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                <title>Gujjar Agitation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Gujjar Agitation RSS Feed</description>
                
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                <title>आंदोलन समाप्ति के बाद सभी मार्गों से अवरोधक हटाये</title>
                                    <description><![CDATA[भरतपुर l राजस्थान में भरतपुर के पीलूपुरा में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर पिछले 12 दिनों से पड़ाव डाले गुर्जर आंदोलनकारियों ने आज सुबह रेलवे ट्रेक से कब्जा हटाने के साथ उन सभी सड़क मार्गों से भी (Remove blockers) अवरोधों को हटा लिया जहां वे पिछले कई दिनों से सड़क मार्गों को जाम किये बैठे थे। गुर्जर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/remove-blockers-from-all-routes-after-movement-ends/article-19844"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/remove-blockers-from-all-routes-after-movement-ends.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भरतपुर</strong> l राजस्थान में भरतपुर के पीलूपुरा में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर पिछले 12 दिनों से पड़ाव डाले गुर्जर आंदोलनकारियों ने आज सुबह रेलवे ट्रेक से कब्जा हटाने के साथ उन सभी सड़क मार्गों से भी (Remove blockers) अवरोधों को हटा लिया जहां वे पिछले कई दिनों से सड़क मार्गों को जाम किये बैठे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">गुर्जर आरक्षण को लेकर राज्य सरकार के साथ गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैसला की कल रात सरकार से कल रात हुए समझौते के बाद सुबह बैसला के पुत्र विजय बैसला पीलूपुरा रेलवे ट्रेक पर पहुंचे जहां उन्होंने रेल पटरियों पर धरना दे रहे गुर्जर आंदोलनकारियों को समझौते की जानकारी देते हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के समाप्त करने एवं अवरुद्ध रेलमार्ग को सुचारू करने की घोषणा की।</p>
<p style="text-align:justify;">विजय बैसला ने पीलूपुरा से ही उन सभी गुर्जर आंदोलनकारियों को भी मोबाइल फोन से इस बात का संदेश भी दिया कि वे अपने अपने क्षेत्रों में अवरुद्ध की गई सड़कों को भी खाली करके अवरोधों को हटा दे ताकि लोगो को आवागमन में कोई परेशानी न हो। पीलूपुरा में रेलवे ट्रेक खाली करने की बैसला की घोषणा के तुरन्त बाद रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने पीलूपुरा रेलवे ट्रेक पर पटरियों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Nov 2020 10:49:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>राज्य व केन्द्र के लिए चुनौती गुज्जर आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में आरक्षण के लिए गुज्जरों का आंदोलन एक बार फिर केंद्र व राज्य सरकार के लिए सिरदर्दी बन गया है। गुज्जर नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। अपने पिछले हिंसक आंदोलन के बाद प्रसिद्ध हुए गुज्जरों ने इस बार भी अपने उसी अंदाज में सड़कों को जाम और कानून व्यवस्थ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">राजस्थान में आरक्षण के लिए गुज्जरों का आंदोलन एक बार फिर केंद्र व राज्य सरकार के लिए सिरदर्दी बन गया है। गुज्जर नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। अपने पिछले हिंसक आंदोलन के बाद प्रसिद्ध हुए गुज्जरों ने इस बार भी अपने उसी अंदाज में सड़कों को जाम और कानून व्यवस्थ को चौपट किया। अब यह आंदोलन सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। इससे पूर्व वसुंधरा राजे सरकार ने गुज्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण देकर मामले को ठंडा कर दिया था, लेकिन पेंच अदालत में जाकर फंस गया। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है और यह समय केंद्र सरकार के विवेक की कसरत करवाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गुज्जरों का तर्क इस कारण मजबूत है कि केंद्र उच्च वर्गों के पिछड़ों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण संशोधन बिल पास कर चुका है जिस पर सुप्रीम कोर्ट की 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण न देने की रूलिंग भी लागू नहीं होती। इन हालातों में गुज्जरों को शांत करने के लिए केंद्र के पास कोई सरल तर्क व जवाब नहीं है, दूसरी तरफ राज्य की कांग्रेस सरकार ने गुज्जरों का साथ देने की बात कहकर एनडीए सरकार के लिए राजनैतिक चुनौती भी पैदा कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार मामले को किसी राजनैतिक पैंतरे से सुलझाने की बजाय कानूनी तरीके से सुलझाने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार को आरक्षण संबंधी स्पष्ट व ठोस नीति अपनानी होगी। यदि गुज्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण मिला तो अन्य कई वर्ग भी आंदोलन करने पर उतारू हो जाएंगे। केंद्र में सत्तापक्ष भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल इस कारण भी है कि गुज्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण पहले राज्य की भाजपा सरकार ने ही दिया था। गुज्जरों का राजस्थान में बड़ा वोट बैंक है</p>
