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                <title>Surajkund - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>ब्रास की सुनहरी नक्कासी से बने सोफा सेट से दें घर को शाही अंदाज</title>
                                    <description><![CDATA[मेले में पहली बार आया साढे सात लाख रुपये का फर्नीचर सच कहूँ/राजिन्द्र दहिया फरीदाबाद। अगर आप शाही शौक रखते हैं और अपने घर को शाही अंदाज में सजाना चाहते हैं तो 33वें सूरजकुंड अंतरराष्टÑीय हस्तशिल्प मेले के डी ब्लॉक स्थित श्रीमती शिवाली के स्टॉल का दौरा अवश्य करें। यहां आपको असली टीक लकड़ी से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2><strong>मेले में पहली बार आया साढे सात लाख रुपये का फर्नीचर</strong></h2>
<p><strong>सच कहूँ/राजिन्द्र दहिया</strong></p>
<p><strong>फरीदाबाद।</strong> अगर आप शाही शौक रखते हैं और अपने घर को शाही अंदाज में सजाना चाहते हैं तो 33वें सूरजकुंड अंतरराष्टÑीय हस्तशिल्प मेले के डी ब्लॉक स्थित श्रीमती शिवाली के स्टॉल का दौरा अवश्य करें। यहां आपको असली टीक लकड़ी से बने फर्नीचर व अन्य घरेलू साज सज्जा का सामान मिल सकता है। लेकिन इसके लिए आपको जेब ढीली करनी पड़ सकती है क्योंकि यहां आपको विशेष नक्कासी किए हुए मेले की सबसे महंगे साज सज्जा के सामान उपलब्ध होंगे। स्टॉल संचालिका श्रीमती शिवाली ने बताया कि यह सामान केवल बड़ी प्रदर्शनियों के दौरान ही बिक्री के लिए लाया जाता है और इसकी विशेषता है कि यह साल दर साल चलने के साथ-साथ इसमें दीमक या घुन नहीं लगता। इस सामान की विदेशों में अत्यधिक मांग है। यह सामान अमेरिका, इंग्लैंड, कैनेडा, दक्षिण अफ्रीका समेत अनेक देशों में मांग के हिसाब से भेजा जाता है।</p>
<h2><strong>करीब साढ़े सात लाख रुपये है कीमत</strong></h2>
<p>स्टॉल संचालिका श्रीमती शिवाली ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां सेवन सीटर सोफा सेट, आरामदायक झूला, डायनिंग टेबल, ड्राइंग रूम के कोनों की सजावट के लिए दो कॉर्नर और एक सेंटर टेबल उपलब्ध है जो ब्रास की सुनहरी नक्कासी से सुसज्जित होने के साथ-साथ असली टीक की लकड़ी से निर्मित है जिसे कर्नाटके के मैसूर से विशेष तौर पर मेले में प्रथम बार मंगवाया गया है। उन्होंने बताया कि इस विशेष सामान की कीमत करीब साढ़े सात लाख रुपये हैं।</p>
<h2>हस्तशिल्प मेला के समापन आज, शिक्षा मंत्री होंगे मुख्य अतिथि</h2>
<p>सूरजकुंड मेला के नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि पर्यटन मंत्री राम बिलास शर्मा बाद दोपहर दो बजे मेला परिसर में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटन मंत्री का थीम राज्य महाराष्टÑ पार्टनर देश थाइलैंड, सूरजकुंड मेला अथॉरिटी द्वारा उनका गर्म जोशी के साथ स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के समापन अवसर पर विभिन्न देशों एवं अनेक राज्यों के कलाकारों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Feb 2019 17:42:24 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>फरीदाबाद में 33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाणा-महाराष्ट्र में माटी और खून का रिश्ता: देवेंद्र फड़नवीस -पानीपत में 4 एकड़ में विकसित होगा मराठों की वीरता का इतिहास दर्शाने वाला स्मारक – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा सच कहूँ/राजेंद्र दहिया फरीदाबाद। 33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला थीम राज्य महाराष्ट्र तथा मेजबान राज्य हरियाणा के माटी व खून […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">हरियाणा-महाराष्ट्र में माटी और खून का रिश्ता: देवेंद्र फड़नवीस</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">-पानीपत में 4 एकड़ में विकसित होगा मराठों की वीरता का इतिहास दर्शाने वाला स्मारक</li>
<li style="text-align:justify;">– महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/राजेंद्र दहिया</strong><br />
