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                <title>education - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>education RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Sports News: 59वीं हरियाणा स्कूली हॉकी स्टेट गेम्स में हिसार का दबदबा</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन नगर स्थित एसपीएस हॉकी स्टेडियम में चल रही 59वीं लड़कियों की हरियाणा स्कूली स्टेट गेम्स की हॉकी प्रतियोगिता शुक्रवार को संपन्न हो गई। अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीनों आयु वर्गों में मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में हिसार की टीमों ने तीनों वर्गों में पहला स्थान हासिल किया, जबकि अंडर-14 में मेजबान सरसा की टीम तीसरे स्थान पर रही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sports-news-hisars-dominance-in-59th-haryana-school-hockey-state/article-91350"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/hisar-sports.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>59th Haryana School Hockey State Games: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> जीवन नगर स्थित एसपीएस हॉकी स्टेडियम में चल रही 59वीं लड़कियों की हरियाणा स्कूली स्टेट गेम्स की हॉकी प्रतियोगिता शुक्रवार को संपन्न हो गई। अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 तीनों आयु वर्गों में मुकाबले हुए। प्रतियोगिता में हिसार की टीमों ने तीनों वर्गों में पहला स्थान हासिल किया, जबकि अंडर-14 में मेजबान सरसा की टीम तीसरे स्थान पर रही।</p>
<p style="text-align:justify;">अंडर-19 आयु वर्ग में हिसार प्रथम, कुरुक्षेत्र द्वितीय, सोनीपत तृतीय और रेवाड़ी चतुर्थ स्थान पर रही। वहीं अंडर-17 में हिसार प्रथम, सोनीपत द्वितीय, कुरुक्षेत्र तृतीय और फतेहाबाद चतुर्थ स्थान पर रही। अंडर-14 वर्ग में हिसार ने पहला, अंबाला ने दूसरा, सरसा ने तीसरा और पानीपत ने चौथा स्थान हासिल किया। इस मौके पर ओलंपियन दीदार सिंह, गुरचरण सिंह के अलावा हॉकी कन्वीनर इंद्रजीत सिंह, हीरा सिंह, सरदार सिंह, बुटा सिंह, बलविंद्र सिंह मुक्ता, गुरमीत सिंह, दीदार सिंह जूनियर, हरपाल सिंह सहित अन्य खिलाड़ी और प्रशिक्षक मौजूद रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विजेताओं को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार</h3>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह में ओलंपियन दीदार सिंह, गुरचरन सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला, सहायक जिला शिक्षा अधिकारी (खेल) केवल कंबोज व सहायक जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (खेल) हरबंस सिंह ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त टीम को 18 हजार रुपये, द्वितीय को 12 हजार और तृतीय स्थान वाली टीम को 9 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।खिलाड़ियों को मिला ओलंपियनों का मार्गदर्शन</p>
<p style="text-align:justify;">जीवन नगर में तीन दिन चली प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के लिए नामधारी मस्तानगढ़ डेरा की ओर से खाने-पीने और ठहरने की बेहतर व्यवस्था की गई। खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों और अभिभावकों ने भी व्यवस्थाओं की सराहना की। प्रतियोगिता के दौरान तीनों आयु वर्गों के खिलाड़ियों को जीवन नगर हॉकी स्टेडियम से देश के लिए खेलने वाले ओलंपियन दीदार सिंह और गुरचरन सिंह समेत अन्य हॉकी खिलाड़ियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। खिलाड़ियों ने उनके अनुभवों से खेल की बारीकियां सीखीं और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sports-news-hisars-dominance-in-59th-haryana-school-hockey-state/article-91350</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 10:27:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Education: शिक्षा मंत्री ने पीएम श्री राजकीय स्कूल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने दातौली के पीएम श्री राजकीय स्कूल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/education-minister-made-a-surprise-inspection-of-pm-shri-government/article-89908"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/education-minister-mahipal-dhanda.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोनीपत, (सचकहूं/हेमंतकुमार)। </strong>प्रदेश के शिक्षा मंत्री  महीपाल ढांडा  गन्नौर क्षेत्र के दातौली गांव स्थित पीएम श्री जीजीएसएसएस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विद्यार्थियों से बातचीत कर जानी समस्याएं:</h4>
<p style="text-align:justify;">स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री ने न केवल भौतिक व्यवस्थाओं को जांचा, बल्कि कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी  किया। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के स्तर, शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की सामग्री और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर खुलकर बात की। मंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों की हर जरूरत और समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धरातल पर उतरकर व्यवस्थाएं जांचने की अनूठी पहल:</h4>
