<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/bharat-ratna/tag-11580" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Bharat Ratna - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/11580/rss</link>
                <description>Bharat Ratna RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bharat Ratna: मुर्मु ने आडवाणी के आवास पर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) ने रविवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। राष्ट्रपति सचिवालय ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/murmu-honored-advani-with-bharat-ratna-at-his-residence/article-55846"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/delhi-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) ने रविवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। राष्ट्रपति सचिवालय ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने श्री लालकृष्ण आडवाणी को उनके आवास पर भारत रत्न प्रदान किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और आडवाणी के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। Bharat Ratna Award</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय राजनीति के पुरोधा आडवाणी ने सात दशकों से अधिक समय तक अटूट समर्पण और असाधारण कौशल के साथ देश की सेवा की है। वर्ष 1927 में कराची में जन्मे, ाडवाणी 1947 में विभाजन की पृष्ठभूमि में भारत चले आए। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने दृष्टिकोण के साथ, उन्होंने पूरे देश में दशकों तक कड़ी मेहनत की और सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन किया। जब आपातकाल ने भारत के लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया था तब उनके अंदर के अदम्य योद्धा ने इसे अधिनायकवादी प्रवृत्तियों से बचाने में मदद की।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘लाल कृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न से समानित किये जाने के अवसर पर मौजूदा रहना बहुत विशेष है। यह सम्मान राष्ट्र की प्रगति में उनके निरंतर योगदान को पहचान देना है। जन सेवा के प्रति समर्पण और आधुनिक भारत को आकार देने में उनकी केन्द्रीय भूमिका ने इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। पिछले कई दशकों तक उनके साथ कार्य करने का अवसर मेरे लिए गौरव की बात है। Bharat Ratna Award</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से एक अन्य पोस्ट में कहा गया, ‘एक सांसद के रूप में संवाद पर उनकी आस्था ने संसदीय परंपराओं को समृद्ध किया। गृह मंत्री तथा उप प्रधान मंत्री के रूप में, उन्होंने सदैव राष्ट्र हित को सर्वोपरि रखा, जिससे उन्हें दलगत सीमाओं से परे जाकर लोगों ने सम्मान और प्रशंसा प्रदान की। भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए उनके लंबे और अथक संघर्ष की परिणति 2024 में अयोध्या में श्री राम मंदिर के पुनर्निर्माण के रूप में हुई। राष्ट्रपति ने इससे एक दिन पहले शनिवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में देश की चार विभूतियों पूर्व प्रधानमंत्री पी वी</p>
<p style="text-align:justify;">नरसिम्हा राव और चौधरी चरण सिंह, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कपूर्री ठाकुर तथा महान कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। वे स्वतंत्रता के बाद के उन गिने-चुने राजनीतिक नेताओं में हैं जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को नया स्वरूप देने और देश को विकास-पथ पर आगे ले जाने में सफल रहे। उनकी उपलब्धियां भारत की सहज प्रतिभा और समावेशी परंपराओं को सर्वोत्तम अभिव्यक्ति प्रदान करती हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="केजरीवाल की गिरफ्तारी पर विपक्ष ने दिखाई एकजुटता" href="http://10.0.0.122:1245/organized-save-democracy-rally-to-protest-against-anti-people-policies-and-dictatorship/">केजरीवाल की गिरफ्तारी पर विपक्ष ने दिखाई एकजुटता</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/murmu-honored-advani-with-bharat-ratna-at-his-residence/article-55846</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/murmu-honored-advani-with-bharat-ratna-at-his-residence/article-55846</guid>