फरीदाबाद। 33वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला थीम राज्य महाराष्ट्र तथा मेजबान राज्य हरियाणा के माटी व खून के रिश्ते को उस समय और अधिक मजबूत कर गया जब पानीपत की तीसरी लड़ाई के मराठा वीरों की याद में हरियाणा सरकार द्वारा पानीपत काला आम में बनाए जा रहे युद्ध स्मारक के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा की। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानीपत में जीटी रोड पर चार एकड़ में मराठों की वीरता का इतिहास लाईट एंड साउंड के माध्यम से दर्शाने के लिए एक विशेष स्मारक विकसित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य दोनों प्रदेशों को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रूप से और अधिक नजदीक लाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही मु यमंत्री मनोहर लाल ने पानीपत के आठ एकड़ में स्थित काला आंब मराठा युद्ध स्मारक स्थल का विस्तार कर अब 20 एकड़ में करने की घोषणा भी की। ये घोषणाएं शुक्रवार को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 33वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले के उद्घाटन करने उपरांत अपने-अपने संबोधनों में की। महाराष्ट्र के मु यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र का माटी और खून का रिश्ता है। यहां महाराष्ट्र के एक लाख से अधिक वीर मराठाओं ने पानीपत की तीसरी लड़ाई में देश को आक्रांताओं से मुक्ति के लिए अपना खून बहाया था। आज लाखों मराठा हरियाणा की धरती को अपनी मातृभूमि बनाकर यहां रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस लड़ाई में मराठाओं की जीत होती तो देश पर अंग्रेजों का राज नहीं होता और बहुत पहले ही भारत स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में आयोजित होगा रामायण महोत्सव</h2>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र में रामायण महोत्सव की शुरूआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि यही रामायण थाईलैंड, इंडोनेशिया, कंबोडिया सहित कई देशों में लोगों की जीवनशैली में शामिल है। इस महोत्सव के जरिए भी हम अपनी इसी प्राचीन जीवनशैली को भावी पीढ़ियों के लिए आगे बढ़ाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोरनी में 50 हजार एकड़ में विकसित किए जा रहे हर्बल फोरेस्ट: खट्टर</h2>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा की प्राचीन संस्कृति की पहचान सरस्वती को लेकर उन्होंने कहा कि इसको लेकर हमने सरस्वती हैरिटेज बोर्ड का गठन किया है और आदीबद्री को एक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उपग्रह से प्राप्त जलप्रवाह के चित्रों के आधार पर नदी के जलप्रवाह को पुर्नजीवित करने के लिए ओएनजीसी के साथ गहरे ट्यूबवेल लगाने के लिए समझौते किए गए हैं। जिसके तहत 8 ट्यूबवेल लग चुके हैं और दो लगने बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कालका से कलेसर तक पर्यटन की आपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र को हम पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रहे हैं। मोरनी में 50 हजार एकड़ में विश्वस्तरीय हर्बल फोरेस्ट विकसित कर रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सूरजकुंड मेले भाग ले रहे 31 से ज्यादा देश</h2>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड मेले को विश्व में आकर्षण का केंद्र बना रहे हैं। पिछले वर्ष 25 देशों ने हिस्सेदारी की थी और 600 स्टाल लगे थे तथा आगंतुकों की सं या 16 लाक थी। इस बार 31 से ज्यादा देश भागीदारी कर रहे हैं और स्टालों की सं या भी बढ़ाकर 1400 से ज्यादा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पर्यटन को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। हमने यहां सूरजकुंड मेले के साथ लगती 10 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त करवाकर पार्किंग के लिए उपलब्ध करवाई है।</p>
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                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/international-surajkund-fair-commences-in-faridabad/article-7510</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Feb 2019 19:18:46 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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