ने ग्राहकों से अपील की कि वे इस दौरान अपना केवाईसी अपडेट करा लें। साथ ही केवाईसी अपडेट करने के लिए सभी प्रकार के डिजिटल चैनलों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है।<br />
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आधार कार्ड के आधार पर खोले गये ऐसे बैंक खाते जिनमें ग्राहक और बैंक कर्मचारी आमने-सामने नहीं थे उन्हें अब तक सीमित केवाईसी खातों की श्रेणी में रखा गया था। अब ऐसे सभी खाते पूर्ण केवाईसी अनुपालित श्रेणी में आयेंगे। केवाईसी के लिए इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भी मान्य होंगे। डिजिलॉकर से जारी पहचान के दस्तावेजों को भी वैध पहचान पत्र माना जायेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कोरोना के दूसरी लहर से जुड़ी स्थितियों पर आरबीआई की नजर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांता दास ने आज कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पर केंद्रीय बैंक की नजर है लेकिन इस लहर से अर्थव्यवस्था बहुत प्रभावित हुई है। आरबीआई गर्वनर ने कोरोना और उससे जुड़ी स्थितियों पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी काफी बड़े स्तर पर प्रभावित हुई है। इससे जुड़ी स्थितियों पर आरबीआई की नजर है। दूसरी लहर के खिलाफ बड़े कदम की जरुरत है। उन्होंने कहा कि आरबीआई पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कोरोना की पहली लहर के बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी दिखनी शुरू हुई थी, लेकिन दूसरी लहर ने एक बार फिर संकट पैदा कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि निचले स्तर से मजबूत आर्थिक सुधार की स्थिति अब पलट गई है और ताजा संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार टीकाकरण में तेजी ला रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत है। भारत की बात करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था भी दबाव से उबरती दिख रही है। आगे अच्छे मॉनसून से ग्रामीण मांग में तेजी की संभावना है। विनिर्माण इकाइयों में भी धीमापन थमता नजर आ रहा है। ट्रैक्टर सेगमेंट में तेजी बरकरार दिख रही है हालांकि अप्रैल में आॅटो रजिस्ट्रेशन में कमी दिखी है।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/war-on-deadly-virus-declaration-of-loan-of-50-thousand-crores-for-covid-infrastructure/article-23408</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/war-on-deadly-virus-declaration-of-loan-of-50-thousand-crores-for-covid-infrastructure/article-23408</guid>
                <pubDate>Wed, 05 May 2021 11:43:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-05/rbi.jpg"                         length="54252"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुलभूत सुविधाए की कमी, मौहल्लावासियों में रोष</title>
                                    <description><![CDATA[Abohar, Naresh:  वार्ड नं.4 धर्मनगरी , पंजपीर मौहल्ला में मुलभूत एवं अन्य सरकारी सुविधाए लोगों को न मिलने के कारण वहां के निवासियों में सत्ता पक्ष के नेताओं, वार्ड पार्षद तथा स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष पाया जा रहा है। वार्ड न.4 के अंतर्गत आते इन मौहल्ले के लोगों ने मुलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lack-of-infrastructure-mohllewasion-rage/article-601"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-23.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Abohar, Naresh:</strong>  वार्ड नं.4 धर्मनगरी , पंजपीर मौहल्ला में मुलभूत एवं अन्य सरकारी सुविधाए लोगों को न मिलने के कारण वहां के निवासियों में सत्ता पक्ष के नेताओं, वार्ड पार्षद तथा स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष पाया जा रहा है। वार्ड न.4 के अंतर्गत आते इन मौहल्ले के लोगों ने मुलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए हैं। परन्तु इन लोगों की समस्या जस की जस की बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष की सरकार ने भी उनके वार्ड का विकास नहीं करवाया। मौहल्ले में पीने के पानी की समस्या, सीवरेज समस्या, सड़कों की समस्या, नाले की सफाई का कार्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत गरीबों के मिलने वाले शौचालय, नीले कार्डों की समस्या आदि किसी भी परिवार को पूर्ण रूप से यह सुविधाए नहीं मिली हैं।<br />
गत दिवस मौहल्ला निवासियों ने रोषित होकर वार्ड अध्यक्ष बलदेव राज के घर रोष व्यक्त किया तथा कहा कि अगर चुनावों से पूर्व उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे भाजपा के साथ नहीं चलेंगे। मौहल्ले में करीब 700 घरों के शौचालय के फार्म भरे गए परन्तु इतना अधिक समय बीत जाने पर भी उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिली। पिछली बार बरसात के कारण गिरे मकानों का मुआवजा उनको नहीं मिला। वार्ड अध्यक्ष के घर रोष व्यक्त करते हुए मौहल्ला निवासियों में सतनाम सिंह, मलकीत सिंह, जोगा सिंह, काला सिंह, रणजीत सिंह, डॉ. इन्द्रराज सिंह, हैप्पी सिंह, गुरचरण सिंह, बलविन्द्र सिंह, साहब राम, रतन लाल, राज कुमार,सोनी, कोयल रानी, दर्शना रानी, पिंकी, प्रवीण कुमारी, रजनी, प्रवीन, गुरमेल कौर, परमजीत कौर, जसपिन्द्र कौर बराड़, पप्पी, बिरमा देवी, लाली, अनिता रानी आदि उपस्थित थे।<br />
%%%%%%%%<br />
429 शौचालयों की राशि मंजूर: प्रमिल<br />
वार्ड नंबर चार धर्म नगरी में इस समस्या बाबत नगर कौंसल अध्यक्ष प्रमिल कलानी ने कहा कि जैसे जैसे फंड आ रहा है। वैसे विकास भी हो रहा है। शहर में विकास तो हुआ ही है अभी 429 शौचालय मंजूर होकर उनके पास सूची आई हुई है। जो कि शहर के जरूरतमंद लोगों को दे दी जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lack-of-infrastructure-mohllewasion-rage/article-601</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lack-of-infrastructure-mohllewasion-rage/article-601</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Dec 2016 16:46:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/03-23.jpg"                         length="176319"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        