<p style="text-align:justify;">मंत्री महीपाल ढांडा का मानना है कि केवल कार्यालयों में बैठकर नीतियां बनाने से जमीनी बदलाव संभव नहीं है, बल्कि उसके लिए खुद मौके पर जाकर कमियों को देखना और सुधार करना आवश्यक है। उनके इस आक्रामक और संवेदनशील कार्यशैली की आम जनमानस और अभिभावकों के बीच सराहना हो रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">11 दिनों में कई शिक्षण संस्थानों का कर चुके हैं निरीक्षण:</h4>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का यह अभियान लगातार जारी है। पिछले 11 दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का औचक दौरा कर चुके हैं। इससे पहले वे पंचकूला के राजकीय कॉलेज, बसताड़ा के राजकीय महिला कॉलेज, पानीपत के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज और पानीपत के निजामपुर गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का भी गहन निरीक्षण कर चुके हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शिक्षकों और अधिकारियों को दिए निर्देश:</h4>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अध्यापकों को निष्ठापूर्वक पढ़ाने और स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों व कॉलेजों में ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/education-mahipal-dhanda.jpeg" alt="Education Mahipal Dhanda" width="1600" height="1200"></img></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/education-minister-made-a-surprise-inspection-of-pm-shri-government/article-89908</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 16:46:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Tehdil Arora]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की एनसीसी कैडेट्स को कृषि मंत्री ने किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[जिला स्तरीय 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और शानदार कदमताल का प्रदर्शन करते हुए परेड में तीसरा स्थान हासिल किया। शहीद भगत सिंह स्टेडियम में आयोजित परेड में कुल 11 टीमों ने हिस्सा लिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/agriculture-minister-honored-ncc-cadets-of-shah-satnam-ji-girls/article-89809"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/girls-school-honors.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Agriculture Minister honors: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिला स्तरीय 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और शानदार कदमताल का प्रदर्शन करते हुए परेड में तीसरा स्थान हासिल किया। शहीद भगत सिंह स्टेडियम में आयोजित परेड में कुल 11 टीमों ने हिस्सा लिया था। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की 30 एनसीसी कैडेट्स ने एएनओ सुमित्रा लिंबा के मार्गदर्शन में परेड में हिस्सा लिया। कैडेट्स के बेहतर तालमेल, अनुशासन और दमदार प्रदर्शन ने निर्णायकों का ध्यान खींचा और टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उपलब्धि के बाद मुख्य अतिथि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने एनसीसी कमांडर अर्शदीप कौर, एएनओ सुमित्रा लिंबा सहित पूरी टीम को सम्मानित किया। इस अवसर पर उपायुक्त शांतनु शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष यतींद्र सिंह एडवोकेट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। </p>
<h3 style="text-align:justify;">छात्राओं की उपलब्धि पर स्कूल में खुशी</h3>
<p style="text-align:justify;">शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. शीला पूनियां इन्सां ने टीम की सफलता पर छात्राओं, एनसीसी कमांडर व एएनओ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणाओं से छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर छात्राओं ने भी पूज्य गुरुजी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पावन प्रेरणाओं से उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। प्रधानाचार्या ने सभी कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/agriculture-minister-honored-ncc-cadets-of-shah-satnam-ji-girls/article-89809</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:55:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाठ्यक्रमों की समीक्षा के साथ पीजीडीआरपी को मिली मंजूरी </title>
                                    <description><![CDATA[श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग की पांचवीं बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता तथा नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन और पाठ्यक्रमों की समीक्षा पर चर्चा की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/pgdrp-got-approval-after-reviewing-the-courses/article-89038"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/skdu-today.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग की पांचवीं बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों की प्रासंगिकता तथा नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन और पाठ्यक्रमों की समीक्षा पर चर्चा की गई। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक की शुरुआत चौथी बोर्ड ऑफ स्टडीज बैठक की कार्यवाही की समीक्षा एवं सर्वसम्मति से अनुमोदन के साथ हुई। इसके बाद रीहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अनुशंसित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन प्रोफेशनल कार्यक्रम की पाठ्यक्रम संरचना की समीक्षा कर उसे स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही बैचलर इन क्लिनिकल साइकोलॉजी कार्यक्रम की संरचना का भी परीक्षण किया गया और इसे निर्धारित मानकों एवं नियामकीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">विषय विशेषज्ञों ने विभाग की ओर से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी नवाचार आधारित शैक्षणिक पहल जारी रखने पर बल दिया। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि एसकेडी विश्वविद्यालय का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठकें पाठ्यक्रमों के निरंतर अद्यतन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नई शिक्षा नीति-2020 तथा नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पाठ्यक्रमों का विकास विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्लिनिकल साइकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि बोर्ड ऑफ स्टडीज का उद्देश्य पाठ्यक्रम को समयानुकूल, गुणवत्तापूर्ण और नियामकीय मानकों के अनुरूप बनाए रखना है। