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                <title>बड़ा खुलासा: दिल्ली में तीन बच्चियों की भूख से मौत नहीं हत्या!</title>
                                    <description><![CDATA[प्रारंभिक मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खड़ा हुआ सवाल (नई दिल्ली)। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाक़े में हुई तीन बच्चियों की मौत पर अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या भूख से उनकी मौत हुई या उनकी हत्या की गई थी? ये शक़ इस मामले की प्रारंभिक मजिस्ट्रेट जाच रिपोर्ट सामने आने के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/horror-starvation-in-delhi-three-minor-girls-dies-in-lack-of-food/article-5034"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/horror-starvation-in-delhi.jpg" alt=""></a><br /><h2>प्रारंभिक मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खड़ा हुआ सवाल</h2>
<p><strong>(नई दिल्ली)। </strong>पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाक़े में हुई तीन बच्चियों की मौत पर अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या भूख से उनकी मौत हुई या उनकी हत्या की गई थी? ये शक़ इस मामले की प्रारंभिक मजिस्ट्रेट जाच रिपोर्ट सामने आने के बाद खड़ा हुआ है और इस रिपोर्ट ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है <strong>।</strong> रिपोर्ट्स के अनुसार, जांचरिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चियों के पिता ने उन्हें कुछ ‘अज्ञात दवाई’ दी थी<strong>। </strong>रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पिता का आचरण संदेह पैदा करता है और इस संबंध में और गहराई से जाँच करने की ज़रूरत है <strong>। </strong>तीनों बहनें मंगलवार को मृत मिली थीं और उस समय से उनके पिता गायब हैं<strong>।</strong> रिपोर्ट में लिखा गया है कि लड़कियां दस्त और उल्टी से पीड़ित थीं<strong>।</strong></p>
<h2>पिता मंगल को नशे की भी लत</h2>
<p>पुलिस जांच में पता चला कि बच्चियों के पिता मंगल सिंह बचपन से ही दिल्ली के होटलों में बर्तन धोता था। होटल से काम छोड़ने के बाद मजदूरी करने लगा। करीब दो साल से वह रिक्शा चलाने लगा था। उसे नशे की लत भी लग गई थी।</p>
<h2>तीन बच्चों की मौत की विस्तृत जांच हो : भाजपा</h2>
<p>मंडावली में हुई बच्चों की मौत की विस्तृतज जांच कली जानी चाहिए। यह मांग भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि मंडावली में तीन बच्चों की भूख से मृत्यु के मामले ने मुझे झकझोर दिया है। देश की राजधानी जहां राज्य सरकार हर व्यक्ति के घर पर अन्न पहुंचाने की योजनाओं का राजनीतिक प्रचार करती है। वहां उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के चुनाव क्षेत्र में इतनी दुखद घटना होना अचंभित करने के साथ ही दुखी भी करता है। उन्होंने कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच की आवश्यकता है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jul 2018 04:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल में अध्यापकों की कमी, खतरे में बच्चों का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[गांववासियों ने सरकार से की स्कूलों में अध्यापक पूरे करने की मांग मानसा(सुखजीत मान)। बेशक जिला मानसा इस बार के बोर्ड के परिणामों में अच्छी कार्यशैली के कारण पहले स्थान पर आने में कामयाब हुआ है परन्तु बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल अध्यापकों की कमी के साथ जूझ रहे हैं किसान संघर्षों में अग्रणी रहने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lack-of-teachers-in-school-future-of-children-in-danger/article-4931"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/school-teachers-news.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">गांववासियों ने सरकार से की स्कूलों में अध्यापक पूरे करने की मांग</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>मानसा(सुखजीत मान)।