<p style="text-align:justify;">जिसकी मांग को अनदेखा कर राजनैतिक तौर पर कोई भी पार्टी बड़ा नुक्सान नहीं उठाना चाहती, दूसरी तरफ गुज्जर आंदोलन उग्र होने के कारण सरकार कानून व्यवस्था को भी दांव पर नहीं लगा सकती तो केंद्र व राज्य सरकार के लिए यही बेहतर है कि राज्य की भलाई के लिए राजनैतिक पैंतरे खेलने की बजाय समझदारी से शांति व्यवस्था कायम रखी जाए। गुज्जर भाईचारे को भी यह समझना होगा कि वे राजनैतिक पार्टियों की जाति वोट बैंक की नीतियों के झांसे में न आकर मांग को जिम्मेदारी से निपटाएं।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Feb 2019 20:19:57 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुर्जर आंदोलन: आंदोलनकारियों ने चौथे दिन आगरा नेशनल हाईवे जाम किया</title>
                                    <description><![CDATA[धौलपुर में धारा 144 जारी जयपुर। राजस्थान में 5% आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर समाज ने आंदोलन के चौथे दिन सिकंदरा के पास आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया। असर बस और ट्रेन सेवा पर भी पड़ा है। मलारना डूंगर के पास आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए हैं। उधर, धौलपुर में धारा 144 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:justify;">धौलपुर में धारा 144 जारी</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> राजस्थान में 5% आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जर समाज ने आंदोलन के चौथे दिन सिकंदरा के पास आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया। असर बस और ट्रेन सेवा पर भी पड़ा है। मलारना डूंगर के पास आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए हैं। उधर, धौलपुर में धारा 144 अभी भी लागू है। यहां रविवार को आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया था और फायरिंग भी की गई थी। इसमें 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित भरतपुर और अजमेर संभाग हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">5 ट्रेनें रद्द, 12 बसों को रोका गया</h2>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश से आने वाली रोडवेज की बसों को रोक दिया गया है। कुछ बसें सिर्फ दौसा तक पहुंच पा रही हैं। सिंधीकैम्प में 12 बसों को रोका गया है। धौलपुर के पास भूतेश्वर पुल पर गुर्जर समाज के लोगों ने बाड़ी-बसेड़ी मार्ग जाम कर दिया। हालांकि, अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। 5 ट्रेनें भी रद्द करनी पड़ी हैं। इनमें हापा-श्री माता वैष्णोदेवी कटरा एक्सप्रेस (13 फरवरी), अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस (12-14 फरवरी), अमृतसर-मुम्बई सेंट्रल एक्सप्रेस (13-15 फरवरी), फिरोजपुर-मुम्बई सेंट्रल एक्सप्रेस (12,13,14,15 फरवरी) और जम्मू तवी-इंदौर एक्सप्रेस (13 फरवरी) रद्द कर दी गई हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश से अतरिक्त सुरक्षा बल मंगाया</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक में सुरक्षा बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगवाया गया है। 8 जिलों में राजस्थान सशस्त्र बल की 17 कंपनियों की तैनात की गईं। रेलवे स्टेशन और ट्रैक की भी सुरक्षा की जा रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आंदोलन तेज करने की चेतावनी</h2>
<p style="text-align:justify;">गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत ने कहा, “सरकार का प्रतिनिधिमंडल सकारात्मक जवाब देने की बात कह कर गया था, लेकिन अब तक कोई संदेश नहीं आया। ऐसे में अब गुर्जर समाज को अपना आंदोलन तेज करना होगा।’ इस बीच सरकार ने सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग मंत्री भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Feb 2019 14:19:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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