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग उत्कृष्ट शिक्षण, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा बैठक में लिए गए निर्णय विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूत करेंगे। बैठक में अकादमिक विशेषज्ञ के रूप में डॉ. दीप्ति मिश्रा और डॉ. सुनीता पूर्ती, जबकि इंडस्ट्री विशेषज्ञ डॉ. रणजीत कुमार ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। विभाग की ओर से डॉ. आनंद कुमार सिंह, वर्षा अरोड़ा और पौलोमी घोष मौजूद रहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग की पूर्व छात्रा दिति तिवारी ने भी बैठक में सहभागिता निभाई। बैठक के सफल आयोजन पर विभाग की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, डॉ. विक्रम सिंह औलख, डॉ. सत्यनारायण, सभी विषय विशेषज्ञों, इंडस्ट्री विशेषज्ञ, पूर्व छात्रा तथा विभाग के संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक विमर्श निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। Hanumangarh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 14:58:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>Sirsa News: सरसा के गांव पन्नीवाला मोटा की रेखा रानी को शिक्षा विभाग, मेवात कैडर में मिली जेबीटी अध्यापिका की नियुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[गांव पन्नीवाला मोटा निवासी रेखा रानी धर्मपत्नी राकेश पटीर का चयन हरियाणा शिक्षा विभाग में जेबीटी अध्यापिका (मेवात कैडर) के पद पर हुआ है। कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद मिली इस सफलता पर क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है। शिक्षक पद पर चयन होने के बाद उन्होंने ब्लॉक समिति सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sirsa-news-rekha-rani-of-panniwala-mota-village-of-sirsa/article-88847"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/rekha-rani-jbt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ओढ़ां, (सच कहूँ/राजू)। गांव पन्नीवाला मोटा निवासी रेखा रानी धर्मपत्नी राकेश पटीर का चयन हरियाणा शिक्षा विभाग में जेबीटी अध्यापिका (मेवात कैडर) के पद पर हुआ है। कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के बाद मिली इस सफलता पर क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है। शिक्षक पद पर चयन होने के बाद उन्होंने ब्लॉक समिति सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">रेखा रानी इससे पहले ओढ़ां ब्लॉक समिति सदस्य के रूप में सर्वसम्मति से निर्वाचित हुई थीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गांव की ढाणियों तक पेयजल पहुंचाने, स्कूलों में वाटर टैंक और वाटर कूलर उपलब्ध कराने, सोलर लाइटें लगवाने, चौपालों व सार्वजनिक स्थलों पर बेंच लगवाने, सफाई कर्मचारियों को साइकिलें उपलब्ध कराने तथा बास्केटबॉल ग्राउंड सहित खेल सुविधाओं के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई। रेखा रानी ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और सीटीईटी सहित विभिन्न शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में 16 बार सफलता हासिल की है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एमए (मनोविज्ञान), बीएड, एमएड, डिप्लोमा इन काउंसलिंग तथा जेबीटी की शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की है। शिक्षक बनने के बाद रेखा रानी ने अपना इस्तीफा ब्लॉक समिति चेयरमैन एवं बीडीपीओ ओढ़ां को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके जीवन की नई शुरूआत है। उनका लक्ष्य शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देना तथा ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करना है। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:55:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Admission Extended: कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 25 जुलाई तक होंगे दाखिले </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान के राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने नामांकन अभिवृद्धि तथा अनामांकित एवं ड्रॉपआउट बालक-बालिकाओं को पुन: विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/admission-extended-last-date-of-admission-extended-for-class-9/article-88471"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/admission.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Admission Extended: हनुमानगढ़। राजस्थान के राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने नामांकन अभिवृद्धि तथा अनामांकित एवं ड्रॉपआउट बालक-बालिकाओं को पुन: विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। Rajasthan Education News</p>