</strong> बेशक जिला मानसा इस बार के बोर्ड के परिणामों में अच्छी कार्यशैली के कारण पहले स्थान पर आने में कामयाब हुआ है परन्तु बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल अध्यापकों की कमी के साथ जूझ रहे हैं किसान संघर्षों में अग्रणी रहने वाले गांव भैनी बाघा के सरकारी सीनियर सेकैंडरी स्कूल में भी ऐसे ही हालात हैं। गांववासियों ने सरकार से अध्यापक पूरे करने की मांग की है और ऐसा न होने पर संघर्ष का बिगुल बजाने की घोषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांववासियों ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षा देने के दावे कर रही है व निजी स्कूलों के मुकाबले बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए रैलियां की जाती हैं परन्तु दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के में जरूरी विषयों के अध्यापकों की बड़ी कमी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि गांव भैनी बाघा के सरकारी सीनियार सेकैंडरी स्कूल में लम्बे समय से कुल 53 पोस्टों में से 38 पोस्टों ही भरी हैं व 15 रिक्त हैं। रिक्त पड़े अध्यापकों की पदों में से मुख्य तौर पर अंग्रेजी, इतिहास,रसायनिक विज्ञान ,हिसाब, जीव विज्ञान व ड्राइंग के लैक्चरर और वोकेशनल विषय व एसएस आदि शामिल हैं।</p>
<h2 style="text-align:center;">सरकारी स्कूलों के में जरूरी विषयों के अध्यापकों की बड़ी कमी</h2>
<p style="text-align:justify;">भैनी बाघा के इस स्कूल में पास के गांव ठूठ्यांवाली, भाई देसा, बुर्ज राठी और मानसा कैंची आदि से विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। विद्यार्थियों के माता पिता ने कहा कि विद्यार्थी का पढ़ाई का लंबे समय से नुक्सान हो रहा है। कई बच्चों के माता-पिता ने अपने बच्चों के भविष्य को देखते भारी फीसें भर कर ट्यूशन रखवाए हुए हैं जिससे वह अपना सिलेबस पूरा कर सकें। गांववासियों ने बताया कि स्कूल पसवक समिति ने कई बार सबंधित विभाग को रिक्त पद पूरे करने के लिए लिखित तौर पर मांग की है परन्तु किसी दे भी कान पर जूं नहीं सरकी।</p>
<h2 style="text-align:center;">परीक्षा परिणाम अच्छा, अंग्रेजी से कमजोर हैं बच्चे : प्रिंसीपल</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रिंसीपल गुरसेवक सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से इस बार घोषित किए गए दसवीं व बारहवीं के परिणामों में से अधिक विद्यार्थी अंग्रेजी में कमजोर रहे हैं परन्तु फिर भी अध्यापकों की सख़्त मेहनत से परिणाम अच्छा रहा है।</p>
<h2 style="text-align:center;">पता कर डैपूटेशन पर लगा देंगे अध्यापक: अधिकारी</h2>
<p style="text-align:justify;">जिला शिक्षा अधिकारी (सै.) सुरेश चंद्र का कहना है कि कैमिस्ट्री का अध्यापक नियुक्त कर दिया है उन्होंने कहा कि वहां अध्यापकों की कोई कमी नहीं परन्तु फिर भी यदि ऐसी बात है तो पता कर डैपूटेशन पर अध्यापक वहां नियुक्त कर दिए जाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:center;">स्कूल कम हो रहे व शराब के ठेके बढ़ रहे : किसान नेता</h2>
<p style="text-align:justify;">पंजाब किसान यूनियन के राज्य सीनियर उप अध्यक्ष गोरा सिंह भैनी बाघा ने बताया कि पंजाब में आज स्कूलों की संख्या कम हो रही है और शराब के ठेके बढ़ रहे हैं। स्कूलों में अध्यापकों की कमी कारण देश का भविष्य अंधेरे की तरफ जा रहा है। उन्होंने अपने गांव के स्कूल में रिक्त पड़े पदों को तुरंत भरने की मांग की किसान नेता ने पद जल्द पुरे न होने पर संघर्ष शुरू करने की चेतावनी भी दी है।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jul 2018 04:21:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में करीब एक हजार आईपीएस अधिकारियों की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[938 पद रिक्त पड़े हैं नई दिल्ली। देश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के करीब एक हजार पद रिक्त हैं। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पहली जनवरी 2017 की स्थिति के मुताबिक देश में आईपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पदों की कुल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">938 पद रिक्त पड़े हैं</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के करीब एक हजार पद रिक्त हैं। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने लोकसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पहली जनवरी 2017 की स्थिति के मुताबिक देश में आईपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पदों की कुल संख्या 4843 है, जबकि केवल 3905 आईपीएस अधिकारी ही उपलब्ध हैं, यानी 938 पद रिक्त पड़े हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अहीर ने कहा कि आईपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या का निर्धारण करना राज्यों के कैडर की कार्यात्मक आवश्यकता पर निर्भर करता है। आईपीएस कैडर नियम 1954 के नियम 4 (2) के अनुसार केन्द्र सरकार सामान्यतया प्रत्यके पांच वर्ष के अंतराल पर संबंधित राज्यों के परामर्श से ऐसे प्रत्येक कैडर की संख्या और संघटन की समीक्षा करती है और उसके आधार पर प्रत्येक कैडर के लिए आईपीएस अधिकारियों की संख्या को संशोधित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अहीर ने कहा कि आईपीएस अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए आईपीएस के विभिन्न बैचों के आकार को बढ़ाया गया है। इसके तहत 2005 में इसे 88 से बढ़ाकर 103 ,2008 में इसे 130 तथा 2009 में इसे 150 तक बढ़ा दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lack-one-thousand-ips-officers-in-the-country/article-2779</link>
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                <pubDate>Tue, 01 Aug 2017 08:28:11 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में 15 हजार डॉक्टरों की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी में बोले सीएम, 27 हजार चिकित्सकों की जरूरत, वर्तमान में हैं मात्र 12 हजार भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। दो करोड़ की आबादी के हिसाब से हरियाणा में इस समय 27 हजार चिकित्सकों की जरूरत है जिनमें से मात्र 12 हजार चिकित्सक ही प्रदेश के अस्पतालों में कार्यरत हैं। अभी भी सरकारी अस्पतालों में 15 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/15000-doctors-lack-in-haryana/article-2736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/cm-haryana.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">भिवानी में बोले सीएम, 27 हजार चिकित्सकों की जरूरत, वर्तमान में हैं मात्र 12 हजार</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दो करोड़ की आबादी के हिसाब से हरियाणा में इस समय 27 हजार चिकित्सकों की जरूरत है जिनमें से मात्र 12 हजार चिकित्सक ही प्रदेश के अस्पतालों में कार्यरत हैं। अभी भी सरकारी अस्पतालों में 15 हजार चिकित्सकों का टोटा है। इस कमी को हर जिले में खुलने जा रहे नए मैडिकल कॉलेजों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को यहां भिवानी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।</p>
<ul>
<li><strong>हर जिले में खुलने जा रहे नए मैडिकल कॉलेजों से खत्म होगा टोटा </strong></li>
<li><strong>महेन्द्रगढ़ में आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाने का ऐलान </strong></li>
<li><strong>भिवानी के प्रेमनगर में राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय का शिलान्यास</strong></li>
<li><strong>37 एकड़ में पांच सौ करोड़ से होगा निर्माण</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि कुरूक्षेत्र में आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा चुका है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को समाज की धुरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकुला में 25 एकड़ भूमि में केन्द्र सरकार के सहयोग से आयुर्वेद व योग संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार, महेन्द्रगढ़ में आयुर्वेदिक कॉलेज खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 15 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करते हुए सरकार द्वारा इस वर्ष तीन हजार आठ सौ 39 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया का लक्ष्य निर्धारित