                <pubDate>Sun, 31 Mar 2024 17:15:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-03/delhi-1.jpg"                         length="54890"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस वर्ष ‘भारत रत्न’ का सम्मान ‘भारतीय डॉक्टर’ को मिलना चाहिए : केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस साल का ‘भारत रत्न’ का सम्मान ‘भारतीय डाक्टर’ को मिलना चाहिए। केजरीवाल ने आज स्टेपवन की तरफ से आयोजित ‘डॉक्टर डे’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार ने अपील की कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bharat-ratna-should-be-awarded-to-indian-doctor-this-year-kejriwal/article-24911"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि इस साल का ‘भारत रत्न’ का सम्मान ‘भारतीय डाक्टर’ को मिलना चाहिए। केजरीवाल ने आज स्टेपवन की तरफ से आयोजित ‘डॉक्टर डे’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार ने अपील की कि इस साल का ‘भारत रत्न’ का सम्मान ‘भारतीय डॉक्टर’ को मिलना चाहिए। ह्यभारतीय डॉक्टरह्ण मतलब सभी डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक से है। शहीद हुए डाक्टरों को यह सच्ची श्रद्धांजली होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, अपनी जान और परिवार की चिंता किए बिना सेवा करने वालों का यह सम्मान होगा। मुख्यमंत्री ने कोरोना के दौरान शहीद हुए डॉक्टर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को पूरे देश की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित करते कहा कि दिल्ली सरकार ने शहीद हुए डॉक्टर या फ्रंटलाइन वर्कर्स के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि दी। यह कोई मुआवजा नहीं है, बल्कि यह धन्यवाद बोलने का एक तरीका है कि हम आपके प्रति कृतज्ञ हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने ‘भारतीय डॉक्टर’ को ‘भारत रत्न’ की उपाधि देने की मांग को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर अपील भी की है। उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘देश चाहता है कि इस वर्ष ‘भारत रत्न’ का सम्मान ’भारतीय डॉक्टर’ को दिया जाए। इससे मेरा तात्पर्य किसी व्यक्ति विशेष से नहीं है। देश के सभी डॉक्टर्स, नर्स और पैरामैडिक्स के समूह को यह सम्मान मिलना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बिना नि:स्वार्थ भाव से लोगों की सेवा की</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा है, ‘कोरोना से लड़ते हुए अनेक डॉक्टरों और नर्सों ने अपनी जान गंवाई। यदि हम उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करते हैं, तो यह उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। लाखों डॉक्टरों और नर्सों ने अपनी जान और परिवार की परवाह किए बिना नि:स्वार्थ भाव से लोगों की सेवा की। उन्हें सम्मानित करने का और शुक्रिया कहने का इससे अच्छा तरीका और क्या हो सकता है। यदि नियम किसी समूह को ‘भारत रत्न’ देने की इजाजत नहीं देते, तो मेरा आपसे आग्रह है कि नियमों को बदला जाए। आज सारा देश अपने डॉक्टरों का आभारी है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने से हर भारतीय को खुशी होगी।</p>
<p> </p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">link din</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bharat-ratna-should-be-awarded-to-indian-doctor-this-year-kejriwal/article-24911</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bharat-ratna-should-be-awarded-to-indian-doctor-this-year-kejriwal/article-24911</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Jul 2021 16:47:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2021-07/arvind-kejriwal.jpg"                         length="66223"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘विनोबा भावे’ को मरणोपरांत मिला था भारत रत्न</title>
                                    <description><![CDATA[आचार्य विनोबा भावे एक अहिंसा कार्यकर्ता, स्वतंत्रता कार्यकर्ता, समाज सुधारक और आध्यात्मिक शिक्षक थे। महात्मा गांधी के अनुयायी, विनोबा ने अहिंसा और समानता के अपने सिद्धांतों को बरकरार रखा। उन्होंने अपना जीवन गरीबों और दलितों की सेवा में समर्पित कर दिया और अपने अधिकारों के लिए खड़े हो गए। विनोबा ने एक बार कहा था, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/vinoba-bhave-posthumously-received-bharat-ratna/article-18322"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/vinoba-bhave.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आचार्य विनोबा भावे एक अहिंसा कार्यकर्ता, स्वतंत्रता कार्यकर्ता, समाज सुधारक और आध्यात्मिक शिक्षक थे। महात्मा गांधी के अनुयायी, विनोबा ने अहिंसा और समानता के अपने सिद्धांतों को बरकरार रखा। उन्होंने अपना जीवन गरीबों और दलितों की सेवा में समर्पित कर दिया और अपने अधिकारों के लिए खड़े हो गए। विनोबा ने एक बार कहा था, सभी क्रांतियाँ स्रोत पर आध्यात्मिक हैं। मेरी सभी गतिविधियों का एकमात्र उद्देश्य दिलों का मिलन है। विनोबा 1958 में सामुदायिक नेतृत्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के पहले प्राप्तकर्ता थे। उन्हें 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न (भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार) से भी सम्मानित किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">11 सितंबर, 1895 को कोलाबा जिले के गागोडे में जन्मे विनायक नरहरि भावे, नरहरि शंभू राव और रुक्मिणी देवी के सबसे बड़े पुत्र थे। उनके चार अन्य भाई-बहन, तीन भाई और एक बहन थी। उनकी मां रुक्मिणी देवी बहुत धार्मिक व्यक्ति थीं और उन्होंने विनोबा को आध्यात्मिकता की गहरी समझ दी। एक छात्र के रूप में विनोबा को गणित का काफी शौक था। विनोबा महात्मा गांधी के सिद्धांतों और विचारधाराओं के प्रति आकर्षित थे और उन्होंने राजनीतिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोण से गांधी को अपना गुरु माना। उन्होंने बिना किसी सवाल के गांधी के नेतृत्व का पालन किया। इन वर्षों में, विनोबा और गांधी के बीच के संबंध मजबूत हुए और समाज के लिए रचनात्मक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बढ़ती रही।</p>