<p style="text-align:justify;">निदेशक माध्यमिक शिक्षा एवं पदेन अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (वरिष्ठ) समग्र शिक्षा सीताराम जाट (आईएएस) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पहले कक्षा 9 से 12 में प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 जुलाई कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य के सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालय इस अवधि तक पात्र विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन हो सके और ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं कक्षा 1 से 8 तक प्रवेश पूरे सत्र के दौरान पूर्ववत जारी रहेंगे। निदेशालय ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक संदर्भ केन्द्र प्रभारियों तथा पीईईओ/यूसीईईओ को निर्देश दिए हैं कि आदेशानुसार प्रवेश संबंधी समस्त कार्यवाही समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर नंबर 12, हनुमानगढ़ जंक्शन की प्रिंसिपल सुनीता यादव ने बताया कि कक्षा 9 से 12 में प्रवेश की अंतिम तिथि 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि जिन विद्यार्थियों का अभी तक प्रवेश नहीं हुआ है, वे निर्धारित तिथि से पहले विद्यालय पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। Rajasthan Education News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 12:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Students Protests: विद्यालय गेट पर तालाबंदी कर विद्यार्थियों का प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[गांव पक्कासारणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कथित अनुचित गतिविधियों और पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को विद्यार्थियों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य और महिला उपप्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बिगड़ने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/students-protests-demonstration-of-students-by-locking-the-school-gate/article-88411"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/school-locked.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Lockout at the school gate: हनुमानगढ़। गांव पक्कासारणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कथित अनुचित गतिविधियों और पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को विद्यार्थियों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्य और महिला उपप्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बिगड़ने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान प्रधानाचार्य राकेश कुमार, उपप्रधानार्च पूनम महला की अभिभावकों और गांव के गणमान्य नागरिकों के साथ वार्ता भी हुई। कक्षा 12वीं के छात्र रवि ने बताया कि विद्यालय में पिछले काफी समय से पढ़ाई की व्यवस्था प्रभावित हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उसका आरोप है कि प्रधानाचार्य और उपप्रधानाचार्य अधिकांश समय प्रधानाचार्य कक्ष में ही रहते हैं तथा विद्यार्थियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। रवि ने कहा कि पूर्व में इस संबंध में जिला प्रशासन को शिकायत की गई थी, जिसके बाद उपप्रधानाचार्य ने कक्षा में आकर उसे धमकाया। साथ ही प्रधानाचार्य की ओर से भी अन्य लोगों के माध्यम से उसे और उसके परिजनों को धमकाने का आरोप लगाया। रवि का कहना है कि दोबारा शिकायत करने के बाद अब शिकायतकर्ता छात्र-छात्राओं पर ही गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के विरोध में विद्यार्थियों ने विद्यालय के गेट पर तालाबंदी कर धरना शुरू किया। उसने कहा कि यदि विद्यालय प्रशासन उसकी टीसी भी काट दे तो भी वह सच्चाई के साथ खड़ा रहेगा। विद्यार्थियों की मांग है कि विद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था में सुधार किया जाए तथा प्रधानाचार्य और उपप्रधानाचार्य का स्थानांतरण किया जाए। वहीं, प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने विद्यार्थियों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ बच्चे गलतफहमी के कारण शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उपप्रधानाचार्य ने केवल यह जानने का प्रयास किया था कि शिकायत किन विद्यार्थियों ने की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान प्रार्थना-पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ विद्यार्थियों ने स्वयं कहा कि उन्होंने शिकायत नहीं की और उनके हस्ताक्षर किसी अन्य ने किए हैं। प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि उपप्रधानाचार्य अपने सभी सातों कालांश नियमित रूप से लेती हैं और पढ़ाई नहीं कराने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का परीक्षा परिणाम ही शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यार्थियों, अभिभावकों और गांव के गणमान्य नागरिकों से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 15:12:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET UG 2026 उम्मीदवारों को बड़ी राहत, फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल अपडेट करने की बढ़ी आखिरी तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपने NEET UG 2026 की 3 मई को आयोजित परीक्षा दी थी और अब तक फीस रिफंड के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो आपके लिए राहत की खबर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/big-relief-to-neet-ug-2026-candidates-last-date-extended/article-87797"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/education.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Education: अगर आपने NEET UG 2026 की 3 मई को आयोजित परीक्षा दी थी और अब तक फीस रिफंड के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो आपके लिए राहत की खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों की सुविधा को देखते हुए बैंक डिटेल अपडेट करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 14 जुलाई 2026 कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एनटीए के अनुसार, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब तक अपनी बैंक डिटेल अपडेट नहीं कर पाए थे। इसी वजह से यह समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र उम्मीदवार फीस रिफंड से वंचित न रह जाए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्यों लौटाई जा रही है परीक्षा फीस?</h4>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा कथित पेपर लीक के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद एनटीए ने सभी पंजीकृत उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क वापस करने का निर्णय लिया। रिफंड की राशि सीधे अभ्यर्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, इसलिए सही बैंक जानकारी देना अनिवार्य है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">किन जानकारियों की होगी जरूरत?</h4>