करते हुए हरियाणा सरकार आयुर्वेद, योग, एलोपैथी व आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार कर रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सरकारी अस्पतालों में 570 दवाईयां फ्री</h2>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सीएम ने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में 570 दवाईयां नि:शुल्क दी जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में अभी भी सर्जरी आम मरीजों के लिए महंगी है और ज्यादातर आप्रेशन प्राईवेट अस्पतालों में किए जाते हैं। आप्रेशन व महंगे उपचार की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए सरकार चिकित्सा बीमा योजना शुरू करेगी। इसमें नागरिकों से नाममात्र का प्रीमियम लिया जाएगा, शेष खर्चा कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा और इसका सर्वे का कार्य आगामी एक अगस्त से शुरू होगा।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2017 01:41:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुलभूत सुविधाए की कमी, मौहल्लावासियों में रोष</title>
                                    <description><![CDATA[Abohar, Naresh:  वार्ड नं.4 धर्मनगरी , पंजपीर मौहल्ला में मुलभूत एवं अन्य सरकारी सुविधाए लोगों को न मिलने के कारण वहां के निवासियों में सत्ता पक्ष के नेताओं, वार्ड पार्षद तथा स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष पाया जा रहा है। वार्ड न.4 के अंतर्गत आते इन मौहल्ले के लोगों ने मुलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lack-of-infrastructure-mohllewasion-rage/article-601"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-23.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Abohar, Naresh:</strong>  वार्ड नं.4 धर्मनगरी , पंजपीर मौहल्ला में मुलभूत एवं अन्य सरकारी सुविधाए लोगों को न मिलने के कारण वहां के निवासियों में सत्ता पक्ष के नेताओं, वार्ड पार्षद तथा स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष पाया जा रहा है। वार्ड न.4 के अंतर्गत आते इन मौहल्ले के लोगों ने मुलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए हैं। परन्तु इन लोगों की समस्या जस की जस की बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष की सरकार ने भी उनके वार्ड का विकास नहीं करवाया। मौहल्ले में पीने के पानी की समस्या, सीवरेज समस्या, सड़कों की समस्या, नाले की सफाई का कार्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत गरीबों के मिलने वाले शौचालय, नीले कार्डों की समस्या आदि किसी भी परिवार को पूर्ण रूप से यह सुविधाए नहीं मिली हैं।<br />
गत दिवस मौहल्ला निवासियों ने रोषित होकर वार्ड अध्यक्ष बलदेव राज के घर रोष व्यक्त किया तथा कहा कि अगर चुनावों से पूर्व उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे भाजपा के साथ नहीं चलेंगे। मौहल्ले में करीब 700 घरों के शौचालय के फार्म भरे गए परन्तु इतना अधिक समय बीत जाने पर भी उन्हें सरकारी सहायता नहीं मिली। पिछली बार बरसात के कारण गिरे मकानों का मुआवजा उनको नहीं मिला। वार्ड अध्यक्ष के घर रोष व्यक्त करते हुए मौहल्ला निवासियों में सतनाम सिंह, मलकीत सिंह, जोगा सिंह, काला सिंह, रणजीत सिंह, डॉ. इन्द्रराज सिंह, हैप्पी सिंह, गुरचरण सिंह, बलविन्द्र सिंह, साहब राम, रतन लाल, राज कुमार,सोनी, कोयल रानी, दर्शना रानी, पिंकी, प्रवीण कुमारी, रजनी, प्रवीन, गुरमेल कौर, परमजीत कौर, जसपिन्द्र कौर बराड़, पप्पी, बिरमा देवी, लाली, अनिता रानी आदि उपस्थित थे।<br />
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429 शौचालयों की राशि मंजूर: प्रमिल<br />
वार्ड नंबर चार धर्म नगरी में इस समस्या बाबत नगर कौंसल अध्यक्ष प्रमिल कलानी ने कहा कि जैसे जैसे फंड आ रहा है। वैसे विकास भी हो रहा है। शहर में विकास तो हुआ ही है अभी 429 शौचालय मंजूर होकर उनके पास सूची आई हुई है। जो कि शहर के जरूरतमंद लोगों को दे दी जाएगी।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Dec 2016 16:46:35 +0530</pubDate>
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