<p style="text-align:justify;">विनोबा को लिखे एक पत्र में, गांधी ने लिखा, मैं नहीं जानता कि आपको किन शब्दों में प्रशंसा करनी चाहिए। आपका प्यार और आपका चरित्र मुझे रोमांचित करता है और इसी तरह आपकी आत्म-परीक्षा होती है। मैं आपकी कीमत मापने के लायक नहीं हूं। मैं आपके अपने अनुमान को स्वीकार करता हूं और आपके लिए एक पिता की स्थिति ग्रहण करता हूं। विनोबा ने अपने जीवन का बेहतर हिस्सा गांधी द्वारा डिजाइन किए गए विभिन्न कार्यक्रमों को पूरा करने वाले नेता द्वारा स्थापित आश्रमों में बिताया। महात्मा गांधी के प्रभाव में, विनोबा भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए।</p>
<p> </p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/inspiration/vinoba-bhave-posthumously-received-bharat-ratna/article-18322</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/inspiration/vinoba-bhave-posthumously-received-bharat-ratna/article-18322</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Sep 2020 10:00:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-09/vinoba-bhave.jpg"                         length="17999"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत रत्न पर हो-हल्ला क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले काफी समय से देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न को लेकर बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिशें की जाती रही हैं। गणतंत्र की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने तीन विभूतियों को भारत रत्न सम्मान देने का ऐलान किया। भारत रत्न विभूतियों के नामों की घोषणा के बाद से ही विवादों और चचार्ओं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">पिछले काफी समय से देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न को लेकर बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिशें की जाती रही हैं। गणतंत्र की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने तीन विभूतियों को भारत रत्न सम्मान देने का ऐलान किया। भारत रत्न विभूतियों के नामों की घोषणा के बाद से ही विवादों और चचार्ओं का दौर शुरू हो गया है। भारत रत्न पुरस्कार की स्थापना के बाद से अब तक 45 विभूतियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। पहले तो किसी ने कोई प्रश्न नहीं उठाये लेकिन बीते कुछ वर्षों से ये सर्वोच्च सम्मान भी विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, समाजसेवी नानाजी देशमुख और मशहूर असमिया गायक भूपेन हजारिका को इस सर्वोच्च सम्मान से अंलकृत किया जाएगा। भारत रत्न पुरस्कार की घोषणा होते ही इन्हें वोट बैंक, सियासी नफे और लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जाने लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया से लेकर दूसरे प्लेटफार्म पर भारत रत्न सम्मान को लेकर तरह-तरह की चचार्एं नित नये विवादों को जन्म दे रही हैं। सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के ताजा विवाद में धर्मगुरू या योगगुरू से लेकर राजनीतिज्ञ तक हैं। इस सम्मान को लेकर कुछ सवाल तो हमेशा से ही विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर पक्ष लेने का आरोप लगाती रही हैं। फिर बात चाहे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हो या मदर टेरेसा की या फिर अटल बिहारी वाजपेयी की सभी पर सवाल उठाए गए। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह सम्मान पाने वालों में कांग्रेस के नेता ज्यादा हैं। एक या दो मौकों को यदि छोड़ दें तो ऐसा बेहद कम बार देखने को मिला है कि इस सम्मान को लेकर विपक्ष ने सरकार को बधाई का पात्र बनाया हो।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत रत्न से ज्यादा विवाद पद्म अलंकरणों को लेकर होता रहा है। असल में रसूखदार लोग बाकायदा जुगाड़ लगाकर पद्मश्री और उससे ऊपर के सम्मान हासिल कर लिया करते थे। इसकी वजह से इन सम्मानों को समाप्त करने की मांग भी उठने लगी। लेकिन मोदी सरकार ने इन अलंकरणों के लिए चयन प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी बना दिया जिसकी वजह से समाज में रचनात्मक और उत्कृष्ट कार्य कर रहे ऐसे लोगों की झोली में भी पद्म सम्मान आने लगे जो प्रसिद्धि और प्रचार से दूर रहकर नेकी के कार्य में जुटे रहते हैं। इस साल भी ऐसे कई व्यक्तित्व पद्म सम्मान से अलंकृत हुए जिनके कृतित्व को लेकर अभी तक लोग या तो बहुत कम जानते थे या फिर जानते ही नहीं थे। हालांकि कुछ नाम ऐसे जरूर शामिल हो जाते हैं जो इस चयन प्रक्रिया में भी अपने लिए गुंजाइश निकाल लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पद्म पुरस्कारों की भांति तमाम अन्य पुरस्कार और सम्मान भी विवादों के घेरे में रहे हैं। पद्म पुरस्कारों की रेवड़ी जिस प्रकार पूर्ववर्ती सरकारों ने बांटी है उससे इस सम्मान के प्रति समाज का नजरिया बदल गया है। इन सबके बीच भारत रत्न को लेकर विवाद शुरू हो गया है। तमाम महानुभावों को भारत रत्न देने की मांग समय-समय पर उठती रहती है।<br />