<p style="text-align:justify;">बैंक डिटेल अपडेट करते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित जानकारी तैयार रखनी चाहिए—</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक खाते का नंबर<br />IFSC कोड<br />खाताधारक का नाम<br />बैंक का नाम<br />सभी जानकारी सही भरना बेहद जरूरी है, क्योंकि किसी भी गलती की स्थिति में रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">14 जुलाई से पहले पूरा करें यह काम</h4>
<p style="text-align:justify;">जिन उम्मीदवारों ने अभी तक बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है, वे 14 जुलाई 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी कर लें। निर्धारित समय सीमा के बाद बैंक डिटेल अपडेट करने का अवसर नहीं मिलेगा और रिफंड प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/education.jpeg" alt="Education" width="782" height="437"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/big-relief-to-neet-ug-2026-candidates-last-date-extended/article-87797</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:14:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSC ने AI से पकड़े 569 फर्जी आवेदन, सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन भी लागू</title>
                                    <description><![CDATA[UPSC ने AI से पकड़े 569 फर्जी आवेदन, सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन भी लागू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/upsc-caught-569-fake-applications-with-ai-face-authentication-also/article-87684"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/education.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को पहले से अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आयोग ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए आवेदन पत्रों की जांच की, जिसमें 569 ऐसे आवेदन सामने आए जो निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थे। परीक्षा शुरू होने से पहले ही इन सभी आवेदनों को रद्द कर दिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">15 साल के रिकॉर्ड की मदद से हुई जांच</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">UPSC के अनुसार, आवेदन पत्रों की जांच के लिए पिछले 15 वर्षों के रिकॉर्ड और उपलब्ध डेटा का विश्लेषण किया गया। AI तकनीक की सहायता से ऐसे मामलों की पहचान की गई, जिनमें एक ही अभ्यर्थी द्वारा कई आवेदन किए गए थे, निर्धारित सीमा से अधिक प्रयास किए गए थे या आवेदन में गलत जानकारी दी गई थी। जांच पूरी होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले 569 आवेदन निरस्त कर दिए गए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत हुई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">परीक्षा केंद्रों पर पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस वर्ष UPSC ने परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू की। परीक्षा शुरू होने से लगभग 30 मिनट पहले प्रत्येक अभ्यर्थी का चेहरा डिजिटल माध्यम से सत्यापित किया गया। इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के लिए वेबकैम या मोबाइल फोन के जरिए रियल-टाइम लाइव फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी अन्य व्यक्ति के परीक्षा देने (Impersonation) की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आधार नंबर से पहचान का सत्यापन हुआ आसान</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयोग ने आवेदन के समय अभ्यर्थियों को स्वैच्छिक रूप से आधार नंबर देने का विकल्प भी उपलब्ध कराया था। UPSC के अनुसार, लगभग 94 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपना आधार नंबर साझा किया। आधार की मदद से अभ्यर्थियों की पहचान का मिलान अधिक सटीक तरीके से किया जा सका, जिससे आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया तेज और अधिक विश्वसनीय बनी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की पहल</h4>
<p style="text-align:justify;">UPSC का मानना है कि AI, फेस ऑथेंटिकेशन और डिजिटल सत्यापन जैसी नई तकनीकों के उपयोग से परीक्षा प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की संभावना काफी हद तक कम होगी। आयोग भविष्य में भी ऐसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर सिविल सेवा परीक्षा को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>Education: डीआरडीओ में वैज्ञानिक बनने का सुनहरा मौका: जानें पढ़ाई, चयन प्रक्रिया और सैलरी की पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[ Education: अनु सैनी। भारत की सबसे बड़ी रक्षा अनुसंधान संस्था डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए नई-नई तकनीक, हथियार और सिस्टम विकसित करती है। यहां काम करने वाले वैज्ञानिक सीधे तौर पर देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही कारण है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/golden-opportunity-to-become-a-scientist-in-drdo-learn-how-to-study/article-77631"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/education.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> Education: अनु सैनी।</strong> भारत की सबसे बड़ी रक्षा अनुसंधान संस्था डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए नई-नई तकनीक, हथियार और सिस्टम विकसित करती है। यहां काम करने वाले वैज्ञानिक सीधे तौर पर देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि हजारों युवा DRDO में वैज्ञानिक बनने का सपना देखते हैं। अगर आपका सपना है कि आप भारत की रक्षा से जुड़ी सबसे अहम परियोजनाओं पर काम करें और विज्ञान के जरिए देश की सेवा करें, तो यह करियर आपके लिए सही विकल्प हो सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/eating-neem-leaves-on-an-empty-stomach-in-the-morning-helps-ward-off-many-diseases-and-boosts-immunity/">Health Tips: सुबह बासी मुंह नीम की पत्तियां खाने से दूर होती हैं कई बीमारियां, बढ़ता है रोग प्रतिरोधक क्षमता</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड है जरूरी | Education</h4>
<p style="text-align:justify;">डीआरडीओ वैज्ञानिक बनने के लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास इंजीनियरिंग या साइंस में मजबूत बैकग्राउंड हो। इस संस्था में काम करने के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि रिसर्च के प्रति जुनून और तकनीकी कौशल भी जरूरी होता है। भारत में कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालय और संस्थान ऐसे हैं, जहां से पढ़ाई करने के बाद DRDO में करियर बनाने का सुनहरा मौका मिलता है। इनमें आईआईटी (IITs), आईआईएससी बेंगलुरु (IISc) और एनआईटी (NITs) जैसे संस्थान प्रमुख हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कौन-कौन से विषय चुनें?</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप DRDO में वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, तो आपके लिए सही विषय का चयन करना बेहद जरूरी है। इस संस्था में वैज्ञानिकों के लिए प्रमुख विषयों में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैटेरियल साइंस और रोबोटिक्स शामिल हैं। इनमें से किसी भी विषय में B.Tech, M.Tech, B.Sc या M.Sc की पढ़ाई करके आप DRDO में प्रवेश का रास्ता बना सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">DRDO में वैज्ञानिक बनने के तीन रास्ते</h3>
<p style="text-align:justify;">चयन प्रक्रिया की बात करें तो DRDO में वैज्ञानिक बनने के लिए मुख्य रूप से तीन रास्ते होते हैं। पहला है DRDO Scientist Entry Test (SET Exam), जो DRDO की अपनी प्रवेश परीक्षा है। इसमें आपके विषय से जुड़े तकनीकी सवाल पूछे जाते हैं और इसे पास करने के बाद आप Scientist-B पद के लिए चयनित हो सकते हैं। दूसरा रास्ता है GATE स्कोर के आधार पर भर्ती। अगर आपके पास GATE में अच्छा स्कोर है, तो DRDO आपको डायरेक्ट इंटरव्यू के लिए बुला सकता है। तीसरा रास्ता साइंस बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए है, जिसमें उच्च स्तर के रिसर्च और पब्लिकेशन के आधार पर वैज्ञानिक पदों के लिए चयन किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पात्रता मानदंड</h3>
<p style="text-align:justify;">इस नौकरी के लिए पात्रता मानदंड में इंजीनियरिंग या साइंस में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन शामिल है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष होती है, जबकि आरक्षित वर्ग को आयु में छूट दी जाती है। इंजीनियरिंग के उम्मीदवारों के लिए GATE क्वालीफिकेशन जरूरी है, वहीं साइंस के उम्मीदवारों के लिए रिसर्च और पब्लिकेशन का अनुभव अहम माना जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सैलरी और भत्तों में बेजोड़</h4>
<p style="text-align:justify;">सैलरी की बात करें तो DRDO वैज्ञानिकों की आय सरकारी नौकरियों में सबसे आकर्षक मानी जाती है। प्रारंभ में Scientist-B पद पर बेसिक सैलरी ₹56,100 प्रति माह होती है, जो लेवल-10 पे स्केल के अंतर्गत आती है। इसके साथ HRA, ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्ते जोड़कर इन-हैंड सैलरी ₹80,000 से अधिक हो जाती है। जैसे-जैसे अनुभव और पद बढ़ता है, सैलरी भी तेजी से बढ़ती है और उच्च पदों पर यह ₹1.3 लाख से ₹2 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है। इसके अलावा वैज्ञानिकों को पेंशन, मेडिकल सुविधा, रिसर्च फंडिंग और सरकारी नौकरी की सुरक्षा भी मिलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वैज्ञानिकों की जिम्मेदारियां | Education</h3>
<p style="text-align:justify;">डीआरडीओ में वैज्ञानिक के रूप में आपकी जिम्मेदारियां काफी महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें नई तकनीक और हथियार प्रणालियों का विकास, रिसर्च प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व, अन्य वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ मिलकर प्रोटोटाइप तैयार करना, रक्षा परियोजनाओं की टेस्टिंग और उनके विश्लेषण करना शामिल है। यह काम न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, बल्कि इसमें देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना भी जुड़ी होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तैयारी के जरूरी टिप्स</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप इस करियर के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको 10वीं के बाद से ही साइंस और गणित के विषयों में मजबूत पकड़ बनानी चाहिए। इंजीनियरिंग या साइंस की पढ़ाई टॉप कॉलेज से करें और GATE परीक्षा की तैयारी जल्दी शुरू करें। इसके साथ-साथ रिसर्च और प्रोजेक्ट वर्क पर फोकस करना भी जरूरी है, क्योंकि DRDO ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देता है जिनके पास व्यावहारिक अनुभव और नवाचार की क्षमता हो।</p>
<h4 style="text-align:justify;">देश सेवा का बेहतरीन अवसर</h4>