इंदिरा गांधी,राजीव गांधी को जिस समय भारत रत्न सम्मान से नवाजा गया था उस समय भी इनको यह सम्मान दिए जाने की आलोचना की गई थी। इसे कांग्रेस सरकार द्वारा अपने नेताओं को ही सम्मानित करने की कोशिश बताया गया था। जब लता मंगेश्कर को भारत रत्न देने की घोषणा की गई उंस समय भी यह आवाज उठी थी कि यदि किसी गायक को ही सम्मानित करना है तो लता मंगेश्कर ही क्यों,मोहम्मद रफी क्यों नहीं? मदर टेरेसा को भारत रत्न देते समय दक्षिणपंथियों द्वारा यह कहा गया कि यह मिशनरीज को खुश करने के लिए उठाया गया कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में विभिन्न सरकारें अपनी पसंद की विभूतियों को राजनीतिक नफे के आधार पर उपकृत करती रही हैं। क्षेत्रीयता भी कहीं न कहीं भारत रत्न की चयन प्रक्रिया को प्रभावित करती रही। पं मालवीय को भारत रत्न दिए जाने पर उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद होने से जोड़ा गया। यही बात इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या में भारत रत्न से अलंकृत किये जाने वाली विभूतियों के नामों की घोषणा के बाद सुनाई दी। पूर्वोत्तर राज्यों में अपने गायन से एक विशिष्ट छवि बना चुके स्व. भूपेन हजारिका और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिए जाने को आगामी लोकसभा चुनाव में पूर्वोत्तर राज्यों और बंगाल के मतदाताओं की क्षेत्रीय भावनाओं को भुनाने से जोड़ा गया। वहीं राजनीति छोड़कर चित्रकूट में ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल खड़ा करने वाले स्व. नानाजी देशमुख को अलंकृत किये जाने को रास्वसंघ को प्रसन्न करना माना गया। स्व.हजारिका और स्व.देशमुख तो इस दुनिया में नहीं हैं इसलिए उन्हें लेकर तो ज्यादा बवाल नहीं मचा किन्तु प्रणब मुखर्जी जरूर लपेटे में आ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न मिलने की पहली प्रतिक्रिया तो भाजपा द्वारा बंगाल के लोगों को खुश करने की कोशिश के तौर पर सामने आई। जीवन भर कांग्रेसी रहे प्रणब दा को भाजपा सरकार द्वारा देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने के निर्णय को एक वर्ग विशेष ने राजनीतिक सौजन्यता से जोड़कर भी देखा लेकिन सोशल मीडिया में मुखर्जी को मिले सम्मान को गत वर्ष उनके रास्वसंघ के आयोजन में नागपुर जाने का पुरस्कार बताया जाने लगा।मजेदार बात ये रही कि कांग्रेसी और वामपंथी विचारधारा के समर्थक भाजपा को इस बात का उलाहना देने लग गए कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को अभी तक भारत रत्न नहीं दिया गया। भारत रत्न सम्मान को लेकर मचे इस घमासान के बीच यह बात भी गौरतलब है कि अभी तक देश की किसी भी सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को इस सम्मान के योग्य संभवत: नहीं समझा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्यथा मेरे विचार से गांधी जी व सुभाष चंद्र बोस देश के पहले ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों में थे जिन्हें प्रथम भारत रत्न सम्मान मिलना चाहिए था? एक सवाल यह भी है कि क्या चंद्रशेखर आजाद, भगतसिंह, राजगुरू,सुखदेव, अशफाक उल्लाह खां व रामप्रसाद बिस्मिल जैसे भारत के कई रत्न भारत रत्न के हकदार नहीं? बहरहाल, भारत रत्न के लिए नामित लोगों के पक्ष और विपक्ष में आने वाली तमाम तरह की दलीलों के बीच कम से कम यह निष्कर्ष तो निकलता ही है कि इस सर्वोच्च सम्मान को ऐसे व्यक्तियों को दिया जाना चाहिए जो दल, विचारधारा, क्षेत्र तथा वर्ग विशेष आदि से ऊपर उठकर मानवता के कल्याण के लिए काम करने वाला हो। अच्छा होता कि सर्वोच्च नागरिक सम्मान की आलोचना करने वाले इन विभूतियों के कृतित्व की चर्चा करते जिससे किसी को ये सोचने का अवसर भी नहीं मिलता कि वे किस क्षेत्र या विचारधारा से जुड़े थे? महान विभूतियों सारे देश की होती हैं। ऐसे में उनके सम्मान पर विवाद उठाना किसी भी सूरत में सही नहीं है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>-राजेश माहेश्वरी</strong></p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/bharat-ratna/article-7493</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/bharat-ratna/article-7493</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Jan 2019 19:56:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        