<p style="text-align:justify;">अंत में कहा जा सकता है कि DRDO में वैज्ञानिक बनना सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि देश की सेवा करने का सुनहरा अवसर है। अगर आपके भीतर विज्ञान, तकनीक और रिसर्च के प्रति जुनून है और आप अपनी मेहनत से देश की रक्षा को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो सही कोर्स, टॉप संस्थान से पढ़ाई और समर्पित तैयारी आपको इस सपने के करीब ला सकती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 13:11:44 +0530</pubDate>
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                <title>Education: जब संवेदना ने शिक्षा को जीता</title>
                                    <description><![CDATA[Education: जिस युवक ने बचपन में मवेशियों को चराया, खेतों में पसीना बहाया, उसे जब पढ़ाने की सरकारी नौकरी मिली, तो यह केवल एक पद नहीं था- यह उसकी तपस्या का फल था। मेहनत उसकी आदत थी, और विद्वान शिक्षकों की संगत ने उसके भीतर विचारों की गहराई भर दी थी। पढ़ाने के बाद जब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/when-sensitivity-conquered-education/article-75464"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/education.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Education: जिस युवक ने बचपन में मवेशियों को चराया, खेतों में पसीना बहाया, उसे जब पढ़ाने की सरकारी नौकरी मिली, तो यह केवल एक पद नहीं था- यह उसकी तपस्या का फल था। मेहनत उसकी आदत थी, और विद्वान शिक्षकों की संगत ने उसके भीतर विचारों की गहराई भर दी थी। पढ़ाने के बाद जब भी समय मिलता, वह फूलों की क्यारियों में खुरपी लेकर चला जाता। सुबह की सभा में विद्यार्थियों से किसी न किसी विषय पर संवाद करना उसका स्वभाव बन गया था। बच्चे उसकी बातों को ध्यान से सुनते, जैसे शब्दों में कोई जादू हो।</p>
<p style="text-align:justify;">सेवा में उसे अभी दो ही महीने हुए थे। स्कूल का चौकीदार, जिसकी ड्यूटी सुबह स्कूल खुलने तक ही होती थी, सभा के अंत तक एक कोने में खड़ा रहता और पूरी सभा को सुनता। सभा समाप्त होते ही वह चुपचाप घर चला जाता। एक दिन छुट्टी से कुछ मिनट पहले वह मेरे पास आया, संकोच से भरा हुआ। बोला, साहब जी, मेरी एक अर्जी लिख देंगे? मैंने कहा, हां-हां, जरूर। किस नाम से लिखवानी है? उसने बताया कि उसने एक छोटा-सा घर बनाया है और बिजली का मीटर लगवाना चाहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैं उसी समय अर्जी लिखने बैठ गया। जब तक अर्जी पूरी हुई, स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी। सारा स्टाफ अपनी हाजिरी लगाकर जा चुका था। मैंने भी हाजिरी लगाई, बैग उठाया और बस अड्डे की ओर चल पड़ा। रोजाना मिलने वाली बस निकल चुकी थी। अगली बस चालीस मिनट बाद आई। मैं पीपल के नीचे बैठा, एक किताब पढ़ने लगा। समय कैसे बीता, पता ही नहीं चला।</p>
<p style="text-align:justify;">अगले दिन जब मैं चाय पीने अपने साथियों के पास गया, तो उनकी निगाहें बदली-बदली सी लगीं। मैंने चाय का कप उठाया और बाहर निकलने लगा, तभी एक मास्टर ने आवाज दी, सर, कल आप अर्जी लिखने बैठ गए थे, आपकी तो बस निकल गई होगी? मैंने मुस्कराकर कहा, हां जी, बस तो निकल गई थी, लेकिन अगली बस तक मैं किताब पढ़ता रहा, पता ही नहीं चला।</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा, डॉक्टर साहब, बात ये नहीं कि आपको समय का पता नहीं चला। बात ये है कि आपने उसकी अर्जी क्यों लिखी? उसने हमसे भी कहा था, लेकिन हमने नहीं लिखी। आप तो यूनिवर्सिटी पढ़े-लिखे हैं, गांव की चाल-ढाल आपको नहीं मालूम। ऐसे लोगों को ज्यादा मुंह नहीं लगाते हम। आप भी थोड़ा फासला रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">उसकी बात सुनकर मुझे क्रोध तो बहुत आया, लेकिन फिर मन में विचार आया- जिस व्यक्ति पर मैं क्रोध करना चाहता हूं, क्या वह मेरे स्तर का है? मैंने चाय का कप वहीं रख दिया और बाहर निकलते हुए केवल एक वाक्य कहा, यदि इन पवित्र शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वालों की सोच इतनी छोटी है, तो विद्यार्थी अच्छी सोच के लिए कहां जाएंगे? उस दिन के बाद मैंने उस समूह के साथ बैठना और चाय पीना छोड़ दिया। शिक्षा केवल पुस्तकों का ज्ञान नहीं, बल्कि संवेदना का विस्तार है। यदि हम किसी जरूरतमंद की मदद करने में संकोच करें, तो हमारे शिक्षित होने का क्या अर्थ रह जाता है?<br />
—डॉ. इकबाल सिंह सकरोदी</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 11:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Education: लड़कियों की सफलता के पीछे छिपे कारण, शोध से उभरते अहम पहलू</title>
                                    <description><![CDATA[Education: अनु सैनी। हमारे समाज में यह देखा गया है कि स्कूल और कॉलेज में लड़कियां आमतौर पर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं। यह सवाल अक्सर माता-पिता, शिक्षक और कभी-कभी स्वयं छात्र भी पूछते हैं कि ऐसा क्यों होता है। राजकोट के सौराष्ट्र विश्वविद्यालय द्वारा इस विषय पर किए गए एक अध्ययन ने कई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-reasons-behind-the-success-of-girls-important-aspects-emerging-from-research/article-68567"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/education.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Education: अनु सैनी।</strong> हमारे समाज में यह देखा गया है कि स्कूल और कॉलेज में लड़कियां आमतौर पर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं। यह सवाल अक्सर माता-पिता, शिक्षक और कभी-कभी स्वयं छात्र भी पूछते हैं कि ऐसा क्यों होता है। राजकोट के सौराष्ट्र विश्वविद्यालय द्वारा इस विषय पर किए गए एक अध्ययन ने कई पहलुओं को उजागर किया है, जो लड़कियों की सफलता के पीछे छिपे कारणों को समझाने में मदद करते हैं। इस शोध में 2340 छात्राओं की आदतों, उनके मानसिकता, और सफलता के कारणों पर ध्यान दिया गया। आइए, जानते हैं कि वे कौन सी वजहें हैं, जिनकी बदौलत लड़कियां पढ़ाई में अक्सर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/500-indian-rupees-is-equal-to-how-many-pakistani-rupees-know/">Pakistan Currency: भारत के 500 रुपये पाकिस्तान के कितने रुपये के बराबर है? जानिये…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">आत्मविश्वास और समर्पण: सफलता की शुरुआत | <strong>Education</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन में यह पाया गया कि लड़कियों में आत्मविश्वास की भावना अधिक होती है। वे अपनी क्षमताओं पर यकीन करती हैं और यही कारण है कि वे पढ़ाई में हमेशा उत्साहित रहती हैं। अध्ययन में 91% छात्रों ने माना कि लड़कियों को अपनी पढ़ाई पर अधिक भरोसा होता है। वहीं, 81% लड़कियों का मानना था कि वे पढ़ाई के प्रति अधिक समर्पित होती हैं। जब किसी को अपनी ताकत पर भरोसा होता है, तो वह मेहनत करने से नहीं डरता। यही आत्मविश्वास और समर्पण लड़कियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">खुद को साबित करने की इच्छा: सफलता की ओर एक कदम</h4>
<p style="text-align:justify;">हमारा समाज पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान रहा है, जहां महिलाओं को अक्सर कम आंका जाता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। 95.50% छात्राओं ने स्वीकार किया कि वे पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन इसलिए करती हैं ताकि वे खुद को साबित कर सकें। यह एक मानसिकता है जो लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है। शिक्षा को एक माध्यम के रूप में देखना, जिसमें वे अपने आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को साबित कर सकती हैं, उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता है। जब किसी को खुद को साबित करने की जरूरत होती है, तो वह अपनी पूरी मेहनत उसमें लगाता है, और यही कारण है कि लड़कियां पढ़ाई को सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गंभीरता और मानसिक स्थिरता: एकाग्रता की कुंजी | <strong>Education</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अध्यान में यह भी पाया गया कि लड़कियां पढ़ाई को लेकर अधिक गंभीर और मानसिक रूप से स्थिर होती हैं। 88% छात्रों ने कहा कि लड़कियां पढ़ाई को लेकर अधिक दृढ़ संकल्पित रहती हैं। साथ ही, 92% छात्रों ने यह माना कि लड़कियां मानसिक रूप से अधिक स्थिर होती हैं, जिससे वे लंबे समय तक ध्यान केंद्रित कर पाती हैं। यह मानसिक स्थिरता उनके लिए एक बड़ी मददगार साबित होती है, जिससे वे विषयों को जल्दी समझ पाती हैं और याद रखने में भी सफल रहती हैं। इस एकाग्रता के कारण वे अपने लक्ष्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर पाती हैं।,</p>
<h3 style="text-align:justify;">समाज और परिवार की उम्मीदें: एक और प्रेरक शक्ति</h3>
<p style="text-align:justify;">समाज और परिवार अक्सर लड़कियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं। 72.90% छात्राओं ने माना कि वे पढ़ाई में अधिक मेहनत करती हैं क्योंकि समाज और परिवार की अपेक्षाएं उन पर भारी होती हैं। यह दबाव कभी-कभी मानसिक तनाव पैदा कर सकता है, लेकिन अधिकतर लड़कियां इसे अपनी प्रेरणा के रूप में देखती हैं। 63.10% छात्राओं ने कहा कि वे बेहतर प्रदर्शन इसलिए करती हैं क्योंकि उन पर पढ़ाई की जिम्मेदारी अधिक होती है। इन उम्मीदों से प्रेरित होकर लड़कियां अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लेती हैं और अपनी पूरी ताकत से मेहनत करती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समय प्रबंधन और व्यवस्थित अध्ययन शैली: सफलता की गारंटी</h3>
<p style="text-align:justify;">लड़कियों की सफलता का एक और बड़ा कारण उनका समय प्रबंधन और व्यवस्थित अध्ययन शैली है। 63.36% छात्राओं ने बताया कि वे अपना समय प्रभावी ढंग से उपयोग करती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में सफलता मिलती है। इसके अलावा, 56% छात्रों ने स्वीकार किया कि लड़कियों की पढ़ाई करने की शैली अधिक व्यवस्थित होती है और वे अपने काम को योजनाबद्ध तरीके से करती हैं। यह अध्ययन शैली उन्हें किसी भी काम को ठीक से और समय पर पूरा करने में मदद करती है, जिससे वे बेहतर परिणाम प्राप्त करती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या विज्ञान भी कहता है कि लड़कियां ज्यादा तेज होती हैं? <strong>Education</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस शोध में केवल सामाजिक और मानसिक पहलुओं को ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक कारणों पर भी गौर किया गया। विज्ञान यह मानता है कि महिलाएं हार्मोनल दृष्टिकोण से पुरुषों से अलग होती हैं, और इसका असर उनके दिमागी कार्यों पर भी पड़ता है। महिलाओं में एस्ट्रोजन और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन होते हैं, जो उनकी याददाश्त और सीखने की क्षमता को बढ़ाते हैं। साथ ही, वैज्ञानिकों का मानना है कि महिलाओं का हिप्पोकैम्पस हिस्सा (जो याददाश्त से संबंधित होता है) पुरुषों की तुलना में अधिक विकसित होता है। इस कारण महिलाएं जानकारी को अधिक अच्छे से याद रख सकती हैं और लंबे समय तक उसे बनाए रख सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अध्ययन के परिणाम यह दर्शाते हैं कि लड़कियों की सफलता कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास, समर्पण, मानसिक स्थिरता, और समय प्रबंधन की क्षमता का परिणाम है। समाज और परिवार के दबाव और खुद को साबित करने की इच्छा भी लड़कियों को सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। इसके अलावा, विज्ञान भी यह मानता है कि महिलाएं हार्मोनल और संरचनात्मक दृष्टिकोण से ऐसी क्षमताओं से लैस होती हैं, जो उनकी याददाश्त और सीखने की क्षमता को बढ़ाती हैं। इन सभी कारणों के साथ-साथ लड़कियां पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम होती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 10:39:05 +0530</pubDate>
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